
सिपाही हत्याकांड में दरोगा पुष्पा पर गंभीर आरोप, पांच करोड़ के रिसॉर्ट की तैयारी का दावा
नालंदा। मद्यनिषेध विभाग के ईआईबी सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड में नामजद महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूर्व सहयोगियों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह राजगीर में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से रिसॉर्ट बनाने की योजना बना रही थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच में इनकी सत्यता स्पष्ट होना बाकी है।
मामले से जुड़े पूर्व सहयोगियों का आरोप है कि पुष्पा पुलिस की आधिकारिक टीम से अलग निजी लोगों का एक समूह अपने साथ रखती थी। उनके अनुसार, इस समूह में करीब 10 लोग शामिल थे, जिन पर शराब कारोबारियों के साथ कथित सांठगांठ, अवैध वसूली और निजी स्तर पर छापेमारी करने जैसे आरोप हैं। यह भी दावा किया गया है कि समूह के कुछ लोग हथियार लेकर चलते थे।
शराब कारोबारियों से वसूली का भी आरोप
पूर्व सहयोगियों के मुताबिक, पुष्पा के कार्यक्षेत्र में रहने के दौरान शराब की खेप पकड़ने और बाद में कथित तौर पर रकम लेकर मामले को निपटाने का खेल चलता था। एक मामले में शराब लदे वाहन को छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये तक लेने का आरोप लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, जब्त शराब की कथित हेराफेरी और शराब पीने के आरोप में पकड़े गए लोगों के परिजनों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ने के भी आरोप लगाए गए हैं।
आरोप लगाने वालों का कहना है कि सामान्य लोगों को वाहन में बैठाकर परिजनों से तीन हजार से साढ़े तीन हजार रुपये तक वसूलने के बाद छोड़ दिया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष आवश्यक हैं।
अजीत हत्याकांड में जांच पर टिकी नजरें
सिपाही अजीत कुमार की हत्या के मामले में पूर्व सहयोगियों ने दावा किया है कि घटना के दौरान चलती स्कॉर्पियो पर दोनों ओर से गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सरकारी और निजी हथियारों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। पावापुरी और हिलसा में कथित फायरिंग की पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए भी पुष्पा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रारंभिक आरोपों के अनुसार, अजीत की मौत को शराब तस्करों की गोलीबारी से जोड़कर पेश करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, घटना का वास्तविक घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।
संपत्ति की जांच की उठी मांग
पूर्व सहयोगियों ने आरोप लगाया है कि कथित अवैध कमाई के जरिए पुष्पा कुमारी बड़ी संपत्ति जुटाने की तैयारी में थी। इसी आधार पर उसकी संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच कराने की मांग उठ रही है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति या भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित एजेंसियां नियमानुसार कार्रवाई कर सकती हैं।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर करना जरूरी है। जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।