ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
स्रोत पर कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर
भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 (Solid Waste Management Rules, 2026) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजनों में स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को बिहारशरीफ नगर निगम द्वारा कर्पूरी भवन, बिहारशरीफ में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नवीन व्यवस्था, कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण, संग्रहण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण एवं सुरक्षित निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। साथ ही, लैंडफिल पर निर्भरता को कम करने तथा कचरे के अधिकतम पुनर्चक्रण एवं उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के प्रभावी अनुपालन के लिए प्रत्येक घर, दुकान, कार्यालय एवं संस्थान से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग रखना आवश्यक है।
कचरे को मुख्य रूप से निम्नलिखित चार श्रेणियों में पृथक किया जाना है:—
1. गीला कचरा – भोजन का बचा हुआ हिस्सा, फल एवं सब्जियों के छिलके, फूल आदि।
2. सूखा कचरा – कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच आदि।
3. सैनिटरी कचरा – डायपर, सैनिटरी पैड आदि।
4. स्पेशल केयर कचरा – इस्तेमाल की गई बैटरी, बल्ब, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट के डिब्बे आदि।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कचरे के स्रोत पर पृथक्करण से लेकर डोर-टू-डोर संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमावली के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा नागरिकों को कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी, नालंदा श्रीमती उदिता सिंह ने स्वच्छ एवं कचरा मुक्त शहर के निर्माण में प्रशासन, नगर निकाय, जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों की सामूहिक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से ही स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव है। स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण इस पूरी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
प्रशिक्षण के माध्यम से उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को नागरिकों के बीच कचरा पृथक्करण, स्वच्छता व्यवहार, जिम्मेदार नागरिक सहभागिता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक जानकारी एवं व्यवहारिक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त, बिहारशरीफ श्री कृत्यानंद रंजन, माननीया महापौर श्रीमती अनिता देवी, माननीया उपमहापौर आईशा शाहीन, प्रशिक्षण फैसिलिटेटर श्री पवन झा, SKS Waste Management Services (OPC) Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि, बिहारशरीफ नगर निगम के सभी माननीय पार्षदगण तथा नालन्दा जिले के विभिन्न नगर निकायों के माननीय मुख्य पार्षद, माननीय उप मुख्य पार्षद, पार्षदगण, कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान “स्वच्छ नालन्दा, सुंदर नालन्दा एवं कचरा मुक्त नालन्दा” के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय एवं निरंतर सहभागिता को आवश्यक बताया गया।
सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने घर एवं प्रतिष्ठान से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही निर्धारित श्रेणियों में अलग-अलग रखें, नगर निकाय के कचरा संग्रहण कर्मियों को पृथक-पृथक कचरा उपलब्ध कराएं तथा स्वच्छता अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
स्वच्छता अपनाएं, कचरा अलग-अलग रखें—स्वच्छ, सुंदर एवं कचरा मुक्त नालन्दा के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Sharif Nagar Nigam
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