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Jansampark Damoh

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मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान
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पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सहजता, सम्मान और समय पर मिले, यही प्रशासन का लक्ष्य- कलेक्टर श्री यादव
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मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत पथरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कलेक्टर ने किया निरीक्षण, जनसंवाद और उद्यम संवाद के माध्यम से जानी समस्याएं
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कलेक्टर आज नरसिंहगढ़ क्षेत्र के ग्राम इमली जोग, बड़ागांव और सीता नगर पहुंचे
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            मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा विकासखंड पथरिया के विभिन्न ग्राम पंचायतों में भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद एवं उद्यम संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य शासकीय संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।

            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि बच्चों, वृद्धजनों, महिलाओं एवं आम नागरिकों के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और उसे सहजता, सम्मान तथा निर्धारित समय पर लाभ प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार भ्रमण एवं निरीक्षण किए जा रहे हैं।

            उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जिले के अधिकारियों ने लगभग 19 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर वास्तविक स्थिति के अनुरूप ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है। इससे संबंधित क्षेत्रों में मौजूद कमियों की पहचान करने, आवश्यक विकास कार्य निर्धारित करने तथा शासन की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और मात्रा पर विशेष ध्यान

            निरीक्षण के दौरान माध्यमिक शाला बड़ागांव में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के लिए घर जैसा भोजन, रोटी, दाल और सब्जी तैयार की जा रही थी। भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेनू के अनुरूप व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, हालांकि कहीं-कहीं भोजन की मात्रा कम दिखाई देने पर संबंधितों को पर्याप्त मात्रा में भोजन तैयार करने के निर्देश दिए गए।

            उन्होंने कहा बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार भरपेट भोजन मिलना चाहिए, ताकि वे रुचि के साथ भोजन करें, स्वस्थ रहें और मन लगाकर पढ़ाई कर सकें। भोजन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है।

आंगनवाड़ी में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों को करेंगे जागरूक

            कलेक्टर ने कहा निरीक्षण के दौरान एक आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई। केंद्र में लगभग 40 बच्चे दर्ज थे, जबकि निरीक्षण के समय केवल 10 से 12 बच्चे उपस्थित मिले। इस स्थिति को देखते हुए बच्चों के अभिभावकों को आंगनवाड़ी की उपयोगिता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

            उन्होंने कहा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सीखने, समझने और अपने ज्ञान को बढ़ाने का अवसर मिलता है। नियमित उपस्थिति से बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत होती है। अभिभावकों को इस दिशा में प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनवाड़ी भेजें।

स्वास्थ्य केंद्र में सभी चार कर्मचारी मिले उपस्थित

            श्री यादव ने कहा निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में सभी चार कर्मचारी उपस्थित पाए गए। विद्यालय में भी समस्त स्टाफ उपस्थित था तथा मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार तैयार किया जा रहा था। उन्होंने कहा आमजन के सहयोग और प्रशासन की निरंतर मॉनिटरिंग से शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। पूर्व में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

            उन्होंने कहा प्रशासन का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी से करे, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिकों को मिल सके।

जनसंवाद के माध्यम से जानी आमजन की समस्याएं

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे चर्चा कर यह जानकारी ली जा रही है कि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है और क्षेत्र के विकास के लिए किन कार्यों की आवश्यकता है। प्राप्त सुझावों और समस्याओं के आधार पर आवश्यक सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है।

            उन्होंने कहा जनसंवाद का उद्देश्य लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना तथा योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है। शासन और प्रशासन लगातार प्रयासरत हैं कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।

नशे से दूर रहें, बच्चों की शिक्षा को दें प्राथमिकता

            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आमजन से अपील की कि सभी लोग आपसी सहयोग और सद्भाव के साथ रहें तथा नशे से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ उसके पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करती है। नशे पर खर्च होने वाली राशि यदि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य के निर्माण पर खर्च की जाए, तो बच्चे शिक्षित होकर परिवार, समाज और जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।

            उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा शासन की योजनाओं की जानकारी से वंचित लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और जरूरतमंद हितग्राहियों की सहायता करें। पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी मंशा धरातल पर साकार हो सके।

            कलेक्टर ने मीडिया से भी अपील की कि समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे नागरिक जागरूक हों और अपने दायित्वों का स्वप्रेरणा से निर्वहन करते हुए विकास कार्यों में सहभागी बनें।
हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाएं- कलेक्टर श्री यादव
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मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 का काम 60-65 प्रतिशत ही पूरा
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लापरवाही और देरी करने वाली एजेंसियों पर लगेगी अधिकतम पेनल्टी
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दमोह-छतरपुर के 351 गांवों में जलापूर्ति योजना की धीमी गति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
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            दमोह और छतरपुर जिले के 351 गांवों में हर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित लगभग 350 करोड़ रुपये की मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 की धीमी प्रगति पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए परियोजना को समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ मिल सके।

            जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य वर्ष 2023 में प्रारंभ हुआ था और इसे वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना निर्धारित था। हालांकि, वर्ष 2026 में भी योजना का कार्य लगभग 60 से 65 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। कई स्थानों पर पानी की टंकियों से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जबकि फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य भी अभी शेष है। इस स्थिति को देखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और कार्यरत टीमों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

            कलेक्टर श्री यादव ने निर्देशित किया कि केवल एक टीम के माध्यम से कार्य कराने के बजाय निर्माण कार्य को अलग-अलग टीमों के जरिए समानांतर रूप से कराया जाए। इसके लिए प्रत्येक 10 टंकियों पर अलग-अलग सुपरवाइजर और निर्माण एजेंसियों को तैनात कर कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। इससे लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने में मदद मिलेगी।

            उन्होंने कहा जल निगम के एमडी तथा पीएचई के अधिकारियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे संबंधित निर्माण एजेंसी को कड़े निर्देश दें। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को निर्धारित समय पर पानी उपलब्ध हो सके।

            श्री यादव ने कहा कार्य में देरी करने वाली एजेंसियों पर पेनल्टी लगाई जा रही है। यदि इसके बावजूद कार्य में तेजी नहीं लाई गई और देरी जारी रही, तो संबंधित एजेंसियों पर अधिकतम पेनल्टी आरोपित करने की कार्रवाई की जाएगी।

            प्रशासन का उद्देश्य है कि परियोजना के शेष निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर दमोह और छतरपुर जिले के 351 गांवों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन का वास्तविक लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की पहल पर आयोजित यह जन विश्वास शिविर अत्यंत सफल सिद्ध हो रहा है- राज्यमंत्री श्री पटेल
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 ‘जन विश्वास’ अर्थात जनता का विश्वास और भरोसा- जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पटेल
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अभियान के माध्यम से सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच रहा है- गोपाल पटेल
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जनता से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाए- कलेक्टर श्री यादव
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स्वामित्व योजना के तहत सांकेतिक रूप से 20 हितग्राहियो को रजिस्ट्री वितरित
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नरसिंहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत भव्य जन विश्वास शिविर का आयोजन
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            नरसिंहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत भव्य जन विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया।

            प्रदेश के आनंद विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल नरसिंहगढ़ में आयोजित "मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर" में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने शिविर का अवलोकन किया और आमजनों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

            राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर आयोजित यह जन विश्वास शिविर अत्यंत सफल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में हर शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होने स्वामित्व योजना के लाभार्थियो को बधाई दी।

समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निराकरण

            श्री पटेल ने कहा शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं व आवेदनों को दर्ज किया जा रहा है। प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जो आवेदन स्थानीय स्तर पर हल नहीं हो पाते, उन्हें राज्य स्तर (भोपाल) तक भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा सभी आवेदनों की प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति (Status) आसानी से जान सकें और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

लाभार्थियों को दी शुभकामनाएं

            राज्यमंत्री श्री पटेल ने शिविर में उपस्थित हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ हेतु शुभकामनाएं दीं। साथ ही आगामी दीपावली पर्व की बधाई देते हुए सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की।

            जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह एक बहुत अच्छा और व्यापक अभियान है, जिसका नाम ‘जन विश्वास’ अर्थात जनता का विश्वास और भरोसा है। इस शिविर के माध्यम से सरकार आम जनमानस को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए तत्पर है।

            श्रीमती पटेल ने कहा कि पहले ग्रामीण जनता को अपने कामों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। किसी को पटेरिया, तो किसी को नरसिंहगढ़ या बटियागढ़ जाना पड़ता था। लेकिन अब इस शिविर में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति के कारण जनता को अपने कामों के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

            उन्होंने कहा इस शिविर के माध्यम से जनता के सभी कार्य एक ही स्थान पर आसानी से किए जा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रही है और जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है।

            गोपाल पटेल ने कहा शिविर में अधिकारियों और राज्यमंत्री जी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की, ताकि जिन किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, उन तक सहायता पहुंचाई जा सके और जनता व सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम को बेहद सराहनीय बताया है, जिसके माध्यम से सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच रहा है।

            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव  ने कहा शिविर में नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार के स्टॉल स्थापित किए गए थे। शिविर के दौरान आधार कार्ड अपडेशन, समग्र आईडी निर्माण और ई-केवाईसी अपडेशन का कार्य किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई।  किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाने सहित शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन व लाभ सुनिश्चित किए गए।

कलेक्टर ने जनता से लिया गया फीडबैक

            शिविर में उपस्थित नागरिकों से शासन की योजनाओं के संचालन को लेकर सीधा फीडबैक लिया गया। अधिकांश नागरिकों ने बताया कि उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।

विद्युत और जल संसाधन विभाग से जुड़ी समस्याओं का समाधान

            कलेक्टर श्री यादव ने मैदानी अमले को निर्देश देते हुए कहा कि जनता से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। किसानों को कृषि कार्य के लिए निर्धारित 10 घंटे बिजली समय पर उपलब्ध कराई जाए। गलत बिजली बिलों की शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर सुधार कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

            जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए बांधों के फाटकों (गेट्स) को समय पर बंद न किए जाने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 7 दिन के भीतर सभी फाटकों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और भू-जल स्तर रिचार्ज हो सके।

स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का वितरण हितग्राहियो को किया गया

            इस अवसर राज्यमंत्री श्री पटेल नें शिविर में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्रीयो  का वितरण किया गया।
नरसिंहगढ़ सीमेंट फैक्ट्री में श्रमिकों के हितों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता- कलेक्टर श्री यादव
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श्रमिको के वेतन में औसतन 36 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, 50 लाख रुपये से अधिक के एरियर्स का भुगतान शुरू
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हाई स्किल्ड श्रमिकों को वेतन में 52 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि
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वेतन वृद्धि और अन्य लाभों के माध्यम से श्रमिकों को प्रतिवर्ष 01 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक लाभ
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श्रमिकों के लिए नई मेस, चार रेस्ट रूम, 15 आरओ और सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था
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कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने किया नरसिंहगढ़ सीमेंट फैक्ट्री (हाइडेलवर्ग सीमेंट) का निरीक्षण, श्रमिको से की चर्चा उनके साथ किया नाश्ता  
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कुछ माह पहले कलेक्टर ने किया था माइसेम सीमेंट फैक्ट्री का औचक निरीक्षण
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व्यवस्थाओ एवं मानदेय में हुए बदलाव से श्रमिको में उत्साह
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            किसी भी फैक्ट्री या उद्योग की असली ताकत उसकी मशीनें नहीं, बल्कि उन मशीनों को चलाने वाले श्रमिक भाई होते हैं। उद्योग का विकास तभी सार्थक है, जब उसके साथ वहां कार्य करने वाले श्रमिकों का भी विकास हो, उन्हें सम्मान मिले, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनके अधिकारों का पूरा लाभ मिले। यह विचार कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नरसिंहगढ़ माइसेम सीमेंट फैक्ट्री के निरीक्षण के दौरान व्यक्त किए।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा पिछली बार फैक्ट्री के भ्रमण के दौरान श्रमिकों की कुछ समस्याएं सामने आई थीं। उन समस्याओं के समाधान, श्रमिकों के कल्याण और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा हाल ही में श्रमिकों से मुलाकात के दौरान उनके चेहरों पर मुस्कान और संतोष देखकर प्रसन्नता हुई। इससे स्पष्ट हुआ कि प्रबंधन द्वारा निर्देशों का पालन किया गया है और श्रमिकों को उसका लाभ मिलने लगा है।

वेतन में वृद्धि से श्रमिकों को प्रतिमाह आर्थिक लाभ

            कलेक्टर ने कहा कि माइंस और क्रशर में कार्य करने वाले श्रमिकों के वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। पहले जहां हाई स्किल्ड श्रमिकों को लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था, वहीं केंद्र सरकार की दरें लागू होने के बाद यह राशि बढ़कर 31 हजार रुपये से अधिक हो गई है। इससे संबंधित श्रमिकों को प्रतिमाह 11 हजार रुपये से अधिक का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के वेतन में औसतन 36 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

            उन्होंने कहा श्रमिकों के पुराने एरियर्स का भी निर्धारण कराया गया है। 50 लाख रुपये से अधिक की एरियर्स राशि का भुगतान किया जा रहा है, जिससे वर्ष 2025-26 से देय राशि का लाभ श्रमिकों को मिल सकेगा। कलेक्टर के अनुसार, वेतन वृद्धि और अन्य लाभों के माध्यम से श्रमिकों को प्रतिवर्ष एक करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक लाभ होने की बात कही गई है।

श्रमिकों को निःशुल्क टूल किट और सुरक्षा उपकरण

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप टूल किट और सुरक्षा उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने लगे हैं। इसके साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की राशि नियमित और व्यवस्थित रूप से जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रमिकों को भविष्य में अपने अधिकारों का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

            उन्होंने कहा श्रमिकों के उपचार की व्यवस्था को भी पहले की तुलना में बेहतर किया गया है। श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।

नई मेस, चार रेस्ट रूम और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

            श्री यादव ने कहा  निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की भोजन संबंधी समस्या भी सामने आई थी। पहले श्रमिकों को भोजन के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब उनके लिए नई मेस तैयार की गई है। यहां बेहतर डाइनिंग टेबल के साथ टीवी और एलईडी की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रमिक सुविधाजनक वातावरण में बैठकर नाश्ता और भोजन कर सकें।

            इसके अतिरिक्त श्रमिकों की सुविधा के लिए चार रेस्ट रूम बनाए गए हैं तथा फैक्ट्री परिसर में 15 आरओ लगाए गए हैं। इससे श्रमिकों को विभिन्न कार्यस्थलों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। साइकिल और मोटरसाइकिल चोरी होने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।

श्रमिकों के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार आवश्यक

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। ऐसा वातावरण बनाया जाना चाहिए, जिसमें प्रत्येक श्रमिक स्वयं को सम्मानित और सुरक्षित महसूस करे। किसी को यह नहीं लगना चाहिए कि वह श्रमिक है और कोई अन्य व्यक्ति उससे ऊपर है। सभी के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार होना चाहिए।

            उन्होंने कहा श्रमिकों के साथ संवाद बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन समय-समय पर फैक्ट्री का भ्रमण करेगा, श्रमिकों से चर्चा करेगा और उनके सुख-दुख तथा समस्याओं की जानकारी लेगा। यदि किसी श्रमिक को कोई परेशानी होती है, तो उसके समाधान के लिए प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

            कलेक्टर ने कहा श्रमिकों को यह विश्वास होना चाहिए कि जिले का प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने श्रमिकों के साथ भोजन करने और उनके बीच बैठकर संवाद करने को भी समानता, अपनत्व और सम्मान की भावना से जोड़ा। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन से अपेक्षा की कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का पूरा लाभ मिलता रहे।

एक श्रमिक केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण है- कलेक्टर श्री यादव

सुरक्षा सर्वोपरि, उत्पादन के लिए जोखिम न लें

            कलेक्टर ने श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काम नहीं करना चाहिए। एक श्रमिक केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उसका परिवार उसकी सुरक्षित वापसी की आशा करता है।

            उन्होंने कहा यदि उत्पादन कार्य में एक मिनट की देरी हो जाती है या उत्पादन में कुछ कमी रह जाती है, तो उसकी भरपाई अगले दिन अधिक मेहनत करके की जा सकती है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रत्येक श्रमिक को सावधानीपूर्वक कार्य करना चाहिए और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

संवाद और सहयोग से समस्याओं का समाधान करें

            कलेक्टर श्री यादव ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, समयबद्धता और सावधानी के साथ निभाएं। साथ ही, यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, तो उसे बातचीत और आपसी सहयोग के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करें।

            उन्होंने कहा फैक्ट्री का विकास प्रबंधन और श्रमिकों के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। दोनों के बीच विश्वास, सहयोग और बेहतर समन्वय होना आवश्यक है। फैक्ट्री प्रबंधन को भी श्रमिकों के अधिकारों और हितों का पूरा ध्यान रखना चाहिए, ताकि श्रमिक बेहतर वातावरण में काम कर सकें और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।

            कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रमिकों के कल्याण, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए फैक्ट्री प्रबंधन आगे भी बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का हित, उनकी सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
निवेश और नवाचार से शहरी विकास को मिलेगी गति। मध्यप्रदेश Urban Growth Conclave 2.0 में भविष्य के शहरों के निर्माण पर विचार-विमर्श होगा।

@DrMohanYadav51 @mpurbandeptt
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दमोह आरसेटी में स्वरोजगार के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण,
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18 से 50 वर्ष तक के व्यक्ति कर सकते हैं पंजीयन
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            ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दमोह में ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्थान द्वारा अक्टूबर एवं नवंबर 2026 में छह प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं।

            प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत जूट प्रोडक्ट मेकिंग (14 दिवस), सॉफ्ट टॉयज मेकिंग (14 दिवस), आर्टिफिशियल ज्वेलरी मेकिंग (14 दिवस), कैंडल मेकिंग (12 दिवस), पेपर कवर लिफाफा एवं फाइल मेकिंग (12 दिवस) तथा फास्ट फूड उद्यमी (12 दिवस) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से इच्छुक अभ्यर्थी विभिन्न व्यवसायों से संबंधित कौशल सीखकर स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

            संस्थान के अनुसार, 18 से 50 वर्ष तक के इच्छुक व्यक्ति आरसेटी में संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण, आवास, भोजन, चाय तथा स्टेशनरी आदि की व्यवस्था निःशुल्क रहेगी।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज

            इच्छुक अभ्यर्थियों को पंजीयन के लिए आधार कार्ड, राशन पर्ची एवं समग्र आईडी, पासपोर्ट साइज के चार फोटो, बैंक पासबुक, कम से कम आठवीं कक्षा की अंकसूची तथा परिवार के किसी सदस्य का जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।

यहां करें संपर्क

            ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दमोह का पता समन्ना बायपास रोड, सीता बावली, रूद्र पब्लिक स्कूल के पास, नया दमोह, जिला दमोह (म.प्र) है। संपर्क नंबर- 9893208233, 7746056122, 7828150877 एवं 6260224644।

            संस्थान के निदेशक ने इच्छुक युवक-युवतियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेकर कौशल विकास एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के लिए निवेशकों, विशेषज्ञों और हितधारकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगा Urban Growth Conclave 2.0।

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शहरों की बदलती जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं और बेहतर नियोजन समय की मांग हैं। Urban Growth Conclave 2.0 इसी दिशा में नए अवसर प्रस्तुत करेगा।

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मध्यप्रदेश के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल। Urban Growth Conclave 2.0 में विकास के नए आयामों पर चर्चा होगी।

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रबी सीजन में किसानों को सिंचाई हेतु अनवरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें - कमिश्नर श्री दिलीप कुमार
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परियोजनाओं हेतु लंबित भू-अर्जन के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर मुआवजा वितरित करें - कमिश्नर श्री दिलीप कुमार
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            कमिश्नर सागर संभाग श्री दिलीप कुमार की अध्यक्षता में कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग, म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी, ऊर्जा विकास निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल निगम के कार्यों की जिलेवार समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

            कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने कहा कि रबी सीजन में किसानों को सिंचाई हेतु अनवरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए खराब ट्रांसफार्मरों की जानकारी मांगी एवं उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभाग में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध रहें तथा संभाग की समस्त जिला पंचायतों में ट्रांसफार्मर की मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। औसत विद्युत प्रवाह की जानकारी मांगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई हेतु थ्री-फेस अनवरत विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए। नवीन सब स्टेशन, फीडर एवं विस्तार लाइनों की समीक्षा कर कहा कि रबी सीजन को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जल प्रदाय परियोजनाओं में गति लाने के निर्देश

            कमिश्नर ने जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जलप्रदाय परियोजनाओं की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जल प्रदाय परियोजनाओं में गति लाई जाए तथा 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिन गांवों में जल प्रदाय परियोजना से जल नहीं पहुंच पा रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। मोटर पंप मरम्मत का कार्य शीघ्रता से पूर्ण कर बंद पड़ी जल प्रदाय परियोजनाओं को शीघ्र शुरू किया। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की वजह से बंद जल परियोजनाओं की जानकारी मांगी तथा काम न करने वाले ठेकेदारों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

भू-अर्जन प्रकरणों के निराकरण के निर्देश

            कमिश्नर ने जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित सिंचाई परियोजनाओं की जिलेवार समीक्षा की। सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण कार्य, जल की उपलब्धता एवं सिंचाई क्षमता की समीक्षा की। उन्होंने सिंचाई परियोजना के तहत लंबित भू-अर्जन के प्रकरणों की समीक्षा कर निर्देश दिए कि भू-अर्जन के प्रकरणों को शीघ्रता से निराकृत कर मुआवजा वितरित किया जाए तथा सिंचाई परियोजनाओं में लंबित भुगतान की सूची प्रस्तुत की जाए।

            बैठक में ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित कुसुम परियोजना, प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना एवं पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।

            बैठक में मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, सागर संभाग, मुख्य अभियंता, म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी, सागर संभाग, जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी, ऊर्जा विकास निगम, अधीक्षण यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सागर संभाग, महाप्रबंधक, जल निगम (समस्त), सागर संभाग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में अवैध क्लिनिक, पैथोलॉजी का जांच कर उसकी रिपोर्ट दी जाए- कलेक्टर श्री यादव
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स्वामित्व योजना के तहत सभी एसडीएम पटवारी की नियमित बैठक लेकर कार्य में प्रगति लाना सुनिश्चित करें
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समय-सीमा बैठक में दिए गए अहम् दिशा निर्देश
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            जिले की प्रत्येक दवा दुकानों के कफ सिरप का गहन निरीक्षण किया जाये। इस कार्य को गंभीरता से और सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। जिले में अवैध क्लिनिक, पैथोलॉजी का जांच कर उसकी रिपोर्ट दी जाए। इस आशय के निर्देश कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने समय सीमा बैठक के दौरान दिए। उन्होने कहा निरीक्षण के लिए एक चेकलिस्ट तैयार कर सभी एसडीएम को मुहैया करा दी जाए और निर्देशानुसार कार्रवाई समय सीमा में पूरी कर ली जाए। 

            उन्होने दमोह से हटा निर्माणधीन सड़क के संबंध में जानकारी लेते हुए विभागीय अधिकारी से कहा है कि दूसरे एण्ड पर भी कार्रवाई तत्परता से कराई जाए ताकि आम जनों को आवागमन सुगम हो सके।  एमपीआरडीसी के उपस्थित अधिकारी ने बताया कि हटा से लक्ष्मण कुटी तक वन साइड सड़क का काम पूरा हो गया है, उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी से कहा जिले में सघन बस चेकिंग अभियान चलाया जाये।

            श्री यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कहा है कि प्रकरणों का तत्परता से एवं समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से कहा इस कार्य में तेजी से प्रगति लाई जाए। सभी एसडीएम पटवारी की नियमित बैठक लेकर प्रगति लाना सुनिश्चित की जायें।          

            कलेक्टर श्री यादव ने कृषि विभाग के अधिकारियो से कहा किसानो को समय पर और सुगमता से उवर्रक मिले। जिले में उर्वरक प्राप्त होने वाला है, उसकी सही प्लानिंग कर ली जाये, ताकि सभी केंद्रो पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहे।
राज्यमंत्री श्री पटेल 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में होंगे शामिल
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प्रदेश के आनंद विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल  23 अक्टूबर को नरसिंहगढ़ के ग्राम पंचायत भवन में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में सहभागिता करेंगे।
नरसिंहगढ़ के सामुदायिक भवन में आयोजित होंगे जन संवाद एवं उद्यम संवाद कार्यक्रम 23 अक्टूबर को
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            मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत 23 अक्टूबर 2026 को विकासखंड पथरिया के सम्मिलित क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में भ्रमण, निरीक्षण, जन संवाद एवं उद्यम संवाद सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेना, आमजन की समस्याओं को सुनना तथा उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

            इस कार्यक्रम में पथरिया विकासखंड की 19 ग्राम पंचायते पुरापायरा, पिपरौधाछक्का, असलाना, चिरौला, नरसिंहगढ, खैजराकला, रानगिर, बड़ागांव, मनकोरा, देवलाई, सीतानगर, इमलीजोग, पिपरियाचंपत, हरद्वानी, किशुनगंज, बरखेरादुर्गादास, जेरठ, जोरतला एवं ममरखा सम्मिलित हैं।

            कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत नरसिंहगढ़ में किया जाएगा। अभियान के तहत भ्रमण एवं निरीक्षण के माध्यम से शासकीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। वहीं, जन संवाद के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं, शिकायतों एवं आवश्यकताओं को सुनकर उनके निराकरण के लिए पहल की जाएगी। उद्यम संवाद के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका एवं स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
28 अक्टूबर 2026 को इंदौर में आयोजित होगा Madhya Pradesh Urban Growth Conclave 2.0। आइए, सतत और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ें।

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विकसित शहरों की पहचान है बेहतर नागरिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग। मध्यप्रदेश इसी विजन के साथ आगे बढ़ रहा है।

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अब केवल 6 दिन शेष! 28 अक्टूबर को इंदौर में Urban Growth Conclave 2.0 के माध्यम से शहरी विकास के नए अवसरों पर संवाद होगा।

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शहरों के विकास से समृद्ध भविष्य की ओर! मध्यप्रदेश Urban Growth Conclave 2.0 में आधुनिक अधोसंरचना और सतत शहरी विकास की संभावनाओं पर मंथन होगा।

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आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ पर्यावरण। मध्यप्रदेश के शहरों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।

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सफलता की कहानी
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ग्राम सरखड़ी में श्री सोनी द्वारा ज्वार की उन्नत खेती
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            कृषि विज्ञान केंद्र, दमोह के प्रगतिशील कृषक राजकुमार सोनी (राजू सोनी) द्वारा ग्राम सरखड़ी में बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, दमोह के तकनीकी मार्गदर्शन में लगभग 35 एकड़ क्षेत्रफल में ज्वार फसल की खेती की गई।  जिसमें प्रति एकड़ लागत छः से आठ हजार रूपये आती है एवं लगभग उत्पादन 15 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ प्राप्त होता है। बदलते मौसम एवं अलनीनो के प्रभाव को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, दमोह, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. मनोज कुमार अहिरवार की सलाह पर प्रगतिशील कृषक श्री राजकुमार सोनी द्वारा खरीफ मौसम में उड़द एवं सोयाबीन फसल में बदलाव कर कम पानी एवं कम खाद उर्वरक के उपयोग से अधिक उत्पादन हेतु ज्वार की खेती की गई।

             जिसके अंतर्गत वरिष्ठ तकनीकी सहायक, शस्य विज्ञान डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी द्वारा बुवाई से लेकर रोग कीट नियंत्रण एवं अन्य सभी प्रकार का मार्गदर्शन समय-समय पर दिया गया, जिसमें बांसा, सरखड़ी, कुमेरिया, दमोह इत्यादि क्षेत्रों के कृषकों के लिए एक नई फसल के रूप में ज्वार फसल लाभ के रूप में निकलकर आ रही है एवं मंडी में भी 4000 से 6000 रू. प्रति क्विंटल की दर से आसानी से विक्रय हो जाती है।
दमोह में एपीसी-बीआरसी परीक्षा संपन्न, 28 अभ्यर्थी शामिल
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            जिला शिक्षा केंद्र दमोह द्वारा एपीसी एवं बीआरसी पदों की पूर्ति के लिए 21 अक्टूबर 2026 को उत्कृष्ट विद्यालय दमोह में परीक्षा आयोजित की गई। दोपहर 12 से 3 बजे तक चली परीक्षा में प्रवेश पत्र प्राप्त सभी 28 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया गया था। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।
Madhya Pradesh Urban Growth Conclave 2.0' में शामिल हों और स्मार्ट गवर्नेंस व सतत अधोसंरचना के नए अवसरों पर मंथन का हिस्सा बनें।
राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता- राज्यमंत्री श्री लोधी
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शहीद जवानों के बलिदान से कायम है देश में अमन-चैन और शांति- सांसद श्री लोधी
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शहीदों के बलिदान को देश हमेशा रखेगा याद- विधायक श्री मलैया
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वीर जवानों का त्याग और बलिदान सदियों तक राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा - कलेक्टर श्री यादव
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शहीद जवानों का त्याग और समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा- पुलिस अधीक्षक श्री कलादगि
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पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस पर भव्य परेड आयोजित,
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154 शहीद जवानों को किया नमन
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                पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियो, अधिकारियों एवं उपस्थितजनों ने शहीद जवानों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम के दौरान परेड का आयोजन भी किया गया तथा शहीदों के सम्मान में श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये। इस अवसर पर संस्कृति राज्यमंत्री एवं अतिथियो द्वारा शहीद पुलिस अधिकारी स्व. मदन त्रिवेदी के परिजनो का शाल, श्रीफल से सम्मान किया गया।

           पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों के बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीद जवानों का त्याग और समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। इस आशय के विचार प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित भव्य परेड को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

            राज्यमंत्री श्री लोधी कहा कि राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होने कार्यक्रम के अंत में सभी शहीद जवानों को पुनः नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही उनके सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखने और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।      

            सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा सेना और पुलिस के जवान सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ बड़े आयोजनों एवं महत्वपूर्ण गतिविधियों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनके समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से ही जिले, प्रदेश और देश में अमन-चैन एवं शांति कायम रहती है।

        सांसद श्री लोधी ने कहा देश की सुरक्षा में समर्पित जवानों और उनके परिजनों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सभी जवानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा उनके साहस और बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवनयापन कर रहे हैं।

            दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि 21 अक्टूबर का दिन उन वीर शहीदों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की और नागरिकों को हमेशा सुरक्षित रखने का दायित्व निभाया। इन वीर जवानों का त्याग और बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता।

            विधायक श्री मलैया ने कहा देश की सुरक्षा और आम नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों के प्रति हम सभी के मन में सम्मान और कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए उनके चरणों में अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

           कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा समाज में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनेक वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी और कर्तव्य पालन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा देश के वीर सपूतों के विचार, उनका अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदियों तक प्रेरणा देते रहेंगे। उनके त्याग और बलिदान से हमें राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध होता है तथा देश की सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा मिलती है।

            उन्होंने कहा हम सभी को वीर जवानों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। साथ ही, राष्ट्र को समृद्ध, सशक्त और उन्नत बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। वीर जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करते हुए देश की प्रगति, एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

            पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस के अंतर्गत आज दमोह पुलिस लाइन में देशभर के उन पुलिसकर्मियों एवं अर्धसैनिक बल के जवानों को याद किया गया, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा इस अवसर पर 154 शहीद पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवानों के योगदान और बलिदान को स्मरण किया गया।

            श्री कलादगि ने कहा शहीद जवानों का त्याग और समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा। देश में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन जवानों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

            इस अवसर पर दमोह पुलिस द्वारा प्रस्तुत परेड के माध्यम से शहीद जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। पुलिस स्मृति दिवस का यह आयोजन राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बना।
विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव हैं आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर। Urban Growth Conclave 2.0 शहरी विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने का मंच है।

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शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति में शक्ति और शौर्य के साथ-साथ कर्तव्य एवं जिम्मेदारी के महत्व को भी दर्शाता है- राज्यमंत्री श्री लोधी
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शस्त्र जहां शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक हैं, वहीं शास्त्र हमें ज्ञान, विवेक और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं- सांसद श्री लोधी
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भारतीय संस्कृति में शस्त्र और शास्त्र दोनों का विशेष महत्व- हटा विधायक श्रीमती खटीक
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शस्त्रों का उपयोग करने की स्थिति कभी न बने- श्री शिवहरे
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शस्त्र और शास्त्र का समन्वय भारतीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान- कलेक्टर श्री यादव
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भारतीय संस्कृति में शास्त्र के साथ शस्त्र पूजन की भी परंपरा- पुलिस अधीक्षक श्री कलादगि
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विजयादशमी सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का पर्व, जनप्रतिनिधियों ने दी जिलेवासियों को शुभकामनाएं
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पुलिस लाइन दमोह में विजयदशमी के पावन पर्व पर विधि-विधान से संपन्न हुआ शस्त्र पूजन
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            भारतीय संस्कृति में शस्त्र और शास्त्र का अनूठा समन्वय रहा है। शास्त्र हमें उचित-अनुचित न्याय-अन्याय और सत्य-असत्य का बोध कराते हैं, वहीं शस्त्र सत्य की रक्षा करने तथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करते हैं। शस्त्र पूजन हमें जीवन में ऐसे मूल्यों को धारण करने की प्रेरणा देता है, जो समाज में सुख, शांति, समृद्धि और कानून व्यवस्था की स्थापना में सहयोगी होते हैं।
        विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह बात प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पुलिस ग्राउंड में आयोजित विजयादशमी के पावन पर्व पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कही।
       राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा विजयादशमी पर शस्त्रों की पूजा करना हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वहन आज भी श्रद्धा और सम्मान के साथ किया जाता है। शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति में शक्ति और शौर्य के साथ-साथ कर्तव्य एवं जिम्मेदारी के महत्व को भी दर्शाता है।
      दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा वर्तमान समय में जिस प्रकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न चुनौतियां सामने आ रही हैं, ऐसे में शास्त्र और शस्त्र दोनों का अध्ययन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा शास्त्र और शस्त्र का ज्ञान हमारे जीवन का मूल स्वरूप है।
    सांसद श्री लोधी ने कहा आज शस्त्रों का पूजन किया गया है, लेकिन जीवन को सही ज्ञान और दिशा प्रदान करने के लिए शास्त्रों का अध्ययन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शस्त्र जहां शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक हैं, वहीं शास्त्र हमें ज्ञान, विवेक और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
         हटा विधायक उमा देवी खटीक ने कहा भारतीय संस्कृति में शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के निर्देशानुसार प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दमोह जिले में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति में शस्त्र और शास्त्र दोनों का विशेष महत्व है। जिस प्रकार जीवन में शास्त्र आवश्यक हैं, उसी प्रकार सत्य और न्याय की रक्षा के लिए शस्त्रों की भी आवश्यकता होती है
     श्याम शिवहरे ने कहा पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में सभी ने सहभागिता की। शस्त्रों की पूजा एवं हवन कर ईश्वर से प्रार्थना की गई कि कभी भी ऐसी परिस्थिति उत्पन्न न हो, जब इन शस्त्रों का उपयोग करना पड़े। उन्होंने जिलेवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहने की कामना करते हुए सभी के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
         कलेक्टर श्री यादव ने कहा जब समाज में अमन-चैन बना रहता है, तभी देश सुखी और समृद्ध रहता है। शक्ति का उपयोग सदैव विवेक के साथ किया जाना चाहिए। इसी प्रकार सामर्थ्य का उपयोग धैर्य के साथ तथा अधिकारों का निर्वहन जवाबदेही के साथ करना आवश्यक है। शस्त्र पूजन हमें शक्ति, संयम, विवेक और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व का संदेश देता है।
        उन्होंने कहा विजयादशमी असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का पावन पर्व है। यह पर्व हमें सदैव सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
     पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में  पुलिस लाइन दमोह में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की।
       उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति में शास्त्र के साथ शस्त्र पूजन की भी परंपरा है, जो ज्ञान, शक्ति और कर्तव्य के प्रति सम्मान का प्रतीक है।