
सिमुआरा मिडिल स्कूल के छात्रों से मिले SDM परवीन कुंदन, सुनीं बच्चों की समस्याए! 5 दिनों का दिया अल्टीमेटम, लापरवाही बरतने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई! #bdbiharjharkhand #GayaNews #Tekari #Simuara #BiharEducation SDMParveenKundan StudentProtest GroundReport MidDayMeal BiharNews TekariSDM
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 28, 2026

बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन से फिसला यात्री, RPF जवानों की फुर्ती से बची जान। *लोकेशन - गया | 24 NEWS LIVE* गया जंक्शन पर एक बड़ा रेल हादसा बाल-बाल टल गया। धनबाद-सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरने के दौरान एक यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म व पटरी के बीच गिरने ही वाला था। मौके पर मौजूद RPF जवानों ने सेकंडों में दौड़कर उसे खींच लिया, जिससे उसकी जान बच गई। पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV में कैद हो गई है। *'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत दिखाई सतर्कता* पूर्व मध्य रेलवे के DDU मंडल अंतर्गत RPF पोस्ट गया के जवान सादे लिबास में आपराधिक एवं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। टीम में ASI पवन कुमार, प्रधान आरक्षी वशिष्ठ यादव और आरक्षी राकेश कुमार सिंह शामिल थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 से गाड़ी संख्या 13305 अप धनबाद-सासाराम इंटरसिटी अपने निर्धारित ठहराव के बाद रवाना हो रही थी। चलती ट्रेन से एक यात्री ने उतरने की कोशिश की। पैर रखते ही उसका संतुलन बिगड़ा और वह गैप की तरफ फिसल गया। ड्यूटी पर तैनात RPF कर्मियों ने बिना देर किए यात्री को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। *सिवान निवासी यात्री, वैध टिकट मिला* बचाए गए यात्री की पहचान *रवि कुमार (56 वर्ष), पिता दद्दू प्रसाद, निवासी सिवान* के रूप में हुई है। उनके पास पहाड़पुर से गया तक का वैध यात्रा टिकट भी मिला। घटना के बाद यात्री ने RPF जवानों का आभार जताया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने भी जवानों की बहादुरी की सराहना की। *RPF की अपील - चलती ट्रेन में न चढ़ें, न उतरें* RPF गया ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत की गई। विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने का प्रयास न करें, छोटी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी स्थितियों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। #GayaNews #GayaJunction #BiharNews #RPF #RPFSavedLife #OperationJeevanRaksha #IndianRailways #24NewsLive #TrainAccident
Aurangabad, Aurangabad | Jul 26, 2026

जनता के दिलों में आज भी जिंदा हैं बिंदी यादव: छठी पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, भावुक हुईं विधायक मनोरमा देवी गया। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष एवं जनप्रिय समाजसेवी स्वर्गीय बिंदेश्वरी प्रसाद यादव उर्फ बिंदी यादव की छठी पुण्यतिथि पर गुरुवार को गया जिला परिषद कार्यालय परिसर श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं का केंद्र बन गया। उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक और विभिन्न जिलों से आए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने बिंदी यादव के जनसेवा, सामाजिक सरोकार और गरीबों के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उन्हें जनता का सच्चा नेता बताया। इस अवसर पर उनकी पत्नी एवं बेलागंज की विधायक मनोरमा देवी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बिंदी यादव का पूरा जीवन समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कभी राजनीति को पद या प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि जनता की सेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म माना। उन्होंने कहा कि आज भी लोग जिस स्नेह और सम्मान के साथ उन्हें याद कर रहे हैं, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उनके पति का असामयिक निधन पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति थी। उस कठिन समय में जनता ने जिस तरह उनका साथ दिया, उसे वह कभी नहीं भूल सकतीं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें जो भी सम्मान और जिम्मेदारी मिली है, उसमें स्वर्गीय बिंदी यादव के संघर्ष, जनता के विश्वास और उनके आशीर्वाद की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी आत्मा को शांति मिले और वे अपने परिवार, समर्थकों तथा क्षेत्र की जनता पर हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखें। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि बिंदी यादव हमेशा गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों की आवाज बने रहे। कोरोना काल में उन्होंने हजारों लोगों की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। उनका व्यवहार, सादगी और जनता के प्रति समर्पण उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता था। लोगों ने कहा कि उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में स्वर्गीय बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव और जैकी यादव ने भी अपने पिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, उपाध्यक्ष शीतल यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जिलों से आए समर्थक मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में एक ही संदेश गूंजता रहा कि बिंदी यादव भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए जनकल्याण के कार्य, उनकी सादगी और जनता के प्रति समर्पण उन्हें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रखेंगे। कार्यक्रम का समापन समाज सेवा और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। #gayadastak #गयाजी #GayaNews #GayaPolice #gaya #LatestNews #न्यूज़ #manormaDevi Manorama Devi
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 23, 2026

गयाजी के आजाद पार्क में नेक्सा कार्निवल का दो दिवसीय आगाज, मेयर व पूर्व डिप्टी मेयर ने किया उद्घाटन, ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर्स की भरमार #gayadastak #गयाजी #GayaPolice #GayaNews #gaya #CrimeNews #LatestNews #NEXA #cars #MarutiSuzuki
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 23, 2026

भारतमाला एक्सप्रेसवे से उजड़ रहे गरीबों का फूटा गुस्सा, टिकारी एसडीओ कार्यालय पर धरना; पुनर्वास नहीं तो आंदोलन होगा तेज लक्ष्मण मांझी बोले- छह महीने बाद भी नहीं मिला न्याय, भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन और पुनर्वास की मांग गया: गया जिले के टिकारी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष गुरुवार को भारतमाला एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित भूमिहीन एवं गरीब परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता एवं बोधगया विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी लक्ष्मण मांझी ने किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुनर्वास, आवासीय भूमि और आजीविका की व्यवस्था करने की मांग उठाई। धरना को संबोधित करते हुए लक्ष्मण मांझी ने कहा कि भारतमाला एक्सप्रेसवे परियोजना के कारण कई गरीब परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि टिकारी प्रखंड के घनेटू गांव में एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान मांझी टोला के कई घर टूटने वाले हैं। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार भूमिहीन हैं और वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे हुए हैं। ऐसे में उनके सामने रहने और आजीविका दोनों का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर करीब छह महीने पहले जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर से मुलाकात की गई थी। जिला पदाधिकारी ने आवेदन पर कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी टिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद आज तक प्रभावित परिवारों को न तो पांच डिसमिल आवासीय भूमि उपलब्ध कराई गई और न ही पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई। प्रशासन के चक्कर काटते-काटते लोग परेशान हो चुके हैं। लक्ष्मण मांझी ने आरोप लगाया कि सरकार के नियमों के अनुसार भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल आवासीय जमीन तथा आजीविका के लिए कृषि भूमि देने का प्रावधान है, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए जमीन, आवास, चापाकल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दे तो लोग स्वेच्छा से स्थान खाली करने को तैयार हैं। लेकिन फिलहाल बिना पुनर्वास के ही बुलडोजर चलाकर गरीबों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलित और गरीब परिवारों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। "क्या गरीब होना और दलित समाज से आना ही हमारी सबसे बड़ी गलती है?" उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन गरीबों की सुनने के बजाय उन्हें बेघर करने में जुटा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मांझी समाज के जो लोग थोड़ी-बहुत खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, उन्हें भी वहां से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्मण मांझी ने बिहार सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार यह दावा करते हैं कि किसी भी आवेदन का एक महीने के भीतर निष्पादन किया जाएगा, अन्यथा संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। लेकिन यहां जिलाधिकारी के आदेश के छह महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब अधिकारी जिला पदाधिकारी के निर्देशों की भी अनदेखी कर रहे हैं तो आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द पुनर्वास की व्यवस्था नहीं करता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गरीबों को सड़क पर लाकर विकास नहीं किया जा सकता। विकास के साथ न्याय भी होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर लक्ष्मण मांझी का कटाक्ष, बोले- "समाज नहीं, सिर्फ परिवार को आगे बढ़ाने की राजनीति" धरना के दौरान लक्ष्मण मांझी ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वे भूईयां-मुसहर समाज के नाम पर केवल परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज के उत्थान की सच्ची चिंता होती तो गरीब परिवारों के बेटे-बेटियों को भी राजनीतिक अवसर दिए जाते, लेकिन टिकट और पद केवल परिवार तक ही सीमित हैं। लक्ष्मण मांझी ने कहा कि समाज के लोग कई बार अपनी समस्याएं लेकर केंद्रीय मंत्री के पास गए, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भूईयां-मुसहर समाज के नाम पर राजनीति तो की जाती है, लेकिन जब समाज के गरीबों पर संकट आता है तो उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता। धरना में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को जल्द पुनर्वास, पांच डिसमिल आवासीय भूमि और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा। #gayadastak #गयाजी #GayaPolice #GayaNews #gaya #CrimeNews #LatestNews #protest
Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 23, 2026