किशनगंज जिले में मिशन परिवार विकास अभियान को मिली नई गति, परिवार नियोजन मेले में सेवाओं के साथ निर्णय की स्वतंत्रता पर जोर
किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 14 सितंबर 2026 को परिवार नियोजन को केवल बच्चों की संख्या सीमित करने के नजरिये से देखना इसके व्यापक महत्व को सीमित कर देता है। सही मायने में यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के पोषण एवं शिक्षा, परिवार की आर्थिक स्थिरता और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निर्णय है। किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में, जहां बड़ी आबादी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहती है, परिवार नियोजन की जानकारी और सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, ताकि भौगोलिक दूरी, जानकारी की कमी या झिझक किसी परिवार के स्वास्थ्य निर्णय में बाधा न बने।इसी उद्देश्य से जिले में मिशन परिवार विकास अभियान 2026 के तहत जागरूकता और सेवा गतिविधियों को व्यापक रूप दिया जा रहा है। सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय प्रांगण में परिवार नियोजन मेला आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले में परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थायी एवं स्थायी साधनों, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श की जानकारी लोगों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान मीडिया ब्रीफिंग भी आयोजित की गई, जिसमें सिविल सर्जन ने मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्य, जिले में इसकी जरूरत और समुदाय तक सेवाओं को पहुंचाने की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।विदित हो की जिले में 07 से 26 सितंबर 2026 तक मिशन परिवार विकास अभियान चल रहा है। इसके तहत 07 से 13 सितंबर तक दम्पति संपर्क सप्ताह तथा 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। अभियान का फोकस जागरूकता के साथ इच्छुक दम्पतियों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर है।इसी कड़ी में सारथी रथ को विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया है। 07 से 25 सितंबर तक चलने वाला यह रथ गांव-गांव पहुंचकर बच्चों के बीच उचित अंतराल, परिवार नियोजन के उपलब्ध अस्थायी एवं स्थायी साधनों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में मिलने वाली सेवाओं की जानकारी देगा।
परिवार का निर्णय, व्यवस्था की जिम्मेदारी
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन को केवल स्वास्थ्य विभाग की गतिविधि के रूप में देखने के बजाय इसे महिला स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपनी आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय ले सके, इसके लिए उसे वैज्ञानिक और विश्वसनीय जानकारी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक आसान पहुंच मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किशनगंज जैसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों वाले जिले में सामुदायिक स्तर पर निरंतर संवाद जरूरी है। आशा, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से परिवार नियोजन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। प्रशासन का प्रयास है कि जानकारी या दूरी के अभाव में कोई इच्छुक परिवार उपलब्ध सेवाओं से वंचित न रहे।
उचित अंतराल से मां और बच्चे दोनों को लाभ
अभियान में बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल के महत्व पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उचित अंतराल से मां को अपने स्वास्थ्य को संभालने का समय मिलता है और अगले गर्भधारण के लिए शरीर को पर्याप्त अवसर मिलता है। वहीं परिवार प्रत्येक बच्चे के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बेहतर ध्यान दे सकता है।परिवार नियोजन के विकल्पों को लेकर समाज में मौजूद भ्रम और झिझक को दूर करने के लिए आशा एवं अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संवाद किया जाएगा। इच्छुक दम्पतियों को उनकी जरूरत और पसंद के अनुसार उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने के साथ आवश्यक परामर्श और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी।
मेले से मीडिया तक, एक साथ बढ़ाया जा रहा जागरूकता का दायरा
परिवार नियोजन मेले के साथ आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि प्रत्येक दम्पति को परिवार नियोजन के संबंध में अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार निर्णय लेने के लिए सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन परिवार विकास अभियान के माध्यम से जिले में जागरूकता और सेवा की कड़ी को मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल प्रचार सामग्री तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि लोगों को जरूरत के समय वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। इसके लिए सारथी रथ, सामुदायिक बैठक, घर-घर संपर्क, स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पंचायत एवं स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन और अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के माध्यम से भी संदेश प्रसारित किया जा रहा है। 07 से 25 सितंबर तक सारथी रथ विभिन्न प्रखंडों में प्रचार-प्रसार करेगा।कार्यक्रम में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन, एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी, डीपीएम डॉ. मुनाजिम और डीपीसी विश्वजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अभियान में सिफार जैसी सहयोगी संस्थाओं की भी भागीदारी है।जिले में मिशन परिवार विकास अभियान की दिशा इस बात पर केंद्रित है कि परिवार नियोजन को महज एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े अधिकार-आधारित निर्णय के रूप में स्थापित किया जाए। जब परिवार को सही जानकारी, विकल्प और समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती है, तभी वह अपनी परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर निर्णय ले पाता है—और यही निर्णय स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज की ओर बढ़ने की आधारशिला बनता है #viralreels #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #videogames #viralpost #newyork #2026Goals ।