जमुई: पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन हुआ समाप्त
बिना कारण के वरिष्ठ अधिवक्ता सह पत्रकार रूपेश सिंह को पकड़कर साइबर थाना लाने के विरोध में विधिज्ञ संघ का अनिश्चितकालीन धरना के तीसरे दिन बुधवार की शाम करीब 5:00 बजे DM नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल कोर्ट परिसर पहुंचे और जज के समक्ष संघ के जिलाध्यक्ष सीताराम सिंह और सचिव अमित कुमार से वार्ता हुई और अधिकारियों ने गलती को स्वीकार किया इसके बाद संघ ने धरना को समाप्त करने का एलान कर दिया, लेकिन कई अधिवक्ताओं ने धरना को समाप्त करने का विरोध भी जताया। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे लोगों का भी सम्मान और प्रतिष्ठा है। हमलोगों ने एकसाथ मिलकर पुलिस प्रशासन के कार्यशैली और गलत व्यवहार का विरोध किया है, तो डीएम और एसपी को भी धरना स्थल पर अधिवक्ताओं के समक्ष आकर वार्ता करनी चाहिए थी न कि बंद कमरे में। आगे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी से मिलने हमलोग साइबर थाना गए थे, 06 घंटे तक साइबर थाना में अड़े रहे, लेकिन एक भी पुलिस पदाधिकारी मिलने नहीं पहुंचे, नतीजतन दूसरे दिन कोर्ट के सारे कार्यों को ठप कर कोर्ट परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना का एलान कर दिया गया, फिर भी दूसरे दिन पदाधिकारी वार्ता करने नहीं आए और आज तीसरे दिन शाम में डीएम और एसपी पहुंचे और एक कमरे में बंद कर वार्ता किया गया जो गलत है। इसको लेकर अधिवक्ताओं ने जमकर आक्रोश भी जताया, लेकिन फिर समझाबुझा कर आपस में मामले को फिलहाल शांत कर दिया गया।
दरअसल वरिष्ठ अधिवक्ता सह पत्रकार रूपेश सिंह द्वारा टाउन थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ी के पास 19 सितंबर की शाम छात्रा के साथ छेड़खानी मामले में पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए मुख्य अभियुक्त नंदन यादव से जुड़े आवश्यक कानूनी जानकारी के साथ फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में अधिवक्ता और डीएस यानि डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉक्टर थनीष कुमार के बीच फोन पर हुई बातें का ऑडियो क्लिप डालकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई थी। यह पोस्ट पुलिस प्रशासन को नागवार गुजरी, जिस वजह से उन्हें बिना जांच पड़ताल के पकड़कर थाना लाया गया था। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने डीएम यानि जिलाधिकारी के बारे में कुछ कॉमेंट की है, जबकि वीडियो में डीएम नहीं बल्कि डीएस कहा जा रहा है, जांच के बाद अधिवक्ता को छोड़ दिया गया है और गलतफहमी में थाना लाने की बात कही गई थी। इसके बाद विधिज्ञ संघ का भी आक्रोश फुट पड़ा था और जिला व पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया और विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दी गई थी। इसके बाद तीसरे दिन वार्ता हुई और धरना समाप्त करने का एलान कर दिया गया। #jamuinews #jamuitopnews #advocate #advocatelife #protest #jamuiPolice #spjamui #dmjamui
Jamui, Jamui | Oct 1, 2026