सरकारी अधिकारी बनकर 2 किलो सोने की सनसनीखेज ठगी! बरेली से तीन शातिर गिरफ्तार, 612.74 ग्राम सोना बरामद, भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री के कर्मचारी को बनाया निशाना, सरकारी पदाधिकारी होने का रौब दिखाकर लूट लिया था करीब दो किलो सोना
GRP और RPF की संयुक्त कार्रवाई से हुआ बड़ा खुलासा, बाकी सोने की तलाश जारी
गया: सरकारी अधिकारी का रौब, कार्रवाई का डर और फिर करोड़ों के सोने पर हाथ साफ! बिहार में ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रेल यात्रियों की सुरक्षा और अपराधियों के नए-नए हथकंडों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शातिर ठगों ने खुद को सरकारी पदाधिकारी बताकर ट्रेन से सफर कर रहे एक यात्री के कर्मचारी को अपने जाल में फंसाया और करीब दो किलोग्राम सोना ठग लिया। आरोपियों ने इस तरह सरकारी अधिकारी होने का दबाव बनाया कि कर्मचारी डर गया और उनके झांसे में आकर सोना उनके हवाले कर दिया। हालांकि, इस मामले में रेल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बरेली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी किए गए सोने में से 612.74 ग्राम सोना बरामद किया गया है। इसकी खुलासा गया रेलवे जंक्शन पर रविवार को रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने प्रेस वार्ता कर की है.
इस कार्रवाई के बाद रेल पुलिस अब ठगी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शेष सोने की बरामदगी और इस वारदात में शामिल अन्य अपराधियों तक पहुंचना है।
कोलकाता से लौट रहे कर्मचारी को बनाया शिकार
पूरा मामला रेल थाना भभुआ रोड क्षेत्र का है। उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी संजय कुमार खंडेलवाल के कर्मचारी संजीव चौहान, उम्र 24 वर्ष कोलकाता से ट्रेन के माध्यम से भभुआ रोड लौट रहे थे। इसी दौरान 22 अक्टूबर को भभुआ रोड में कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें अपना निशाना बना लिया. बताया जाता है कि आरोपियों ने कर्मचारी के सामने खुद को सरकारी पदाधिकारी के रूप में पेश किया। इसके बाद सरकारी अधिकारी होने का रौब दिखाते हुए उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अचानक खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले लोगों को सामने देखकर कर्मचारी घबरा गया। ठगों ने इसी डर और मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाया। कर्मचारी उनकी असली पहचान समझ नहीं पाया और उनके झांसे में आकर अपने पास मौजूद करीब दो किलोग्राम सोना उनके हवाले कर दिया। आरोपी सोना लेकर वहां से निकल गए। बाद में जब पीड़ित पक्ष को पूरी घटना की जानकारी मिली तो ठगी का मामला सामने आया।
दो दिन बाद रेल थाने में दर्ज हुई शिकायत
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से 24 अक्टूबर को रेल थाना भभुआ रोड में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में करीब दो किलोग्राम सोने की ठगी किए जाने की जानकारी दी गई। इतनी बड़ी मात्रा में सोने की ठगी का मामला सामने आने के बाद रेल पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक, पटना ने तत्काल विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। इसके बाद अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई।
GRP-RPF की संयुक्त टीम ने बरेली तक बिछाया जाल
मामले के उद्भेदन के लिए जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों का पता लगाना शुरू किया। लगातार जांच और छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी के रूप में हुई। इसके बाद रेल पुलिस ने बरेली पुलिस से संपर्क स्थापित किया और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। संयुक्त प्रयास के बाद पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
612.74 ग्राम सोना बरामद, बाकी सोने की तलाश
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी किए गए सोने में से 612.74 ग्राम सोना बरामद किया गया है। करीब दो किलोग्राम सोने की ठगी के मामले में यह बरामदगी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। हालांकि, बरामद सोने की मात्रा और शिकायत में बताई गई कुल मात्रा के बीच काफी अंतर है।
ऐसे में अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शेष सोना कहां रखा गया है और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति के पास छिपाकर रखा गया है। इसके साथ ही इस वारदात में तीन गिरफ्तार आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं ठगी के बड़े राज
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने का तरीका कहां से सीखा और क्या इससे पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और 612.74 ग्राम सोने की बरामदगी से रेल पुलिस को इस मामले में अहम कामयाबी मिली है। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। क्या ठगी का पूरा सोना बरामद हो पाएगा? क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं? इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
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