सेंट्रल जेल से निकले 7 बंदी, दो लखपति बनकर लौटे घर
सतना। गांधी जयंती पर सतना सेंट्रल जेल से 7 आजीवन कारावास भुगत रहे बंदियों को अच्छे आचरण के चलते परिहार का लाभ मिला और वे नई शुरुआत के साथ घर लौटे। इनमें 4 बंदी खुली जेल में सजा काट रहे थे। खास बात यह रही कि जेल में काम कर दो बंदियों ने एक-एक लाख से ज्यादा रुपए का पारिश्रमिक भी कमाया। संतोष चौधरी को 1,11,972 रुपए और लोकेन्द्र सिंह को 1,11,524 रुपए मिले, जबकि धर्मेन्द्र मिश्रा को 63,781, लाल उर्फ विरोचन को 56,197, शहनाज को 52,382, मुन्नू को 36,918 और गिरधारी को 21,373 रुपए का पारिश्रमिक मिला। रिहाई के समय सभी को श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीफल, फलदार पौधा, लंच पैकेट, पारिश्रमिक पासबुक और रिहाई प्रमाण पत्र देकर विदा किया गया। जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने बताया कि अच्छे व्यवहार के आधार पर सजा में छूट पाने वाले ये बंदी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इस दौरान उपजेल अधीक्षक सोनवीर सिंह कुशवाह, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी, सहायक जेल