
ट्रेन से आते, चोरी करते और लौट जाते थे, बाड़मेर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़
बाड़मेर पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य करीब 600 किलोमीटर दूर से ट्रेन में सवार होकर बाड़मेर पहुंचते थे, सुनसान मकानों को निशाना बनाकर चोरी करते और फिर उसी ट्रेन से वापस अपने ठिकाने लौट जाते थे।
मामले की शुरुआत 19 जून को शास्त्री नगर निवासी किशोर कुमार जटिया की शिकायत से हुई थी। उन्होंने बताया कि 18 जून की रात उनके घर के ताले तोड़कर चोर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने श्रीगंगानगर के घड़साना निवासी सुभाष उर्फ शास्त्री उर्फ भगतजी, पंजाब के फाजिल्का निवासी सज्जन कुमार और हनुमानगढ़ निवासी रवि कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने 12 चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने श्रीगंगानगर में रहने वाली मंजू पत्नी पवन कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि महिला चोरी के सोने-चांदी के जेवर अपने पास छिपाकर रखती थी और उन्हें बेचने की व्यवस्था करती थी। इसके बदले उसे हर बार 10 हजार रुपये दिए जाते थे। पूछताछ में महिला ने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित चोरी गिरोह है, जो अलग-अलग जिलों में वारदात कर चोरी का माल श्रीगंगानगर में खपाता था। फिलहाल गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के माल के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।