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GAYA DASTAK

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पितृपक्ष से पहले गया में स्वच्छता का शंखनाद: विष्णुपद से निकली सफाई की फौज, DM से लेकर पार्षदों तक ने उठाई झाड़ू

25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर नगर निगम ने कसी कमर, 10 अक्टूबर तक लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए साफ-सफाई, पानी और रोशनी की व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर

गया। पितृपक्ष मेले की तैयारियों को लेकर गया नगर निगम ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को पवित्र विष्णुपद मंदिर के प्रांगण से नगर निगम के विशेष स्वच्छता दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, मेयर गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव सहित नगर निगम के सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सिर्फ स्वच्छता दल को रवाना कर औपचारिकता पूरी नहीं की गई, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने खुद हाथों में झाड़ू थामकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। जिलाधिकारी, मेयर, नगर आयुक्त, पूर्व डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षदों ने विष्णुपद मंदिर परिसर में सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों से भी अपील की गई कि पवित्र गया जी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करें।

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर विशेष तैयारी

पितृपक्ष मेला गया के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर सहित विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर पिंडदान और तर्पण करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इस बार सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी शुरू की है। मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई के साथ कूड़ा उठाव और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। निगम की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को किसी भी स्थान पर गंदगी का सामना न करना पड़े और गया की धार्मिक पहचान के अनुरूप शहर साफ-सुथरा नजर आए।

25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा मेला

मेयर गणेश पासवान ने कहा कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नगर निगम की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दल को आज से ही सक्रिय कर दिया गया है, ताकि मेला शुरू होने से पहले पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाया जा सके। मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान सफाई व्यवस्था नगर निगम की प्राथमिकता में रहेगी। स्वच्छता कर्मियों की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार काम करेगी और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

मोहन श्रीवास्तव बोले- सफाई कर्मी हैं नगर निगम के योद्धा

पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गया जी की पहचान भगवान विष्णु के चरण स्थल विष्णुपद धाम और मोक्षभूमि के रूप में पूरे देश और दुनिया में है। वहीं, बोधगया भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। गया और बोधगया की यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान इसे दुनिया के महत्वपूर्ण स्थलों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए आते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के साथ-साथ जलापूर्ति, पेयजल, लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करना भी निगम की प्राथमिकता है। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने सफाई कर्मियों को नगर निगम का योद्धा बताते हुए कहा कि आज इन योद्धाओं को हरी झंडी दिखाकर मेला क्षेत्र में रवाना किया गया है। नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर कमर कस ली है और अब मेला क्षेत्र को साफ-सुथरा और चकाचक रखने का अभियान तेज होगा। 

जनता के सहयोग के बिना स्वच्छता अभियान अधूरा

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि गया को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं है। इसमें शहर के लोगों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील की गई कि वे सड़कों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकें तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें। नगर निगम का लक्ष्य है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिलें। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्वच्छता दल के मैदान में उतरने के साथ ही मेला क्षेत्र में सफाई अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पितृपक्ष मेले के दौरान गया आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सफाई, पानी और रोशनी समेत तमाम व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम की इस बड़ी तैयारी को जनता का कितना सहयोग मिलता है। क्योंकि स्वच्छ और सुंदर गया सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
गया में बैंक फ्रॉड मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 85 करोड़ के लोन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी

गया में बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना की टीम ने शुक्रवा को गया में बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईडी की टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के ऋण में से लगभग 58 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी और डायवर्जन का आरोप है। आरोप है कि यह राशि फर्जी अथवा जाली प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर हासिल की गई थी।

ईडी की जांच में कंपनी का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास होने की बात सामने आई है। बैंक से लिए गए ऋण के एवज में अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी दी गई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, टाटा मोटर्स से जुड़े बकाये के बदले पांच संपत्तियों को गिरवी/मॉर्गेज किया गया था। बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर बेच दिया गया, जबकि वे पहले से ही गिरवी थीं। ईडी को कुछ खरीदारों के बेनामी या प्रॉक्सी होने का भी संदेह है।

फिलहाल ईडी की टीम संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही मामले में सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
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पितृपक्ष मेला के अवसर पर तीर्थयात्रियों के आवासन के लिए व्यापक व्यवस्था, 44 आवासन स्थलों पर 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा

गया: पितृपक्ष मेला के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुगम आवासन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। तीर्थयात्रियों के लिए कुल 44 आवासन स्थल बनाए गए हैं, जहाँ लगभग 12,070 तीर्थयात्रियों के आवासन की व्यवस्था की गई है।

सभी आवासन स्थलों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाएँ दुरुस्त रखी गई हैं। इनमें पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे तथा महत्वपूर्ण दूरभाष नंबरों से संबंधित आवश्यक साइनेज की व्यवस्था शामिल है।

तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवासन स्थलों पर मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवासन स्थलों पर 24×7 सफाई व्यवस्था भी रखी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से सभी आवासन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। ज़िलाधिकारी शशांक शुभंकर द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि आवासन स्थलों पर उपलब्ध सभी सुविधाओं की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखें।

पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

प्रमुख आवासन स्थल एवं क्षमता

पितृपक्ष मेला के दौरान चिन्हित प्रमुख आवासन स्थलों में मध्य विद्यालय कोसडीहरा में 160 आवासन क्षमता, निगमा मोनास्ट्री में 2400 क्षमता, प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय बोधगया में 100, मध्य विद्यालय धनवा बोधगया में 200, मध्य विद्यालय सूर्यपुरा बोधगया में 160, bit गया बुद्धा रिजॉर्ट बोधगया में 150, राजकीय मध्य विद्यालय घुघडी ताड में 100, कन्या उच्च विद्यालय गया में 150, अनुग्रह कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200, गुरु नानक मध्य विद्यालय गया में 150, आदर्श नव बालिका मध्य विद्यालय गया में 150, गौरी कन्या मध्य विद्यालय एवं उच्च विद्यालय मानपुर में 100, आकाश पॉलिटेक्निक माडनपुर में 250, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय रमना में 200, मध्य विद्यालय भगवानपुर बोधगया में 50 मध्य विद्यालय हरिओ में 100, मानवीकी भवन गया कॉलेज में 800, मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में 200, राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, आईटीआई गया में 100, राजकीय मध्य विद्यालय केंदुई में 200, बृजभूषण संस्कृत महाविद्यालय डेल्हा में 200, टी मॉडल इंटर विद्यालय में 400 , न्यू मध्य विद्यालय चांद चौरा में 100, राजकीय मध्य विद्यालय अक्षय वट में 250, चंद्रशेखर उच्च विद्यालय अक्षयवट में 250, गया जी धर्मशाला में 120, राजकीय मध्य विद्यालय गोदावरी में 200, बरनवाल प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू विद्यालय मानपुर में 150, प्लस टू हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1200 सहित अन्य आवासन स्थल चिन्हित किये गए हैं।
फतेहपुर में पुलिस टीम पर हमला, 8 आरोपी गिरफ्तार
फतेहपुर में पुलिस टीम पर हमला, 8 आरोपी गिरफ्तार; पूछताछ के दौरान हुआ था हंगामा

गया: गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में चोरी के मामले में पूछताछ करने पहुंची पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर हमला और दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद फतेहपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को करीब 11 बजे फतेहपुर थाना पुलिस को सूचना मिली कि गोपी मोड़ स्थित खानाबदोशों के पास चोरी के एक मामले में पूछताछ के दौरान गश्ती दल के पुलिसकर्मियों के साथ कुछ उपद्रवियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए हमला किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और घटना में संलिप्त बताए जा रहे 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
घटना को लेकर फतेहपुर थाना कांड संख्या 568/26, दिनांक 11.09.2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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गया को मिलेगी विकास की नई पहचान, ‘Infra Built Expo 2026’ बनेगा आधुनिक निर्माण का बड़ा मंच: Architects & Engineers Association की पहल, दो दिवसीय एक्सपो में जुटेंगे निर्माण क्षेत्र के विशेषज्ञ और प्रमुख कंपनियां

गया। गया शहर के महारानी पेट्रोल पंप के समीप शुक्रवार को Architects & Engineers Association, Gaya, Bihar की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने आगामी ‘Infra Built Expo 2026’ के आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन गया के भवन निर्माण एवं शहरी विकास के क्षेत्र में नई दिशा तय करने की महत्वपूर्ण पहल होगी।

दो दिवसीय Infra Built Expo 2026 में भवन निर्माण सामग्री की भव्य प्रदर्शनी के साथ तकनीकी प्रस्तुतियां, सेमिनार, विशेष संवाद सत्र और विभिन्न कंपनियों के प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, बिल्डर्स, डेवलपर्स सहित निर्माण क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और भवन निर्माण सामग्री कंपनियों को एक साझा मंच पर लाना है। आयोजन के दौरान विभिन्न कंपनियां अपने आधुनिक उत्पादों, निर्माण सामग्रियों और नई तकनीकों की जानकारी देंगी। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा आयोजित सेमिनार एवं संवाद सत्रों में बेहतर, सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक निर्माण को लेकर चर्चा की जाएगी। इससे आम लोगों को भी भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और सामग्रियों की उपयोगिता की जानकारी मिल सकेगी।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि आज के समय में भवन निर्माण केवल ईंट, सीमेंट और सरिया तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, गुणवत्ता, सुरक्षा और बेहतर प्लानिंग इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक्सपो के माध्यम से आम जनता को भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे अपने भवनों का निर्माण अधिक बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से करा सकें।

‘धार्मिक पहचान के साथ विकास की भी मिसाल बने गया’
Architects & Engineers Association का मानना है कि गया केवल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला शहर नहीं, बल्कि आने वाले समय में सुंदर, सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है। गया जी ज्ञान एवं तप की भूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। संगठन की सोच है कि गया आने वाले पर्यटक यहां की संस्कृति और परंपरा के साथ-साथ शहर के विकास और आधुनिक स्वरूप को भी याद रखें। इसके लिए शहर के सुनियोजित विकास, बेहतर आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

संगठन ने कहा कि सरकार की शहरी विकास परियोजनाओं के सफल एवं बेहतर क्रियान्वयन में स्थानीय आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाना चाहिए। स्थानीय विशेषज्ञ शहर की जरूरतों, भौगोलिक परिस्थितियों और भविष्य की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। सरकार, अभियंताओं और निर्माण सामग्री से जुड़ी कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय से गया के विकास को नई गति मिल सकती है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि आयोजन से जुड़े प्रयासों में SD Lion, Captain Steel, Ace Cement, Ultratech Cement, Greenply, Kohler, Philips सहित अन्य कंपनियों की भागीदारी/सहयोग प्रस्तावित है।
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‘हक मांगने पर इतनी बौखलाहट क्यों?’ मांझी के बचाव में उतरी हम पार्टी, अरुण भारती पर नंदलाल मांझी और टूटू खान का जोरदार पलटवार

गया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को लेकर जमुई सांसद अरुण भारती की ओर से की गई टिप्पणी के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। गुरुवार को हम पार्टी के सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी और जिला अध्यक्ष टूटू खान ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर सांसद अरुण भारती के बयान पर जोरदार पलटवार किया।

सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने कहा कि जीतन राम मांझी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान पर सवाल उठाने से पहले उनके कार्यकाल में किए गए कामों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांझी ने हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज उठाई है और विशेष रूप से मांझी, मुसहर एवं भुईया समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
नंदलाल मांझी ने कहा कि आज कुछ लोग दलित समाज के नाम पर राजनीति करते हैं और खुद को समाज का रहनुमा बताते हैं, लेकिन जब समाज के सबसे वंचित लोगों को आरक्षण में उचित हिस्सेदारी देने की बात आती है तो वही लोग विरोध में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण में वर्गीकरण का मुद्दा उठाकर उन परिवारों की आवाज बुलंद की है, जो वर्षों से आरक्षण के बावजूद अपेक्षित लाभ से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य केवल कुछ लोगों तक लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी शिक्षा, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। यदि समाज के भीतर कुछ वर्ग लगातार पीछे रह गए हैं तो आरक्षण के लाभ का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए वर्गीकरण पर चर्चा होना जरूरी है।

सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने कहा कि हम पार्टी किसी का अधिकार छीनने की बात नहीं कर रही है। पार्टी सिर्फ यह चाहती है कि जो लोग आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे पीछे हैं, उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा, “हम अपना हक मांग रहे हैं, आप इतना बौखला क्यों रहे हैं? हम कह रहे हैं कि हमें भी अवसर दीजिए, हमें भी आगे बढ़ने का मौका दीजिए। इसमें इतनी घबराहट क्यों है?” उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण में हिस्सेदारी की मांग करने वाले वंचित समुदायों को डराने-धमकाने की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मांझी, मुसहर, भुईया और समाज के अन्य अत्यंत वंचित परिवार भी इसी देश के नागरिक हैं और उन्हें भी समान अवसर प्राप्त करने का पूरा अधिकार है।

प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कार्यों को गिनाते हुए कहा गया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने मांझी, मुसहर और भुईया समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया। साथ ही मुसहर-भुईया समाज के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की पहल की गई। नेताओं ने कहा कि ऐसी योजनाओं और फैसलों का उद्देश्य समाज के उन लोगों को आगे लाना था, जिन्हें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया।

जिला अध्यक्ष टूटू खान ने कहा कि बिहार में महादलित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। महादलित आयोग के गठन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे वंचित परिवारों तक पहुंचाने की पहल को इसी सामाजिक न्याय की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी के योगदान को केवल राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके काम पर सवाल उठाना है तो तथ्यों के साथ जनता के बीच जाना चाहिए। जिला अध्यक्ष टूटू खान ने कहा कि यदि चार भाइयों के परिवार में एक भाई को भोजन नहीं मिल रहा हो, तो बड़े भाई का दायित्व है कि वह छोटे भाई की चिंता करे। उसी तरह समाज के भीतर जो वर्ग सबसे पीछे रह गया है, उसे आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
हम पार्टी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग खुद को दलितों का रहनुमा बताते हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि पिछले वर्षों में मांझी, मुसहर और भुईया समाज के कितने लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिला। कितने लोगों को टिकट दिया गया और कितने लोगों को संसद एवं विधानसभा तक पहुंचने का मौका मिला?
उन्होंने कहा कि “हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जिसमें समाज का अंतिम व्यक्ति पीछे छूट जाता है।”

प्रेस वार्ता के अंत में नेताओं ने स्पष्ट कहा कि हम पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित समाज की उचित हिस्सेदारी की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि हक मांगना अपराध नहीं है, हिस्सेदारी मांगना अपराध नहीं है और समान अवसर की मांग करना भी अपराध नहीं है। जो लोग वर्षों से पीछे हैं, उन्हें आगे लाना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है।
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Samrat Choudhary
एक माह के भीतर सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को मिलेगा पर्चा : डॉ. प्रेम कुमार

21 भूमिहीन परिवारों को 3-3 डिसमिल भूमि का पर्चा वितरित

गया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में भूमिहीन गरीब परिवारों के बीच भूमि का पर्चा वितरित किया। डॉ. प्रेम कुमार की पहल पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस अवसर पर नैली पंचायत के काजीचक एवं मदन बिगहा पंचायत के चमराडीह में 21 भूमिहीन गरीब परिवारों को 3-3 डिसमिल भूमि का पर्चा प्रदान किया गया। पर्चा मिलने के बाद लाभुक परिवारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए सम्मानजनक जीवन और स्थायी आशियाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और भूमिहीन परिवारों को उनका अधिकार दिलाना है। अभियान बसेरा-2 के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आवास योग्य भूमि उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गयाजी में अभी जो भूमिहीन परिवार पर्चा पाने से वंचित हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले एक माह के भीतर बचे हुए सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को भूमि का पर्चा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केवल जमीन का पर्चा देना ही सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। पर्चा प्राप्त करने वाले परिवारों के आवासन की चिंता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभुकों को लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की लागत से पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और बिहार सरकार गरीबों को सामाजिक सुरक्षा, आवास, भूमि और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार भूमिहीन और बेघर न रहे तथा प्रत्येक परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
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पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प’ का शंखनाद, गया में बीजेपी की अपील—17 सितंबर को हर घर जले ‘आशीर्वाद का दीप’

गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। गया शहर के सर्किट हाउस में राज्यसभा सदस्य भीम सिंह चंद्रवंशी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। गया शहर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में  बीजेपी के राज्यसभा सांसद भीम सिंह चंद्रवंशी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राज्यसभा सांसद भीम सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रवादी विचारधारा वाली पार्टी है और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ काम करती है। पार्टी का मूल मंत्र जनता की सेवा करना है और बीजेपी मानती है कि जनता की सेवा ही प्रभु की सेवा है।
सांसद ने बताया कि एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत बीजेपी की ओर से 12 अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए देशभर में करोड़ों लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार में भी बड़ी संख्या में लोगों को अभियान से जोड़ने की तैयारी की गई है।

उन्होंने कहा कि 17 सितंबर का दिन बेहद खास है। इसी दिन भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। इसी खास अवसर पर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी। अभियान के पहले दिन दिन में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद शाम को ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने का कार्यक्रम होगा।
बीजेपी की ओर से कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दें। गया में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर सफल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा पीएम मोदी का जयंती अपने आप में विशेष संयोग 

वहीं, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा की जयंती एक ही दिन पड़ना अपने आप में विशेष संयोग है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से शुरू होने वाला सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक पूरे देश में चलेगा। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बिहार के लोगों से भी सेवा संकल्प अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही कहा कि 17 सितंबर को अपने-अपने घरों में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद दें और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के पूर्वी जिला अध्यक्ष विजय मांझी, गुरुआ विधायक उपेंद्र प्रसाद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बीजेपी का दावा है कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए सेवा, सामाजिक सहभागिता और जनसंपर्क को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
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गया में नई बलेनो का धमाकेदार आगाज, प्रीमियम लुक और एडवांस फीचर्स ने मचाई धूम

गया। मारुति सुजुकी की लोकप्रिय प्रीमियम हैचबैक नई बलेनो ने गया के ऑटोमोबाइल बाजार में धमाकेदार दस्तक दी है। बोधगया के दोमुहान स्थित कार्लो मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत मारुति सुजुकी डीलरशिप शोरूम में नई बलेनो की भव्य लॉन्चिंग की गई। 

लॉन्चिंग समारोह में बड़ी संख्या में ग्राहक, ऑटोमोबाइल प्रेमी, कंपनी के अधिकारी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ बोधगया की चेयरमैन कौशमी देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद केक काटकर नई बलेनो को आधिकारिक रूप से ग्राहकों के लिए पेश किया गया। 

नई बलेनो के शानदार लुक और प्रीमियम इंटीरियर को देखकर मौके पर मौजूद ग्राहक खासे उत्साहित नजर आए। नई बलेनो को आकर्षक डिजाइन, दमदार इंजन, आधुनिक तकनीक और एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस किया गया है। कार का प्रीमियम इंटीरियर और आधुनिक सुविधाएं इसे अपने सेगमेंट में खास बनाती हैं। लॉन्चिंग के दौरान ग्राहकों ने कार के डिजाइन, लुक और फीचर्स की जमकर सराहना की।
कंपनी के अनुसार, नई बलेनो की एक्स-शोरूम कीमत 6 लाख 10 हजार रुपये से शुरू है। गया स्थित कार्लो मोटर्स शोरूम में इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है। कंपनी की ओर से जल्द ही बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को कार की डिलीवरी दी जाएगी।
लॉन्चिंग समारोह में कार्लो मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव कुमार, सीईओ शिवम कुमार और जीएम सेल्स नयन रंजन सहित कंपनी के अधिकारी, फाइनेंस प्रतिनिधि और बैंक से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। नई बलेनो के लॉन्च के साथ गया में मारुति सुजुकी के ग्राहकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला।
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पितृपक्ष मेले में नहीं गुल होगी बिजली! 24 घंटे मुस्तैद रहेगा विद्युत विभाग, गया जी में निर्बाध आपूर्ति को लेकर 7 कंट्रोल रूम तैयार, तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगी टीमें; 9 किमी AB केबल बिछी, 8 ट्रांसफॉर्मरों की बढ़ाई जा रही क्षमता

गया: पितृपक्ष मेला 2026 में देश-विदेश से गया जी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित बिजली उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग ने कमर कस ली है। 25 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष मेले को देखते हुए विभाग ने मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। विभाग का जोर न केवल 24 घंटे बिजली आपूर्ति पर है, बल्कि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर भी है। विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति अंचल, गयाजी संदीप प्रकाश ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 7 नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) बनाए गए हैं। इन कंट्रोल रूम में अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई जाएगी। फील्ड में तैनात टीमों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए उन्हें वॉकी-टॉकी से लैस किया जा रहा है, ताकि शिकायत मिलते ही मौके पर टीम पहुंच सके।

9 किलोमीटर कवर तार, खुले ट्रांसफॉर्मरों की हो रही बैरीकेडिंग

गयाजी शहरी क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण काम किए जा रहे हैं। बंगाली आश्रम से मंदिर तक पेड़ों की छंटाई पूरी कर ली गई है। शाहमीर तक्या मोड़ से मंदिर तक फैले विद्युत तारों को व्यवस्थित करने का काम जारी है। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए खुले ट्रांसफॉर्मरों की बैरीकेडिंग कराई जा रही है। वहीं, खुले नंगे तारों को हटाकर अब तक करीब 9 किलोमीटर AB Cable (कवर तार) बिछाई जा चुकी है। सभी 33 केवी और 11 केवी फीडरों का रखरखाव भी पूरा कर लिया गया है। मेला क्षेत्र में बढ़ने वाले विद्युत भार को देखते हुए करीब 8 अदद 200 केवीए ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाकर 315 केवीए की जा रही है।

प्रेतशिला से सीता कुंड तक बिजली व्यवस्था मजबूत

ग्रामीण विद्युत प्रमंडल द्वारा भी मेला क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रेतशिला पहाड़ी और मेला क्षेत्र में स्थापित 4 ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव पूरा कर लिया गया है। प्रेतशिला पहाड़ पर बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 15 नए पोल गाड़कर लाइन को ऊपर ले जाने का काम चल रहा है। आसपास के क्षेत्रों में करीब 5 किलोमीटर LT लाइन की केबलिंग की गई है। अमरपुर फीडर में 11 केवी लाइन के लगभग 2 किलोमीटर खुले तारों को कवर तारों से बदला जा रहा है। मानपुर प्रमंडल के सीता कुंड मेला क्षेत्र में भी विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। यहां एक अतिरिक्त 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। साथ ही 11 केवी लाइन का रखरखाव, करीब 500 मीटर रिकंडक्ट्रिंग और LT केबलिंग का कार्य पूरा कराया गया है।

पोल पर डाइइलेक्ट्रिक पेंट, PSS की होगी जांच

मेला क्षेत्र से जुड़े सभी पावर सब-स्टेशनों की जांच MRT टीम द्वारा की जा रही है। बिजली पोलों पर सुरक्षा की दृष्टि से डाइइलेक्ट्रिक पेंट कराया जा रहा है। अस्थायी पंडालों, शिविरों और दुकानों को तत्काल अस्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा दंडीबाग विद्युत शक्ति उपकेंद्र की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। सभी कार्यपालक अभियंताओं को तीर्थयात्रियों के आवासन स्थलों के आसपास विद्युत तारों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है। कुल मिलाकर, पितृपक्ष मेले में बिजली व्यवस्था को लेकर विभाग ने ऐसा इंतजाम तैयार करने का लक्ष्य रखा है कि श्रद्धालुओं को बिजली कटौती या तकनीकी खराबी के कारण किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और गया जी की धार्मिक यात्रा उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक रहे।
गया में 27 लाख की रंगदारी के लिए युवक का अपहरण, Instagram पर प्रेमजाल बिछाकर बुलाया था

गया: गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में 27 लाख रुपये की रंगदारी के लिए युवक के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर पुलिस उपाधीक्षक-2 धर्मेंद्र भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।

 प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पुलिस उपाधीक्षक 02 धर्मेंद्र भारती ने कहा कि 7 सितंबर 2026 को शोभा देवी ने रामपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा सिकरिया मोड़ जाने की बात कहकर निकला था। कुछ देर तक परिजनों से फोन पर बात हुई, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। बाद में परिजनों को फोन और मैसेज के जरिए 27 लाख रुपये रंगदारी की मांग की गई।
मामले की सूचना मिलते ही रामपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने तकनीकी सहयोग के आधार पर करीब 8 से 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल बरामद कर लिया। कार्रवाई के दौरान अपहरण की साजिश में शामिल दो पुरुष और एक महिला समेत आरोपियों को पकड़ा गया है।
Instagram पर प्रेमजाल बिछाकर बनाया था शिकार
जांच में पुलिस के सामने आया कि युवक को कथित तौर पर Instagram के जरिए टारगेट किया गया। एक महिला ने उससे बातचीत शुरू कर प्रेम संबंध का झांसा दिया और मिलने के लिए सिकरिया मोड़ बुलाया। वहां पहुंचने के बाद युवक का अपहरण कर लिया गया और उसका मोबाइल बंद कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, अपहरण के पीछे पैसे की वसूली का विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस युवक का अपहरण किया गया, उसके पिता से नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ रकम ली गई थी। इसी बकाया रकम को वसूलने के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रची गई और फिर परिवार से 27 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई।
नगर पुलिस उपाधीक्षक-2 धर्मेंद्र भारती ने बताया कि एसएसपी के स्पष्ट निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में अपहृत युवक को बरामद कर लिया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बाइट : धर्मेंद्र भारती, नगर पुलिस उपाधीक्षक 2
मगध मेडिकल अस्पताल में DM का बड़ा एक्शन: मगध मेडिकल में हंगामे के बाद DM का ‘ऑपरेशन सुधार’, 6 मैनेजरों का वेतन बंद; 10 दिन में व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम

गया: मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों के परिजनों और सुरक्षा गार्डों के बीच लगातार हो रही हाथापाई की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन अब सख्त एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को नवजात बच्चे की तबीयत जानने के लिए डॉक्टर से मिलने अस्पताल के अंदर जाने को लेकर एक मरीज के परिजन और गार्ड के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना के अगले ही दिन बुधवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर खुद मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचे और पूरे अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर डीएम ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीएम ने अस्पताल परिसर से लेकर विभिन्न वार्डों तक साफ-सफाई, जलजमाव, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाले भोजन, डॉक्टरों की उपस्थिति और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। साफ-सफाई की स्थिति अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद अस्पताल में कार्यरत सभी छह हॉस्पिटल मैनेजर एवं हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगने तथा तत्काल प्रभाव से उनका वेतन बंद करने का निर्देश दिया।
डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में 10 दिनों के भीतर अपेक्षित सुधार दिखना चाहिए। यदि तय समय में स्थिति नहीं सुधरी तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

प्रवेश द्वार पर जलजमाव, 7 दिन में दूर होंगी कमियां

निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन के प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी जमा मिला। डीएम ने तत्काल जल निकासी कराने और प्रवेश द्वार के आसपास पेवर ब्लॉक लगाने का निर्देश बीएमएसआईसीएल की एजेंसी को दिया। अस्पताल परिसर में जलजमाव वाले सभी स्थानों को चिन्हित कर स्थायी समाधान करने को कहा गया। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में खराब पंखे और एयर कंडीशनर तथा एमसीएच वार्ड में खराब AC समेत अन्य तकनीकी कमियों को भी तत्काल दुरुस्त करने का आदेश दिया गया। ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर अतिरिक्त रोशनी लगाने और चिन्हित सभी कमियों को सात दिनों के अंदर दूर करने का निर्देश दिया गया।

निजी एंबुलेंस पर ‘नो एंट्री’ अस्पताल परिसर में निजी 

एंबुलेंस खड़ी मिलने पर डीएम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए। एसडीओ सदर और पुलिस उपाधीक्षक नगर को तत्काल विशेष अभियान चलाकर परिसर में खड़ी निजी एंबुलेंस को बाहर कराने और नियम के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी नहीं

नवजात शिशु ओपीडी का निरीक्षण करते हुए डीएम ने डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रही दवाओं और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि मरीजों को किन दवाओं के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि सभी आवश्यक बेसिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।

रोज बदलेगी बेडशीट, कलर कोड का होगा पालन

वार्डों में बेडशीट की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने राज्य सरकार के निर्देश के मुताबिक प्रतिदिन निर्धारित कलर कोड के अनुसार बेडशीट बदलने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफाई की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। गंदगी मिलने पर संबंधित सफाई एजेंसी पर पेनल्टी की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने विभिन्न वार्डों के शौचालयों का भी स्वयं निरीक्षण किया। कई जगह सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए और सुलभ सफाई एजेंसी को नियमित एवं बेहतर सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

रात में डॉक्टरों की ड्यूटी पर होगी खास निगरानी

डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल का डॉक्टर रोस्टर सभी प्रमुख और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। खासकर रात की ड्यूटी में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक और उपाधीक्षक को हर रात औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों की उपस्थिति जांचने और इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन डीएम को देने का निर्देश दिया गया।

24 घंटे में भोजन की गुणवत्ता सुधारने का आदेश

मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई। डीएम ने भोजन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताते हुए अस्पताल अधीक्षक को अगले 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि मगध मेडिकल अस्पताल में दूर-दराज से बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। ऐसे में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति, भोजन, पेयजल, शौचालय, प्रकाश और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को मरीजों के प्रति पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
मगध मेडिकल अस्पताल में नवजात की हालत पूछने पहुंचे परिजनों की गार्ड से भिड़ंत, अधीक्षक कार्यालय के बाहर जमकर लाठी-लात-घूसे

गया। मगध मेडिकल अस्पताल में मरीजों के इलाज के साथ-साथ अब आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं भी चिंता बढ़ाने लगी हैं। मंगलवार को एक बार फिर अस्पताल परिसर में परिजन और सुरक्षा गार्ड आमने-सामने आ गए। नवजात बच्चे की हालत की जानकारी लेने डॉक्टर से मिलने पहुंचे परिजनों को रोकने को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। अधीक्षक कार्यालय के बाहर पोर्टिको में दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी, लात और घूसे चले। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि मगध मेडिकल अस्पताल में एक महीने के भीतर मारपीट और लाठीबाजी की यह दूसरी बड़ी घटना है। कुछ दिन पहले भी इमरजेंसी से बाहर निकलने को लेकर परिजनों और सुरक्षा गार्डों के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान भी दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठीबाजी हुई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के साथ संवाद की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

औरंगाबाद से पांच दिन पहले गंभीर हालत में लाया गया था नवजात

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद के रहने वाले परिजन अपने नवजात बच्चे को इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्चे को दो सितंबर को अस्पताल के एनआइसीयू में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। परिवार के कई सदस्य लगातार अस्पताल पहुंचकर बच्चे की स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को भी बच्चे के परिजन उसके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए इलाज कर रहे डॉक्टर से मिलना चाहते थे। इसी दौरान सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोक दिया। इस बात को लेकर परिजनों और गार्डों के बीच कहासुनी शुरू हो गयी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। पोर्टिको में लाठी, लात और घूसे चलने लगे। काफी देर तक हंगामा होने के कारण वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विवाद शुरू करने और मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं।

बीमार मरीज के परिजन तनाव में, गार्डों से भी बढ़ रहा टकराव

मगध मेडिकल अस्पताल में परिजनों और सुरक्षा गार्डों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। अस्पताल से जुड़े लोगों का कहना है कि गंभीर मरीज के परिजन पहले से ही मानसिक तनाव में रहते हैं। वे अपने मरीज की हालत और इलाज को लेकर परेशान रहते हैं। दूसरी ओर, गार्ड और अस्पताल कर्मचारी भी कई बार परिजनों के व्यवहार से नाराज हो जाते हैं। ऐसे में छोटी-सी बात देखते ही देखते बड़े विवाद का रूप ले लेती है।
अस्पताल सूत्रों की मानें तो मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिलने, जानकारी हासिल करने में परेशानी और व्यवस्था संबंधी समस्याओं के कारण भी कई बार परिजनों में नाराजगी पैदा होती है। यही नाराजगी विवाद का कारण बन जाती है। अस्पताल में सप्ताह में एक-दो बार इस तरह के विवाद सामने आने की बात भी कही जा रही है।

20 मीटर दूर बैठे थे उपाधीक्षक, बोले- मुझे जानकारी नहीं

घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस स्थान पर मारपीट हुई, वहां से करीब 20 मीटर की दूरी पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीके अग्रवाल अपने चेंबर में मौजूद थे। घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई घटना के बारे में बताएगा, तभी उन्हें जानकारी हो सकेगी। उनके पास मारपीट की घटना की सूचना नहीं पहुंची थी।

विभागाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को समझाकर कराया शांत

शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि नवजात को दो सितंबर को औरंगाबाद से लाकर भर्ती कराया गया था। परिजन और गार्ड के बीच विवाद की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की और मामला शांत कराया।
उन्होंने बताया कि नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चे की स्थिति पर नजर रख रही है और उसे बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच अब सवाल यह है कि अस्पताल प्रशासन मरीजों के परिजनों और सुरक्षा गार्डों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए आखिर कब ठोस व्यवस्था करेगा।
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गया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 9 पुलिसकर्मी निलंबित गया पुलिस में देर से लौटी ड्यूटी तो गिरी गाज! SSP सुशील कुमार ने 9 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

गया। पुलिस ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर गया पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने मंगलवार देर रात जानकारी देते हुए बताया कि अवकाश समाप्त होने के बाद निर्धारित समय पर ड्यूटी पर वापस योगदान नहीं देने वाले कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें एक पुलिस अवर निरीक्षक (पु0अ0नि0), एक सहायक अवर निरीक्षक (स0अ0नि0) और सात सिपाही शामिल हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।

जानकारी के अनुसार पुलिस केन्द्र, गया में वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार द्वारा जाँच की गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर वापसी और योगदान से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई। जाँच में सामने आया कि नौ पुलिसकर्मी निर्धारित समय पर अवकाश से वापस लौटकर अपनी ड्यूटी पर योगदान नहीं दिए थे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सभी नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 

एक साथ 9 पर कार्रवाई, महकमे में सख्त संदेश

एक ही मामले में नौ पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। कार्रवाई के दायरे में अधिकारी से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। इससे साफ संकेत गया है कि ड्यूटी के मामले में पद या रैंक के आधार पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
SSP सुशील कुमार ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने कर्तव्य के प्रति अनुशासित, सजग और जिम्मेदार रहें। पुलिस सेवा में समय की पाबंदी और ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में निर्धारित समय पर अवकाश से वापस नहीं लौटना विभागीय अनुशासन के विपरीत माना गया।

ड्यूटी में लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई

गया पुलिस की इस कार्रवाई से पुलिसकर्मियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरीय अधिकारियों की ओर से लगातार पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने की हिदायत दी जा रही है।
पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण और जाँच की जाती है। इसी क्रम में पुलिस केन्द्र, गया में हुई जाँच के दौरान निर्धारित समय पर ड्यूटी पर योगदान नहीं देने का मामला सामने आया, जिसके बाद संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।

SSP की सख्ती से पुलिसकर्मियों में बढ़ी जिम्मेदारी की भावना

SSP सुशील कुमार द्वारा की गई इस कार्रवाई को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहें और विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा का पालन करें। गया पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी पुलिस पदाधिकारी और कर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ करें। अवकाश, ड्यूटी और योगदान से जुड़े नियमों का पालन करना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है। निर्धारित समय पर ड्यूटी पर वापस नहीं आने के मामले में हुई यह कार्रवाई इसी जिम्मेदारी को रेखांकित करती है।

कुल मिलाकर, गया में 9 पुलिसकर्मियों का निलंबन पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर SSP सुशील कुमार के सख्त तेवर का संकेत है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिसकर्मियों को साफ संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही की कीमत कार्रवाई के रूप में चुकानी पड़ सकती है।
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पत्नी से छेड़छाड़ और केस उठाने का दवाब में बादमाशों ने किया जानलेवा हमला, मामले में तीन का सिर फूटा; चार मगध मेडिकल में भर्ती

गया। बोधगया थाना क्षेत्र के नौवां गांव में पत्नी के साथ छेड़छाड़ और पूर्व में दर्ज शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित रौशन कुमार का आरोप है कि केस उठाने का दबाव बनाते हुए आरोपितों ने उसके साथ और परिवार के लोगों के साथ जमकर मारपीट की। मारपीट में तीन लोगों के सिर फट गए, जबकि चार घायलों का इलाज मगध मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।

पीड़ित रौशन कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि कुंदन कुमार, अभिषेक कुमार, प्रमोद सिंह, रामानंद सिंह और डब्लू कुमार ने उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की। इसका विरोध करने और पूर्व की शिकायत/केस को उठाने से इनकार करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित के अनुसार, आरोपित लगातार मामले को उठाने का दबाव बना रहे थे। इसी क्रम में दोबारा विवाद हुआ और आरोपितों ने लाठी-डंडे से मारपीट कर दी। घटना में तीन लोगों के सिर में गंभीर चोट लगी है। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

लिखित आवेदन में व मीडिया में दिए गए बयान में पीड़ित ने बताया है कि इससे पहले भी 29 अगस्त 2026 को मामले को लेकर पुलिस को आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद आरोपितों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि पूर्व की शिकायत के बाद भी आरोपितों ने दोबारा छेड़छाड़ की और केस उठाने का दबाव बनाते हुए मारपीट की।

पीड़ित रौशन कुमार ने बोधगया पुलिस से आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
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गया में कुम्हार समाज की हुंकार: एमएलसी शिवरानी प्रजापति का भव्य स्वागत, बोलीं—हक की हर लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे

गया। बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के प्रजापति भवन में जदयू महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष एवं एमएलसी शिवरानी प्रजापति का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान कुम्हार समाज के उत्थान और लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

एमएलसी शिवरानी प्रजापति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दिया। आज महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर पंचायत से लेकर महत्वपूर्ण पदों तक अपनी भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने 2006 में लागू महिला आरक्षण और जीविका जैसी योजनाओं के लिए नीतीश कुमार के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज के उत्थान के लिए वह सदैव तत्पर रहेंगी। माटी कला बोर्ड के गठन सहित समाज की अन्य मांगों को सरकार के समक्ष रखा गया है और इस दिशा में बातचीत जारी है। जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने कहा कि समाज को अब विधानसभा और विधान परिषद में मजबूत आवाज मिली है। कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने, माटी कला बोर्ड के गठन और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। जदयू जिला सचिव विनोद कुमार जया ने शिवरानी प्रजापति को एमएलसी बनाए जाने पर नीतीश कुमार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे कुम्हार समाज को राजनीतिक मजबूती मिली है।
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Samrat Choudhary 
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दो मासूमों को मिला नया आशियाना: गया डीएम ने कराया विधिवत दत्तक ग्रहण, बोले—हर बच्चे को परिवार का प्यार और सुरक्षित भविष्य पाने का अधिकार

पश्चिम बंगाल के दंपत्ति ने बालिका को लिया गोद, उत्तर प्रदेश की एकल महिला बनी बालक की मां; डीएम ने दत्तक अभिभावकों से बेहतर परवरिश और शिक्षा देने की अपील की

गया: बिहार के गया जिले में मंगलवार को दो मासूम बच्चों के जीवन में नई उम्मीद और नई खुशियों की शुरुआत हुई। जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर के कर-कमलों द्वारा दो बच्चों का विधिवत दत्तक ग्रहण कराया गया। निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद एक बालिका को पश्चिम बंगाल के दंपत्ति तथा एक बालक को उत्तर प्रदेश की एकल महिला को विधिवत सौंपा गया। दोनों बच्चों को अब अपने नए परिवार में स्नेह, संरक्षण और बेहतर भविष्य का अवसर मिलेगा।

दत्तक ग्रहण के अवसर पर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने दोनों बच्चों और उनके नए अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल, सुरक्षित और सुखद भविष्य की कामना करते हुए दत्तक अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों की तरह भरपूर प्यार और अपनापन दें। उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समुचित पालन-पोषण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

‘हर बच्चे को परिवार का प्यार पाने का अधिकार’

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि हर बच्चे को परिवार का प्यार, संरक्षण और बेहतर भविष्य पाने का अधिकार है। जरूरतमंद बच्चों को परिवार का स्नेह और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में दत्तक ग्रहण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि जो सक्षम परिवार बच्चों को अपनाने की इच्छा रखते हैं, वे आगे आएं और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से दत्तक ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण केवल किसी बच्चे को अपने परिवार में शामिल करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उसके जीवन को सुरक्षित दिशा देने और उसे परिवार का भावनात्मक सहारा उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे बच्चों को जब परिवार का प्यार, उचित शिक्षा और संरक्षण मिलता है तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव तैयार होती है।

अवैध तरीके से गोद लेने से बचें

डीएम ने आम लोगों को दत्तक ग्रहण के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी बच्चे को अवैध या अनधिकृत तरीके से गोद नहीं लिया जाना चाहिए। बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया केवल निर्धारित कानूनी प्रावधानों और सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से बच्चे को गोद लेना न केवल बच्चे के अधिकारों और सर्वोत्तम हितों के प्रतिकूल है, बल्कि कानूनन भी उचित नहीं है। इसलिए इच्छुक अभिभावकों को दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप ही पूरी करनी चाहिए, ताकि बच्चे के अधिकार, सुरक्षा और भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। 

अधिकारियों की रही मौजूदगी

दत्तक ग्रहण कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई, गया के सहायक निदेशक, बाल संरक्षण पदाधिकारी, गया तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, गया के समन्वयक सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप संपन्न कराई गई। 

दोनों बच्चों को नया परिवार मिलने के साथ ही उनके जीवन में एक नई शुरुआत हुई। प्रशासन की ओर से इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि समाज के सक्षम लोग आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जरूरतमंद बच्चों को परिवार का स्नेह और सुरक्षित भविष्य देने में अपनी भूमिका निभाएं।
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गया शहर के श्री नारायण फिजियोथेरेपी क्लिनिक में गर्दन से घुटने तक दर्द का इलाज, आधुनिक फिजियोथेरेपी से मिलेगा छुटकारा, कपिंग थेरेपी की भी व्यवस्था है

गया। लंबे समय से कमर, गर्दन, घुटने, जोड़ों या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द से परेशान लोगों के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा गया शहर में उपलब्ध है। गया शहर के जीबी रोड स्थित श्री नारायण फिजियोथेरेपी क्लिनिक में आधुनिक मशीनों, मैनुअल थेरेपी और विभिन्न फिजियोथेरेपी तकनीकों के माध्यम से कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का इलाज हो रहा है। यहां मरीज की समस्या और शारीरिक स्थिति के अनुसार उपचार किया जाता है तथा दर्द से छुटकारा दिलाया जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठकर काम करने, मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल करने, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ती उम्र या अन्य कारणों से लोगों में कमर दर्द, गर्दन दर्द, सर्वाइकल, घुटने एवं जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कई बार दर्द और जकड़न के कारण लोगों को उठने-बैठने, चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होती है। ऐसे मरीजों के लिए क्लिनिक में फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

गर्दन का दर्द आजकल आम समस्या बनती जा रही है। लंबे समय तक मोबाइल देखने, कंप्यूटर पर काम करने या गलत मुद्रा में बैठने से गर्दन और कंधे के आसपास दर्द एवं जकड़न हो रही है। श्री नारायण फिजियोथेरेपी क्लिनिक में गर्दन दर्द और सर्वाइकल से जुड़ी समस्याओं का इलाज फिजियोथेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है।

फिजियोथेरेपी के साथ सर्वाइकल कपिंग थेरेपी का भी उपयोग किया जाता है। इसके माध्यम से गर्दन और आसपास की मांसपेशियों से संबंधित परेशानी में मरीज को राहत पहुंचाने और दर्द से छुटकारा दिलाने का प्रयास किया जाता है। क्लिनिक की ओर से बताया गया है कि सर्वाइकल और गर्दन के दर्द से परेशान मरीजों का उनकी समस्या के अनुसार इलाज किया जाता है। हालांकि प्रत्येक मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए थेरेपी का चयन भी उसकी स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। श्री नारायण फिजियोथेरेपी क्लिनिक में डॉ. आर.के. सिंह इलाज करते हैं।
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पितृपक्ष मेला 2026: जिलाधिकारी द्वारा बोधगया स्थित धर्मारण्य, सरस्वती एवं मातंगवापी वेदियों का सघन निरीक्षण; तीर्थयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर दिए कड़े निर्देश

गया: विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के सफल, सुगम एवं सुरक्षित आयोजन की तैयारियों के क्रम में आज जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा बोधगया प्रखंड अंतर्गत प्रमुख पिंडदान स्थलों यथा धर्मारण्य, सरस्वती एवं मातंगवापी वेदियों का स्थल निरीक्षण किया गया। 

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को उच्चस्तरीय नागरिक सुविधाएं, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना रहा।

निरीक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश

 *स्वच्छता एवं जलापूर्ति:* वेदी परिसरों एवं प्रमुख पहुंच पथों की 24×7 नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश नगर परिषद एवं संबंधित एजेंसियों को दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था अविलंब पूर्ण करने को कहा गया।

सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था

पिंडदानियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, वॉच टावर और उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी वेदियों, संपर्क मार्गों एवं पार्किंग स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा हाई-मास्ट/एलईडी लाइट लगाने का आदेश दिया गया।

यातायात व भीड़ प्रबंधन: बोधगया क्षेत्र में वाहनों के सुगम परिचालन हेतु समुचित ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तथा वेदियों के समीप सुनियोजित पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में असुविधा न हो।

स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन: वेदी स्थल के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सचल (मोबाइल) मेडिकल टीम, एम्बुलेंस तथा जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। मातंगवापी जलाशय क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में गोताखोरों, एसडीआरएफ टीम एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। वेदी स्थल वे समीप नदी के किनारों/ घाटों पर गहरे पानी को देखते हुए बैरिकेडिंग करवाये। 

श्रद्धालु सहायता केंद्र: तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए 'मे आई हेल्प यू' (May I Help You) बूथ तथा उद्घोषणा (PA) सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को गयाजी में अतिथि देवो भवः की भावना के अनुरूप अनुभव मिलना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं व पदाधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर सभी बुनियादी कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी गई।
  ज़िला पदाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को बोधगया के लिये विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करवाने का निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के अध्यक्ष, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद पदाधिकारी तथा पंडा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
District Administration, GAYA 
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‘1.90 लाख रुपए देने की बात थी, वह कहां गया’: तेजस्वी ने सरकार को घेरा, बोले- भुइयां-मुसहर समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा
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बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका एवं कर्मचारी यूनियन संघ का दो दिवसीय आठवां सम्मेलन, राज्य एवं जिला शाखा में नए पदाधिकारियों को किया गया मनोनीत, राज्यध्यक्ष बने अनिता झा तो जिलाध्यक्ष बनी हेमंती

गया: बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका एवं कर्मचारी यूनियन संघ का दो दिवसीय आठवां सम्मेलन  बोधगया प्रखण्ड के टेकुना फार्म स्थित एक होटल सभागार में संपन्न हुई ।कार्यक्रम की शुरुआत झंडा तोलन कर एवं शाहिद बेदी पर माल्यार्पण कर किया गया ।इस मौके पर संघ के पूर्व पदाधिकारी रहे मृत आत्मा के शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया।इस दो दिवसीय सभा के साथ पदाधिकारियों का चुनाव की कार्यवाही भी गई ।चुनाव सम्पन्न कराने के लिए बिना कुमारी उपाध्यक्ष आइफ दिल्ली से चुनाव  पदाधिकारी के रूप में किशोरी वर्मा ऑल इंडिया फेडरेशन की उपाध्यक्ष को प्रभारी बनाया गया ।साथ ही अध्यक्ष मंडल के अध्यक्ष अनीता झा मीना कुमारी शोभा कुमारी को बनाया गया।इस मौके पर किशोरी वर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय ऑल इंडिया में धरना प्रदर्शन है और हम लोग धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को अपनी मांग को रखेंगे । इस उम्मीद और भरोसा के साथ गया जिला में जिला का और राज्य का चुनाव करके जा रही हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो और ज्यादा से ज्यादा संख्या में हमारे बिहार के आंगनबाड़ी सेविका सहायिका भाग ले। सर्वसम्मति से कार्यकारी अध्यक्ष मीना कुमारी को बनाया गया।वही राज्य अध्यक्ष अनीता झा , महामंत्री नीलम कुमारी,अरवल ,राज्य कोषाध्यक्ष मधु कुमारी गया को बनाया गया है जबकि सचिव रितिका कुमारी उपाध्यक्ष बनाया गया।वही मंजू कुमारी, विजय कुमार, रविंद्र कुमार ,पार्वती कुमारी, शमशाद बेगम,मंटू देवी,कार्यकारिणी सदस्य के रूप में नियुक्त किये गए।

 जिला सम्मेलन के मौके पर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर  एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रश्मि वर्मा सभा में आकर सेविका सहायिकाओं को हौसला बुलंद किया ।वही उपस्थित होकर उनकी मांगों को सुने ।  गया जिला सम्मेलन में महामंत्री मीना कुमारी एवं निलम कुमारी आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की राज्य अध्यक्ष अनीता झा अनुपम कुमार एवं रवींद्र सिंह वीणा गुप्ता ने भाग लिया। जिला के अध्यक्ष कोषाध्यक्ष प्रतिवेदन सदन में रखा गया जिसे सदन के द्वारा सर्वसमिति से पारित किया गया ।
गया जिला सम्मेलन के दौरान सहसम्मति से सम्मानित अध्यक्ष को अनिता झा ,मुख्य संरक्षक प्रेमलता सिंहा, कार्यकारी अध्यक्ष सुनीला देवी
उपाध्यक्ष रेखा कुमारी, संगीता कुमारी, रेणु कुमारी, इंदु कुमारी,
जिला मंत्री मधु कुमारी सहायक जिला मंत्री रितिका कुमारी एवं रेखा कुमारी को बनाया गया ।जबकि अध्यक्ष हेमंती देवी और कोषाध्यक्ष मंजू कुमारी, सहायक कोषाध्यक्ष  प्रमिता देवी ,संघर्ष मंत्री मंजू कुमारी रीना कुमारी एवं  सुनीता कुमारी एवं रूबिता कुमारी ,लालसा कुमारी, संगठन मंत्री सुलेखा कुमारी  उर्मिला देवी बनाये गए।
 जिला कार्यकारिणी के सदस्य सुमन कुमारी, अरफा शमीम ,नगिना देवी, अनीता रॉय,सरिता कुमारी आदि उपस्थित रहे।
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पितृपक्ष मेला 2026: जिला पदाधिकारी ने विष्णुपद मेला क्षेत्र का किया सघन पैदल निरीक्षण, 15 सितंबर तक सभी कार्य पूर्ण करने का सख्त निर्देश

गया: आगामी विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को धरातल पर परखने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, गया श्री शंशाक शुभंकर द्वारा आज विष्णुपद मेला क्षेत्र का विस्तृत पैदल निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मेला क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को 15 सितंबर 2026 तक सभी तैयारियां अनिवार्य रूप से पूर्ण करने की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की।

जिला पदाधिकारी का यह पैदल निरीक्षण चांद चौरा से प्रारंभ होकर नारायण चुआ, बंगाली आश्रम, विष्णुपद श्मशान घाट और देवघाट होते हुए विष्णुपद मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ।

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं की गहन समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए:

सड़क एवं पहुंच पथ: निरीक्षण मार्ग में पड़ने वाली सभी सड़कों एवं संपर्क गलियों की स्थिति को देखा गया। जहां भी गड्ढे या टूट-फूट पाई गई, उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को बाधारहित बनाने का निर्देश दिया गया।

स्वच्छता एवं नालों की उड़ाही: मेला क्षेत्र, घाटों एवं गलियों में नालों की मुकम्मल उड़ाही व नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। खुले नालों को स्लैब से ढकने तथा जलजमाव की समस्या का तत्काल स्थायी समाधान करने के निर्देश नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

अतिक्रमण पर सख्त रुख: पैदल निरीक्षण के दौरान मार्ग में पाए गए अस्थायी अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं एवं पिंडदानियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्युत आपूर्ति एवं स्ट्रीट लाइट: मार्ग में लटकते एवं जर्जर बिजली के तारों को तत्काल व्यवस्थित करने, खुले तारों को केबल से बदलने तथा खराब स्ट्रीट लाइट एवं हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत सुनिश्चित करने का आदेश विद्युत विभाग को दिया गया।

घाट एवं मंदिर परिसर की व्यवस्था: देवघाट और विष्णुपद मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सुरक्षा बैरिकेडिंग, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त प्रकाश एवं नागरिक सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं नोडल पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 15 सितंबर तक सभी बुनियादी सुविधाएं शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली जाएं, ताकि मेले के विधिवत शुभारंभ से पूर्व संपूर्ण मेला क्षेत्र पूर्णतः तैयार रहे।
District Administration, GAYA 
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पितृपक्ष मेले में टेक्नोलॉजी, बच्चों के हाथ में होगा बारकोडेड स्ट्रैप, बिछड़ते ही परिजनों के मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट, छह व्हीलचेयर मिलने से दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, जिलाधिकारी ने ट्रस्ट के प्रयासों को सराहा

गया। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ के बीच बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की समस्या से निपटने के लिए उनके हाथों में बारकोडेड स्ट्रैप लगाया जाएगा। यह स्ट्रैप बच्चे के परिजन के मोबाइल नंबर से लिंक रहेगा। बच्चा भीड़ में अपने परिजनों से अलग होते ही सिस्टम के माध्यम से मोबाइल पर अलर्ट पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को यह महत्वपूर्ण जानकारी व्हीलचेयर योगदान समारोह में दी। 

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को गया शहर के विष्णुपद रोड स्थित अशोक अतिथि निवास में आयोजित डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट, गया जी के द्वितीय स्थापना दिवस सह छह व्हीलचेयर योगदान समारोह को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पिछले वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। बच्चों को खोजने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के हाथ में लगाए जाने वाले बारकोडेड स्ट्रैप को उनके परिजनों के मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा। बच्चा निर्धारित दूरी से अलग होने पर परिजनों के मोबाइल पर मैसेज या अलर्ट पहुंच सकेगा, जिससे तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि पितृपक्ष मेले की तैयारियों में इस बार टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नया इंटरैक्टिव वेबसाइट भी तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से मेले से संबंधित आवश्यक जानकारियां श्रद्धालुओं तक आसानी से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
छह व्हीलचेयर से दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से जिला प्रशासन को छह व्हीलचेयर प्रदान किए गए। इनका इस्तेमाल पितृपक्ष मेले में आने वाले दिव्यांग एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने संस्था के इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालु आते हैं। व्हीलचेयर की मदद से उन्हें मंदिर तक पहुंचाने और दर्शन के बाद वापस लाने में जिला प्रशासन को काफी सुविधा होगी। उन्होंने व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के लिए संस्था को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से इससे पहले गया रेलवे जंक्शन पर भी दिव्यांगों की सुविधा के लिए सहयोग दिया गया है।

सफाई से लेकर रोशनी तक, तैयारी तेज

जिलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेले में साफ-सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। मेले के अलग-अलग क्षेत्रों को जोन में बांटकर सफाई की व्यवस्था की जा रही है। गया नगर निगम के सहयोग से सजावट और प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

मेधावी गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति

ट्रस्ट के सदस्य कुमार गौरव सिन्हा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और मेधावी बच्चों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई में परेशानी झेल रहे प्रतिभावान बच्चों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति दी जाती है। जरूरत के अनुसार अच्छे संस्थानों में दाखिला दिलाने में भी संस्था सहयोग करती है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी चयनित बच्चों को छात्रवृत्ति दी गई थी और इस वर्ष भी जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। ट्रस्ट आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करेगा।
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Vikas Vaibhav, IPS 
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