जनसुनवाई में 217 आवेदकों की सुनी समस्याएं
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मौके पर निराकरण के दिए निर्देश
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कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज जनसुनवाई में 217 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उसकी समस्या की जानकारी ली तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकांश आवेदनों का निराकरण तत्काल मौके पर ही करने का प्रयास किया गया।
जनसुनवाई में दिव्यांगजन भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिन आवेदकों के पास दिव्यांगता प्रमाण-पत्र नहीं था, उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजा गया। कलेक्टर ने कहा कि संबंधित दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
इसी प्रकार कई वृद्धजन एवं दिव्यांगजन ऐसे पहुंचे, जिनकी पेंशन पिछले कुछ महीनों से बंद थी अथवा उनके खाते में नहीं आ रही थी। कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा तत्काल पेंशन की स्थिति की जांच की गई। जिन हितग्राहियों की पेंशन खाते में पहुंच चुकी थी, उन्हें इसकी जानकारी दी गई। वहीं जिन हितग्राहियों का ई-केवाईसी नहीं हुआ था, उनका ई-केवाईसी कराकर पेंशन पुनः चालू कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अनाथ 17 वर्षीय बालक को मिलेगी ₹4 हजार प्रतिमाह सहायता
कलेक्टर श्री यादव कहा कि जनसुनवाई में एक 17 वर्षीय बालक अपनी समस्या लेकर आया, जिसके माता-पिता नहीं हैं। बालक महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत ₹4 हजार प्रतिमाह की सहायता के लिए पात्र है, लेकिन किसी कारणवश उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर तत्काल सहायता प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यदि बालक द्वारा पूर्व में आवेदन किया गया था और संबंधित अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई नहीं की, तो आवेदन की जानकारी प्राप्त कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
भूमि संबंधी शिकायत पर मृत्यु प्रमाण-पत्र की जांच के निर्देश
जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला ने शिकायत की कि मृत्यु प्रमाण-पत्र के आधार पर अन्य लोग उसकी जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। महिला ने बताया कि प्रमाण-पत्र जिला अस्पताल से जारी किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मृत्यु प्रमाण-पत्र की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यदि प्रमाण-पत्र गलत तरीके से जारी हुआ है, तो उसे निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। यदि प्रमाण-पत्र जिला अस्पताल से जारी नहीं हुआ है, तो यह पता लगाया जाए कि इसे किस व्यक्ति द्वारा जारी किया गया तथा संबंधित के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्र जारी किया जाए, ताकि महिला की भूमि सुरक्षित रह सके और उसे न्याय मिल सके।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि जनसुनवाई में विभिन्न प्रकार की समस्याएं लेकर आमजन पहुंच रहे हैं। तहसील से संबंधित प्रकरणों में तहसीलदार से तत्काल जानकारी लेकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य किस कारण से लंबित है। यदि प्रकरण नियमानुसार निराकरण योग्य है, तो संबंधित आवेदक को जानकारी देने के साथ आवश्यक कार्रवाई तत्काल कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें।
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9 views | Damoh, Madhya Pradesh | Sep 1, 2026