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<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर; nis:value=बलरामपुर; nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=उतरौला nis:value=उतरौला nis:enabled=true nis:link/> में गूंजा या हुसैन: मरहूम यावर हुसैन के अज़ाखाने में मजलिस का आयोजन, 18 बनी हाशिम के ताबूत की ज़ियारत में उमड़ा मोमिनीन का सैलाब...

रिपोर्ट इमरान अली शाह 

​बलरामपुर; ​उतरौला स्थित मरहूम यावर हुसैन के अज़ाखाने में 6 रबीउलअव्वल (गुरुवार) को एक अज़ीमुश्शान 'मजलिस-ए-अज़ा' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अकीदतमंदों और ज़ायरीन की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में गमगीन हो गया।

​मजलिस की ज़ाकिरी आली जनाब मौलाना सदाक़त हुसैन साहब ने की, जबकि नक़ाबत का फ़र्ज़ मौलाना शबाब हैदर जलालपुरी ने अंजाम दिया। मजलिस के खत्म होने पर 18 बनी हाशिम की शबीह-ए-ताबूत बरामद की गई, जिसके दर्शन (ज़ियारत) के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।

​इस दौरान आलमी शोहरत याफ़्ता नौहाख्वान अली हसन, हसन जाफ़र व अन्य नौहाख्वानों ने बारगाह-ए-इमाम हुसैन में मर्सिया और नौहाख्वानी पेश कर इमाम हुसैन व उनके वफादार साथियों को खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया।

​कार्यक्रम को देर रात 1 बजे तक सुचारू रूप से चलाने में इमामिया ट्रस्ट के कोऑर्डिनेटर मुसाय्यब जाफरी, शहंशाह जाफ़री, इफ्फू जाफ़री, अहसन जाफ़री, अलहम्द, अब्बास अली, काशान, फहद, ज़ेन रिज़वी और अबुल फ़ज़ल ने अहम भूमिका निभाई। वहीं फैज़ जाफरी ने सबील-ए-इमाम हुसैन लगाकर देर रात तक ज़ायरीन की खिदमत की।

​प्रोग्राम के दौरान इमामिया ट्रस्ट के सदर अली मुर्तज़ा जैन जाफरी, महासचिव अम्बर जाफरी, हसनैन अली अब्दी, अनीसुल हसन एडवोकेट, सैयद नुसरत हुसैन, मोहर्रम कमेटी के सचिव मोनू रिज़वी, अहसन रिज़वी और पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष अयमन रिज़वी समेत बड़ी संख्या में इलाके के गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर! nis:value=बलरामपुर! nis:enabled=true nis:link/> किताबों से दोस्ती कर रहे परिषदीय विद्यालयों के नौनिहाल, लाइब्रेरी और लर्निंग कॉर्नर से संवर रहा भविष्य...

रिपोर्ट-इमरान अली शाह 

​बलरामपुर (21 अगस्त)। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में बेहतर एवं रुचिकर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। विद्यालयों में संचालित ‘स्कूल लाइब्रेरी’ एवं ‘लर्निंग कॉर्नर’ बच्चों को पाठ्यपुस्तकों के दायरे से बाहर निकालकर ज्ञानवर्धक और प्रेरक साहित्य से जोड़ रहे हैं, जिससे उनमें स्वयं सीखने की ललक पैदा हो रही है।

​विद्यालयों की लाइब्रेरी में बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग, सामान्य ज्ञान और कहानियों की विविधतापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चे अपनी पसंद के अनुसार किताबें चुनकर पढ़ रहे हैं और पढ़ी गई कहानियों पर शिक्षकों व सहपाठियों के साथ चर्चा भी कर रहे हैं। इससे विद्यालयों में पठन-पाठन का एक जीवंत माहौल तैयार हुआ है।

​नियमित पुस्तक पठन से विद्यार्थियों के शब्दावली ज्ञान, भाषा क्षमता, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। किताबों के प्रति यह जुड़ाव बच्चों को प्रश्न पूछने और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

​इसी क्रम में विकास खंड बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय बांकी, प्राथमिक विद्यालय कटिया एवं प्राथमिक विद्यालय धर्मनगर में छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी व स्टडी कॉर्नर का उत्साहपूर्वक उपयोग कर रहे हैं। शिक्षा विभाग का यह नवाचार बुनियादी शिक्षा को केवल सिलेबस तक सीमित न रखकर बच्चों के सर्वांगीण शैक्षिक विकास का मजबूत आधार प्रस्तुत कर रहा है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर; nis:value=बलरामपुर; nis:enabled=true nis:link/> नौकर ही निकला नटवरलाल: पूर्व मालिक का ATM चुराकर खाते से उड़ाए 9 लाख रुपये, पुलिस ने दबोचा...

रिपोर्ट-इमरान अली शाह 

<nis:link nis:type=tag nis:id=​बलरामपुर। nis:value=​बलरामपुर। nis:enabled=true nis:link/> थाना कोतवाली नगर पुलिस ने धोखाधड़ी कर पूर्व मालिक का एटीएम कार्ड चुराकर बैंक खाते से करीब 9 लाख रुपये उड़ाने वाले शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 77,500 रुपये नकद, एक टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल, एसी, टीवी, कूलर, टुल्लू पंप और दो मोबाइल फोन समेत चोरी के पैसों से खरीदा गया भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।
​पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय व क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

​धोखाधड़ी से जाना पिन, फिर खाली कर दिया बैंक खाता

घटना के संबंध में पूरबटोला पश्चिमी निवासी प्रेम कुमार मिश्रा ने 20 अगस्त को कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक, उनके पूर्व नौकर सलमान खान उर्फ मन्ना (24 वर्ष) पुत्र रियाज अहमद ने धोखे से एटीएम कार्ड चुराकर उनके खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की जांच उपनिरीक्षक सूर्या प्रकाश शर्मा को सौंपी गई थी।

​सुआवनाला मार्ग से हुई गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 194/26 धारा 318(4), 305(ए) बीएनएस के तहत नामजद अभियुक्त सलमान उर्फ मन्ना को सुआवनाला से गेल्हापुर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने चालाकी से एटीएम का पिन पता कर लिया था और धीरे-धीरे करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए।

​चोरी की रकम से खरीदे लग्जरी सामान और बनवाया मकान

आरोपी ने चोरी किए गए पैसों से एक नई मोटरसाइकिल, एलजी कंपनी का एसी, सैमसंग टीवी, समरकूल का कूलर, हैवेल्स का टुल्लू पंप, रेडमी का मोबाइल फोन खरीदा और अपना घर भी बनवाया। आरोपी के पास से मिले पिट्ठू बैग से एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड, 77,500 रुपये नकद और एक मोटोरोला मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी की गई है।

​गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस सफल कार्रवाई में कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक कन्हई प्रसाद, उपनिरीक्षक सूर्या प्रकाश शर्मा, कांस्टेबल विनय प्रताप सिंह, नीरज यादव, हीरालाल, शुभम तिवारी और विजय बहादुर शामिल रहे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=balrampur nis:value=balrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=balrampurpolic nis:value=balrampurpolic nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर; nis:value=बलरामपुर; nis:enabled=true nis:link/> मातृ-शिशु स्वास्थ्य: डीएम की सख्त हिदायत—100% टीकाकरण हो, वरना तय होगी जवाबदेही...

​ई-कवच पोर्टल पर हर गर्भवती और बच्चे का डाटा अद्यतन करने के निर्देश; पुनः सर्वेक्षण की शुरुआत...

​रिपोर्ट इमरान अली शाह 

दिनांक: 21 अगस्त 2026

​बलरामपुर: जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम स्तर पर हर गर्भवती महिला और बच्चे तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच समय से होनी चाहिए। इस कार्य में लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​बैठक में डीएम ने आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर ज़मीनी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

​शत-प्रतिशत आच्छादन: टीकाकरण से छूटे सभी बच्चों और महिलाओं को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाए।

​सटीक सर्वेक्षण: आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में फिर से परिवार सर्वेक्षण कर सही डाटा एकत्र करें।

​ई-कवच पोर्टल पर एंट्री: धरातल की वास्तविक स्थिति और ई-कवच पोर्टल का डाटा पूरी तरह मेल खाना चाहिए।

​नियमित मॉनिटरिंग: स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी आशा व एएनएम के साथ समन्वय बनाकर रोजाना फीडबैक लें।

​मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी और जिला प्रतिरक्षा अधिकारी की मौजूदगी में डीएम ने कहा कि सही डाटा से ही प्रभावी निगरानी संभव है। बैठक में विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में मैदानी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=balrampur nis:value=balrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=dmbalrampur nis:value=dmbalrampur nis:enabled=true nis:link/>
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शनकारी छात्र साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। हालांकि मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया है। छात्र का आरोप है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई।

राहुल गांधी केस दर्ज कराने के लिए शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे से संसद मार्ग में धरना दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वे हटेंगे नहीं। इसके बाद 5.30 बजे पुलिस ने FIR लिखना शुरू किया था।

राहुल ने साहिल को लगे छर्रे दिखाकर कहा था- 'पैलेट गन चलने के सबूत हैं। ये छर्रे साहिल के शरीर से निकले हैं। अगर पुलिस ने गन नहीं चलाई तो किसने चलाई है। पुलिस कह रही है कि उन्हें FIR नहीं करने के ऊपर से निर्देश हैं।'

राहुल के साथ प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश भी मौजूद थे। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्र साहिल घायल हो गए थे।
राहुल गांधी जिस पीड़ित साहिल को लेकर थाने पहुंचे है, उसने 14 अगस्त को एक शिकायत लिखी थी, उसमें 7 अहम पॉइंट लिखे हैं…

गंभीर चोट और आंख की रोशनी जाना: प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय छात्र साहिल पर सुरक्षाबलों (दिल्ली पुलिस, RAF / CRPF) पर पैलेट गन से 5 से 6 बार फायरिंग की गई। इसके कारण साहिल की दाहिनी आंख की रोशनी 1% से भी कम बचने की संभावना डॉक्टर ने जताई है।

एम्स में हुई सीटी स्कैन की जांच के अनुसार, साहिल के शरीर (गर्दन, चेहरे, जबड़े और दाहिनी आंख के गड्ढे) में 200 से अधिक छर्रे फंसे हुए हैं, जिन्हें नस के पास होने के कारण निकाला नहीं जा सकता।
डॉक्टरों का रिकॉर्ड: शिकायत में साफ लिखा है कि इलाज करने वाले एम्स के डॉक्टर ने अपनी पर्ची और मेडिकल रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया है कि ये चोटें पैलेट गन लगने के कारण ही आई हैं।

 साहिल ने लिखा है कि उसका सपना दिल्ली पुलिस में भर्ती होने का था, लेकिन इस चोट के बाद अब उसे वह नौकरी कभी नहीं मिल सकती और उसकी पढ़ाई भी रुक गई है। उसके पिता विकलांग हैं और वह घर का सबसे बड़ा बेटा है।
जब साहिल की मां और वकील 14 अगस्त 2026 को कनॉट प्लेस थाने शिकायत देने गए, तो पुलिस अधिकारियों (इंस्पेक्टर बाबू लाल और एएसआई बलविंदर) ने मामला क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर होने का हवाला देकर शिकायत लेने और रिसीविंग देने से मना कर दिया। उन्हें अलग-अलग थानों (संसद मार्ग और आर.के. पुरम क्राइम ब्रांच) के चक्कर कटवाए गए।
पुलिस कप्तान के तबादले पर जेबा रिजवान का तंज, कहा—“विकास कुमार साहब हमारे और परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुए”

<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर। nis:value=बलरामपुर। nis:enabled=true nis:link/> पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के स्थानांतरण एवं पदोन्नति के बाद सोशल मीडिया पर जेबा रिजवान की एक फेसबुक पोस्ट चर्चा में है। अपनी पोस्ट में उन्होंने विकास कुमार के कार्यकाल को अपने और अपने परिवार के लिए “यादगार” बताते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। साथ ही, उन्होंने अपने अंदाज में उन लोगों पर भी तंज कसा है जो अधिकारियों पर “ऊपर के दबाव”, “डिमोशन” और “कार्रवाई” का डर दिखाने की बात करते हैं।

जेबा रिजवान ने फेसबुक पर लिखा कि “विकास कुमार साहब हमारे और हमारे परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुए।” उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उनके परिवार को चार मुकदमों में न्यायिक राहत मिली। इनमें एक मुकदमा हाईकोर्ट से क्वैश होने और परिस्थितियों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी राहत मिलने का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इसे महज इत्तेफाक कहा जाए या वक्त का फैसला, लेकिन विकास कुमार का कार्यकाल उनके और उनके परिवार के लिए निश्चित रूप से यादगार रहा।

“अच्छे काम का रास्ता सम्मान और तरक्की की तरफ”

जेबा रिजवान ने विकास कुमार की पदोन्नति और झांसी जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि जो लोग हर बात में अधिकारियों पर “ऊपर का दबाव”, “डिमोशन” और “कार्रवाई” का डर दिखाते हैं, उन्हें इस पूरे घटनाक्रम से संदेश लेना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि यदि कोई अधिकारी अपना काम निष्पक्षता और ईमानदारी से करता है, तो अच्छे काम का रास्ता आखिरकार सम्मान और तरक्की की तरफ ही जाता है।

पोस्ट में उन्होंने विकास कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके और उनके परिवार के जीवन के उस दौर में अधिकारी का होना उनके लिए एक सुखद संयोग रहा। उनके कार्यकाल के दौरान मिली न्यायिक राहतों को उन्होंने उस दौर की यादगार घटनाओं में शामिल किया।

अंत में जेबा रिजवान ने विकास कुमार को नई जिम्मेदारी के लिए दिल से बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।

 राजनीतिक जानकारी इस पोस्ट को तंज के रूप में मान रहे हैं क्योंकि बलरामपुर पुलिस पर कई बार  आरोप लगा  कि जमानत होने के बावजूद भी जमानत दारो पर पुलिस ने दबाव बनाया जिससे रिजवान जहीर को रिहाई नहीं मिल पा रही थी

<nis:link nis:type=tag nis:id=balrampur nis:value=balrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=tulsipur nis:value=tulsipur nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=सिद्धार्थनगर nis:value=सिद्धार्थनगर nis:enabled=true nis:link/> जिले।के <nis:link nis:type=tag nis:id=डुमरियागंज nis:value=डुमरियागंज nis:enabled=true nis:link/> तहसील परिसर में गुरुवार देर शाम दो <nis:link nis:type=tag nis:id=अधिवक्ताओं nis:value=अधिवक्ताओं nis:enabled=true nis:link/> के साथ कथित <nis:link nis:type=tag nis:id=मारपीट nis:value=मारपीट nis:enabled=true nis:link/> और अभद्रता के मामले को लेकर शुक्रवार को आदर्श बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। डुमरियागंज थाने में तहरीर देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।आदर्श बार एसोसिएशन के महामंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि संघ के पूर्व महामंत्री व सदस्य हर्षित अग्रहरि के साथ कुछ <nis:link nis:type=tag nis:id=लेखपालों nis:value=लेखपालों nis:enabled=true nis:link/> ने मिलकर मारपीट की। घटना का वीडियो साक्ष्य उपलब्ध है। शाम के मामले को लेकर शुक्रवार सुबह संघ की बैठक हुई और उपजिलाधिकारी से वार्ता की गई। उन्होंने दूसरा पक्ष सुनने की बात कही, जिस पर अधिवक्ताओं ने वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद आपत्ति जताई।जिले के सभी बार संघों से सहयोग मांगा गया है। कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार से उग्र प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।
गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शुक्रवार को बाबा रामदेव पर जमकर निशाना साधा। कहा- बाबा रामदेव तो स्वदेशी को लेकर चले थे, लेकिन विदेशी चड्‌ढी तक बनाने लगे हैं। बाबा रामदेव की बात का कौन विश्वास करता है? इस बार बाबा रामदेव से कह दीजिएगा कि सिंदूर और बिंदी पहनकर न आएं, मर्द की तरह आएं।
दरअसल, बृजभूषण दोपहर करीब 2 बजे रघुकुल विद्यापीठ में प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने पांच ब्लॉक से आए 1000 से अधिक मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों पर लगाए गए यूपी सरकार के प्रतिबंध पर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने सरकार से पूछा- अरे प्रभु, इतना देर क्यों कर दी? गांव-गांव में कैंसर, घर-घर में कैंसर फैल रहा है। बृजभूषण ने अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि वे नकली उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई करें, असली कारोबारियों को बेवजह परेशान न करें। ऐसा न करें कि नकली वाले के यहां जाएं नहीं और असली वाले को रगड़ दें।
बृजभूषण शरण ने कहा- अभी WHO की रिपोर्ट एक रिपोर्ट आई थी। इसमें लिखा था कि जितना दूध पैदा होता है, उससे तीन गुना ज्यादा खपत है। अब जब WHO ने कह दिया तो सही और बृजभूषण 20 साल से घूम-घूमकर कह रहे, तो कोई नहीं माना।
नकली तेल, नकली घी, नकली समोसा, लेकिन हमारी बात कोई नहीं मानता था। आप सोचो जहर बिक रहा है। मैंने सुना अभी यूपी सरकार ने कुछ खाद्य पदार्थों पर बैन लगाया है। सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद। लेकिन, अरे प्रभु, इतनी देर क्यों कर दी?
बाबा रामदेव के आंदोलन की चेतावनी को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आंदोलन करना चाहिए, आने दीजिए उनको। मैदान से एक बार भागे थे पायजामा और सलवार पहन करके। उनके अंदर आंदोलन की क्षमता है। लेकिन, इस बार बाबा रामदेव से कह दीजिएगा कि मर्द की तरह आंदोलन करें। मैं मानता हूं कि नकली घी का कल्चर जो इस देश में बड़े पैमाने पर आया, वह बाबा रामदेव ही लाए हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ के सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर 2 दलित-गुर्जर नेताओं को थर्ड डिग्री देने के गंभीर आरोप, दिग्विजय सिंह और मोहित जाटव ने लगाया अमानवीय पिटाई का आरोप; SSP अविनाश पांडे के ‘कहने भर’ पर बड़ा रिस्क लेने की चर्चा, कांवड़ के दौरान गौड़ की गलती पर SSP ने कथित तौर पर डाला था पर्दा; अब ADG भानु भास्कर ने सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह को सौंपी जांच!

 किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और दलित नेता मोहित जाटव के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान ने दोनों नेताओं के साथ प्रेसवार्ता कर तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय और सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ SC-ST सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और जरूरत पड़ने पर उनकी मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जाए।

अतुल प्रधान ने कहा कि वह इस मामले को लखनऊ विधानसभा में उठाएंगे। इसके साथ ही SC-ST आयोग, मानवाधिकार आयोग और मेरठ जोन के ADG के सामने भी शिकायत रखी जाएगी। उन्होंने मांग की कि अविनाश पांडेय की अब तक जिन-जिन जिलों में तैनाती रहे हैं, वहां उनके कार्याकाल से जुड़े विवादित मामलों की भी जांच कराई जाए।
दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव का आरोप है कि दोनों करीब 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहे। दोनों का दावा है कि वे 19 अगस्त को SSP कार्यालय में अपनी सफाई देने पहुंचे थे। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से SSP कार्यालय की ओर से उन्हें बातचीत के लिए फोन आ रहे थे। आरोप के मुताबिक, SSP कार्यालय पहुंचने के बाद माहौल बदल गया और एसएसपी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने दोनों को पकड़ लिया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्हें उनके ऑफिस के पर्सनल एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई। उनका दावा है कि बाद में मुंह ढककर उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां हाथ-पैर बांधकर उल्टा लटका कर मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि हमने हाथ जोड़कर कहा कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं, ऐसा मत करो। यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट के दौरान अभद्र टिप्पणियां कीं। इस पूरे प्रकारण में पिटाई के पांच राउंड पूरे किए गए और उनकी चीखों को मोबाइल द्वारा एसएसपी को सुनाई गई। मीडिया के सामने अपने पूरी बात कहते हुए दो बार दिग्विजय भाटी रो पड़े और उनसे बोला तक नहीं गया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर nis:value=बलरामपुर nis:enabled=true nis:link/> जिले के नए एसपी बने मार्तंड प्रकाश...
IPS अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर ने कार्यालय में किसान नेता को बेरहमी से पीटा! आंख से खून निकलने पर थाने में बुलाया डॉक्टर, नाम सुनते ही भड़के मेरठ SSP!
उत्तर प्रदेश के मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन के बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने पिटाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, गुरुवार रात अविनाश पांडेय मेरठ एसएसपी के पद से हटा दिए गए। उनको डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में एसपी पद पर संबंद्ध कर दिया गया है।
किसान नेता दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाते हुए बताया कि बुधवार रात उनको सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। यहां पर मेडिकल के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि वह अपने साथी मोहित जाटव के साथ गैंगस्टर के एक मुकदमे में निष्पक्ष जांच के लिए मेरठ एसएसपी के कार्यालय में गए हुए थे। उस समय एसएसपी अविनाश पांडेय कार्यालय में नहीं थे। उनके पहुंचने के 5 मिनट बाद एसएसपी अविनाश पांडेय आ गए।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक सिपाही को अंदर बुलाया। दोनों ने अपना परिचय दिया। आरोप है कि दिग्विजय भाटी का नाम सुनते ही एसएसपी अविनाश पांडेय आग बबूला हो गए और भड़कते हुए कहा कि तुम वही हो, जिसने कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया था। इसके बाद कार्यालय में एसएसपी ने दोनों को पीटा। फिर सिविल लाइंस प्रभारी अखिलेश गौड़ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और दोनों को एसओजी कार्यालय ले आए।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया है कि पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय में अखिलेश गौड़ और उनकी टीम ने उनके और साथी मोहित के साथ मारपीट की गई। पिटाई से आंखों से खून निकल आया, जिसके बाद आंख और दिमाग के डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई। जानकारी होते देर रात सपा विधायक अतुल प्रधान परिजनों के साथ थाने पहुंचे। जहां वह दिग्विजय भाटी को अपने साथ लेकर आए। वहीं, गुरुवार रात एएसपी मेरठ को हटा दिया गया। उनको डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में एसपी के पद पर संबंद्ध किया गया।
पाकिस्तान के साबिक (पूर्व) वज़ीर-ए-आज़म इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के एक अहम हुक्म के बाद बीती रात करीब 1 बजे अदियाला जेल से निकालकर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। खान की सेहत और मेडिकल जांच को लेकर उनकी पार्टी और वकीलों की तरफ से लंबे वक्त से अदालत में लड़ाई लड़ी जा रही थी।

​अस्पताल में इमरान खान के पहुंचते ही इलाके की सिक्योरिटी बेहद सख्त कर दी गई है और चारों तरफ भारी पुलिस फोर्स तैनात है। इस बड़े वाकये पर इमरान खान के वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के ज़रिए अपनी खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने लिखा, "इमरान खान के मेडिकल के लिए 27 मार्च 2026 से शुरू की गई जद्दोजहद आखिरकार अपनी मंजिल-ए-मुराद पा गई है।"

​सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने पाकिस्तान के सियासी हलकों में एक नई हलचल पैदा कर दी है। अब अवाम और समर्थकों की निगाहें इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट और उनके आगे के कानूनी सफर पर टिकी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के संभल में एक बार फिर खौफ और बेचैनी का माहौल है। हालिया तशद्दुद (हिंसा) के बाद, अब प्रशासन की नजर ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद के आस-पास आबाद मुकामी लोगों के मकानों और दुकानों पर टिक गई है।

​हाल ही में SDM विकास चंद्र ने भारी पुलिस फोर्स के साथ जामा मस्जिद इलाके का अचानक मुआयना किया, जिससे अवाम में अफरातफरी मच गई। जिला इंतजामिया का दावा है कि इस इलाके में 22 से ज्यादा मकान और दुकानें बिना मंजूरशुदा नक्शे के तामीर (निर्माण) किए गए हैं। चूंकि यह इलाका 'संभल महायोजना 2031' के तहत रेगुलेटेड ज़ोन में आता है, इसलिए अब इन इमारतों पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडराने लगा है।

​फिलहाल, प्रशासन इन संपत्तियों के मालिकों को नोटिस भेजकर दस्तावेज़ और नक्शे तलब करने की तैयारी कर रहा है। मस्जिद के अहाते के करीब इस नई कार्रवाई से आम लोगों में अपनी रोजी-रोटी और आशियाने छिन जाने का गहरा डर बैठ गया है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=मार्तण्ड_प्रकाश_सिंह nis:value=मार्तण्ड_प्रकाश_सिंह nis:enabled=true nis:link/> बने पुलिस अधीक्षक <nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर, nis:value=बलरामपुर, nis:enabled=true nis:link/> बलरामपुर के एसपी विकास कुमार झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाए गए।
योगी सरकार ने गुरुवार देर रात 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए। मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों को वैन में घुसकर थप्पड़ मारने वाले SSP अविनाश पांडेय को हटा दिया। उन्हें पुलिस हेडक्वार्टर से अटैच किया है। इनकी जगह झांसी के SP बीबीजीटीएस मूर्ति को कमान सौंपी गई है।

सुल्तानपुर की SP चारू निगम को भी साइडलाइन कर दिया गया है। उन्हें यूपी 112 का SP बनाया गया है। गोंडा SP विनीत जायसवाल को सुल्तानपुर भेजा गया है। संभल के चर्चित SP केके विश्नोई को बिजनौर की कमान सौंपी गई है। विकास चंद्र त्रिपाठी को संभल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बलरामपुर के SP विकास कुमार को झांसी भेजा गया है। मार्तंड प्रकाश सिंह को बलरामपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिजनौर के SP अभिषेक को गोंडा का SP बनाया गया है।
मेरठ में 16 मई को दलित लड़की ललिता की हत्या कर दी गई। इसके विरोध में प्रदर्शनकारी डीएम को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मेन गेट बंद कर दिया। SSP अविनाश पांडेय भी पहुंचे। पहले उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। फिर पुलिस वैन में घुसकर लोगों को पीटा।

तब से दलित संगठनों के लोग SSP अविनाश पांडेय के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। गुरुवार को युवा शक्तिदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम ने SSP अविनाश पांडेय समेत चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
फरवरी, 2026 में सुल्तानपुर की SP बनाई गई थीं। एक माह कार्यकाल बढ़िया चला। लेकिन, मार्च 2026 में भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने मोर्चा खोल दिया। मारपीट के मामले में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को साजिशन फंसाया गया है, जबकि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे।

देवेंद्र सिंह ने फर्जी एनकाउंटर की आशंका जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा था।
अधिकारी का नाम

विनीत जायसवाल- पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर

चारु निगम- पुलिस अधीक्षक, यूपी-112, लखनऊ

अविनाश पाण्डेय-पुलिस अधीक्षक, सशस्त्र मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, लखनऊ

बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ

अभिषेक- पुलिस अधीक्षक, गोंडा

विकास कुमार- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, झांसी

कृष्ण कुमार- पुलिस अधीक्षक, बिजनौर

विकास चन्द्र त्रिपाठी- पुलिस अधीक्षक, सम्भल

मार्तण्ड प्रकाश सिंह- पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर
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मथुरा के चर्चित आयुषी यादव ह*त्याकांड में मां-बाप को उम्रकैद की सजा हुई है। मथुरा कोर्ट ने 4 साल बाद बुधवार को फैसला सुनाया। कोर्ट में आयुषी के पिता नितेश यादव ने अपनी सफाई में सिर्फ इतना कहा कि बेटी की हत्या मैंने की थी, पत्नी का दोष नहीं है। फिर चुप हो गए। मां सिर झुकाए खड़ी रही।

जज ने फैसला सुनाते हुए कहा- बेटी की हत्या का अपराध अत्यन्त क्रूर और वीभत्स की श्रेणी में आता है। इसलिए दोषियों पर नम्र रुख अपनाने का कोई आधार नहीं है। अगर दोषी को दंडित नहीं किया तो समाज में गलत संदेश जाएगा।

22 साल की इकलौती बेटी आयुषी की 4 साल पहले पिता नितेश यादव ने दिल्ली स्थित अपने घर में रिवॉल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी। वजह सिर्फ इतनी थी कि आयुषी ने राजस्थान के युवक से चुपके से लव मैरिज कर ली थी। हत्या के बाद पिता ने शव को लाल सूटकेस में भरकर 150 किलोमीटर दूर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंक दिया था।

इसमें आयुषी की मां ब्रजवाला ने उनका साथ दिया था। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मथुरा पुलिस मां ब्रजवाला और आयुषी के भाई आयुष को मथुरा लेकर आई। दोनों ने आयुषी की पहचान की थी। बाद में पुलिस ने मां-बाप को गिरफ्तार किया था। पिता की दिल्ली में दुकान थी।

सरकारी वकील मुकेश गोस्वामी ने कहा- पुलिस ने जांच के बाद नितेश यादव और ब्रजवाला के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने गवाहों के बयान और केस से जुड़े सबूत कोर्ट के सामने रखे। इन्हीं के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी माना और सजा सुनाई। नितेश यादव पर 7 हजार और ब्रजवाला पर 6 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने डिपोर्टेशन अभियान और तेज कर दिया है। अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में ही 5,200 से ज्यादा भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। इस कार्रवाई की जद में H-1B, O-1 और स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए भारतीय भी शामिल हैं।
<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर; nis:value=बलरामपुर; nis:enabled=true nis:link/> आजादी के दशकों बाद अंधेरे से मिले मुक्ति, आरडीएसएस योजना से जनपद के 3 गांवों में पहली बार पहुंची बिजली...

<nis:link nis:type=tag nis:id=​पचपेड़वा, nis:value=​पचपेड़वा, nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=रेहरा_बाजार nis:value=रेहरा_बाजार nis:enabled=true nis:link/> व <nis:link nis:type=tag nis:id=उतरौला nis:value=उतरौला nis:enabled=true nis:link/> के मजरों में बिछी विद्युत लाइन; बच्चों की पढ़ाई और कुटीर उद्योगों को मिलेगी रफ्तार...

​रिपोर्ट इमरान अली शाह 

20 अगस्त 2026 ​बलरामपुर: जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत एलओएच (लाइन कार्य) पूरा कर तीन विकास खंडों के गांवों और मजरों में पहली बार बिजली पहुंचा दी गई है।

​इन क्षेत्रों का हुआ कायाकल्प

​पचपेड़वा: ग्राम पंचायत पिपरा जमुनी एवं मजरा मोतीहवा।

​रेहरा बाजार: ग्राम पंचायत रुधौली बुजुर्ग।

​उतरौला: ग्राम पंचायत फतेहपुर के मजरा हैदरगढ़ व वजीरगंज।

​विद्युत लाइन का काम पूरा होते ही दशकों से अंधेरे में रहे घरों में पहली बार बल्ब जगमगा उठे। इससे बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग और घरेलू कामकाज आसान होंगे, वहीं सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बिजली पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=balrampur nis:value=balrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=dmbalrampur nis:value=dmbalrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=utraula nis:value=Utraula nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pachperwa nis:value=pachperwa nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rehrabazar nis:value=rehrabazar nis:enabled=true nis:link/>
वंदे मातरम्' के गायन को लेकर देश में एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। सिख नेता ईमान सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि सिख समुदाय 'वंदे मातरम्' को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।

​ईमान सिंह ने अपने इस स्टैंड के पीछे की वजह साफ करते हुए कहा कि 'वंदे मातरम्' में देवी-देवताओं की स्तुति (तारीफ और वंदना) की गई है। जबकि, सिख धर्म की बुनियादी मान्यताओं के मुताबिक, सिख सिर्फ एक अकाल पुरख (ईश्वर) की इबादत करते हैं और उनके यहाँ देवी-देवताओं की पूजा या वंदना की सख्त मनाही है।

​उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस मसले को सियासी चश्मे से देखने के बजाय सिखों की धार्मिक मान्यताओं और अकीदे (आस्था) के नज़रिए से समझने की ज़रूरत है। ईमान सिंह के इस साफ और दो-टूक बयान ने मुल्क में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक अधिकारों और उनकी पहचान से जुड़े विमर्श को एक बार फिर गरमा दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान की मदद की करेगा या उसके साथ व्यापार करेगा, उसे भारी आर्थिक सजा का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्होंने इसे किसी भी देश पर अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक अभियान बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी है।

ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध और उसे अलग-थलग करने का एक अभूतपूर्व अभियान बताया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से अपील की है कि वे तेहरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक नेटवर्क से काटने में वॉशिंगटन का साथ दें।

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ ICICI बैंक की अफसर दिव्या मिश्रा को उनके ही पति मानस वाजपेई ने बैंक के बाहर बुलाकर सरेआम गोली मार दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद मानस ने खुद को भी गोली मारकर अपनी जान ले ली।

​बता दें कि मकतूल (मृतक) दिव्या मिश्रा जानी-मानी पत्रकार और 'उल्टा चश्मा' प्लेटफॉर्म चलाने वाली प्रज्ञा मिश्रा की सगी बहन थीं। इस सनसनीखेज वाकये से ठीक पहले कातिल पति मानस ने अपने व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक स्टेटस लगाया था, जिसमें उसने लिखा- "आज मैंने अपनी पत्नी को मार डाला, क्योंकि उसने मुझे धोखा दिया था। अब मुझे खुद को और अपनी बहन को भी मारना होगा।"

​इस स्टेटस में मानस ने प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत का भी जिक्र करते हुए लिखा कि 'उन्हें सब कुछ मालूम है'। इस खौफनाक वाकये ने पूरे लखनऊ में दहशत फैला दी है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से इस संगीन मामले की तफ्तीश में जुटी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में हॉफ एनकाउंटर पर तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि पुलिस वालों को छर्रा तक नहीं लगता है और अभियुक्त को हमेशा घुटने के नीचे गोली कैसे लगती है. श्रावस्ती के अलाऊद्दीन एनकाउंटर को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं.
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में हुए कथित हॉफ एनकाउंटर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीबीआई जांच के आदेश दिया है. साथ ही हाईकोर्ट ने पुलिस की कहानी को प्रथम दृष्टया गलत माना है. हाईकोर्ट ने मामले की टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में कई गंभीर भी विसंगतियां हैं. प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी द्वारा घटना का गलत विवरण प्रस्तुत किया गया प्रतीत होता है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सीबीआई को जांच पूरी कर रिपोर्ट यथासंभव 3 महीने में पेश करने को कहा है.

हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने अलाउद्दीन उर्फ छोटकऊ की ओर से दाखिल अपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है. श्रावस्ती के इकौना थाना में बीएनएस की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दर्ज एफआईआर की सत्यता की जांच करने का निर्देश सीबीआई को दिया है. हाईकोर्ट ने थाना प्रभारी अश्विनी कुमार दुबे की निशानेबाजी क्षमता की भी जांच करने को कहा है. इसमें यह देखा जाएगा कि क्या वह रात में करीब 15 मीटर की दूरी से केवल हथियार लोड किए जाने की आवाज सुनकर 9 एमएम सर्विस पिस्टल से सटीक निशाना लगा सकते हैं कि नहीं. साथ ही 9 एमएम की गोली से मेडिकल रिपोर्ट में बताए गए घावों के आकार को लेकर थाना प्रभारी के स्पष्टीकरण पर भी कोर्ट ने सवाल किया.

मामला उस कथित हॉफ एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें अलाउद्दीन के दोनों पैरों में गोली लगी थी. पुलिस का दावा था कि अलाउद्दीन ने 23 सदस्यीय पुलिस टीम पर फायरिंग की थी. थाना प्रभारी के मुताबिक हथियार लोड किए जाने की आवाज सुनने के बाद आत्मरक्षा में उन्होंने दो गोलियां चलाईं और दोनों गोलियां आरोपी के पैरों में लगी.
अलाउद्दीन के अधिवक्ता ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एफआईआर के अनुसार 13 पुलिसकर्मी एक ही सरकारी वाहन में सवार थे और बाद में तीन टीमों में बंट गए. जबकि किसी अन्य वाहन का जिक्र फर्द में नहीं है. इसके बाद 10 सदस्यीय स्वॉट टीम भी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों की कुल संख्या 23 हो गई.
अधिवक्ता ने सवाल उठाया की 10 स्वॉट कर्मियों समेत 23 सशस्त्र पुलिसकर्मी एक ई रिक्शा पर सवार व्यक्ति को रोकने में कैसे असफल रहे. ये भी कहा गया कि यह बात समझ से परे है कि पुलिस टीम कथित रूप से एक देसी तमंचा और केवल दो कारतूस रखने वाले व्यक्ति से निपटने के लिए छिप गई और अतिरिक्त बल बुलाया गया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गोली लगने के बाद अलाउद्दीन से कथित रूप से कराए गए इकबालिया बयान पर भी सवाल उठाए. 7 वर्षीय बच्ची के अपहरण से संबंधित मूल घटना के 61 मिनट के भीतर एफआईआर दर्ज हो गई थी. लेकिन उसमें दुष्कर्म, रक्त स्राव या बच्ची के घायल होने का कोई जिक्र नहीं था.
हाईकोर्ट ने कहा कि यह बातें बाद में कथित इकबालिया बयान में सामने आई. कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि पुलिस ने संभवत झूठा इकबालिया बयान दर्ज किया. कोर्ट ने जिक्र किया कि मुठभेड़ में शामिल सभी 23 पुलिस कर्मियों को अच्छे कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया था. इनमें उसे अपराध के संबंध में आरोपी से कथित इकबालिया बयान हासिल करना भी शामिल था . जिसमें पहले ही अलाउद्दीन को बरी किया जा चुका था.
पुलिस मुठभेड़ की जांच के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में गंभीर चोट वाले पुलिस मुठभेड़ मामलों की जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया का प्रथम दृष्टया पालन नहीं किया गया. हाईकोर्ट ने याची को राहत देते हुए श्रावस्ती की सेशन कोर्ट के 2 जुलाई के उस आदेश के क्रियान्वयन पर भी रोक लगा दी, जिसमें अलाउद्दीन की डिस्चार्ज अर्जी खारिज की गई थी. मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी.
खस्ताहाल गोंडा-उतरौला मार्ग का कायाकल्प शुरू: अब रफ्तार पकड़ेगा विकास, लाखों लोगों का सफर होगा आसान...

​गड्ढों और हिचकोलों से जल्द मिलेगी आजादी... 

गोंडा, मेहनौन, इटियाथोक और उतरौला के बीच व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी नई संजीवनी...

​गोंडा। मेहनौन विधानसभा क्षेत्र की जीवनरेखा कहे जाने वाले गोंडा-उतरौला मार्ग की सूरत अब बदलने वाली है। लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहे इस मुख्य मार्ग पर सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। सड़क निर्माण के लिए भारी मशीनरी के उतरते ही क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​सालों का दर्द, अब राहत में बदलने की बारी

गोंडा, मेहनौन, इटियाथोक, खरगूपुर और उतरौला को जोड़ने वाला यह बेहद महत्वपूर्ण रास्ता वर्षों से जगह-जगह से उखड़ा हुआ था। बारिश में जलभराव और जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे थे। किसान अपनी उपज मंडी तक सही समय पर नहीं पहुंचा पाते थे और विद्यार्थियों व मरीजों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती थी। अब इस मार्ग के मजबूत और आधुनिक बनने से यात्रा का समय आधा रह जाएगा और हादसों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

​गुणवत्ता पर पैनी नजर: मानकों से नहीं होगा कोई समझौता

सड़क निर्माण का कार्य पूरी पारदर्शिता और उच्च मानकों के अनुसार हो, इसके लिए प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। संबंधित अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पल-पल की मॉनिटरिंग के साथ कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की समयबद्ध योजना बनाई गई है।

​विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सुगम सड़कें ही किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार होती हैं। मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को धरातल पर उतारना पहली प्राथमिकता है। गोंडा-उतरौला मार्ग का सुदृढ़ीकरण केवल एक सड़क का बनना नहीं, बल्कि पूरे इलाके के विकास के बंद दरवाजे खोलने जैसा है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=बलरामपुर; nis:value=बलरामपुर; nis:enabled=true nis:link/> टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर हुई ठगी के 40 हजार रुपये वापस, बलरामपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई...

रिपोर्ट-इमरान अली शाह 

​बलरामपुर; टेलीग्राम पर झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार हुई एक महिला को श्रीदत्तगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की तत्परता से उसके डूबे हुए रुपये वापस मिल गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 40 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक रिफंड कराई। रुपये वापस मिलने पर पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस टीम की इस संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया है।

​निवेश के नाम पर ऐंठे थे 93 हजार रुपये

जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के ग्राम मझारी बाछिल निवासी प्रभा सिंह पत्नी शुभम सिंह की संपर्क टेलीग्राम पर एक अज्ञात युवती से हुआ था। युवती ने अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश (इन्वेस्टमेंट) करने का झांसा दिया। उस पर विश्वास कर पीड़िता ने पांच बार में कुल 93 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने महिला को ब्लॉक कर दिया।

​1930 हेल्पलाइन और बैंक समन्वय से मिली सफलता

ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई (शिकायत संख्या: 33106250070241)। शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष अविरल शुक्ला के नेतृत्व में साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी उ0नि0 मिथिलेश कुमार व आरक्षी अभिषेक सत्यार्थी की टीम ने जांच शुरू की।

​पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक से समन्वय बनाकर जालसाज के खाते में 58,894 रुपये की राशि होल्ड कराई। इसके बाद सीजेएम न्यायालय के आदेश और विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए बैंक के नोडल अधिकारी के सहयोग से होल्ड राशि में से 40,000 रुपये सीधे पीड़िता के खाते में वापस करा दिए गए। शेष राशि की वापसी हेतु अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।

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