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Banka District Administration

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बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय के मिनी सभागार में आमजनों की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान प्राप्त शिकायतों के निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। आज कुल 19 आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
साथ ही, जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं। कई मामलों का समाधान तत्काल कर दिया गया, जबकि शेष प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करें तथा उनके समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
बांका समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

     बैठक में CWJC, MJC, नीलाम पत्रवाद, सेवा संवाद, मानवाधिकार, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, भू-समाधान पोर्टल सहित विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं एवं लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। गत सप्ताह की तुलना में वर्तमान सप्ताह की प्रगति का आकलन करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

फार्मर रजिस्ट्री के रजिस्ट्रेशन की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने कार्य की प्रगति को असंतोषजनक बताया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रतिदिन 400 फार्मर रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें और उसका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया गया।

   ‘सहयोग शिविर’ की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि विगत सप्ताह 99 नए परिवाद प्राप्त हुए, जबकि पूर्व के 234 मामलों की उच्च स्तरीय समिति द्वारा समीक्षा करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन दर्ज किया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त परिवादों का संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि विशेष अभियान के तहत वर्तमान सप्ताह में 87 विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र (UDID) निर्गत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1822 पेंशनधारियों का भौतिक/डिजिटल जीवन प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण कराया गया है। जिला पदाधिकारी ने पात्र लाभुकों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपेक्षा के अनुरूप प्रगति नहीं पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को योजना की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विगत सप्ताह कुल 7.45 लाख रुपये की वसूली की गई। वहीं वाहन ओवरलोडिंग के मामलों में शमन एवं दंड अधिरोपण की कार्रवाई करते हुए विगत सप्ताह कुल 27.11 लाख रुपये की वसूली की गई। जिला पदाधिकारी ने अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध लगातार छापामारी अभियान चलाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व वसूली में भी तेजी लाने को कहा।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 57,920 के लक्ष्य के विरुद्ध 74,555 की उपलब्धि दर्ज की गई है। जिला पदाधिकारी ने अभियान के तहत लक्षित लाभुकों तक आवश्यक सेवाओं एवं दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा अभियान की प्रभावी निगरानी का निर्देश दिया।
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की समीक्षा में बताया गया कि विगत सप्ताह कुल 3302 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3239 आवेदनों का निष्पादन किया गया। वहीं संत रविदास विकास शिविर के अंतर्गत कुल 2425 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1848 आवेदनों का निष्पादन किया गया है। जिला पदाधिकारी ने शेष लंबित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध की जा रही छापेमारी की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में जहां भी अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित पाए जाएं, वहां नियमानुसार कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध छापेमारी की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रखें तथा दोषी पाए जाने वाले संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

नीलाम पत्रवाद के लंबित मामलों की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को लंबित वादों के त्वरित निष्पादन हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने नीलाम पत्रवाद से संबंधित रजिस्टरों का नियमित रूप से मिलान एवं अद्यतन करने तथा लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करते हुए वसूली एवं निष्पादन की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बैंक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि विगत सप्ताह कुल 1816 नीलाम पत्रवादों का निष्पादन किया गया है। जिला पदाधिकारी ने शेष लंबित मामलों के निष्पादन के लिए विभागवार एवं स्तरवार कार्ययोजना तैयार कर नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राजभाषा हिंदी के संवर्धन एवं सरकारी कामकाज में इसके अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज बांका जिला प्रशासन द्वारा ‘हिंदी दिवस’ समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। 
     
      इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं, वक्ताओं के विचार-विमर्श तथा विजेताओं के सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा हिंदी टिप्पणी (Noting), हिंदी क्विज एवं हिंदी टाइपिंग प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मियों एवं प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

      प्रतियोगिताओं के समापन के पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

     समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का स्मरण कराते हुए कहा कि अपनी भाषा की उन्नति ही सर्वांगीण विकास का आधार है।
     जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि हिंदी न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता का सशक्त प्रतीक है। इसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था।
      हिंदी किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सभी भाषाओं को जोड़ने वाली कड़ी है।
        
        लोकतंत्र में प्रशासन की सार्थकता आम जनता की भाषा में कार्य करने से ही सिद्ध होती है। फाइलों में टिप्पणियों (noting) और दैनिक पत्राचार में सहज और सरल हिंदी शब्दावली का प्रयोग अनिवार्य है।
      हिंदी को केवल बोलचाल तक सीमित न रखकर प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, रोजगार और डिजिटल माध्यमों (वेबसाइट व शिकायत निवारण पोर्टल) से पूरी निष्ठा से जोड़ा जाए।
हिंदी भाषा के उत्थान पर वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के संवर्धन और इसके उत्थान हेतु उपस्थित प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रमुखता से व्यक्त किए। अपने संबोधन में विचार व्यक्त करने वालों में पुलकित कुमार मंडल (पीबीएस कॉलेज, बांका)
कुमार संभव (यूएचएस तेलिया)
डॉ. सूरज कुमार चौधरी (एसएनएस हाई स्कूल, मोहनपुर)
राहुल (यूएचएस लखनौड़ी)
डॉ. राहुल कुमार (यूएचएस टेंगरा, बेलहर) एवं लेखनी कुमारी (यूएचएस वर्षाबाद) रहे। 
  
     इन सभी वक्ताओं ने हिंदी के व्यावहारिक उपयोग और शिक्षण में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और इसे 'जन-जन की भाषा' बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
बेटियों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत सम्पूर्ण टीकाकरण पर ₹2,000 की प्रोत्साहन राशि का लाभ पाएं। बेटी का सम्पूर्ण टीकाकरण कराएं, उसे स्वस्थ और सुरक्षित बनाएं।

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टीबी मुक्त बिहार की ओर एक मजबूत कदम!
निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी रोगियों को पोषण सहायता प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य में सहयोग किया जा रहा है। टीबी हारेगा, बिहार जीतेगा!

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अंचल कार्यालय, अमरपुर (बांका) में भूमि विवादों के  अनुश्रवण एवं निदान हेतु अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त बैठक  का आज जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक, बांका श्री अमितेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। 
      निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों द्वारा जनता दरबार में उपस्थित परिवादियों की समस्याओं को सुना गया तथा प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई।

         आज आयोजित अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त बैठक में भूमि विवाद से संबंधित कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 04 मामलों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों के त्वरित एवं नियमानुसार निष्पादन हेतु जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि वे दो दिनों के अंदर संबंधित स्थल का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर मामले की वास्तविक स्थिति की जांच करें तथा दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गलती अथवा दोष पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

        जिला पदाधिकारी  ने कहा कि प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित होने वाले सेवा संवाद एवं समाधान कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में परिवादी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं। इस दौरान भूमि विवाद से संबंधित भी काफी संख्या में मामले प्राप्त होते हैं। भूमि विवादों के समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक अंचल कार्यालय में प्रत्येक शनिवार को अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त बैठक   आयोजित कर भूमि संबंधी विवादों की सुनवाई एवं समाधान का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि  संयुक्त बैठक में अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष द्वारा दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले की वास्तविक स्थिति की जांच की जाती है तथा नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाती है। 
       उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को भूमि विवादों के समाधान के लिए त्वरित एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराना तथा अनावश्यक विवादों को समय रहते समाप्त करना है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों में पक्षकारों की बात निष्पक्ष रूप से सुनते हुए स्थल निरीक्षण, अभिलेखों की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों एवं न्यायालयों का चक्कर न लगाना पड़े। साथ ही, लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

पुलिस अधीक्षक  ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनते हुए निष्पक्ष एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित थानाध्यक्ष एवं अंचल अधिकारी द्वारा आपसी समन्वय से स्थल निरीक्षण कर मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा, ताकि छोटे-छोटे भूमि विवाद आगे चलकर बड़े विवाद का रूप न लें।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 18,845 मामलों का निष्पादन, 9.18 करोड़ रुपये की रिकवरी
कोर्ट मामलों के निष्पादन में बांका न्यायमंडल ने बनाया नया रिकॉर्ड

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NLSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BLSA) के निर्देशन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बांका द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सूर्यकान्त तिवारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश - द्वितीय सह प्रभारी जिला जज बांका तथा श्री अंशुल अग्रवाल जिला पदाधिकारी, बांका द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला पदाधिकारी द्वारा अपने संबोधन में लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि लोक अदालत आमजन को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी एवं सशक्त माध्यम है। लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाता है, जिससे पक्षकारों को समय एवं धन की बचत के साथ-साथ शीघ्र न्याय प्राप्त होता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए विभिन्न बेंचों का गठन किया गया, जिनके माध्यम से न्यायालय में लंबित वादों तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का व्यापक स्तर पर निष्पादन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 18,845 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 1,359 कोर्ट केस तथा 17,486 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 18 लाख 21 हजार रुपये की रिकवरी/समझौता राशि रही।
न्यायालय से संबंधित कुल 1,359 मामलों में 955 आपराधिक सुलहनीय वादों का निष्पादन किया गया। वहीं विद्युत विभाग से संबंधित 497 मामलों का निष्पादन करते हुए 31 लाख 84 हजार रुपये की रिकवरी की गई। यातायात चालान से संबंधित 2,549 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें 2 करोड़ 24 लाख 79 हजार रुपये की राशि की रिकवरी की गई। वन विभाग से संबंधित 05 मामलों तथा माप-तौल विभाग से संबंधित 05 मामलों का भी निष्पादन किया गया। खनन विभाग से संबंधित 261 मामलों का निष्पादन किया गया।
बैंकिंग से संबंधित मामलों में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई। विभिन्न बैंकों से संबंधित 2,837 वादों का निष्पादन किया गया, जिसमें 4 करोड़ 41 लाख 48 हजार 425 रुपये की रिकवरी हुई। इस प्रकार विभिन्न विभागों एवं संस्थानों से संबंधित मामलों के निष्पादन के माध्यम से बड़ी संख्या में पक्षकारों को त्वरित राहत प्रदान की गई।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि कोर्ट केसों के निष्पादन में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम होना है। इससे पूर्व मई माह में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 562 कोर्ट केसों का निष्पादन किया गया था, जबकि मार्च माह में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 642 वादों का निष्पादन हुआ था। इसके मुकाबले इस बार 1,359 कोर्ट केसों का निष्पादन किया गया, जो पूर्व के दोनों आयोजनों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। कोर्ट मामलों के निष्पादन का यह नया रिकॉर्ड बांका न्यायमंडल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के त्वरित निष्पादन से आमजन को राहत मिली तथा विभिन्न विभागों एवं संस्थानों से संबंधित लंबित विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इस आयोजन की सफलता में न्यायिक पदाधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध जिला खनन टीम की सख्त कार्रवाई, 6 वाहन जब्त एवं लगभग 34 लाख रुपये का दंड अधिरोपित

अवैध खनन, परिवहन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध प्राप्त सूचना के आलोक में जिला खनन टीम द्वारा आज बेलहर एवं शंभुगंज थाना अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान अवैध खनन/परिवहन में संलिप्त कुल 6 वाहनों को जब्त करते हुए संबंधित वाहन मालिकों/संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस क्रम में लगभग 34 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया गया है।
जिला पदाधिकारी-सह-समाहर्ता, बांका द्वारा जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने खनन माफियाओं एवं अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमित रूप से सघन छापेमारी अभियान चलाते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अंचल कार्यालय, अमरपुर (बांका) में भूमि विवादों के  अनुश्रवण एवं निदान हेतु अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष की संयुक्त बैठक  का आज जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक, बांका श्री अमितेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। 

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बेहतर उत्पादकता हेतु वैज्ञानिक रीलिंग तकनीकों पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

केंद्रीय रेशम बोर्ड, सीएसबी-सीटीआरटीआई, रांची एवं तसर अग्र परियोजना केंद्र इनारावरण द्वारा “मेरा रेशम मेरा अभिमान (MRMA) 2.0” के अंतर्गत दिनांक 12.09.2026 को मकरमाडीह, प्रखंड राजौन, जिला बांका, बिहार में “Better Techniques for Higher Productivity During Reeling” विषय पर रीलरों के लिए किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के.के. भारती, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC), बांका ने रीलरों से संवाद किया तथा रीलिंग गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी (Working Capital) की समस्या पर चर्चा की। रीलरों की मांग के संदर्भ में उन्होंने बैंकों द्वारा उपलब्ध विभिन्न प्रकार के ऋण एवं वित्तीय सहायता की जानकारी दी तथा इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने कार्य को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रीलरों को रीलिंग क्षेत्र में उपलब्ध नवीनतम तकनीकों के प्रति जागरूक रहने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।

श्री आशु कुमार, वैज्ञानिक-बी, सीएसबी-सीटीआरटीआई, रांची एवं नोडल अधिकारी, MRMA 2.0, बांका ने रीलरों के साथ संवाद कर रीलिंग गतिविधियों में आने वाली प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की। रीलरों ने बताया कि कुछ खरीदार मशीन से निर्मित धागे की अपेक्षा थाई-रील्ड (Thigh-reeled) यार्न की मांग करते हैं, जिसके कारण मशीन रीलिंग को अपनाने में उन्हें कठिनाई होती है।

इस पर श्री आशु कुमार ने सुझाव दिया कि रीलरों को ऐसे बाजार एवं खरीदारों से जुड़ना चाहिए जहां मशीन-रील्ड तसर यार्न की अच्छी मांग उपलब्ध है। उन्होंने देश के अन्य प्रमुख तसर उत्पादक राज्यों में अपनाई जा रही तकनीकों एवं प्रक्रियाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि उपयुक्त रीलिंग एवं फिनिशिंग तकनीकों के माध्यम से मशीन से तैयार यार्न में थाई-रील्ड यार्न जैसी बनावट एवं विशेषताओं को विकसित किया जा सकता है। इससे मशीन रीलिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्पादकता, गुणवत्ता और रीलरों की आय में वृद्धि की संभावना है।

कार्यक्रम के दौरान रीलरों ने अपनी तकनीकी एवं व्यावसायिक समस्याएं साझा कीं तथा विशेषज्ञों से उनके समाधान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य रीलरों को उन्नत रीलिंग तकनीकों से अवगत कराना, उत्पादकता एवं यार्न गुणवत्ता में सुधार करना तथा तसर रीलिंग को अधिक लाभकारी एवं बाजारोन्मुख बनाना रहा।
धोरैया प्रखंड के काठबनगांव बीरबलपुर पंचायत में विकास मित्र के पद पर श्री मुरलीधर माधव का नियोजन  किया गया है।   अनुमंडल पदाधिकारी, बांका द्वारा श्री मुरलीधर माधव को  नियोजन पत्र प्रदान किया गया।

   नियोजन पत्र वितरण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा नवनियुक्त विकास मित्र को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विकास मित्र के माध्यम से संबंधित पंचायत के महादलित एवं वंचित समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में सहयोग प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया।
कालाजार से बचाव के लिए बालू मक्खी के काटने से बचना जरूरी है। छिड़काव से पहले खाने-पीने का सामान हटा दें और जरूरी सावधानियां जरूर बरतें। साफ-सफाई रखें, सुरक्षित रहें और कालाजार को दूर भगाएं। 
Bihar Health Department 
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किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत हेमोडायलिसिस मरीजों को ए.वी. फिस्टुला सर्जरी के लिए अधिकतम ₹6,000 तक की सहायता प्रदान की जा रही है।

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जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन एवं अनुपालन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान अभियोजन निदेशालय, बिहार, पटना द्वारा उपलब्ध कराए गए एजेंडा के अनुरूप तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई तथा एजेंडा में वर्णित बिंदुओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

       बैठक में पुलिस अधीक्षक, बांका, सिविल सर्जन, बांका, जेल अधीक्षक, बांका, लोक अभियोजक, जिला मुख्य अभियोजन पदाधिकारी तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को बैठक में निर्धारित बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के अंतर्गत वैज्ञानिक-किसान संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

केंद्रीय रेशम बोर्ड, सीएसबी-सीटीआरटीआई, रांची एवं तसर अग्र परियोजना केंद्र इनारावरण द्वारा “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” के अंतर्गत दिनांक 11 सितंबर 2026 को बांका जिले के कटोरिया प्रखंड अंतर्गत भोर्सार गांव में वैज्ञानिक-किसान संवाद कार्यक्रम तथा चानन प्रखंड अंतर्गत सतभैया गांव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोनों कार्यक्रमों में क्षेत्र के 60 से अधिक किसानों एवं लाभार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के.के. भारती, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC), बांका ने किसानों से संवाद करते हुए तसर रेशम उत्पादन एवं संबंधित गतिविधियों को ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों को प्रेरित किया कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार करते हुए अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने पीपीसी इनारावरण को लाभार्थियों का व्हाट्सऐप समूह बनाने तथा उसमें तसर क्षेत्र में विकसित नवीनतम तकनीकों, प्रशिक्षण सामग्री एवं उपयोगी वीडियो साझा करने का सुझाव दिया, ताकि तकनीकों का प्रभावी एवं त्वरित प्रसार किसानों तक हो सके।

श्री आशु कुमार, वैज्ञानिक-बी, सीएसबी-सीटीआरटीआई, रांची एवं बांका जिले के MRMA 2.0 नोडल अधिकारी ने किसानों के साथ संवाद कर क्षेत्र में रेशमकीट पालन एवं बीजागार के दौरान आने वाली प्रमुख समस्याओं, विशेषकर कीट एवं रोग प्रकोप के कारण होने वाली मृत्यु एवं नुकसान, पर चर्चा की। 
उन्होंने वैज्ञानिक रूप से विकसित तकनीकों एवं समुचित प्रबंधन उपायों को अपनाने की सलाह दी, जिससे पालन के दौरान मृत्यु दर को कम किया जा सके तथा उत्पादकता में वृद्धि हो।

उन्होंने किसानों को केवल कोकून उत्पादन तक सीमित न रहकर तसर मूल्य शृंखला में आगे बढ़ने तथा कोकून रीलिंग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आने वाले समय में गांव स्तर पर किसानों की सहभागिता से रीलिंग क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर सृजित किए जा सकें।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपने क्षेत्रीय अनुभव एवं समस्याएं साझा कीं तथा वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों से उनके समाधान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों तक नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों की पहुंच सुनिश्चित करना, तसर उत्पादन में चुनौतियों का समाधान करना तथा किसानों की आय एवं आजीविका को सुदृढ़ करना रहा।
*बांका में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलों की सुनवाई सम्पन्न*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                     

*अध्यक्षता:* द्वितीय अपीलीय प्राधिकार-सह-जिला पदाधिकारी, बांका                                                                                                                                                           बांका जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। आज जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर 05 मामलों पर विस्तृत सुनवाई कर उनके निष्पादन के निर्देश दिए गए।                                                       *प्रमुख मामलों का विवरण:*                                                                                                                                                                                                                                          *विद्युत प्रमंडल, बांका:* बिजली बिल सुधार से जुड़े मामले में विद्युत कार्यपालक अभियंता द्वारा रिपोर्ट दी गई कि अपीलार्थी के विपत्र में अपेक्षित सुधार पहले ही कर दिया गया है।                                                                                                                                                                                                                                 *प्रखंड कार्यालय, धोरैया:* धोरैया प्रखंड से जुड़े दो मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें एक मामला प्रधानमंत्री आवास योजना और दूसरा जल निकासी हेतु नाला निर्माण से संबंधित था।                                                                                                                                                                                                        
 *अंचल कार्यालय, फुल्लीडुमर:* ऑनलाइन जमाबंदी में रकवा सुधार से संबंधित मामले में अंचल अधिकारी द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि त्रुटि को सुधार लिया गया है।                                                                                                                                                                                                                          
 *अंचल कार्यालय, रजौन:* अतिक्रमण के मामले में मापी नहीं होने की शिकायत के आलोक में अंचल अधिकारी को एक सप्ताह में मापी कराने का निदेश दिया गया|                                                                                                                                                                                                                                बांका प्रशासन हर नागरिक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ससमय न्याय सुनिश्चित कर रहा है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जनसेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की पूर्व तैयारियों को लेकर आज मुख्य सचिव, बिहार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस माहव्यापी अभियान का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक जिला प्रशासन अविलंब अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर सूक्ष्म कार्ययोजना (Micro Plan) तैयार करे।

इस अभियान के अंतर्गत 
आशीर्वाद का दीया  ,
सेवा चित्र (चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता)  ,
सेवा स्मरण (संगीतमय नाट्य प्रस्तुति / नुक्कड़ नाटक)  ,
आंगन का मिलन (आंगनवाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद)  ,
कहानी बदलाव की (डिजिटल रील्स एवं डेटा बैंक)  ,
सेवा ज्योति यात्रा  ,  
सेवा मेरा योगदान (25 सेवा गतिविधियाँ एवं श्रमदान)  ,
सेवा सेतु अभियान आदि कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है।
बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय के मिनी सभागार में आमजनों की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान प्राप्त शिकायतों के निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। आज कुल 30 आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
साथ ही, जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं। कई मामलों का समाधान तत्काल कर दिया गया, जबकि शेष प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करें तथा उनके समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
*कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बौंसी में पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम व एनीमिया जांच शिविर आयोजित*

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, बांका के निदेशानुसार के आलोक में महिला एवं बाल विकास निगम एवं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, बांका के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को प्रखंड बौंसी  स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एक दिवसीय पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सह एनीमिया जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला मिशन समन्वयक श्री राज अंकुश शर्मा के द्वारा  अपने संबोधन में  कहा, "किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य ही सशक्त समाज की आधारशिला है। यदि बेटियां स्वस्थ और पोषित होंगी, तभी वे शिक्षित होकर राज्य और देश के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाएंगी।"*

शिविर के दौरान डॉक्टर राम मुकेश यादव एवं ANM शिलम कुमारी तथा लक्ष्मी कुमारी के द्वारा विद्यालय की छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं हीमोग्लोबिन जांच की गई। जिन छात्राओं में एनीमिया के लक्षण पाए गए, उन्हें उचित परामर्श एवं आयरन की दवाइयां उपलब्ध कराई गई।

स्वास्थ्य कर्मियों ने किशोरियों को संतुलित एवं आयरनयुक्त आहार - हरी साग-सब्जी, दाल, गुड़, अंडा के महत्व, व्यक्तिगत एवं माहवारी स्वच्छता, तथा एनीमिया से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में जिला मिशन समन्वयक ने 'बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ' अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे जागरूकता शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।

मौके पर विद्यालय की वार्डन, सभी शिक्षिकाएं, एवं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन की टीम मौजूद रहे।
निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेश के आलोक में कक्षा 4-8 के बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता (एफ एल एन) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टीचिंग ऐट द राइट लेवल ( टी ए आर एल) आधारित अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी प्रखंडों के चार-चार प्रखंड स्तरीय  मास्टर प्रशिक्षकों  के गैर- आवासीय प्रशिक्षण की शुरुआत  (डायट)बांका में की गई। आरम्भ में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रा० शि० एवं समग्र शिक्षा, बांका, मो० फारूक रहमान,   (डायट), बांका के प्राचार्य अभय कुमार सिंह एवं  जिला गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी मनोहर  सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर  किया गया। अपने संबोधन में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों द्वारा असर टूल्स के माध्यम से आकलन के आधार पर बच्चों का समूह बनाकर प्रतिदिन 1 घंटे भाषा एवं एक घंटे गणित का शिक्षण करने हेतु प्रेरित किया। डायट बांका के प्राचार्य ने अपने संबोधन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी मनोहर  सिंह ने इसके प्रभाव पर चर्चा करते हुए छीजन रुकने की बात बताई। प्रशिक्षण राज्य स्तरीय प्रशिक्षित राघवेन्द्र कुमार झा, जितेन्द्र कुमार सिन्हा, कविता कुमारी एवं प्रवीण कुमार सिंह दे रहे हैं। प्रशिक्षण उपरांत ये प्रखंड स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक अपने-अपने प्रखंडों में चयनित विद्यालय में 21 दिनों का अभ्यास शिक्षण करेंगे। तत्पश्चात प्रभावी परिणाम के आधार पर सभी विद्यालयों के नामित शिक्षकों को प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद चौथी और पांचवी के सभी बच्चों के लिए समूह बनाकर एवं छठी से आठवीं के बच्चों के लिए प्रारंभिक, अक्षर एवं शब्द समूह के बच्चों के लिए यह कार्यक्रम सभी विद्यालयों में 12 सप्ताह अर्थात् 60 दिवस या 120 घंटे के लिए चलाया जाना है।इस अवसर पर प्रथम संस्था से अभिषेक झा,एवं मनीष कुमार भी उपस्थित थे।
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