आज प्रमंडलीय आयुक्त, भागलपुर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रमंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ नीलाम पत्र वादों (Certificate Cases) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा सरकारी राजस्व की वसूली में तेजी लाना रहा।
समीक्षा के दौरान आयुक्त महोदय द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
नोटिस एवं वारंट की कार्रवाई: जिन वादों में दफा 7 के अंतर्गत नोटिस तामील हो चुका है, उनमें अंतिम चेतावनी निर्गत की जाए। अंतिम चेतावनी के बाद भी राशि की वसूली न होने पर बकायेदारों के विरुद्ध यथाशीघ्र बॉडी वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।
आयुक्त ने निर्देश दिया कि अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से डिस्ट्रेस वारंट निर्गत किए जाएं।
न्यायालयों की संख्या में विस्तार: बांका जिले में वादों के त्वरित निष्पादन हेतु वर्तमान में कार्यरत 40 न्यायालयों (Courts) की संख्या को बढ़ाकर अतिरिक्त कोर्ट सृजित करने का निर्देश दिया गया। सभी सर्टिफिकेट न्यायालयों के बीच वादों का समानुपातिक बंटवारा किया जाएगा ताकि निष्पादन की प्रक्रिया तेज हो सके।
रजिस्टर मिलान व नियमित सुनवाई: सभी सर्टिफिकेट पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे रजिस्टर 9 एवं 10 का नियमित मिलान सुनिश्चित करें। साथ ही निर्धारित दिनों—प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को कोर्ट में मामलों की नियमित सुनवाई करें।
लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन: बांका में लंबित सभी नीलाम पत्र वादों की संख्या को कम करने के लिए सभी कार्यों को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।
31 views | Banka, Bihar | Aug 22, 2026