जमुई: सदर अस्पताल में 70 मरीजों ने ओपीडी के लिए कराया पंजियन, ओपीडी रहा बंद
अरवल के सिविल सर्जन के साथ हुई मा^र^पी^ट की घटना के चार दिन बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के राज्यव्यापी आह्वान के तहत पूरे बिहार में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद रही। इसका असर सदर अस्पताल में भी देखने को मिला, यहां भी बुधवार की शाम 5:00 बजे तक पूरी तरह ओपीडी सेवा बाधित रही, ओपीडी कक्ष के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे कई मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। खासकर ओपीडी के मरीजों को व उनके स्वजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, हालांकि सदर अस्पताल का इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से बहाल रही, जहां गंभीर मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात रहे।
अचानक डाक्टर के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही भीड़ पंजीयन काउंटर पर लगनी शुरू हो गई थी। करीब 70 मरीजों का पंजिया भी किया गया लेकिन डाक्टर के ओपीडी में नहीं रहने की वजह से मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
ख़ैरा निवासी रामदेव यादव, सुशील कुमार, निमारंग भछियार निवासी सरयुग मांझी, रोहित कुमार, ममता देवी के अलावा अड़सार के मैयो. महफूज, गरसंडा गांव निवासी राहुल कुमार, कंचन देवी के अलाव ममता देवी, सरोजनी देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि हमलोग सुबह आठ बजे से ही चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे हैं। जब काफी देर तक चिकित्सक नहीं आये तब स्वास्थ्य कर्मियों से पूछने पर उनलोगों ने सभी डाक्टर के हड़ताल पर चले जाने की जानकारी दी। जिस वजह से उन लोगों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है।
वहीं डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि अरवल सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के साथ मा^र-पी^ट मामले में पूरे बिहार में ओपीडी सेवा बंद करने का आह्वान किया गया था, जिसको लेकर चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा से खुद को अलग रखा। सदर अस्पताल का इमरजेंसी सेवा बहाल रही। चिकित्सा इमरजेंसी में आए मरीजों का इलाज करते रहे। गुरुवार से हमेशा की तरह ओपीडी सेवा बहाल रहेगी। #jamuitopnews #jamuibihar #healthvibhag #health #jamuidistrict
Jamui, Jamui | Jul 23, 2026