आज दिनांक-12.09.2026 को डॉ प्रदीप कुमार,उप विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी की अध्यक्षता में मनरेगा योजना की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई। उक्त बैठक में निदेशक, एन०ई०पी०, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (VV-G RAM G), कार्यपालक अभियन्ता (W-G RAM G). सहायक अभियन्ता (VV-G RAM G), कार्यक्रम पदाधिकारी (VV-G RAM G), कनीय अभियन्ता एवं पंचायत तकनीकी सहायक उपस्थित थे।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिला स्तर पर 22.20 प्रतिशत की उपलब्धि है, जबकि राज्य स्तर पर 21.88 प्रतिशत की उपलब्धि है। कुछ प्रखण्डों की उपलब्धि निराशाजनक पायी गई, जिसमें कल्याणपुर प्रखण्ड में 9.77 प्रतिशत, मेहसी प्रखण्ड में 9.92 प्रतिशत, बंजरिया प्रखण्ड में 13.43 प्रतिशत, संग्रामपुर प्रखण्ड में 15.32 प्रतिशत, कोटवा प्रखण्ड में 15.67 प्रतिशत, चिरैया प्रखण्ड में 17.00 प्रतिशत एवं रामगढ़वा प्रखण्ड में 17.30 प्रतिशत है। मानव दिवस सृजन में सबसे कम उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रखण्ड यथा-कल्याणपुर, मेहसी एवं बंजरिया के कार्यक्रम पदाधिकारी को स्पष्टीकरण किया गया है। साथ ही सभी संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को कम से कम 50 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त करने का निदेश दिया गया।
पी०एम०ए०वाई०जी० अभिसरण समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिला स्तर पर कुल 23957 योजनाओं में से 2967 योजनाओं में एम०आर० निर्गत कर 12.20 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है, जिसमें कुछ प्रखण्डों यथा- पताही, पिपराकोठी, कोटवा, संग्रामपुर, तेतरिया, मेहसी, अरेराज, बंजरिया, चिरैया, छौड़ादानों, सुगौली, पकड़ीदयाल, चकिया, ढ़ाका, तुरकौलिया एवं आदापुर की उपलब्धि असंतोषजनक है। चूँकि इन प्रखण्डों का औसत उपलब्धि जिला के औसत उपलब्धि से कम है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को पी०एम०ए०वाई०जी० अभिसरण में एक सप्ताह के अन्दर अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने का निदेश दिया गया।
ई०-के०वाई०सी० समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में कुल 436597 सक्रिय मजदूरों में से 394008 मजूदरों का ई० के०वाई०सी० कर जिला स्तर पर 90.28 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है जबकि राज्य की उपलब्धि 89.83 प्रतिशत है। कुल 42433 ई०-के०वाई०सी० हेतु लंबित है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर शत-प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई० के०वाई०सी० कराने का निदेश दिया गया ।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जियो टैगिंग में जिला स्तर पर प्रथम फेज में 09 मामले, द्वितीय फेज में 1546 एवं तृतीय फेज में 1907 मामले लंबित है, जिसमें तृतीय फेज में सबसे अधिक मामले पकड़ीदयाल प्रखण्ड में 201, केसरिया प्रखंड में 176,
घोड़ासहन प्रखण्ड में 148, बनकटवा प्रखंड में 139, कल्याणपुर प्रखंड में 139, चिरैया प्रखंड में 102, चकिया प्रखंड में 100 मामले लंबित है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर तीनों फेज के सभी लंबित मामले का निष्पादन कराने का निदेश दिया गया।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि मनरेगा के तहत कुल 43399 योजनाएँ प्रारंभ की गई, जिसमें 2287 योजनाएँ पूर्ण कर 5.27 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त की गई है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कार्य योजना बनाते हुए कम से कम 90 प्रतिशत अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
वृक्षारोपण योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष-2026-27 के लिए जिला स्तर पर 950400 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें मात्र 36.09 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजना प्रारंभ करने का निदेश दिया गया।
जल जीवन हरियाली अंतर्गत पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षा रोपण, भवनों में छत वर्षा जल संचयन की संरचना का निर्माण एवं सार्वजानिक कुओं एवं चापाकलो के किनारे सोख्ता निर्माण की गहन समीक्षा की गई। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को लंबित कार्य पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
सोसल ओडिट की सभी मामले की समीक्षा की गई सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को लंबित मामले को पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar