शामली के आयुष मलिक मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कहा- अपनी मर्जी से धर्म अपनाया, पसंद की जगह और व्यक्ति के साथ रहने की आजादी
शामली। चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण और अंतरधार्मिक विवाह मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट के सामने पेश हुए 31 वर्षीय आयुष मलिक ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से वर्ष 2014 में इस्लाम धर्म अपनाया था और किसी ने उन पर दबाव नहीं बनाया। उन्होंने चांदनी कुरैशी के साथ रहने की इच्छा भी जताई।
हाईकोर्ट ने आयुष की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण करते हुए उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता बहाल करने का आदेश दिया। जस्टिस संदीप जैन ने कहा कि बालिग व्यक्ति अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने में सक्षम है। अदालत ने आयुष को अपनी पसंद की जगह पर और अपनी इच्छा से चुने व्यक्ति के साथ रहने की स्वतंत्रता दी।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब आयुष के पिता की शिकायत के आधार पर चांदनी कुरैशी और उनके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। परिवार की ओर से धर्मांतरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जबकि आयुष ने पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी इच्छा से धर्म अपनाने की बात कही थी।
हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद मामले में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धर्म की पसंद और जीवनसाथी के चुनाव का मुद्दा केंद्र में आ गया है।
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Baghpat, Bagpat | Sep 16, 2026