प्रेस विज्ञप्ति
स्थान : नालंदा
दिनांक–05 सितंबर 2026
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा
“सफलता का वास्तविक बिंदु है आत्मनिर्भरता, मूल्यों की रक्षा और आत्मसम्मान”: शिक्षक दिवस पर छात्राओं से बोलीं नालंदा डीएम
• ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत हरदेव भवन में आयोजित हुआ ‘शिक्षक दिवस सम्मान समारोह एवं संवाद कार्यक्रम’
• जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने छात्राओं से साझा किए जीवन व करियर के गूढ़ अनुभव
• आईआईटी दिल्ली के दिनों को किया याद
• छात्राओं ने जाना आई.सी.सी.सी. (ICCC) का सुरक्षा तंत्र और लोक शिकायत निवारण प्रणाली का महत्व
*बिहार शरीफ (नालंदा):* ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में ‘शिक्षक दिवस सम्मान समारोह एवं संवाद कार्यक्रम’ का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, नालंदा श्रीमती उदिता सिंह ने कन्या मध्य विद्यालय (कमरुद्दीनगंज) की छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सपनों की उड़ान, व्यवहारिक समस्याएं एवं कृषि पर चर्चा
संवाद सत्र में छात्राओं ने निर्भीक होकर आईएएस, शिक्षक बनने तथा एनजीओ के जरिए समाज सेवा करने के अपने लक्ष्यों को साझा किया। साथ ही छात्राओं ने विद्यालय से जुड़ी समस्याएं—जैसे शिक्षकों की कमी और स्टेज खुला होने के कारण धूप-बारिश में सांस्कृतिक गतिविधियों में होने वाली कठिनाइयां—डीएम के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में छात्रा सुप्रिया कुमारी ने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि माँ जीवन देती है, किंतु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का निःस्वार्थ कार्य शिक्षक ही करते हैं।
जिलाधिकारी का छात्राओं को दार्शनिक व प्रेरणादायी संदेश
छात्राओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए जिलाधिकारी ने दार्शनिक अंदाज में जीवन, करियर और समाज से जुड़े कई गूढ़ पहलुओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं। जिस दिन आप आत्मनिर्भर हो जाते हैं और खुद में सक्षम बन जाते हैं, वही आपकी सफलता का वास्तविक बिंदु है। अपने मानवीय व नैतिक मूल्यों (Values) को प्राप्त करना, उन्हें बचाए रखना और समाज के लिए अच्छा कार्य करना ही सफलता का मूल मंत्र है।
उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि समाज में हर व्यक्ति आपकी तारीफ करे। यदि आप अपने भीतर आत्मसम्मान बना पाते हैं, तो उससे बड़ी कोई उपलब्धि नहीं है। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जिस दिन उनका चयन आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) में हुआ था, उसी दिन उनमें यह गहरा आत्मविश्वास जगा कि वे जीवन में कुछ सार्थक और बड़ा कर सकती हैं। आत्मनिर्भरता और आत्मबल मनुष्य की सोच और प्रतिक्रिया को बदलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
उन्होंने समझाया कि अकादमिक जगत में हमेशा नए और इनोवेटिव विचारों का स्वागत होता है, जबकि प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकांश प्रक्रियाएं और दायित्व पूर्व-निर्धारित (Defined) होते हैं।
किसान आज भी मजबूर क्यों हैं और उनकी स्थिति दयनीय क्यों है? छात्रा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पारंपरिक पैटर्न की जगह आधुनिक, यंत्रीकृत और मिश्रित खेती (Mixed Farming) के साथ नवाचार को अपनाने से किसानों की आर्थिक स्थिति में व्यापक बदलाव आएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत की गुरु-शिष्य परंपरा सदियों पुरानी और पवित्र है। अंग्रेजी भाषा में ‘गुरु’ और ‘शिष्य’ शब्दों की गरिमा को पूरी तरह परिभाषित करने वाला कोई पर्यायवाची शब्द नहीं है। यही कारण है कि अपनी समृद्ध ज्ञान परंपरा के बल पर भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है।
*आई.सी.सी.सी. एवं लोक शिकायत निवारण कार्यालय का एक्सपोजर विजिट*
संवाद के पहले जिलाधिकारी के निर्देशानुसार छात्राओं को प्रशासनिक व सुरक्षा तंत्र से रू-ब-रू कराने के लिए विशेष एक्सपोजर विजिट कराया गया:
आई.सी.सी.सी. (ICCC): छात्राओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को देखा, जहाँ 491 सीसीटीवी कैमरों से लाइव कंट्रोल, 15 प्रमुख स्थानों पर आपात उद्घोषणा प्रणाली (Public Address System) तथा 10 स्थानों पर त्वरित सहायता हेतु लगे इमरजेंसी कॉल बॉक्स (ECB) के संचालन को प्रदर्शित किया गया।
लोक शिकायत निवारण कार्यालय: छात्राओं को बताया गया कि आम नागरिक किस प्रकार 60 कार्य दिवसों के भीतर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे सरल उदाहरण से समझाया गया कि जिस तरह विद्यालय स्तर पर समस्या का निदान न होने पर बच्चे प्रधानाध्यापक या शिकायत पेटी का सहारा लेते हैं, उसी तरह नागरिक विभिन्न विभागीय समस्याओं के समाधान हेतु इस पारदर्शी मंच का उपयोग करते हैं।
उपस्थित पदाधिकारी
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री हेमचंद्र, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) श्रीमती अर्चना कुमारी, सम्मानित शिक्षकगण, जिला मिशन समन्वयक, मनो-सामाजिक परामर्शदाता एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Mithilesh Kumar Tiwari
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Education Department
12 views | Nalanda, Bihar | Sep 5, 2026