शव की जगह परिजनों को सौंप दी दूसरी लाश, अंतिम संस्कार को भेज दिया बीगन दास का शव
गया, मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शवों के रखरखाव और पहचान को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरारू थाना क्षेत्र के बर्मा गांव निवासी करीब 60 वर्षीय बीगन दास की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस से उनके स्वजन को किसी दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया गया। बाद में अस्पताल कर्मियों ने स्वजन को बताया कि बीगन दास के शव को लावारिस समझकर अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है। जानकारी मिलते ही स्वजन आनन-फानन में विष्णुपद स्थित श्मशान घाट पहुंचे, जहां एक शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। घटना को लेकर स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
बताया जाता है कि बीगन दास शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान सड़क किनारे एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बीगन को राहगीरों ने गुरारू पीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। स्वजन शाम करीब सात बजे उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
रातभर मॉर्चरी के पास रहे स्वजन
स्वजन के अनुसार, चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कराने की बात कही थी। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को मॉर्चरी में रखवा दिया गया। स्वजन रातभर अस्पताल में ही शव की रखवाली करते रहे। अगले दिन करीब 10 बजे शव को पोस्टमार्टम हाउस में जमा कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब स्वजन शव लेने पहुंचे तो उन्हें बीगन दास की जगह दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया गया। चेहरे से कपड़ा हटाने पर स्वजन ने शव की पहचान से इनकार कर दिया।
'आपके स्वजन का शव तो जला दिया गया'
स्वजन ने जब बीगन दास के शव के बारे में अस्पताल कर्मियों से जानकारी मांगी तो उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि शव को लावारिस समझकर अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है। यह सुनकर स्वजन के बीच अफरातफरी मच गई। वे निजी वाहन से विष्णुपद स्थित श्मशान घाट पहुंचे। वहां एक शव की चिता जल रही थी। स्वजन ने चिता की पहचान को लेकर आपत्ति जताई और शव को सुरक्षित करने की कोशिश की।
पूर्व विधायक ने अधिकारियों को दी सूचना
मामले की जानकारी जहानाबाद के मखदुमपुर के पूर्व विधायक सतीश दास को मिली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने स्वजन से आवेदन देने को कहा। स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन और मगध मेडिकल थाना में शिकायत देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्राचार्य ने कहा- कर्मचारियों ने स्वीकार की चूक
मगध मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य लता द्विवेदी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि लावारिस शव को ले जाने और अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। शव की पहचान में कहां चूक हुई और किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को वापस आने के बाद मामले में जांच बैठाई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
शव प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल में शवों की पहचान, टैगिंग और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्वजन का कहना है कि यदि शवों की पहचान के लिए उचित व्यवस्था और रिकॉर्ड मौजूद था तो एक व्यक्ति का शव दूसरे के रूप में कैसे सौंप दिया गया। मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शव की अदला-बदली किस स्तर पर हुई और लावारिस शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजने की प्रक्रिया में कहां चूक हुई।
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