937 मामलों का निपटारा, ₹2.71 करोड़ की समझौता राशि तय
जहानाबाद : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देश पर शनिवार को जहानाबाद न्याय मंडल में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सतीश कुमार देव ने अपर समाहर्ता विभागीय जांच विनय कुमार समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारियों की मौजूदगी में किया।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय मिलता है। इसमें न्याय शुल्क नहीं लगता और समय व धन की भी बचत होती है। आपसी सहमति और सुलह-समझौते से विवादों का निपटारा होने से समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण कायम होता है।
लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामलों, बैंक ऋण, बिजली, पारिवारिक एवं दांपत्य विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, बीएसएनएल, परिवहन चालान, माइनिंग समेत लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया। इसके लिए आठ न्याय पीठों का गठन किया गया था।
937 मामलों का हुआ निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 937 मामलों का निष्पादन किया गया। न्यायालय से संबंधित 365 मामलों में 1,06,86,416 रुपये की राशि का निपटारा हुआ। दो वैवाहिक मामलों का भी आपसी सुलह-समझौते से निष्पादन किया गया। बैंक से संबंधित 568 मामलों में 2,71,06,459 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जिसमें 1,91,04,788 रुपये की राशि प्राप्त हुई। बीएसएनएल के दो मामलों में 3,653 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
लोक अदालत में सतीश कुमार देव, इनायत करीम, मिट्ठू सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कौशलेंद्र कुमार शुक्ला, अंकित राजन, रितु कुमारी, मनीष कुमार और चित्र कुंदन समेत न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने मामलों की सुनवाई की। पैनल अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को सुलह-समझौते के लिए विधिक सहायता उपलब्ध कराई।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मनोज पांडे, जिला परिवहन पदाधिकारी, अभियोजन पदाधिकारी शारदानंद कुमार, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों समेत बड़ी संख्या में पक्षकार मौजूद रहे। मंच का संचालन सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण एवं अधिवक्ता राजीव कुमार ने किया।