#Baltampur ! धान की फसल पर फाल्स स्मट व गंधी बग का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी...
खेतों की नियमित निगरानी करें किसान, रोग एवं कीट के लक्षण दिखते ही समय से करें बचाव के उपाय
दिनांक: 09 सितम्बर 2026
मौसम के बदलते मिजाज और धान की फसल की वर्तमान अवस्था को देखते हुए कृषि विभाग ने कीट एवं रोगों के संभावित प्रकोप को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने किसानों को फसल को नुकसान से बचाने के लिए विशेष संस्तुतियां जारी की हैं और खेतों की नियमित निगरानी करने की अपील की है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में धान की फसल में मुख्य रूप से फाल्स स्मट (हल्दिया रोग) और गंधी बग का प्रकोप फैलने की आशंका अधिक है। बालियां निकलने और दानों में दूध पड़ने की यह अवस्था बेहद संवेदनशील है, इसलिए समय पर पहचान और नियंत्रण बेहद जरूरी है।
फाल्स स्मट (हल्दिया रोग) के लक्षण व बचाव
यह फफूंदजनित रोग सीधे बालियों पर हमला करता है। प्रभावित बालियों में दानों की जगह गोल-गोल गांठें बन जाती हैं, जो शुरुआत में पीले और बाद में सूखकर हरे-काले रंग में बदल जाती हैं।
नियंत्रण के उपाय:
बालियां निकलने तथा दुग्धावस्था के दौरान कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 77% WP (2 किग्रा प्रति हेक्टेयर) को 500–600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़कें।
विकल्प के तौर पर एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाजोल 11.4% SC का 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।
गंधी बग की पहचान व नियंत्रण
यह कीट दानों के दूध को चूसकर उन्हें खोखला व कमजोर बना देता है। इसके शिशु व प्रौढ़ भूरे रंग के होते हैं और इनसे एक विशेष गंध आती है।
नियंत्रण के उपाय:
फेनवेलरेट 0.04% DP या मैलाथियान 5% DP धूल का 20–25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से बुरकाव करें।
थायोमेथोक्साम 25% WG की 100 ग्राम मात्रा को 500–600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
व्हाट्सएप पर मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
कृषि विभाग ने दवाओं का प्रयोग निर्धारित मात्रा में ही करने की सलाह दी है। किसी भी रोग या कीट का प्रकोप दिखने पर किसान उसकी फोटो खीचकर सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के व्हाट्सएप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर भेजकर तुरंत समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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