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THE VOICE OF Blue City

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प्रेम विवाह से नाराज आरोपियों ने रची साजिश, डंपर से टक्कर मारकर हत्या का प्रयास, चार गिरफ्तार

**कापरड़ा।** जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह से जुड़े विवाद ने जानलेवा हमले का रूप ले लिया। कोर्ट से लौट रहे युवक और उसके परिजनों की कार को पहले रास्ते में रोकने का प्रयास किया गया, फिर पीछा कर डंपर से टक्कर मारकर घटना को सड़क हादसा दिखाने की साजिश रची गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्या के प्रयास के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार 9 जुलाई को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायल असलम पुत्र नूर मोहम्मद निवासी पीपाड़ शहर के बयान पर मामला दर्ज किया गया। असलम ने बताया कि उसके भाई अजरूदीन ने सानू से प्रेम विवाह किया था। दोनों की कोर्ट में पेशी के बाद वे वापस लौट रहे थे। इसी दौरान डांगियावास पुल के पास आरोपियों ने उनकी कार का पीछा किया, धमकियां दी और वाहन पर पत्थर फेंके।

इसके बाद कापरड़ा थाना क्षेत्र में द्वारिकाधीश होटल के पास आरोपियों ने सड़क पर डंपर लगाकर कार को टक्कर मारने का प्रयास किया। इस दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने पूरी वारदात को सामान्य सड़क दुर्घटना साबित करने की योजना बनाई थी, ताकि हत्या के प्रयास को हादसा बताया जा सके। लेकिन सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में फिरोज खान निवासी सिंधी नगर (कापरड़ा), वीरेन्द्र निवासी रिया सेठा की (पीपाड़ शहर), समीर एवं हनीफ निवासी शास्त्री कॉलोनी (पीपाड़ शहर) शामिल हैं।

यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लाखावत, वृत्ताधिकारी बिलाड़ा मनीष देव तथा कापरड़ा थानाधिकारी सुनीता कुमारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की।
दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बीच विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति-सास पर मामला दर्ज

**बालेसर/चामू।** चामू थाना क्षेत्र के ठाडिया गांव में विवाहिता पूनम कंवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पीहर पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पति और सास के खिलाफ चामू थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के साथ एफएसएल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार पूनम कंवर की शादी अप्रैल 2024 में ठाडिया निवासी समुद्रसिंह के साथ हुई थी। मृतका के पिता खेतसिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही कम दहेज लाने की बात कहकर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। पति और सास उस पर नकदी तथा सोना-चांदी लाने का दबाव बनाते थे। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार रात पति और सास ने पूनम को जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो मृतका के मुंह और नाक से झाग निकल रहे थे, जिसके आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई।

घटना की सूचना पर चामू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने बताया कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा तथा एफएसएल सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। वहीं घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में पीहर पक्ष के लोग बालेसर सीएचसी पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चेराई में नीलगाय को बचाने के प्रयास में कार बिजली के खंभे से टकराई

**ओसियां/चेराई।** जोधपुर जिले के ओसियां थाना क्षेत्र के चेराई गांव में शुक्रवार को नीलगाय को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर बिजली के लोहे के खंभे से जा टकराई। हादसे में बिजली का खंभा उखड़कर गिर गया, जबकि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार कार ओसियां से चेराई की ओर जा रही थी। इसी दौरान चेराई गांव के पास अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के लोहे के खंभे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि खंभा उखड़कर गिर गया और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। कार में सवार सभी लोग फलोदी जिले के जाखण गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों का चेराई के एक निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद सभी की हालत सामान्य बताई गई।

सूचना मिलते ही चेराई चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस ने बताया कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली के तार टूटकर सड़क पर गिर जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
पुलिस टीम पर डंपर च-ढ़ाने की कोशिश करने वाला आरोपी गिरफ्तार

मथानिया। बालरवा क्षेत्र में अवैध बजरी खनन रोकने गई पुलिस टीम पर डंपर चढ़ा-कर जान-लेवा ह-मला करने का प्रयास करने वाले आरोपी को मथानिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 20 जून को वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच अधिकारी एसआई प्यारेलाल ने बताया कि अवैध बजरी खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान डीएसबी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल ब्रांच) की टीम ने मंडोर-मथानिया मार्ग पर बजरी से भरे एक डंपर को रोकने का प्रयास किया था। चालक पुलिस के संकेत की अनदेखी कर तेज रफ्तार से भाग निकला। पीछा करने के दौरान उसने चलती गाड़ी से सड़क पर बजरी गिराकर पुलिस का रास्ता बाधित कर दिया।

पुलिस के अनुसार तिंवरी चौकी पुलिस की सहायता से नाकाबंदी की गई तो आरोपी ने डंपर का हाइड्रोलिक डाला उठाकर सड़क पर बड़ी मात्रा में बजरी गिरा दी। इसके बाद उसने केबिन अंदर से लॉक कर डंपर को लगातार आगे-पीछे चलाकर पुलिसकर्मियों को कुचलने और डराने का प्रयास किया। बाद में सड़क पर गिरी बजरी के बीच से रास्ता बनाते हुए वह पुलिस वाहन के पास से डंपर निकालकर फरार हो गया।

डीएसबी शाखा प्रभारी पुनीत त्यागी की रिपोर्ट पर मथानिया थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने प्रकरण संख्या 116/2026 में बीएनएस की धाराओं 109(1), 221, 281, 324(4) एवं 351(2) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी रामनिवास पुत्र बगड़ावत राम विश्नोई (35) निवासी जांगुओ की ढाणी, भाकरी, थाना ओसियां, हाल निवासी हेमसागर नगर पाल, बोरानाडा, जोधपुर पश्चिम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है तथा मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
मथानिया बाईपास पर भीषण सड़क हादसा, कार की टक्कर से बाइक सवार युवक गंभीर घायल

ओसियां-फलोदी स्टेट हाईवे पर मथानिया बाईपास स्थित विलेज रेस्टोरेंट एंड गार्डन के सामने मंगलवार रात कार और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, चेराई महादेव नगर निवासी 28 वर्षीय सुरेश पुत्र शंभूराम सियाग मंगलवार रात बाइक से मथानिया से जोधपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जोधपुर की ओर से ओसियां जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह टूट गया।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल सुरेश को मथानिया सेटेलाइट अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसके एक हाथ में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट होने की पुष्टि की। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर मथानिया पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही आरोपी की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार चालक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राणेरी हत्याकांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया

फलोदी। बाप थाना क्षेत्र के राणेरी गांव में जमीनी विवाद के चलते ट्रैक्टर से कुचलकर महिला की हत्या के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्यामलाल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

जिला पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि 29 जून 2026 को परिवादी सुभाष बिश्नोई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसका भाई दिनेश खेत में खड़ाई का कार्य कर रहा था। इसी दौरान श्यामलाल, रमेश कुमार, विकास, सोमारी, शारदा, समता, सुआ और धापू एकराय होकर मौके पर पहुंचे और दिनेश के साथ मारपीट शुरू कर दी।

मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने आई दिनेश की ताई शांति देवी पर आरोपियों ने कथित रूप से जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

थाना प्रभारी रमेश कुमार ढाका के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी श्यामलाल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात में प्रयुक्त ट्रैक्टर, घटना के कारणों और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुनेश विश्नोई की मौत के बाद बढ़ा विवाद, एफआईआर की मांग पर दूसरे दिन भी धरना जारी

**बालोतरा।** गुड़ामालानी थाना क्षेत्र में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में पुनेश विश्नोई की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने एफआईआर दर्ज करने एवं जांच से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी गुड़ामालानी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना जारी रखा।

जानकारी के अनुसार सोमवार को एएनटीएफ और पुलिस से बचने के दौरान शराब से भरी एक कार आमलियाला-भैडाणा मार्ग पर खेजड़ी के पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में रावली नाड़ी निवासी 22 वर्षीय पुनेश विश्नोई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी सांचौर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं उसके साथी प्रवीण को पुलिस ने हिरासत में लेकर कार से भारी मात्रा में शराब बरामद की।

हादसे के बाद पोस्टमार्टम को लेकर सांचौर में भी पुलिस और परिजनों के बीच विवाद हो गया। बाद में परिजन शव को गुड़ामालानी ले आए और थाना परिसर में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक एसडीएम भंवरलाल विश्नोई और पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की, जिसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें एफआईआर की प्रति और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। उनका आरोप है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने बताया कि परिजनों की ओर से दिए जाने वाले तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। प्रशासन लगातार परिजनों से वार्ता कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। वहीं अस्पताल परिसर में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस से बचने की कोशिश में हादसा, शराब से भरी कार पेड़ से टकराई; एक तस्कर की मौत

बालोतरा। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और गुड़ामालानी पुलिस की कार्रवाई के दौरान शराब तस्करों की कार सोमवार को आमलियाला-भैडाणा मार्ग पर अनियंत्रित होकर खेजड़ी के पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक तस्कर की मौत हो गई, जबकि दूसरे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार वाटेरा टोल से शराब से भरी कार निकलने की सूचना मिलने पर एएनटीएफ ने पीछा शुरू किया। करीब 20 किलोमीटर तक चले पीछा करने के दौरान तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए रास्ता बदल लिया। आमलियाला-भैडाणा रोड पर सामने से एक पिकअप वाहन आने पर कार चालक संतुलन खो बैठा और वाहन खेजड़ी के पेड़ से जा भिड़ा।

हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन से ऑल सीजंस ब्रांड की शराब के 377 पव्वे बरामद किए गए। घायल पुनेश (22) को उपचार के लिए सांचौर भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं प्रवीण (20) को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक रमेश ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा कार के पेड़ से टकराने के कारण हुआ है। फायरिंग जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

घटना के बाद पोस्टमॉर्टम को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच विवाद भी हुआ। परिजनों ने बिना नंबर की बोलेरो से टक्कर मारने और इलाज में देरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
गगाड़ी के सोलर प्लांट में 40 लाख की चोरी, तीन इनवर्टर व 18,500 मीटर डीसी केबल ले उड़े बदमाश

तिंवरी। तिंवरी क्षेत्र के निकटवर्ती गगाड़ी गांव स्थित एक सोलर प्लांट में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाश प्लांट से तीन इनवर्टर और करीब 18,500 मीटर डीसी केबल चोरी कर फरार हो गए। इस वारदात से कंपनी को करीब 38 से 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बिजली उत्पादन ठप होने से रोजाना आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार गगाड़ी गांव के निकट कुसुम-सी योजना के तहत स्थापित 3 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट में रविवार सुबह कर्मचारी पहुंचे तो तीनों इनवर्टर और बड़ी मात्रा में केबल गायब मिली। मौके का निरीक्षण करने पर पता चला कि चोर केबल काटकर अपने साथ ले गए। इतनी बड़ी मात्रा में केबल और भारी उपकरण चोरी होने से आशंका जताई जा रही है कि वारदात को किसी संगठित गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है।

संजू रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर दीपाराम सिंवर ने मथानिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि चोरी के कारण प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि भारी इनवर्टर और हजारों मीटर केबल चोरी कर ले जाने के लिए बड़े वाहन और कई लोगों की आवश्यकता होती है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी जुटाने, संदिग्ध गतिविधियों की जांच करने और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि गगाड़ी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से सोलर प्लांटों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। केबल, इनवर्टर और अन्य महंगे उपकरणों की चोरी से सोलर कंपनियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने, सोलर प्लांटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चोरी करने वाले गिरोह का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
10 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे किसान, समझौते के बाद पोस्टमार्टम को माने परिजन

जोधपुर। खेड़ापा थाना क्षेत्र के बिरसालू कलां गांव में खेत पर हुए जानलेवा हमले में घायल किसान खुशाल सिंह की 10 दिन तक चले इलाज के बाद मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में मौत हो गई। किसान की मौत के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न मांगों को लेकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब एक दिन चली वार्ता के बाद पुलिस-प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने पर पोस्टमार्टम कराया गया।

प्रशासन ने परिजनों को खेत तक जाने का रास्ता बहाल कराने, मामले के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई।

गौरतलब है कि 25 जून की शाम बिरसालू कलां गांव में खेत पर 30 से 35 लोगों ने कथित रूप से हथियारों और लाठियों से हमला कर खुशाल सिंह और उनके भाई हुकमसिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खुशाल सिंह लगातार 10 दिन तक बेहोश रहे और शनिवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

घायल हुकमसिंह ने खेड़ापा थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया कि करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई। हमले में हुकमसिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए।

पुलिस ने पहले दर्ज जानलेवा हमले के मामले में अब किसान की मौत के बाद संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। वहीं इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्नी को ससुराल से लाने निकला युवक, घर पहुंचने से पहले मौत; सड़क हादसे में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत

बालेसर। जोधपुर जिले के बालेसर थाना क्षेत्र में आगोलाई-देवगढ़ मार्ग पर शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। खराब हुई जीप को सड़क किनारे धक्का लगा रहे युवकों को पीछे से आई तेज रफ्तार पिकअप ने कुचल दिया। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार गंगाना निवासी दयालुनाथ (28) अपनी पत्नी को तेना गांव स्थित ससुराल से विदा कराकर जीप से घर लौट रहा था। उसके साथ गांव के ही राजूनाथ (25) और प्रकाश (21) भी थे। भारतमाला पुल पार करने के बाद आगोलाई-देवगढ़ मार्ग पर बारिश के बीच उनकी जीप खराब हो गई। तीनों युवक वाहन को धक्का लगा रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार पिकअप ने जीप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक जीप और पिकअप के बीच बुरी तरह फंस गए।

घायलों को तत्काल बालेसर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने राजूनाथ और दयालुनाथ को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रकाश को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उसने भी देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि दयालुनाथ अपनी पत्नी को ससुराल से विदा कराकर घर ला रहा था। खुशियों से शुरू हुआ सफर कुछ ही देर में मातम में बदल गया। हादसे के बाद पत्नी और बच्चों के सामने ही परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया।

इस हादसे से गंगाना गांव के तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तीनों मृतक अपने-अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया। शनिवार को पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।

ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाया कि पिकअप चालक आगोलाई गांव का निवासी है और हादसे के समय नशे की हालत में था। उन्होंने चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

बालेसर थानाधिकारी मूलसिंह भाटी ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
खेत विवाद में ताई की हत्या का आरोपी सात दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा

फलौदी। बाप थाना क्षेत्र के रामनगर राणेरी गांव में खेत विवाद के चलते अपनी सगी ताई की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि 29 जून को खेत में काम करने के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर आरोपी पक्ष ने मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव के लिए पहुंची शांति देवी पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल फलौदी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद मृतका के पुत्र की रिपोर्ट पर बाप थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी श्यामलाल घटना के बाद से फरार था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण और वृताधिकारी अचल सिंह के निर्देशन में बाप थानाधिकारी रमेश ढाका के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने लगातार तलाश और सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
उल्टी करने के लिए रुकी बोलेरो, तेज रफ्तार पिकअप ने तीन युवकों को कुचला

बालेसर। जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर आगोलाई के निकट शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन चचेरे भाइयों की जान चली गई। सड़क किनारे खड़ी बोलेरो के पास खड़े तीनों युवकों को पीछे से आई तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मारते हुए कुचल दिया। हादसे में बोलेरो में सवार दो बच्चों को मामूली चोटें आई हैं।

पुलिस के अनुसार गंगाणा चोखा गांव निवासी दयालनाथ अपनी पत्नी और पांच बच्चों को ससुराल से लेकर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बोलेरो से लौट रहा था। रास्ते में राजूनाथ की तबीयत बिगड़ने पर आगोलाई स्थित कालका माता मंदिर के पास बोलेरो रोक दी गई। राजूनाथ, दयालनाथ और प्रकाशनाथ वाहन से नीचे उतरकर खड़े थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार पिकअप ने बोलेरो को टक्कर मारते हुए तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे में राजूनाथ, दयालनाथ और प्रकाशनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। बोलेरो में सवार दो बच्चों को हल्की चोटें आईं, जिनका बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया।

सूचना मिलते ही बालेसर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को मॉर्च्यूरी भिजवाया। हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
4 लाख रुपए के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की क्रिकेट बैट से हत्या

बाड़मेर।  जिले के शिव थाना क्षेत्र के पूषड़ गांव में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बड़े भाई ने क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमला कर अपने सगे छोटे भाई की हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर शिव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

शिव थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई ने बताया कि पूषड़ निवासी तोगाराम मेघवाल के दो बेटे जेठाराम और सुरेश कुमार (27) पिछले करीब तीन वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे। सुरेश गांव के पैतृक मकान में रहता था, जबकि जेठाराम गांव की सरहद पर खेत में बने मकान में अपने परिवार और पिता के साथ रहता था। दोनों खेती का काम करते थे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तोगाराम की जमीन सोलर कंपनी को दी गई थी, जिसके बदले परिवार को 4 लाख रुपए मिले थे। आरोप है कि पूरी राशि बड़े भाई जेठाराम ने अपने पास रख ली और छोटे भाई को हिस्सा नहीं दिया। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

गुरुवार रात सुरेश अपनी पत्नी के साथ पिता से मिलने खेत स्थित मकान पर पहुंचा और रुपए नहीं मिलने की शिकायत की। इसी दौरान दोनों भाइयों में कहासुनी हो गई। गुस्से में जेठाराम ने घर में रखा क्रिकेट बैट उठाकर सुरेश के सिर पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय पिता तोगाराम और सुरेश की पत्नी भी मौके पर मौजूद थे। दोनों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने किसी की नहीं सुनी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मृतक के पिता तोगाराम की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी बड़े भाई जेठाराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गलत दिशा से आई स्विफ्ट कार ने टैक्सी को मारी टक्कर, दो गंभीर

बालेसर/शेरगढ़। शेरगढ़ थाना क्षेत्र में एनएच-125 पर 51 मील के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते बड़ा सड़क हादसा हो गया। गलत दिशा से आ रही एक स्विफ्ट कार ने सामने से आ रही टैक्सी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैक्सी करीब 100 फीट तक सड़क पर घिसटती चली गई।

हादसे में टैक्सी चालक **भवानीसिंह केतु** और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। टीम के **वीरसिंह मीणा** ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तत्काल बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए 108 एम्बुलेंस से उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सोने के गोखरू लूटने के लिए की हत्या, जोधपुर पश्चिम पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का किया खुलासा

जोधपुर। जोधपुर पश्चिम जिला स्पेशल टीम और सुरसागर थाना पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के कानों में पहने सोने के गोखरू लूटने के लालच में उसकी हत्या कर शव को इन्द्रोका पुलिया के नीचे फेंक दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, 26 जून को पाली जिले के दानासनी निवासी ओमप्रकाश ने अपने भाई गोविन्द के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी दिन इन्द्रोका पुलिया के नीचे एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने कपड़ों और हाथ में पहने कड़े के आधार पर शव की पहचान गोविन्द के रूप में की। पोस्टमार्टम के दौरान सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने से हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्पेशल टीम और सुरसागर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जबकि पुलिस ने मृतक की गतिविधियों का क्रम तैयार कर मसूरिया, चौपड़ और आखलिया चौराहा सहित विभिन्न क्षेत्रों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी भूपेश कुमार (33) निवासी बालरवा ने हत्या की वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने पहले गोविन्द को शराब पिलाई और बाद में उसके कानों में पहने सोने के गोखरू लूटने के लिए सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत, मुआवजे और जांच की मांग पर अड़े परिजन; देर रात हुआ समझौता

जोधपुर। पाल लिंक रोड स्थित राज हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर अस्पताल परिसर में धरना दे दिया और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग रखी। देर रात अस्पताल प्रशासन और परिजनों के बीच समझौता होने के बाद मामला शांत हुआ।

जानकारी के अनुसार देचू क्षेत्र के कलाऊ निवासी संतोष पुरी (45) मंगलवार को ट्रैक्टर में जुताई की मशीन लगाते समय अंगुली कटने के बाद इलाज के लिए स्वयं बाइक चलाकर दोपहर करीब 2:30 बजे राज हॉस्पिटल पहुंचे थे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने तक संतोष की हालत सामान्य थी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान उनकी जान चली गई। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, एक करोड़ रुपए मुआवजा तथा उपचार के दौरान दी गई दवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। पुलिस की समझाइश के बावजूद परिजन बुधवार को भी शव लेने को तैयार नहीं हुए।

वहीं अस्पताल प्रबंधन के डायरेक्टर राकेश चौधरी ने बताया कि मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के बाद कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व सरपंच की मौत के बाद बवाल, बैरिकेडिंग पर सवाल उठाकर परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

जोधपुर। भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में बाड़मेर के बाणियावास ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच दलपतसिंह राजपुरोहित की मौत के बाद बुधवार सुबह बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया।

परिजनों का आरोप था कि प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए देवगढ़ रेस्ट एरिया के पास की गई पुलिस बैरिकेडिंग के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना था कि यदि सड़क पर बैरिकेडिंग नहीं होती तो दुर्घटना टाली जा सकती थी। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलते ही बालेसर पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र सिंह उज्जवल अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी तथा मामले की जांच का भरोसा दिलाया। काफी देर चली वार्ता के बाद परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उनके सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कार का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलटने की बात सामने आई है। वहीं, परिजनों द्वारा बैरिकेडिंग को हादसे का कारण बताए जाने के संबंध में भी सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
एक साथ उठीं चार अर्थियां, बिलख पड़ा पूरा गांव: लकवाग्रस्त पिता बोले- अगर कोई तकलीफ थी तो बता देता बेटा...

पाली जिले के रोहट क्षेत्र के बीठू गांव में बुधवार सुबह ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। गेनाराम, उसकी पत्नी पुष्पा, बेटी खुशबू और बेटे किशन की अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो हर आंख नम हो गई। परिवार के लोगों के साथ-साथ पूरे गांव में मातम छा गया।

लकवाग्रस्त पिता जोधाराम अपने बेटे और पोते-पोती के शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। मां सीतादेवी बार-बार यही कहती रहीं, *"हे भगवान, कौन-सा गुनाह किया था कि बुढ़ापे में बेटे और पोते-पोतियों की लाशें देखनी पड़ रही हैं। अगर गेनाराम को कोई तकलीफ थी तो एक बार बता देता, ऐसा कदम क्यों उठा लिया?"* परिजन और ग्रामीण उन्हें लगातार संभालने का प्रयास करते रहे।

इसके बाद चारों शवों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में श्मशान घाट ले जाया गया, जहां एक ही चिता पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> खेत में मिले थे परिवार के चारों शव

मंगलवार 30 जून को फलौदी जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में एक खेत से एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस के अनुसार बीठू निवासी गेनाराम (35) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) की गला दबाकर हत्या की और बाद में खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच जारी है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> चार साल से फतेहगढ़ में करता था मजदूरी

गेनाराम पिछले करीब चार वर्षों से फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करता था। पत्नी और दोनों बच्चे भी उसके साथ वहीं रहते थे। मंगलवार सुबह खेत में शव पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां महिला और दोनों बच्चों के शव जमीन पर मिले, जबकि गेनाराम का शव फंदे से लटका मिला।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> एक दिन पहले कुलदेवी के दर्शन कर लौटा था

मृतक के रिश्तेदार जगदीश कुमार ने बताया कि 29 जून को गेनाराम परिवार सहित अपने गांव बीठू आया था। यहां उसने पत्नी को एक थान (मंदिर) पर दर्शन करवाए और प्रसाद चढ़ाया। शाम करीब साढ़े छह बजे पूरा परिवार वापस फतेहगढ़ लौट गया। अगले ही दिन सुबह चारों के शव खेत में मिले।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> हत्या के तरीके पर परिजनों ने जताई शंका

परिजनों का कहना है कि गेनाराम अकेले पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता। उनका मानना है कि उसने पहले खाने में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया होगा, इसके बाद वारदात को अंजाम दिया और स्वयं फंदे पर झूल गया। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> चार भाइयों और तीन बहनों में था गेनाराम

गेनाराम चार भाइयों और तीन बहनों में था। उसके दो भाई चेनाराम और सीयाराम भी फतेहगढ़ क्षेत्र में मजदूरी करते हैं। बीठू गांव में लकवाग्रस्त पिता जोधाराम, मां सीतादेवी और एक दिव्यांग भाई रहते हैं। मां ही पति और दिव्यांग बेटे की देखभाल करती हैं।

परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। आशंका है कि इसी कारण गेनाराम मानसिक तनाव में था। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
फतेहगढ़ के ट्यूबवेल पर खत्म हो गया पूरा परिवार, चार शव मिलने से दहला इलाका; पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

फलोदी/देचू। देचू थाना क्षेत्र के फतेहगढ़ स्थित एक कृषि ट्यूबवेल पर मंगलवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में किसान, उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका है, हालांकि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार मृतक परिवार मूल रूप से पाली जिले के रोहिट क्षेत्र के बिट्टू गांव का रहने वाला था। परिवार पिछले करीब चार वर्षों से फतेहगढ़ क्षेत्र में स्थित एक ट्यूबवेल पर खेती-किसानी कर रहा था। मंगलवार सुबह महिला और दोनों बच्चों के शव चारपाई पर पड़े मिले, जबकि गेनाराम का शव पास में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

मृतकों की पहचान गेनाराम पटेल (35), उनकी पत्नी पुष्पा (32), पुत्री खुशबू (13) और पुत्र किशन (11) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर देचू थानाधिकारी विक्रम सिंह चारण, फलोदी पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह तथा वृताधिकारी भवानी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल टीम की सहायता से साक्ष्य जुटाए और चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए उपजिला अस्पताल देचू की मोर्चरी में भिजवाया।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों का गला दबाकर उनकी हत्या की और इसके बाद स्वयं फंदे से लटक गया। वहीं, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी की मानसिक स्थिति कुछ समय से ठीक नहीं थी, जिससे गेनाराम परेशान बताया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल पुलिस पारिवारिक, आर्थिक और अन्य सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
# देचू में ट्यूबवेल पर मिला परिवार का अंत, दंपती सहित दो बच्चों की मौत से सनसनी

**फलोदी/देचू।** देचू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक कृषि ट्यूबवेल पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार घटना देचू तहसील मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित एक कृषि ट्यूबवेल की है। मृतक परिवार मूल रूप से पाली जिले के रोहिट क्षेत्र के मॉरिसर गांव का रहने वाला था और पिछले करीब चार वर्षों से यहां खेती का कार्य कर रहा था।

मृतकों की पहचान गेनाराम पटेल (35), उनकी पत्नी पुष्पा (32), पुत्री खुशबू (13) और पुत्र किशन (11) के रूप में हुई है। महिला और दोनों बच्चों के शव चारपाई पर मिले, जबकि गेनाराम का शव पास ही फंदे से लटका मिला।

घटना की सूचना पर देचू थानाधिकारी विक्रम सिंह चारण, फलोदी पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह और वृताधिकारी भवानी सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल टीम की सहायता से घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में गेनाराम द्वारा पहले पत्नी और दोनों बच्चों का गला दबाकर हत्या करने और बाद में खुद फंदा लगाकर आत्महत्या करने की आशंका है। हालांकि अधिकारी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।

घटना की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। एक साथ चार लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, पति को मजदूरी का झांसा देकर उतारा मौत के घाट

जालोर। जिले के आहोर थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।

जांच में सामने आया कि मृतक राजेंद्र कुमार मीणा और उसकी पत्नी ममता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। ममता पिछले कई महीनों से अपने पीहर में रह रही थी, जहां उसकी रमेश कुमार मीणा से नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों शादी करना चाहते थे और इसी कारण राजेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।

योजना के तहत आरोपियों ने राजेंद्र को मजदूरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ बुलाया। रास्ते में उसे शराब पिलाई गई और नशे की हालत में मडला क्षेत्र के एक खेत में ले जाकर लाठियों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव खेत में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने पत्नी ममता, उसके प्रेमी रमेश कुमार मीणा और अभिषेक मीणा को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, पति को मजदूरी का झांसा देकर उतारा मौत के घाट

जालोर। जिले के आहोर थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।

जांच में सामने आया कि मृतक राजेंद्र कुमार मीणा और उसकी पत्नी ममता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। ममता पिछले कई महीनों से अपने पीहर में रह रही थी, जहां उसकी रमेश कुमार मीणा से नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों शादी करना चाहते थे और इसी कारण राजेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।

योजना के तहत आरोपियों ने राजेंद्र को मजदूरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ बुलाया। रास्ते में उसे शराब पिलाई गई और नशे की हालत में मडला क्षेत्र के एक खेत में ले जाकर लाठियों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव खेत में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने पत्नी ममता, उसके प्रेमी रमेश कुमार मीणा और अभिषेक मीणा को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बालेसर। बालेसर क्षेत्र में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक युवक-युवती के आर्य समाज विवाह का कथित प्रमाण पत्र और विवाह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों वैदिक रीति-रिवाज से विवाह करते और अग्नि के फेरे लेते दिखाई दे रहे हैं। वायरल सामग्री को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

वायरल प्रमाण पत्र के अनुसार विवाह 30 मई 2026 को संपन्न हुआ था। इसमें गजे सिंह पुत्र नरपत सिंह, जाति रावणा राजपूत, निवासी बेलवा तथा सीमा पुत्री चेतनराम, जाति मेघवाल, निवासी खत्रिया (बेलवा) का उल्लेख किया गया है। प्रमाण पत्र में विवाह वैदिक रीति से आर्य समाज में संपन्न होना दर्शाया गया है।