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Banka District Administration

@DPROBanka
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श्रावणी मेला 2026 की अंतिम सोमवारी को होने वाली श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला पदाधिकारी, बांका द्वारा आज  रविवार को देर शाम जेठौरनाथ मंदिर एवं धनकुंड नाथ महादेव मंदिर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तरह सजग एवं मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखें तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तत्पर रहें।
उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य, शालीन एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने का निर्देश दिया। साथ ही, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मंदिर परिसर एवं मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सभी आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त एवं सुचारू पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखने तथा आवश्यक स्थानों पर मेडिकल टीम, दवाइयां एवं अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिला पदाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं तैनात पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए यातायात को नियंत्रित किया जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं बेहतर तालमेल के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
धनकुंड नाथ महादेव मंदिर का भी किया निरीक्षण

जेठौरनाथ मंदिर का निरीक्षण करने के पश्चात देर रात जिला पदाधिकारी द्वारा धनकुंड नाथ महादेव मंदिर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को संभावित भीड़ के मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने तथा श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने को कहा।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं उनके लिए बेहतर, सुगम एवं समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में दर्शन की सुविधा मिले, इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करें।
श्रावणी मेला 2026: पुलिस अधीक्षक, बांका ने बताया श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की तैयारियां एवं किए जा रहे कार्य 🚩🔱

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Information & Public Relations Department, Government of Bihar
साइबर सतर्कता अपनाएं, सुरक्षित बिजली सेवाओं का लाभ उठाएं!
यदि आपको किसी भी प्रकार की फर्जी कॉल, संदेश या ऑनलाइन ठगी का संदेह हो, तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा अपने नजदीकी Cyber Crime Cell में भी सूचना दें।

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सड़क सुरक्षा से बचाव को लेकर क्या आपने आपदा प्रबंधन विभाग के इस जागरूकता वीडियो को देखा? 

स्वयं देखें, सबको दिखाएं व समाज को जागरूक करें। 

किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पर संपर्क करें।
हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294204/205
आपातकालीन सहायता नंबर- 1070

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जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। 
     बैठक में एएनसी, संस्थागत प्रसव, सी-सेक्शन, पूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी, आयुष्मान भारत, टेली-कंसल्टेशन, रेफरल सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पतालों की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

      बैठक में पिछले माह की तुलना में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में हुई प्रगति पर चर्चा की गई । जिन प्रखंडों एवं स्वास्थ्य संस्थानों की उपलब्धि अभी भी कम है, वहां विशेष प्रयास कर सुधार करने का निर्देश दिया गया।
    एएनसी एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान पिछले माह की तुलना में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। संस्थागत प्रसव में जिले की उपलब्धि 48.69 प्रतिशत से बढ़कर 69.26 प्रतिशत हो गई है। इसी प्रकार सी-सेक्शन सेवाओं में जिले की उपलब्धि 22.18 प्रतिशत से बढ़कर 42.55 प्रतिशत हो गई है। रात्रि में किए गए सी-सेक्शन की संख्या 02 से बढ़कर 10 हो गई है।

   बैठक में यह भी बताया गया कि पूर्व की तुलना में मरीजों के रेफरल में कमी आई है, जो स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर उपचार एवं सेवाएं उपलब्ध होने का सकारात्मक परिणाम है। इसके साथ ही सदर अस्पताल, बांका में सर्जरी की संख्या में भी पूर्व की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। जिला पदाधिकारी ने इस प्रगति को बनाए रखने तथा सर्जरी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने का निर्देश दिया।

        परिवार नियोजन कार्यक्रम में जिले की उपलब्धि 26.63 प्रतिशत से बढ़कर 36.08 प्रतिशत हो गई है। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों के कारणों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही सी-सेक्शन सेवाओं को और मजबूत करने, ब्लड स्टोरेज यूनिट को बेहतर तरीके से संचालित करने तथा अनावश्यक रेफरल को और कम करने पर जोर दिया गया।
परिवार नियोजन में कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने, संभावित लाभार्थियों से संपर्क करने तथा प्रोत्साहन राशि के भुगतान की स्थिति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
पूर्ण टीकाकरण एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में पिछले माह की तुलना में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की उपलब्धि कम है, वहां लाभार्थियों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया।

    बैठक में टीबी एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रमों की उपलब्धि में सुधार के साथ-साथ संबंधित पोर्टल पर सही एवं समय पर डेटा की प्रविष्टि भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गलत या विलंब से की गई रिपोर्टिंग के कारण जिले की वास्तविक उपलब्धि प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड निर्माण एवं क्लेम सबमिशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिन संस्थानों में उपलब्धि कम है, वहां तकनीकी एवं अन्य समस्याओं का जल्द समाधान कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

    बैठक के दौरान कम उपलब्धि वाले प्रखंडों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के कार्यों पर गंभीरता से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी  ने संबंधित अधिकारियों को सुधार के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

    विशेष रूप से शंभूगंज एवं बेलहर प्रखंड में कम उपलब्धि तथा कार्यों में लापरवाही को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक  से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी कार्यक्रमों में लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए। जहां अपेक्षित सुधार नहीं होगा, वहां संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

   जिला पदाधिकारी ने अस्पतालों में मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील, सहयोगात्मक एवं विनम्र व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्स, एएनएम, सुरक्षा गार्ड, रजिस्ट्रेशन काउंटर सहित सभी कर्मियों को अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करना होगा। किसी भी मरीज या उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

   बैठक में सिविल सर्जन, बांका द्वारा अस्पतालों की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर की व्यवस्था, इमरजेंसी सेवाओं तथा एम्बुलेंस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। एम्बुलेंस की गतिविधियों का मूवमेंट रजिस्टर नियमित रूप से संधारित करने तथा आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने को भी कहा गया।
     जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में ऐसी कोई स्थिति नहीं होनी चाहिए, जिससे मरीजों को परेशानी हो या स्वास्थ्य विभाग की छवि प्रभावित हो। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग कर कमियों को समय रहते दूर करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी द्वारा बांका जिला अंतर्गत सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित पदाधिकारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया।  

    सभी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, संस्थागत प्रसव, आवश्यक दवाओं एवं जीवनरक्षक उपकरणों की निर्बाध उपलब्धता तथा स्वास्थ्य विभाग के नव-निर्मित भवनों को शीघ्र क्रियाशील बनाने का आदेश दिया गया।  

       जिला पदाधिकारी द्वारा निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों एवं पैथोलॉजी जांच घरों की नियमित जांच व सतत निगरानी करने तथा मानकों के विपरीत संचालित संस्थानों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।  
      जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में ब्लड बैंक सेंटर को अविलंब पूरी तरह क्रियाशील बनाने एवं परिवार नियोजन (फैमिली प्लानिंग) योजना के तहत लाभार्थियों की लंबित राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।  

    जिला पदाधिकारी द्वारा  जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले आमजनों तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं एवं प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

          बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यक्रम की उपलब्धि में लगातार सुधार दिखना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को लक्ष्य के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि जहां अपेक्षित सुधार नहीं होगा और कार्यों में लापरवाही पाई जाएगी, वहां संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उक्त बैठक में डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह, सिविल सर्जन, प्रभारी संचारी रोग पदाधिकारी, प्रभारी गैर संचारी रोग पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (DMHP), जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, जिला कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
श्रावणी मेला के सफल, सुगम एवं सुरक्षित संचालन को लेकर आज जिलाधिकारी, बांका द्वारा कांवरिया पथ का व्यापक एवं सघन स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत धौरी गेट से की गई, जिसके पश्चात जिलाधिकारी ने धौरी से जोरिपार होते हुए रंगनिया टेंट सिटी तक कांवरिया पथ पर पैदल भ्रमण कर सभी बुनियादी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। तत्पश्चात जिलेबिया मोड़ होते हुए अबरखा तक की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवरिया पथ पर साफ-सफाई, चिकित्सा शिविर, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा टेंट सिटी में कांवरियों के ठहराव व विश्राम की सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु एवं दिए गए प्रमुख निर्देश:

निरीक्षण के क्रम में कुछ सेवा शिविरों के आस-पास गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि शिविर परिसर एवं आसपास नियमित स्वच्छता बनाए रखें। यदि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति पाई गई, तो संबंधित सेवा शिविर को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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कांवरिया पथ पर कतिपय निजी दुकानदारों द्वारा अनावश्यक रूप से पानी बहाए जाने की स्थिति पर संज्ञान लेते हुए दुकानदारों को जल की बर्बादी तुरंत रोकने की चेतावनी दी गई। साथ ही कांवरिया पथ के आध्यात्मिक और शांत परिवेश  को बनाए रखने के लिए सभी सेवा शिविर संचालकों एवं निजी दुकानदारों को तेज आवाज में लाउडस्पीकर या डीजे/म्यूजिक सिस्टम न बजाने के सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अत्यधिक ध्वनि से पदयात्री कांवरियों के ध्यान और विश्राम में व्यवधान उत्पन्न होता है, अतः ध्वनि के स्तर को नियंत्रित और मर्यादित रखा जाए।
 जिलाधिकारी ने सभी संबंधित सेक्टर दंडाधिकारियों एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत भ्रमणशील (मोबाइल) रहकर स्थिति पर पैनी नजर रखें, पानी के दुरुपयोग पर पूर्ण नियंत्रण एवं लाउड स्पीकर पर तेज ध्वनि को रोक लगाने हेतु सतत भ्रमणशील रह कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।

कच्चे कांवरिया पथ पर भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग से गुजर रहे श्रद्धालु कांवरियों से बातचीत की और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं (पेयजल, आवासन, शौचालय, स्वास्थ्य आदि) के संबंध में उनका फीडबैक लिया।

पथ पर स्थित सभी निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य तालिका (रेट चार्ट) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा कांवरिया पथ पर समुचित एवं निर्बाध प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, ताकि रात्रि में भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने अबरखा टेंट सिटी का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने पर्यटन/कला संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था देखी तथा 'जीविका दीदी की रसोई' द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे खान-पान की गुणवत्ता का फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांका जिला प्रशासन कांवरियों की सेवा, सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह तत्पर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला पदाधिकारी  के निदेशानुसार श्रावणी मेला अवधि में कांवरिया पथ पर सघन रूप से धावादल का संचालन किया जा रहा है। गठित धावादल का संचालन 02 टीमों के द्वारा 02 अलग-अलग प्रखंडों में किया जा रहा है। आज  टीम-01 में श्री दिवाकर कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बेलहर, श्री रंजन कुमार सिन्हा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाँका सदर, श्री कृष्ण भूषण, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रजौन, टीम-02 में सुश्री रीचा कुमारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कटोरिया, श्री कुमार गौरव, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बौंसी, श्री अमन प्रकाश, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, धोरैया, श्री मनोज कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चांदन, श्री टुनटुन कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाराहाट के द्वारा धावादल का संचालन किया गया ।

धावादल के टीमों के द्वारा महताव गैराज, सतलवा चौक, सुईया रोड, चांदन से 01 बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। उनके द्वारा कांवरिया पथ पर विभिन्न दुकानों में सघन एवं औचक निरीक्षण किया गया तथा नियोजकों से एक शपथ-पत्र लिया गया कि उनके द्वारा किसी भी रूप में बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं किया जायेगा।

विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, बांका को सुपुर्द किया गया। विमुक्त बाल श्रमिकों को 3,000 रु० तत्काल आर्थिक सहायता दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से उसके नाम 25,000 रु० (Fixed Deposit) का सावधि जमा किया जाएगा।

दोषी नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। साथ ही एम०सी० मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार में पारित आदेश के आलोक में नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई कर उनसे 20,000 रु० की राशि वसूली की जाएगी। तथा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के अंतर्गत कार्रवाई भी जाएगी। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, बांका के द्वारा सभी दुकान/प्रतिष्ठान मालिकों से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार में बाल श्रमिकों को अपने प्रतिष्ठान में नियोजित न करें। उल्लंघन करते हुए पाये जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में नई गति, सदर अस्पताल पर बढ़ा भरोसा! 💙

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत की पहल, जिला पदाधिकारी श्री अंशुल अग्रवाल (भा.प्र.से.) के निरंतर मार्गदर्शन एवं सिविल सर्जन, बांका की सतत निगरानी में सदर अस्पताल, बांका में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

📉 1 अगस्त से रेफरल मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे मरीजों का भरोसा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर और मजबूत हुआ है।

👩‍⚕️ 1 अगस्त से अब तक 136 सी-सेक्शन एवं अन्य सर्जिकल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए।

🏥 ICU में भर्ती 28 मरीजों का सफल उपचार किया गया।

🩺 साथ ही 11 क्लब फुट, 06 बर्न केस, 126 सड़क दुर्घटना (RTA), Snake bite 12 एवं 16 मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक किए गए।

जिला पदाधिकारी ने चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक मरीजों का उपचार सदर अस्पताल, बांका में ही सुनिश्चित करना तथा अनावश्यक रेफरल को न्यूनतम करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

🙏 श्रावणी मेला-2026 के अवसर पर भी स्वास्थ्य विभाग, बांका द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षित यात्रा के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था की गई है।

🏥धौरी धर्मशाला, बेलहर से झाझा धर्मशाला होते हुए चांदन तक लगभग 55 किमी मार्ग पर 21 स्वास्थ्य शिविर, जबकि रजौन से बौंसी मार्ग पर 8 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया जा रहा है।

👨‍⚕️ सभी शिविरों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी 24 घंटे तत्पर रहकर BP, Pulse, Oxygen Saturation की जांच, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।

🔎 सिविल सर्जन, बांका एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य शिविरों की नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही Food Safety Officer और Sanitary Inspector द्वारा खाद्य पदार्थों एवं भोजनालयों की लगातार जांच कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा रहा है।

✨ बेहतर इलाज • कम रेफरल • मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था • स्वस्थ बांका
आज  वर्ष 2026 की तृतीय जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक जिला पदाधिकारी  के निर्देश पर उपविकास आयुक्त की  अध्यक्षता में आहूत की गई।इसमें माननीय विधायक बेलहर श्री मनोज यादव जी, सांसद प्रतिनिधि, श्री कौशल किशोर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुख्यालय, जिला कल्याण पदाधिकारी, बाँका विशेष लोक अभियोजक अनुo जाति/जनजाति, sc/st थानाध्यक्ष एवं सदस्यगण व कर्मिगण उपस्थित हुए।
1. बैठक में प्रथम एवं द्वितीय क़िस्त हेतु वितीय वर्ष 2026-27 में अबतक कुल के 156 पीड़ितों को कुल-10439270 ₹ का मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।
2. बलात्संग के 01 मामला में मेडिकल रिपोर्ट जल्दी समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
3.  विशेष लोक अभियोजक के द्वारा अबतक आरोप गठन से संबंधित लंबित मामलों एवं सुस्त कार्यशैली पर खेद व्यक्त किया गया।जिला कल्याण पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि इस जिले में 4 मामले ऐसे है जिसमे चार्ज फ़्रेम की सत्यापित प्रति उपलब्ध होने पर नौकरी हेतु अग्रेतर कार्यवाही की जा सकती है।1 मामले में नियुक्त हेतु CO से पारिवारिक सूची की मांग की गई है।
5. सभी थानाध्यक्ष एवं विशेष लोक अभियोजक को  अन्वेषण/सुनवाई/अनुसंधान/विचारण के क्रम में यात्रा भत्ता आदि के भुगतान हेतु पीड़ितों/आश्रितों/साक्षियों की सूची(पता, बैंक-खाता, आधार) सहित उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।इस सम्बंध में पूर्व में भी दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर जिला पदाधिकारी द्वारा खेद व्यक्त किया गया।
6. भूमि विवाद से संबंधित मामलों को भू-समाधान पोर्टल पर अपलोड कर जनता दरबार में शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश सभी अंचल अधिकारी/पुलिस पदाधिकारी तथा पु० उपाधीक्षक/ अनुमण्डल पदाधिकारी को दिया गया है।

7. सभी थानाप्रभारी को निर्देश दिया गया कि पीड़ितों से प्राप्त आवेदनों के अनुसार उचित धारा लगायेंगे।
8.  अत्याचार से संबंधित सभी कांडों का वर्षवार reconcilation किया जाय।जिससे कि मुआवजा भुगतान हेतु कोई भी मामला लंबित नहीं रहे और पोर्टल का डाटा में भिन्नता ना हो।
आज प्रमंडलीय आयुक्त, भागलपुर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रमंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ नीलाम पत्र वादों (Certificate Cases) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा सरकारी राजस्व की वसूली में तेजी लाना रहा।
​समीक्षा के दौरान आयुक्त महोदय द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
​नोटिस एवं वारंट की कार्रवाई: जिन वादों में दफा 7 के अंतर्गत नोटिस तामील हो चुका है, उनमें अंतिम चेतावनी निर्गत की जाए। अंतिम चेतावनी के बाद भी राशि की वसूली न होने पर बकायेदारों के विरुद्ध यथाशीघ्र बॉडी वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।
​  आयुक्त ने निर्देश दिया कि  अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से डिस्ट्रेस वारंट निर्गत किए जाएं।
​न्यायालयों की संख्या में विस्तार: बांका जिले में वादों के त्वरित निष्पादन हेतु वर्तमान में कार्यरत 40 न्यायालयों (Courts) की संख्या को बढ़ाकर  अतिरिक्त कोर्ट सृजित करने का निर्देश दिया गया। सभी सर्टिफिकेट न्यायालयों के बीच वादों का समानुपातिक बंटवारा किया जाएगा ताकि निष्पादन की प्रक्रिया तेज हो सके।
​रजिस्टर मिलान व नियमित सुनवाई: सभी सर्टिफिकेट पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे रजिस्टर 9 एवं 10 का नियमित मिलान सुनिश्चित करें। साथ ही निर्धारित दिनों—प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को कोर्ट में मामलों की नियमित सुनवाई करें।
​लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन: बांका में लंबित सभी नीलाम पत्र वादों की संख्या को कम करने के लिए सभी कार्यों को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी द्वारा सदर अस्पताल बांका का कल दिनांक 21 अगस्त को देर रात्रि किया गया औचक निरीक्षण; स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा, 
बांका:
मरीजों को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी बांका द्वारा बीती रात सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन कक्ष, वार्ड, दवा काउंटर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी मिले उपस्थित: निरीक्षण के दौरान ऑन-ड्यूटी चिकित्सक, ड्रेसर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी मुस्तैद पाए गए। चिकित्सक द्वारा मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा था तथा ड्रेसर घावों की ड्रेसिंग में संलग्न थे। आपातकालीन सेवाओं में तैनात सभी नर्सें भी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित पाई गईं।
मरीजों से सीधा संवाद: जिलाधिकारी ने वार्डों का भ्रमण कर भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की और उनका हालचाल जाना। अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था सुचारू पाई गई।

बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली: अस्पताल में कर्मियों की उपस्थिति व्यवस्था की जांच की गई, जहां कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज होना पाया गया।
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त संसाधन और बेड उपलब्ध कराए गए हैं, अत: किसी भी परिस्थिति में मरीजों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करने का निर्देश दिया।

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जिला अवर निबंधक, बांका द्वारा पेपर लेस रजिस्ट्री एवं नए कदमों की चर्चा।
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