11 साल तक बदलता रहा ठिकाने, अब बबली गिरोह का इनामी हार्डकोर सदस्य गिरफ्तार
धारकुंडी के केस में था फरार, यूपी में दबिश देकर पुलिस ने दबोचा; कभी ठोकिया से जुड़े गिरोह की कड़ी बना था
सतना। तराई में कभी दहशत का पर्याय रहे बबली कोल गिरोह का हार्डकोर सदस्य संतोष उर्फ ऊदल (40) आखिरकार 11 साल बाद पुलिस के हाथ लग गया। धारकुंडी थाने के अपहरण, मारपीट और एडी एक्ट के प्रकरण में फरार संतोष पर इनाम घोषित था और कोर्ट से स्थायी वारंट भी जारी हो चुका था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने उत्तरप्रदेश के बारामाफी में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस गिरोह के साथ संतोष ने अपराध की दुनिया में कदम रखा, उसकी कहानी भी तराई के कुख्यात डकैत गिरोहों से जुड़ी है। बबली कोल और लवलेश कोल पहले ठोकिया गिरोह से जुड़े, फिर डकैत सुंदर पटेल और बलखड़िया के साथ तराई में अपराध का नेटवर्क मजबूत करते गए। इनके मारे जाने के बाद बबली ने गिरोह की कमान संभाल ली और अपहरण, रंगदारी, डकैती समेत कई