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Jansampark Damoh

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17 जुलाई को जरारूधाम गौ अभयारण्य में आयोजित होगा विशाल रक्तदान शिविर
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'सेवा और आशीर्वाद अभियान' का विस्तार
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प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को 'एक ही छत के नीचे' सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है- कलेक्टर श्री यादव
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258 दिव्यांगजनों को मिलेंगे सहायक उपकरण, शिविर में ही शुरू होगी पेंशन
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20 से 27 जुलाई तक विकासखंड स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर,
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 मेडिकल परीक्षण, प्रमाण-पत्र, सहायक उपकरण और पेंशन की सुविधा  मिलेगी एक ही स्थान पर
स्कूली बच्चों की पुकार पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव का त्वरित निर्णय,
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 सुनपुरा स्कूल मार्ग का निर्माण होगा शुरू
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जनसुनवाई में बच्चों की समस्या सुनकर दिए तत्काल निर्देश,
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 दिव्यांग छात्रा की भी सुनी परेशानी
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            आज मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में सुनपुरा के 07 स्कूल बच्चों की पुकार रंग लाई। इन स्कूली बच्चों ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से कहा हमारे स्कूल तक पहुंचने में कीचड़ हो रहा है हमारा ऑटो भी नहीं पहुंच पाता है।     

              कलेक्टर श्री यादव ने इन बच्चों की बात अपने पास बुलाकर सुनी और तत्काल ही सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे से कहा कल से ही यहां काम करवाए ताकि बच्चे सुगमता से स्कूल पहुंच सके। उन्होंने तत्काल ही इन बच्चों से कहा चिंता ना करें आप पढे और सड़क का काम करवाया जाएगा। कलेक्टर ने इन स्कूली बच्चों को बिस्किट के पैकेट भी दिए और कहा जाए अपनी पढ़ाई करें। इन बच्चों ने बाहर निकलकर खुशी-खुशी कलेक्टर से हुई चर्चा की बात की।  इन बच्चों के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि अब उन्हें कीचड़ मार्ग से मुक्ति मिल जाएगी।    

            कक्षा चार के हर्ष तिवारी ने कहा अब स्कूल जाने में कीचड़ की दिक्कत से मुक्ति मिलेगी। कलेक्टर साहब ने कहा सड़क बन जाएगी। इसी प्रकार नैंसी तिवारी ने कहा कलेक्टर साहब ने कहा है सड़क बन जाएगी सभी बच्चे बाहर खुश नजर आए।

            इसी प्रकार एक बुजुर्ग दिव्यांग श्री गुप्ता अपनी ट्राइ साइकिल से उठ नहीं पा रहे थे, कलेक्टर श्री यादव उनके पास पहुंचे उनकी बातें सुन संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने दोपहर 02 बजे के बाद भी जनसुनवाई में पहुंचे करीब 30 लोगों के आवेदन लिए उनकी बातें सुनी और तुरंत निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बोनी के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है- कलेक्टर श्री यादव
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जनसुनवाई में 350 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई, त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निर्देश
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राजस्व मामलों की प्राथमिकता तय, दिव्यांगजन के 25 वर्ष पुराने प्रकरण की होगी जांच, किसानों के लंबित भुगतान और 'सार्थक ऐप' की तकनीकी समस्या का मौके पर समाधान
प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थलों को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में
 करें शामिल- राज्यमंत्री श्री लोधी
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गैर-शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार की बनाए योजना,
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राज्यमंत्री श्री लोधी ने की धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक
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            संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थलों सहित जीवनदायिनी मां नर्मदा की नर्मदा परिक्रमा को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल करें। नर्मदा जी प्रदेश के 16 जिलों से होकर गुजरती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए योजना बनाए। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुक्रम में अंतराज्यीय तीर्थ दर्शन हेतु बस संचालन की कार्ययोजना पर त्वरित कार्य करें। राज्य मंत्री श्री लोधी मंत्रालय में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे।

            राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि गैर शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाए। राज्य मंत्री श्री लोधी ने प्रदेश में शासन संधारित मंदिरों से संबद्ध भूमि की वस्तुस्थिति तथा राज्य के बाहर स्थित विभागीय परिसम्पत्तियों की वर्तमान स्थिति को भी जाना।
            राज्यमंत्री श्री लोधी ने शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा उनके दस्तावेजीकरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मध्य प्रदेश तीर्थस्थान एवं मेला प्राधिकरण के कार्यों, विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में की जा रही कार्यवाही, तथा सीएम मॉनिट, विभागीय घोषणाओं व सीएम हेल्पलाइन की अद्यतन स्थिति की भी प्रगति जानी गई। इसके अतिरिक्त,आगामी सिंहस्थ 2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा तैयार की गई विशेष कार्ययोजना की समीक्षा कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

            समीक्षा बैठक के दौरान राज्यमंत्री श्री लोधी ने निर्देश दिए कि आगामी सिंहस्थ 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभाग एक समेकित एवं व्यापक कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ के दृष्टिगत तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के साथ-साथ, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास की भी विशेष योजना बनाई जाए। क्षेत्रीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए समन्वयक मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु भेजे गए प्रस्तावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

            राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि सभी प्रमुख मंदिरों की ऑनलाइन जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सटीक और प्रामाणिक सूचना मिल सके। समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
बच्चों की मांग पर त्वरित कार्रवाई

जनसुनवाई में सुनपुरा ग्राम के बच्चों की मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर मार्ग निर्माण कार्य प्रारंभ।

सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे को दिए गए निर्देशों के बाद पंचायत सचिव ने तत्काल कार्य शुरू कराया।
'सेवा और आशीर्वाद अभियान' का विस्तार
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प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को 'एक ही छत के नीचे' सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है- कलेक्टर श्री यादव
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258 दिव्यांगजनों को मिलेंगे सहायक उपकरण, शिविर में ही शुरू होगी पेंशन
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20 से 27 जुलाई तक विकासखंड स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर,
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 मेडिकल परीक्षण, प्रमाण-पत्र, सहायक उपकरण और पेंशन की सुविधा मिलेगी एक ही स्थान पर
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            जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में संचालित 'सेवा और आशीर्वाद अभियान' के तहत अब दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने की विशेष पहल शुरू की गई है। अभियान के पहले चरण में पात्र होने के बावजूद लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित 1,568 वृद्धजनों के घर-घर जाकर अधिकारियों द्वारा ई-केवाईसी (e-KYC) कर उनकी पेंशन प्रारंभ कराई गई थी।

            अब अभियान के अगले चरण में जिले के 258 चिन्हित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं पेंशन का लाभ दिलाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए 20 से 27 जुलाई तक प्रत्येक विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों का संचालन एलिम्को (ALIMCO), जबलपुर के सहयोग से किया जाएगा, जहां दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी दिव्यांगजनों को शिविर तक लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। शिविर में मेडिकल बोर्ड दमोह द्वारा दिव्यांगजनों का चिकित्सकीय परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

            उन्होंने कहा जिले में लगभग 250 दिव्यांगजन अभी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हैं। ऐसे पात्र हितग्राहियों की पेंशन स्वीकृति की कार्रवाई भी शिविर स्थल पर ही पूर्ण कराई जाएगी, ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को 'एक ही छत के नीचे' सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शिविरों के माध्यम से सहायक उपकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, प्रमाण-पत्र एवं पेंशन स्वीकृति जैसी सभी सेवाएं एक साथ उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुगम और सम्मानजनक बनाया जाएगा।
बोनी के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है- कलेक्टर श्री यादव
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जनसुनवाई में 350 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई, त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निर्देश
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राजस्व मामलों की प्राथमिकता तय, दिव्यांगजन के 25 वर्ष पुराने प्रकरण की होगी जांच, किसानों के लंबित भुगतान और 'सार्थक ऐप' की तकनीकी समस्या का मौके पर समाधान
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            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा पंजीकृत 312 आवेदनों के अलावा 30-40 अपंजीकृत आवेदन भी प्राप्त हुए। इस प्रकार लगभग 350 आवेदनों पर एक-एक कर सुनवाई की गई और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जिनका नियमानुसार एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांगजन ने वर्ष 2001 से लंबित भूमि संबंधी प्रकरण प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को बुलाकर रिकॉर्ड की जांच कराई। जांच में संबंधित भूमि मंदिर की सार्वजनिक ट्रस्ट संपत्ति पाई गई। इसके बाद प्रकरण के परीक्षण एवं नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया गया।

            स्वास्थ्य विभाग के एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों ने 'सार्थक ऐप' पर उपस्थिति दर्ज करने में आ रही तकनीकी कठिनाइयों की जानकारी दी। इस पर उन्होने तत्काल ई-गवर्नेंस मैनेजर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को बुलाकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी कहीं से भी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं, लेकिन ऐप लोकेशन दर्ज करेगा और ड्यूटी स्थल के अनुरूप होने पर ही उपस्थिति मान्य होगी।

            जनसुनवाई में किसानों ने गेहूं एवं चना उपार्जन का भुगतान लंबित होने की शिकायत भी दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर ने एआरसीएस को तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में पिपरिया चंपत सोसायटी से जुड़े 13 किसानों के भुगतान में वेयरहाउस स्तर पर माल जमा न होने अथवा शॉर्टेज के कारण बाधा सामने आई। उन्होने निर्देश दिए कि संबंधित सोसायटी के कमीशन से राशि समायोजित कर किसानों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रशासन का लगातार प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हो। उन्होंने कहा बोनी के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है, क्योंकि लोगों को अपने आवेदनों के समयबद्ध निराकरण की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से ‘हर खेत को पानी’ और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।
डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति को जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास का अतिरिक्त प्रभार
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            जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, दमोह का कार्य संतोषप्रद नहीं होने तथा प्रशासकीय कार्य की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति को अपने कार्य के साथ-साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, दमोह का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त तक सौपा गया है
आईएफएमआईएस की तकनीकी समस्याओं के निराकरण हेतु 16 एवं 17 जुलाई को जिला कोषालय में लगेगा विशेष शिविर
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            आईएफएमआईएस (IFMIS) पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला कोषालय कार्यालय दमोह में 16 एवं 17 जुलाई 2026 को दो दिवसीय विशेष तकनीकी सहायता शिविर आयोजित किया जाएगा।

            जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) तथा संबंधित विभागों को आईएफएमआईएस पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु शिविर में उपस्थित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

            शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त समस्याओं का परीक्षण कर उनका यथासंभव तत्काल निराकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभागों को आईएफएमआईएस पोर्टल के सुचारु संचालन में आ रही तकनीकी कठिनाइयों से शीघ्र राहत प्रदान करना तथा वित्तीय कार्यों के निर्वाध संचालन को सुनिश्चित करना है।
जिले में 289.9 मि.मी. वर्षा दर्ज
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             जिले में इस वर्ष 1 जून से अभी तक 289.9 मि.मी. अर्थात 11.4 इंच औसत वर्षा दर्ज हुई है, जो अभी तक गत वर्ष से 277.7 मि.मी. अर्थात 10.9 इंच कम है। इसी अवधि में गत वर्ष 567.6 मि.मी. अर्थात 22.3 इंच औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस वर्ष अभी तक जिले में सबसे ज्यादा वर्षा पटेरा में 472.4 मि.मी. दर्ज की गई है।

            भू-अभिलेख अधीक्षक ने बताया अभी तक जिले के दमोह वर्षामापी केन्द्र पर 266 मि.मी., हटा 371.2 मि.मी., जबेरा में 239 मि.मी. पथरिया 352 मि.मी., तेन्दूखेड़ा 204.8 मि.मी, बटियागढ़ 124 मि.मी. तथा पटेरा में 472.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
एमपी टेक ग्रोथ कॉनक्लेव 3.0 में लगभग 40 हज़ार करोड़ के निवेश हुए प्राप्त                                                                                                        : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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प्राप्त निवेश से 34 हज़ार से अधिक रोजगार होंगे सृजित
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28 हज़ार 200 करोड़ रुपर से अधिक की विदेशी योजनाएँ धरातल पर हुई साकार
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स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में स्थापित करेगा लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का एआई रेडी डेटा सेंटर
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भोपाल और इंदौर में बनेंगे अत्याधुनिक आईटी पार्क, ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग हब होगा स्थापित
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फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का किया शुभारंभ
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियाँ संपन्न हुई इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है। पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है।यहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। मध्यप्रदेश की पहचान भारत रत्न से सम्मानित  स्व॰ अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी है, जिन्होंने देश के गौरवशाली अतीत से विश्व को परिचित कराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रभाषा हिंदी में अपने विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदी में विश्व को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और सबसे युवा देश है। देश में प्रगति की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की योग्यता एवं क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

28 हजार 200 करोड़ से अधिक की विदेशी निवेश परियोजनाएँ धरातल पर साकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएँ प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रा.लि. द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी 2 बिलियन डॉलर) के एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की 3 हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना, जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।

एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई और एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा.लि. की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।

स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में 2 बिलियन डॉलर से बनाएगा एआई-रेडी डेटा सेंटर

स्पेन का सबमर ग्रुप मध्यप्रदेश में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) के निवेश से एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगा। सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री पैट्रिक स्मेल्ट्स ने एमपी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत और वैश्विक उद्योगों के बीच रणनीतिक साझेदारी का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास संबंधी दूरदर्शी सोच का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं और निवेश समझौतों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है।

सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने बताया कि कंपनी द्वारा डेटा सेंटर परियोजना के लिए भूमि आवंटन का पहला आवेदन प्रस्तुत किए जाने के मात्र छह दिनों के भीतर भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 60,619.30 वर्ग मीटर  भूमि आवंटन की सहमति 12 जुलाई 2026 को एमपीआईडीसी द्वारा जारी कर दी गई। यह भूमि 99 वर्ष की लीज पर आवंटित होगी। डेटा सेंटर बनने से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास तथा उद्योगों के लिए राज्य की त्वरित एवं निवेशक-अनुकूल कार्यप्रणाली का उदाहरण है।

सीईओ श्री स्मेल्ट्स ने कहा कि उद्योगों के लिए अनुकूल इको सिस्टम स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा सरकार का दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प मध्यप्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

•    इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 एकड़ में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। लगभग 3 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।

•    प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योग सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।

•    भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जिससे जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय  उपलब्ध कराए जाएँगे।

•    प्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

•    भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति प्रदान करेंगे।

•    भोपाल के कोलार क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना से युक्त नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी कंपनियों को शीघ्र संचालन प्रारंभ करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

टेक ग्रोथ कॉनक्लेव निवेशोन्मुखी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा: मुख्य सचिव श्री जैन

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीति के तहत आयोजित कॉन्क्लेव श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश एवं विदेश में आयोजित विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सहभागिता कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य आईटी एवं डेटा सेंटर का है और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश टेक सेक्टर पर विशेष फोकस कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की औद्योगिक निवेश यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और  डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है।

मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने उद्योग-मित्र नीतियां लागू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। निवेशक प्रदेश की नीतियों और कार्यप् प्रणाली पर विश्वास जता रहे हैं तथा अनेक उद्योग समूहों ने एक से अधिक बार निवेश कर इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध मानव संसाधन, उच्च शिक्षण संस्थान, पर्याप्त लैंड बैंक, प्लग एंड प्ले सुविधाएं तथा निर्बाध विद्युत उपलब्धता निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क में निवेश लगातार बढ़ रहा है तथा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है तथा राज्य सरकार देश में सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश का आत्मीय और निवेशक-अनुकूल वातावरण भी उद्योगों एवं निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सरकार और उद्योग के बीच संवाद का सशक्त मंच बना कॉन्क्लेव : प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन

प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं डेटा सेक्टर के उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है। राज्य सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और वैश्विक मांग के अनुरूप उद्योग-अनुकूल नीतियां तैयार की हैं और  समय-समय पर उनमें आवश्यक संशोधन भी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतिगत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में आईटी क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल रही है।प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन ने देश-विदेश से आए उद्योगपतियों, निवेशकों और तकनीकी सहयोगियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी मध्यप्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करते हुए 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन इकाइयों में 178.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1229 नए रोजगार सृजित होंगे। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में स्थापित की गई हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और  नवाचार आधारित उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों के संचालन से प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इको सिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

8 कंपनियों को प्रदाय किए गए भूमि आवंटन के आशय-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉनक्लेव में 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1242 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन आवंटनों से इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्ट-अप इको सिस्टम को सुदृढ़ आधार मिलेगा और प्रदेश में तकनीकी निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

गूगल प्ले के साथ हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

कॉन्क्लेव में गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस साझेदारी से प्रदेश में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल नवाचार एवं कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

422 करोड़ के पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को सीसीआईपी की स्वीकृति

प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सीसीआईपी ने भोपाल में एमराल्ड कंपनी की 422 करोड़ रुपये की पीसीबी (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) मैन्युफैक्चरिंग परियोजना को स्वीकृति दी है। इस परियोजना से 314 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।

सेमीकंडक्टर यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव : सीईओ श्री संतोष कुमार

पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ श्री संतोष कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रगतिशील नीतियों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के समन्वय से प्रदेश में सशक्त एवं भविष्य उन्मुख सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा मध्यप्रदेश में भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।श्री कुमार ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने के साथ मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा होना गर्व की बात : श्री रेड्डी

सीटीआरएलएस के रणनीति प्रमुख श्री सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि मध्यप्रदेश की तीनों टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा बनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से नीतिगत पहल की है। पहली टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर नीति और तीसरी कॉन्क्लेव में जीसीसी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। श्री रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग-अनुकूल नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुदृढ़ एवं सतत विकासशील इको सिस्टम विकसित हुआ है।

मुख्यमंत्री का विजन राज्य को तकनीक एवं नवाचार में दिला रहे नई पहचान : श्री कोटेश्वर

एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक श्री शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी विज़न राज्य को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है। प्रदेश की उद्योग-अनुकूल और दूरदर्शी नीतियों ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल एवं भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रदेश के कुशल एवं नवाचारोन्मुख युवा इस विज़न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। श्री  कोटेश्वर ने कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का है और मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी नीतिगत दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और मजबूत संकल्प के बल पर मध्यप्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।

कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एआई, कौशल विकास तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग्स, उद्योग विशेषज्ञों के की-नोट सत्र, निवेशक सम्मेलन और नीति संवाद आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
लोकसेवा प्रबंधक ने बताया आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संदर्भ में सी.एम. जन सेवा योजना के तहत नागरिकों को दैनिक जीवन में सर्वाधिक जन उपयोगी लोक सेवा गारंटी अधिनियम की निम्न सेवाएं 181 पर कॉल माध्यम से प्रदाय की जा रही हैं -

कानूनी बाध्यता के कारण स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र प्रदान करना ( नि:शुल्क )
कानूनी बाध्यता के कारण आय प्रमाण-पत्र प्रदान करना ( नि:शुल्क )
चालू खसरा की प्रतिलिपि का प्रदाय ( नि:शुल्क )
बी-1 खतौनी की प्रतिलिपि का प्रदाय ( नि:शुल्क )
चालू नक्शा की प्रतिलिपि का प्रदाय ( नि:शुल्क )

चालू खसरा की सत्यापित प्रतिलिपियों का प्रदाय ( 10रू प्रति पृष्ठ )
बी-1 खतौनी की सत्यापित प्रतिलिपि का प्रदाय ( 10रू प्रति पृष्ठ )
चालू नक्शा की सत्यापित प्रतिलिपियों का प्रदाय ( 10रू प्रति पृष्ठ )
भू-अधिकार पुस्तिका का प्रदाय ( 10रू प्रति पृष्ठ )
28 जुलाई से 08 अगस्त 2026 तक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्टस कम्प्लेक्स भोपाल मे होगी रैली
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परीक्षा (सीईई) का परिणाम  वेबसाइट (www.joinindianarmy.nic.in) पर अपलोड कर दिया गया
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            सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा 28 जुलाई से 08 अगस्त 2026 तक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्टस कम्प्लेक्स, भोपाल में मध्य प्रदेश के 15 जिलों अशोकनगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाडा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पंढुर्णा, रायसेन, राजगढ़, सिहोर और विदिशा के पुरूष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी व अग्निवीर ट्रेड्समैन रैली का आयोजन होगा तथा मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए धर्म गुरू और एजुकेशन हवलदार की भी सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में किया जा रहा हैं।

            सेना द्वारा 01 जून से 12 जून 2026 तक ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का आयोजन किया गया था। सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का परिणाम 12 जुलाई 2026 को जॉइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट (www.joinindianarmy.nic.in) पर अपलोड कर दिया गया है। ऑनलाइन परीक्षा में उत्र्तीण उम्मीदवार शारीरिक दक्षता सहित अन्य मर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे। रैली में भाग लेने वाले योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र 13 जुलाई 2026 को उनकी ई-मेल पर भेज दिया जायेगा। रैली भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर अंकित तिथि एवं समय के अनुसार भर्ती रैली स्थान पर प्रवेश दिया जाएगा। भर्ती में हिस्सा लेने के लिए प्रवेश पत्र व सभी दस्तावेज रैली अधिसूचना के अनुसार तथा साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर और इंटरनेट कनेक्शन के साथ स्मार्ट मोबाइल फ़ोन भी लेकर आना अनिवार्य है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य, श्रम विभाग ने सभी शासकीय विभागों को जारी किए निर्देश
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          विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों / श्रमिकों को नियोजन के संबंध में नियुक्ति पत्र प्रदाय नहीं किये जाते है। नियुक्ति पत्र श्रमिक को प्रदाय नहीं किया जाना श्रम कानूनों का उल्लंघन है जिसकी जिम्मेदारी शासकीय विभाग (प्रमुख नियोजक) एवं संबंधित एजेंसी दोनों की है।

        श्रम पदाधिकारी ने बताया आपके विभाग में कार्यरत आउटसोर्स एजेंसी को निर्देशित करने का कष्ट करे कि उनके द्वारा आपके कार्यालय में नियोजित किये गये आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमानुसार नियुक्ति पत्र प्रदाय किये जाये।
14 जुलाई से सेहत और सुरक्षा के लिए घर-घर दी जाएगी दस्तक
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5 वर्ष तक के बच्चों की होगी स्वास्थ्य जांच, ओआरएस, जिंक, विटामिन-ए एवं आईएफए की खुराक निःशुल्क दी जाएगी
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बच्चों को दस्त, निमोनिया एवं अन्य बाल्यकालीन बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 जुलाई से प्रदेशव्यापी ’दस्तक अभियान’ की शुरुआत की जा रही है जो 31 अगस्त तक 33 कार्य दिवसों में संचालित किया जाएगा। जिले में अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त दल घर-घर जाकर पाँच वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगे तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराएंगे।

घर-घर पहुंचकर होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि वर्षा ऋतु में स्वच्छता की कमी के कारण दस्त एवं अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए गठित दस्तक दल पाँच वर्ष तक के बच्चों वाले घर में जाकर  बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेंगे। बच्चों का तापमान, श्वसन दर, नाड़ी दर सहित आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरत पड़ने पर समुचित उपचार एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

ओ.आर.एस., जिंक गोली का निःशुल्क वितरण विटामिन-ए

एवं आईएफए की खुराक पिलायी जाएगी

            जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान ने बताया कि जिले में 5 वर्ष तक के 1,11,061 डिजिटाइज्ड बच्चों को अभियान से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए ओआरएस पैकेट एवं जिंक की गोलियाँ निःशुल्क वितरित की जाएँगी। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार विटामिन-ए एवं आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की खुराक भी दी जाएगी, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।

परिजनों से सहयोग की अपील

डॉ. चौहान ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि जब स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त दल उनके घर पहुँचे, तब पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएँ तथा बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी सही एवं पूर्ण जानकारी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराएँ। इससे बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हो सकेगा।
घर बैठे डाउनलोड करें आयुष्मान ई-कार्ड, स्वास्थ्य सुरक्षा अब और हुई आसान
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आयुष्मान ऐप के माध्यम से पात्र हितग्राही स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं ई-कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाना एवं डाउनलोड करना पूर्णतः निःशुल्क
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अब अपना आयुष्मान ई-कार्ड प्राप्त करने के लिए कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। National Health Authority द्वारा विकसित आयुष्मान ऐप के माध्यम से पात्र हितग्राही घर बैठे ही अपना आयुष्मान ई-कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित एवं पूर्णतः निःशुल्क है।

आयुष्मान ऐप का उपयोग करने के लिए सबसे पहले मोबाइल में ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद PM&JAY के अंतर्गत ’ई-कार्ड’ विकल्प का चयन करें। आधार आधारित OTP अथवा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन करें। सत्यापन पूर्ण होने पर ’डाउनलोड कार्ड’ विकल्प पर क्लिक करते ही आयुष्मान ई-कार्ड आपके मोबाइल में उपलब्ध हो जाएगा।

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध शासकीय एवं अनुबंधित निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए जिन पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बना है अथवा जिन्हें ई-कार्ड डाउनलोड करना है, वे आयुष्मान ऐप का उपयोग कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला चिकित्सालय से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
बिना खाद्य लायसेंस के दुकान संचालित करने के आरोप में दोष सिद्ध होने पर 02 अनावेदक पर 50 हजार रूपये की अर्थदण्ड शास्ति अधिरोपित
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            खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बिना खाद्य लायसेंस के दुकान संचालित करने पर दोष सिद्ध होने के आरोप में अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णयन अधिकारी ने जिले के 02 अनावेदकों पर 50 हजार रूपये के अर्थदण्ड की शास्ति अधिरोपित की है।

            खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी रावत (बुधौलिया) द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर जिले की तहसील दमयंती नगर बरंडा नया बाजार नं.-1 निवासी अनावेदक सोनू जैन पिता अजीत जैन तथा तहसील जबेरा के नोहटा स्टार नगर निवासी प्रकाश नेमा पिता स्व. चंद्रभान नेमा द्वारा बिना खाद्य लायसेंस के दुकान संचालित करने का दोष सिद्ध होने के आरोप में 25-25 हजार रूपये के मान से अर्थदण्ड की शास्ति अधिरोपित की है।

            उन्होंने संबंधितों को निर्देशित किया है कि अधिरोपित शास्ति की राशि एम.पी.ऑनलाईन के माध्यम से ऑनलाईन चालान द्वारा शीर्ष 0210-चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य 04 लोक स्वास्थ्य 104 शुल्क एवं दण्ड आदि 0754 खाद्य एवं औषधि नियंत्रण में जमा कराकर चालान की एक प्रति न्यायालय अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णयन अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत की जाय । अधिरोपित शास्ति की राशि 15 दिवस में जमा की जाये। नियत समयावधि में राशि जमा नहीं किये जाने पर अधिनियम की धारा 96 के तहत भू-राजस्व की बकाया की भांति वसूल की जायेगी।
विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता अभियान की शुरुआत
परिवार नियोजन, बच्चों में उचित अंतराल और स्वस्थ-खुशहाल परिवार का संदेश लेकर जागरूकता रथ हुआ रवाना।
जनसुनवाई में 102 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण
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राज्यमंत्री श्री लोधी की पहल से एक ही स्थान पर मिल रहा प्रशासनिक समाधान
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अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर निपट रहीं समस्याएं
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            जबेरा विधानसभा में प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी की पहल पर प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई आमजन के लिए राहत का माध्यम बनती जा रही है। हर शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित इस जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित रहते हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, शनिवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का उपस्थित अधिकारियों के माध्यम से मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

            राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन को सरल, सुलभ और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं की कमियों को भी संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा कराया जा रहा है। इससे पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने कहा सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही हो और उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार नियमित जनसुनवाई आयोजित की जा रही है।
जहां-जहां यू-टर्न, अंधे मोड़, ढलान अथवा दुर्घटना की संभावना वाले स्थान हैं, वहां दोनों ओर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क होकर गति नियंत्रित कर सकें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके- कलेक्टर श्री यादव
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जिले के सभी मार्गो पर साइन बोर्ड लगवाना सभी एजेंसी सुनिश्चित करें- पुलिस अधीक्षक श्री कलादगि
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जिले के 14 ब्लैक स्पॉट सात दिन में होंगे सुरक्षित, सड़क हादसे रोकने के लिए  कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए सख्त निर्देश
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अतिक्रमण हटाने, संकेतक लगाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और पीएम राहत योजना से दुर्घटना पीड़ितों का इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश
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कलेक्टर श्री यादव की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न
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            लोगों का जीवन अमूल्य है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले 14 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, अंधे मोड़ों पर चेतावनी संकेत तथा अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय सात दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं, जहां-जहां यू-टर्न, अंधे मोड़, ढलान अथवा दुर्घटना की संभावना वाले स्थान हैं, वहां दोनों ओर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क होकर गति नियंत्रित कर सकें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इस आशय की बात कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कही। बैठक में जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

            कलेक्टर श्री यादव ने बैठक में सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मानते हुए नगरीय निकायों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होने सीएमओ से कहा सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों को हटाकर उन्हें निर्धारित सब्जी मंडी, फल मंडी एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर व्यवस्थित किया जाए। साथ ही अतिक्रमण हटाने के बाद कम से कम एक सप्ताह तक नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। निर्धारित स्थलों पर साफ-सफाई, सूचना बोर्ड एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

            उन्होने बताया जून माह में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अप्रैल की तुलना में कम हुई है, जो प्रशासनिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा लक्ष्य दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

            कलेक्टर श्री यादव ने बैठक में विशेष रूप से तेंदूखेड़ा कोतवाली थाना क्षेत्र को सबसे अधिक दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र बताया गया। उन्होने कहा समीक्षा में सामने आया कि वहां कई स्थानों पर संकेतकों का अभाव है तथा मोड़ों के पास पेड़ों के कारण दृश्यता प्रभावित होती है। इसके चलते कई गंभीर दुर्घटनाएं एवं ट्रकों के पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर तत्काल संकेतक लगाए जाएं। उन्होंने कहा इस प्रकार के छोटे कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.50 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि दुर्घटना पीड़ितों का उपचार आयुष्मान योजना के बजाय प्राथमिकता से प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों के तहत कराया जाए, ताकि अन्य उपचारों के लिए आयुष्मान योजना का लाभ सुरक्षित रह सके।

            पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण है, जहां-जहां की सड़को की समस्या बताई गई है, उस पर संबंधित एजेंसी काम कर आगामी बैठक में पालन प्रतिवेदन और फोटोग्राफस सहित आयें। उन्होने कहा बटियागढ़ क्षेत्र के उल्लेखित क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्तिच की जायें। पुलिस अधीक्षक ने कहा जबलपुर-तेंदूखेड़ा मार्ग पर शार्ट टर्म पर त्वरित रूप से साइन बोर्ड जहां आवश्यक है, लगाये जायें।

            उन्होने कहा जिले के सभी मार्गो पर साइन बोर्ड लगवाना सभी एजेंसी सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक श्री कलादगि ने पीएम राहत योजना पर चर्चा करते हुए मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी से कहा सभी अस्पतालो की आई.डी जनरेट कर योजना का लाभ संबंधितो को मिले सुनिश्चित किया जायें। प्रधानमंत्री राहवीर योजना के संबंध में प्रचार प्रसार करने और पात्रो को लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
युवाओं को नशे की लत से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- कलेक्टर श्री यादव
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नशे से दूरी है, जरूरी अभियान 15 जुलाई से शुरू  किया जा रहा है- पुलिस अधीक्षक श्री कलादगि
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दमोह को ड्रग फ्री बनाने की मुहिम तेज, सभी विभागों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश
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मेडिकल स्टोर, रेलवे स्टेशन, अफीम की अवैध खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रहेगी कड़ी निगरानी
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            जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुलिस प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में गांजा, अफीम की अवैध खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा प्रतिबंधित दवाइयों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि विशेष रूप से मौजूद रहे।

            कलेक्टर श्री यादव ने कहा जिले को ड्रग फ्री बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे की लत से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि युवा पीढ़ी गलत दिशा में जाने से बच सके।

            बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए कि जिले के मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच कर यह सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधित एवं नशे के रूप में उपयोग होने वाली दवाइयों का अवैध विक्रय न हो। वहीं कृषि एवं वन विभाग को दूरस्थ क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती पर विशेष निगरानी रखने और ऐसी गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

            कलेक्टर श्री यादव ने आबकारी विभाग को भी अवैध शराब एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे स्टेशन एवं अन्य प्रमुख परिवहन माध्यमों पर विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया, ताकि बाहरी राज्यों से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए समाज, शिक्षकों और अभिभावकों

 की सहभागिता से व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा

            उन्होंने कहा प्रशासन गरीब एवं कचरा बीनने वाले बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को भी गंभीरता से ले रहा है। ऐसे बच्चों एवं उनके अभिभावकों के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाकर नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। स्कूल जाने की उम्र के बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए समाज, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता से व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा।

            कलेक्टर श्री यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नशे के विरुद्ध अभियान को निरंतर चलाते हुए जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

            पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा 2028 तक ड्रग फ्री इंडिया संकल्प लिया गया है, उन्होने कहा नशे से दूरी है, जरूरी अभियान 15 जुलाई से शुरू किया जा रहा है, पुलिस अधीक्षक ने कहा ड्रग, वन, स्वास्थ्य, कृषि तथा शिक्षा विभाग सक्रिय सहयोग आवश्यक है, उन्होने कहा प्रतिबंधित दवा/सीरप की जिले में बिक्री न हो सुनिश्चित किया जायें। इस कार्यवाही में पुलिस की पूरी मदद मिलेगी, साथ ही कहा संयुक्त कार्यवाही की जाये। श्री कलादगी ने कहा अवैध तस्करी पर पुलिस कार्यवाही कर रही है, आबकारी भी कार्यवाही करें। उन्होने पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीम गठित कर कार्यवाही के लिए कहा।
सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन गंभीर

कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, अतिक्रमण हटाने तथा सड़क दुर्घटना से संबंधित शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन अमूल्य है और उसकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
निश्चित ही उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से ग्राम वासियों सहित अन्य ग्रामों के नागरिक जनों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा- राज्यमंत्री श्री लोधी
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65 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित उप-स्वास्थ्य केन्द्र का राज्यमंत्री श्री लोधी ने किया लोकार्पण
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            जबेरा विधानसभा अंतर्गत ग्राम बिलतरा में 65 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित उप-स्वास्थ्य केन्द्र का प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने लोकार्पण किया।

            राज्यमंत्री लोधी ने कहा निश्चित ही इसके निर्माण से ग्राम वासियों सहित अन्य ग्रामों के नागरिक जनों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा। इस ग्राम में शासकीय भूमि ना होने के कारण निर्माण कार्य लगभग 2 वर्षों से रूका हुआ था। ग्राम के रजक परिवार के द्वारा रोड़ से लगी हुई भूमि को दान दिया, जिसके कारण निर्माण कार्य हो सका। मैं ऐसे परिवार का साधुवाद ज्ञापित करता हूं जिन्होंने समाज के हित के लिए कार्य किया है।