रामनगर में 36 लीटर शराब जब्त, 675 किलो लाहन नष्ट; सवाल—जहरीली शराब पर सख्ती हादसे के बाद ही क्यों?
सतना। मैहर जिले के अमरपाटन सर्किल में आबकारी टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 36 लीटर हाथभट्ठी शराब जब्त की और 675 किलो महुआ लाहन मौके पर नष्ट कराया। कार्रवाई में 5 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। सवाल यह है कि निर्दोषों की जान जाने के बाद ही सरकार, मंत्री और अफसरों की नींद क्यों टूटती है? हादसे के बाद कुछ दिनों की सख्ती, छापेमारी और कार्रवाई के आंकड़े सामने आते हैं, लेकिन फिर वही ढर्रा लौट आता है। जहरीली शराब की भट्टियां और अवैध कारोबार अगर लगातार चल रहे हैं तो सवाल सिर्फ आरोपियों पर नहीं, उस पूरे सिस्टम पर भी है जो इन्हें समय रहते रोकने में नाकाम रहता है। आखिर अवैध शराब के खिलाफ सख्ती अभियान बनकर क्यों आती है, व्यवस्था की स्थायी जिम्मेदारी क्यों नहीं बनती? सरकार और अफसरों को कार्रवाई के आंकड़ों से आगे बढ़कर स्थायी निग�