राजस्व विभाग की समीक्षा में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
जहानाबाद। जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया ने मंगलवार को राजस्व विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य मामलों में लंबितता को न्यूनतम रखने और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक से संबंधित मामलों में अंचलाधिकारी स्तर पर 695 तथा राजस्व कर्मचारी/केसी स्तर पर 3,337 मामले लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने कर्मचारी लॉगिन पर लंबित मामलों को 30 अगस्त तक समाप्त करने तथा 33 दिनों से अधिक लंबित दाखिल-खारिज वादों का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
परिमार्जन प्लस की समीक्षा में ऑनलाइन जमाबंदी एवं छूटी हुई जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का कार्य अगले दो से तीन दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही परिमार्जन और म्यूटेशन के निष्पादन के तुरंत बाद संबंधित रैयत की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने तथा लंबित मामलों के निष्पादन की जानकारी प्रत्येक 15 दिनों पर जिला कृषि पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा गया।
फार्मर रजिस्ट्री में नाम की भिन्नता से जुड़े 1,354 लंबित मामलों को कर्मचारी स्तर पर अगले दो से तीन दिनों में समाप्त करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा में अब तक कुल रैयतों के विरुद्ध मात्र 29.9 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने की जानकारी मिली। जिला पदाधिकारी ने इसकी प्रगति में तेजी लाने को कहा।
ई-मापी की समीक्षा करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को अमीनवार दैनिक प्रतिवेदन प्राप्त करने और पोर्टल पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी की दैनिक प्रगति रिपोर्ट जिला राजस्व शाखा को नियमित रूप से भेजने को कहा गया।
बैठक में अंचलाधिकारियों के स्तर पर लंबित 12 न्यायालय वादों में शीघ्र शपथ-पत्र दायर करने तथा राजस्व महाअभियान के आवेदनों के निष्पादन की दर कम से कम 70 प्रतिशत से अधिक करने का निर्देश दिया गया। सहयोग पोर्टल पर लंबित 114 आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन करने को कहा गया।
अतिक्रमण वादों का यथासंभव 40 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। औद्योगिक विकास के लिए सभी अंचलाधिकारियों को इंडस्ट्रियल पार्क हेतु 25 एकड़ से अधिक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रतिवेदन देने तथा एसटीपी के लिए पांच सितंबर तक भूमि चिह्नित करने को कहा गया।
इसके अलावा संबंधित वित्तीय वर्ष के लगान एवं सेस संग्रहण का अद्यतन प्रतिवेदन जिला राजस्व कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक स्तर पर दैनिक प्रगति की निगरानी की जाए।
बैठक में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, राजस्व प्रभारी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं अमीन उपस्थित रहे।