जिलाधिकारी ने ग्राम नौरंगा की गौशाला एवं विकास कार्यों का किया निरीक्षण, एक माह में कमियां दूर करने के निर्देश
**मनरेगा कार्यों का जिला स्तरीय टीम से होगा सत्यापन, सभी 27 पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल सुविधा दिलाने के लिए बैंक से समन्वय के निर्देश**
**हमीरपुर।** जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह के साथ तहसील राठ के अंतर्गत ग्राम नौरंगा में ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गौशाला एवं विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गोवंशों की देखभाल, पशु आहार एवं भूसा की उपलब्धता, ईयर टैगिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, मनरेगा कार्यों, स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण सुविधा तथा शौचालय निर्माण एवं पोषाहार वितरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
गौशाला के निरीक्षण के दौरान कुल 127 छोटे-बड़े गोवंश संरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने बड़े एवं छोटे गोवंशों को अलग-अलग रखने तथा उनकी आवश्यकता के अनुरूप समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला में संरक्षित सभी गोवंशों की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग कराने तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टैगिंग से संबंधित अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशाला से कोई भी गोवंश बाहर निकलकर सड़कों पर छुट्टा घूमता हुआ नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने तथा गोवंशों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने गौशाला में भूसा एवं पशु आहार के उपलब्ध स्टॉक का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि गोवंशों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण भूसा एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। गोवंशों के आगमन, स्वास्थ्य परीक्षण, ईयर टैगिंग एवं अन्य आवश्यक विवरण से संबंधित सभी रजिस्टर व्यवस्थित एवं अद्यतन रखे जाएं। उन्होंने गौशाला के बेहतर संचालन एवं नियमित निगरानी के लिए नामित नोडल अधिकारी को सक्रिय रूप से जिम्मेदारी निभाने तथा पशुओं के संरक्षण एवं देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत में संचालित मनरेगा कार्यों के संबंध में प्राप्त अनियमितताओं तथा कार्यों को केवल अभिलेखों में दर्शाए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय टीम गठित कर स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की वास्तविक स्थिति, मौके पर कराए गए कार्यों तथा संबंधित अभिलेखों का गहनता से मिलान किया जाए। जांच के दौरान अनियमितता अथवा किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में इंडियन बैंक द्वारा समूहों की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) स्वीकृत न किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित बैंक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत के सभी 27 पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के सीसीएल स्वीकृत कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण कराने को कहा, ताकि स्वयं सहायता समूहों को अपनी आर्थिक गतिविधियों के संचालन एवं आजीविका संवर्धन के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण की प्रगति, पोषाहार वितरण की व्यवस्था तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टैगिंग की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचे तथा सभी विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और व्यवस्थाओं में पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कार्यों को एक माह के भीतर पूर्ण कराया जाए। एक माह बाद पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोवंशों का संरक्षण, ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण एवं चौपाल के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अल्का शुक्ला, उपजिलाधिकारी चित्रा निर्वाल, जिला विकास अधिकारी श्री राघवेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री इन्द्रपाल सिंह, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।