Public App Logo
Profile Picture

East Champaran (Motihari) District Administration

@dpromotihari
1940Followers
5Following
अभियान बसेरा के तहत वासभूमि के लिए पात्र भूमिहीन परिवार अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा करें। अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी के बहकावे में न आए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Video 1
Video 2
Video 3
Video 4
Video 5
Video 6
प्रेस विज्ञप्ति

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बिरता टोला, वार्ड संख्या 29, रघुनाथपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मोतिहारी, 20 सितम्बर 2026।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के तत्वावधान में दिनांक 20.09.2026 को NPS, बिरता टोला, वार्ड संख्या 29, रघुनाथपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 एवं नागरिकों के मौलिक कर्तव्य” रहा।

कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता पूनम कुमारी वर्मा एवं उज्जवल कुमार द्वारा उपस्थित लोगों को सरल एवं व्यवहारिक भाषा में उनके कानूनी अधिकारों, संवैधानिक कर्तव्यों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।

सूचना का अधिकार अधिनियम की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को लोक प्राधिकरणों के पास उपलब्ध सरकारी अभिलेखों एवं सूचनाओं तक पहुँच का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।

उपस्थित लोगों को समझाया गया कि वे किसी सरकारी योजना, आवेदन, निर्माण कार्य, स्वीकृत राशि, कार्यादेश, भुगतान विवरण अथवा किसी सरकारी कार्यालय में लंबित आवेदन से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की जानकारी संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO) से मांग सकते हैं।

यह भी बताया गया कि RTI आवेदन के लिए कठिन कानूनी भाषा की आवश्यकता नहीं है तथा सूचना मांगने वाले व्यक्ति को सामान्यतः यह बताने की आवश्यकता नहीं होती कि उसे सूचना किस कारण चाहिए। सामान्य मामलों में सूचना उपलब्ध कराने की समय-सीमा 30 दिन है, जबकि किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित सूचना के मामले में 48 घंटे का प्रावधान है।

इस अवसर पर लोगों को यह संदेश दिया गया—

“सूचना से जागरूकता आती है, जागरूकता से जवाबदेही आती है और जवाबदेही से लोकतंत्र मजबूत होता है।”

मौलिक अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

कार्यक्रम में भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचार के अधिकार के बारे में उदाहरण देकर समझाया गया।

बताया गया कि कानून की नजर में सभी व्यक्ति समान हैं तथा जाति, धर्म, लिंग या जन्मस्थान जैसे आधारों पर अनुचित भेदभाव संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। प्रत्येक व्यक्ति को कानून के अधीन गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।

बच्चों के संदर्भ में बताया गया कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। साथ ही मानव तस्करी, बेगार एवं जबरन मजदूरी के निषेध तथा बच्चों को खतरनाक रोजगारों से संरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

लोगों को सरल शब्दों में संदेश दिया गया—

“अपने अधिकारों को जानिए, लेकिन दूसरों के अधिकारों का भी उतना ही सम्मान कीजिए।”

नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों की जानकारी

कार्यक्रम में संविधान के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत वर्णित नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

लोगों को संविधान, राष्ट्रध्वज एवं राष्ट्रगान का सम्मान करने, देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने, सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बढ़ाने, महिलाओं की गरिमा का सम्मान करने, सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यावरण की रक्षा करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभिभावकों को यह भी बताया गया कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना भी एक संवैधानिक कर्तव्य है।

इस अवसर पर कहा गया—

“अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं। जागरूक नागरिक वही है जो अपने अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों और अपने संवैधानिक कर्तव्यों का भी सम्मान करे।”

DLSA के कार्यों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।

बताया गया कि DLSA का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक, सामाजिक अथवा अन्य कठिनाइयों के कारण कोई पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रह जाए।

DLSA के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को परिस्थितियों के अनुसार निःशुल्क विधिक सलाह, अधिवक्ता की सहायता, न्यायालयीन कार्यवाही में कानूनी सहायता, लोक अदालत के माध्यम से समझौता योग्य विवादों के समाधान तथा विधिक जागरूकता एवं मार्गदर्शन जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।

इसके अतिरिक्त लोगों को असंगठित क्षेत्र के कामगारों, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों, एसिड अटैक पीड़ितों, दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संबंधित विधिक सेवा योजनाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई।

जरूरतमंद व्यक्तियों से कहा गया कि वे विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही NALSA की टोल-फ्री कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों से आह्वान किया गया कि वे—

“अपने अधिकारों को जानें, अपने कर्तव्यों का पालन करें, कानून का सम्मान करें और किसी भी कानूनी समस्या में सही एवं समय पर विधिक सहायता प्राप्त करें।”

कार्यक्रम का समापन विधिक जागरूकता के संदेश तथा “न्याय सबके लिए” की भावना के साथ किया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
अभियान बसेरा को लेकर मुख्यालय पटना से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके उपरांत जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव के द्वारा अपर समाहर्ता पूर्वी चंपारण मोतिहारी को निर्देश दिया गया कि वैसे सभी लोग जिन्हें वास भूमि नहीं है, का आवेदन प्राप्त किया जाए। 
अपर समाहर्ता को निर्देश दिया गया कि सभी अंचल अधिकारियों से इसको लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाय। 
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच करने के उपरांत उस पर अग्रेतर कार्रवाई की जाय।
   अपर समाहर्त्ता  द्वारा बताया गया कि पिछले 15 अगस्त को अभियान बसेरा अंतर्गत जिला में कुल 1429 लोगों को भूमि का पर्चा उपलब्ध कराई गई थी।
 प्रखंड बार देखा जाए तो रक्सौल में 53, चकिया में 219,रामगढ़वा में 78, केसरिया में 102, घोड़ासहन में 45, चिरैया 65,ढाका 94,पताही 38 पकड़ी दयाल 52 बनकटवा 42, छौड़दानों 25 तेतरिया 26 कल्याणपुर 52 मेहसी 66 तुरकौलिया 44 आदापुर 52 अरेराज 24 बंजरिया 57 हरसिद्धि 26 मोतिहारी 22 मधुबन 52 पहाड़पुर 32 संग्रामपुर 37 पिपरा कोठी 49 कोटवा 12 सुगौली 29 और फेनहारा में 36 लाभुकों  को अभियान बसेरा के अंतर्गत पर्चा दिया गया था। अपर समाहर्त्ता के द्वारा बताया गया कि यह अभियान लगातार चल रहा है और इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है लेकिन इस कार्य को और अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता श्री मुकेश कुमार सिंहा और उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार भी उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण विकास की योजनाओं के प्रगति की समीक्षा:

समीक्षा में पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 एवं 2025-26 प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिला स्तर पर 106343 लक्ष्य के विरूद्ध 106286 आवास स्वीकृत किये गये है तथा 57 स्वीकृति हेतु लंबित है। कल्याणपुर-12, रामगढ़वा-10, मधुबन 8 में सबसे ज्यादा स्वीकृति लंबित है इसी प्रकार अन्य प्रखंड में भी लंबित है। संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के अन्दर नियमानुकूल शत् प्रतिशत आवासों की स्वीकृति कराना सुनिश्चित करें या रिमाण्ड योग्य हो तो नियमानुकूल अविलम्ब रिमाण्ड कराये।

 प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 एवं 2025-26 में कुल 48801 लाभुकों को तृतीय किश्त का भुगतान किया गया है तथा कुल-37563 आवासों का पूर्ण कराया गया है तथा तृतीय किस्त के विरूद्ध अपूर्ण आवासों की संख्या 11238 है। जिसमें सबसे ज्यादा ढाका, चिरैया एवं छौडादानों में क्रमशः 1102, 735, 722 तृतीय किस्त देने के बाद आवास अपूर्ण है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि तृतीय किश्त भुगतान प्राप्त लाभुकों का 90 कार्य दिवस मनरेगा मजदूरी दिलाते हुए आवासों का पूर्ण कराना सुनिश्चित करे।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एंव 2025-26 के तहत लाभुकों का भुगतान हेतु SNA SPARSH के माध्यम से प्राप्त राशि के विरूद्ध 89.56 प्रतिशत राशि का भुगतान हुआ है। जिसमें सबसे कम मेंहसी, रामगढ़वा, तुरकौलिया क्रमशः 64.70. 76.77, 82.02 प्रतिशत भुगतान हुआ है। बनकटवा, बंजरिया, तेतरिया एवं घोड़ासहन प्रखंड द्वारा प्राप्त आवंटन का शत् प्रतिशत खर्च कर दिया गया है। शेष सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि प्राप्त राशि के विरूद्ध शत् प्रतिशत भुगतान करना सुनिश्चित करे।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत आवास स्वीकृति के विरूद्ध सबसे ज्यादा लंबित प्रथम किस्त एफ०टी०ओ० वाले प्रखंड मधुबन, बनकटवा, रामगढवा क्रमशः 202, 185 एवं 175 है। प्रथम किस्त के विरूद्ध सबसे ज्यादा लंबित द्वितीय किस्त एफ०टी०ओ० वाले प्रखंड चकिया, केसरिया एवं तुरकौलिया क्रमशः 1473, 1303 एवं 1239 है। द्वितीय किस्त के विरूद्ध सबसे ज्यादा लंबित तृतीय किस्त फ०टी०ओ० वाले प्रखंड चिरैया, केसरिया, तुरकौलिया क्रमशः 2348, 2239, 2095 है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि लंबित एफ०टी०ओ० को जेनरेट कराना सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (2018-19 से 2025-26) इस योजना के तहत जिला स्तर पर 2203 लक्ष्य के विरूद्ध 2037 आवास पूर्ण हो चुके है तथा 166 आवास लंबित है। चिरैया, कोटवा, मेंहसी में सबसे ज्यादा क्रमशः 15, 13, 13 लंबित है। संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि लंबित आवासों को नियमानुकूल पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

 मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना (2023-24 से 2025-26) इस योजना के तहत जिला स्तर पर 2890 लक्ष्य के विरुद्ध 2840 आवास पूर्ण हो चुके है तथा 50 आवास लंबित है। आदापुर, रामगढ़वा, रक्सौल में सबसे ज्यादा क्रमशः 6, 6, 6 लंबित है। संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि लंबित आवासों को नियमानुकूल पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
आज दिनांक 19.09.2026 को उप विकास आयुक्त, मोतिहारी की अध्यक्षता में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर समीक्षा किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए:

व्यक्तिगत शौचालय के लंबित प्रोत्साहन राशि एवं लंबित आईएचएचएल के जियो टैगिंग कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

एक सप्ताह में 306 शौचालय का जियो टैग कराया गया है।

महादलित टोलों में जिन घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, वैसे सभी गाँव में IEC एक्टिविटी चला कर शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने तथा इस हेतु जीविका के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लाबुकों के खाते हैं प्रोत्साहन राशि प्राप्त होने के उपरांत उक्त ऋण राशि को जीविका को समय पर वापस लौटाने हेतु निर्देशित किया गया।

सभी पंचायत में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य को दैनिक रूप से कराने का निर्देश दिया गया है।

लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र को संबंधित प्रखंडों से यथाशीघ्र भेजने का निर्देश दिया गया।

स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत 17 SEP से 2 OCT 2026 के बीच स्वच्छता से सम्बंधित गतिविधि का आयोजन एवं उसका समापन भी निश्चित समय के भीतर करने को कहा गया है।

जिस पंचायत में जमीन के आभाव से WPU नही बन पाया है वहां मिनी WPU बनाने का निर्देश दिया गया है।

उक्त समीक्षा बैठक में डीआरडीए निदेशक, लेखा एवं एलएसबीए (LSBA) की जिला टीम उपस्थित रही।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
*प्रेस विज्ञप्ति*
 आज दिनांक-19.09.2026 को श्रम अधीक्षक, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी सत्य प्रकाश द्वारा शनिवारीय जनता दरबार में 04 बकाया मजदूरी से संबंधित शिकायतों का सुनवाई किया गया! सुनवाई के दौरान 01 शिकायत पत्रों का निष्पादन किया गया और नियोजको से 1,50,000/- की राशि श्रमिकों को दिलाई गई।
 सत्य प्रकाश, श्रम अधीक्षक, पूर्वी चंपारण द्वारा पूर्वी चंपारण जिले सभी श्रमिकों से अनुरोध किया गया कि अगर किसी भी श्रमिक का बकाया राशि उनके नियोजनक द्वारा नहीं दिया जाता है तो श्रमिक अपना शिकायत श्रम अधीक्षक कार्यालय में प्रत्येक शनिवार को आवेदन समर्पित कर सकते हैं! उनके आवेदन पर नियमानुकूल कार्रवाई करते हुए! उनके बताए राशि का भुगतान उनके नियोजन द्वारा कराया जाएगा।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार
Video 12
Video 13
Video 14
Video 15
Video 16
Video 17
Video 18
Video 19
Video 20
Video 21
Video 22
Video 23
Video 24