हर पंचायत में रोज 50 लोगों की जांच का लक्ष्य, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
जहानाबाद। एनीमिया मुक्त बिहार अभियान, गैर संचारी रोग (एनसीडी) एवं यक्ष्मा अभियान की प्रगति को लेकर गुरुवार को जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया ने वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रखंडवार जांच की स्थिति, दवा वितरण और डेटा प्रविष्टि की समीक्षा की गई। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जांच नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए हर हाल में लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि सभी प्रखंडों में प्रतिदिन प्रत्येक पंचायत में कम से कम 50 लोगों की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्वास्थ्य टीमों को योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र में सक्रिय करने तथा जांच कार्य का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। एनीमिया मुक्त बिहार अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर तक तथा एनसीडी अभियान दो सितंबर से 30 नवंबर तक चलाया जा रहा है।
जांच के साथ दवा वितरण पर जोर
एनीमिया मुक्त बिहार अभियान के तहत लाल, नीली एवं गुलाबी आइएफए (आयरन-फोलिक एसिड) गोली तथा आइएफए सिरप के वितरण की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि जांच के बाद हीमोग्लोबिन स्तर के अनुसार लाभार्थियों को पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध कराई जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और किसी भी स्तर पर दवा की कमी नहीं होने देने को कहा गया।
शाम चार बजे तक करनी होगी डेटा इंट्री
जिला पदाधिकारी ने जांच और आइएफए वितरण का सही एवं पूर्ण दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। एनीमिया से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि एनीमिया मुक्त बिहार एप/गूगल शीट तथा एनसीडी से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि एनसीडी एप/गूगल शीट में प्रतिदिन शाम चार बजे तक अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। गलत अथवा अपूर्ण रिपोर्टिंग पाए जाने पर संबंधित कर्मी की जवाबदेही तय करने की बात कही।
यक्ष्मा मरीजों की पहचान में तेजी लाने का निर्देश
यक्ष्मा अभियान की समीक्षा के दौरान संभावित मरीजों की अधिक से अधिक जांच कराने और समय पर उनकी पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अभियान के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बढ़ाने को कहा गया।
डीएम ने जिला एवं प्रखंड स्तर के संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को आपस में समीक्षा बैठक कर कम उपलब्धि के कारणों की पहचान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य अभियानों के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति प्राथमिकता है। जांच, उपचार, दवा वितरण, फॉलोअप और डेटा इंट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, प्रभारी अधीक्षक, जिला समन्वयक-भव्य समेत सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारी मौजूद रहे।