
चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी से पत्नी निकहत अंसारी की अवैध मुलाकात के मामले में गुरुवार को बांदा की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सुनवाई हुई। करीब 3 तारीखों के बाद अब्बास अंसारी और निकहत पहली बार कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान अब्बास अंसारी ने अपनी जान को खतरा बताया।
अब्बास अंसारी ने कोर्ट में अर्जी दी। उन्होंने कहा- उनके पिता मुख्तार अंसारी एक मामले में शिकायतकर्ता थे। वह उस केस की पैरवी कर रहे हैं। इसी वजह से कोर्ट आने-जाने के दौरान उन्हें खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने अगली तारीखों पर सुरक्षा देने की मांग की। कोर्ट ने अब्बास अंसारी की अर्जी को स्वीकार कर लिया।
गुरुवार दोपहर 12 बजे विधायक अब्बास अंसारी पत्नी निकहत अंसारी के साथ 5 गाड़ियों का काफिला लेकर कोर्ट पहुंचे। अब्बास की गाड़ी कोर्ट परिसर के अंदर गई। बाकी गाड़ियां बाहर खड़ी रहीं। वह करीब ढाई घंटे तक कोर्ट के अंदर रहे। गुरुवार को मामले में आरोप तय होने थे।
हालांकि सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इस वजह से आरोप तय नहीं हो सके। आरोपी फराज खान ने डिस्चार्ज अर्जी दी। नियाज अंसारी ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। एक अन्य आरोपी जगमोहन केंद्रीय जेल में बंद है।
वह किसी कारण से कोर्ट में पेश नहीं हो सका। आरोपियों की गैरमौजूदगी के कारण कोर्ट ने आरोप तय करने की कार्रवाई टाल दी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर 2026 की तारीख तय की है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार निखत अपने पति अब्बास से अक्सर मिलने के लिए चित्रकूट जेल जाती थीं। इस बात का इनपुट चित्रकूट DM और SP को गोपनीय तरीके से मिल गया था। 11 फरवरी को भी यही जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद जेल में रेड की गई। यहां एक कमरे में निखत बानो मिली।
जिस कमरे में निखत थी, उसके बाहर ताला बंद था। पुलिस के मुताबिक, अफसरों के पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही अब्बास को जेलकर्मियों ने निकाल दिया था। चेकिंग में निखत के पास से विदेशी करेंसी और मोबाइल बरामद हुआ था। पूछताछ के बाद निखत को अरेस्ट कर लिया गया था।