श्रावणी मेला के सफल, सुगम एवं सुरक्षित संचालन को लेकर आज जिलाधिकारी, बांका द्वारा कांवरिया पथ का व्यापक एवं सघन स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत धौरी गेट से की गई, जिसके पश्चात जिलाधिकारी ने धौरी से जोरिपार होते हुए रंगनिया टेंट सिटी तक कांवरिया पथ पर पैदल भ्रमण कर सभी बुनियादी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। तत्पश्चात जिलेबिया मोड़ होते हुए अबरखा तक की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवरिया पथ पर साफ-सफाई, चिकित्सा शिविर, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा टेंट सिटी में कांवरियों के ठहराव व विश्राम की सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु एवं दिए गए प्रमुख निर्देश:
निरीक्षण के क्रम में कुछ सेवा शिविरों के आस-पास गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि शिविर परिसर एवं आसपास नियमित स्वच्छता बनाए रखें। यदि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति पाई गई, तो संबंधित सेवा शिविर को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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कांवरिया पथ पर कतिपय निजी दुकानदारों द्वारा अनावश्यक रूप से पानी बहाए जाने की स्थिति पर संज्ञान लेते हुए दुकानदारों को जल की बर्बादी तुरंत रोकने की चेतावनी दी गई। साथ ही कांवरिया पथ के आध्यात्मिक और शांत परिवेश को बनाए रखने के लिए सभी सेवा शिविर संचालकों एवं निजी दुकानदारों को तेज आवाज में लाउडस्पीकर या डीजे/म्यूजिक सिस्टम न बजाने के सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अत्यधिक ध्वनि से पदयात्री कांवरियों के ध्यान और विश्राम में व्यवधान उत्पन्न होता है, अतः ध्वनि के स्तर को नियंत्रित और मर्यादित रखा जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित सेक्टर दंडाधिकारियों एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत भ्रमणशील (मोबाइल) रहकर स्थिति पर पैनी नजर रखें, पानी के दुरुपयोग पर पूर्ण नियंत्रण एवं लाउड स्पीकर पर तेज ध्वनि को रोक लगाने हेतु सतत भ्रमणशील रह कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
कच्चे कांवरिया पथ पर भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग से गुजर रहे श्रद्धालु कांवरियों से बातचीत की और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं (पेयजल, आवासन, शौचालय, स्वास्थ्य आदि) के संबंध में उनका फीडबैक लिया।
पथ पर स्थित सभी निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य तालिका (रेट चार्ट) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा कांवरिया पथ पर समुचित एवं निर्बाध प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, ताकि रात्रि में भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने अबरखा टेंट सिटी का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने पर्यटन/कला संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था देखी तथा 'जीविका दीदी की रसोई' द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे खान-पान की गुणवत्ता का फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांका जिला प्रशासन कांवरियों की सेवा, सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह तत्पर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Banka, Bihar | Aug 22, 2026