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तीन तलाक और हलाला पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी | #allahabadhighcourt | Triple Talaq

तीन तलाक और हलाला पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी | #allahabadhighcourt | Triple Talaq

India | Jul 4, 2026

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा सियासी और कानूनी विवाद सामने आया है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 जून को खत्म होने के बाद राज्य सरकार ने कई जगहों पर पुराने प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया था, ताकि नए चुनाव होने तक पंचायत का काम चलता रहे। लेकिन इस फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और कहा है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद किसी निर्वाचित प्रधान को प्रशासक बनाना कानून के मुताबिक सही नहीं है।

#panchayatelection #uttarpradesh #upnews #allahabadhighcourt #obcreservation #politics #lawandorder #news #primenews

[Panchayat Election UP, Uttar Pradesh News, Gram Pradhan, Administrator Appointment, Allahabad High Court, OBC Reservation]

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा सियासी और कानूनी विवाद सामने आया है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 जून को खत्म होने के बाद राज्य सरकार ने कई जगहों पर पुराने प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया था, ताकि नए चुनाव होने तक पंचायत का काम चलता रहे। लेकिन इस फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और कहा है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद किसी निर्वाचित प्रधान को प्रशासक बनाना कानून के मुताबिक सही नहीं है। #panchayatelection #uttarpradesh #upnews #allahabadhighcourt #obcreservation #politics #lawandorder #news #primenews [Panchayat Election UP, Uttar Pradesh News, Gram Pradhan, Administrator Appointment, Allahabad High Court, OBC Reservation]

Uttar Pradesh, India | Jun 27, 2026

Bareilly Riots: जेल में ही कटेंगी रातें! Tauqeer Raza की बेल रिजेक्ट, High Court ने सुने पुख्ता सबूत

🚨 बरेली दंगे के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका! जमानत याचिका पूरी तरह खारिज! ⚖️👇

बरेली शहर का अमन-चैन बिगाड़ने और सांप्रदायिक साजिश रचने के आरोपी इत्तेहाद-ए-मिलत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा को अब जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।

क्या था पूरा मामला?
पिछले साल 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद के बाद मौलाना तौकीर रज़ा ने एक भड़काऊ अपील की थी और प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। इसके बाद जुमे की नमाज़ के बाद बरेली में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव, हवाई फायरिंग और लूटपाट की थी।

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा:
बरेली पुलिस की जांच में सामने आया कि यह दंगा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि साल 2010 की तर्ज पर बरेली को एक बार फिर सांप्रदायिक आग में झोंकने की एक सोची-समझी प्लानिंग थी। मौलाना के खिलाफ 10 गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए थे और सुरक्षा कारणों से उन्हें बेहद गोपनीय तरीके से फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया गया था, जहां वे बंद हैं।

कोर्ट में कैसे फेल हुए वकील?
सुनवाई के दौरान तौकीर रज़ा के वकीलों ने दलील दी कि दंगे के वक्त वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। लेकिन सरकारी वकील और पुलिस ने कोर्ट के सामने वो पुख्ता वीडियो फुटेज रख दी, जिसमें मौलाना खुलेआम मंच से भीड़ को भड़काते और प्रशासन को धमकी देते नज़र आ रहे थे। इन अकाट्य सबूतों के आगे बचाव पक्ष की एक न चली और कोर्ट ने बेल रिजेक्ट कर दी।

#TauqeerRaza #BareillyRiots #AllahabadHighCourt #UPPolice #LawAndOrder #BareillyNews #BreakingNews #UttarPradesh

Bareilly Riots: जेल में ही कटेंगी रातें! Tauqeer Raza की बेल रिजेक्ट, High Court ने सुने पुख्ता सबूत 🚨 बरेली दंगे के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका! जमानत याचिका पूरी तरह खारिज! ⚖️👇 बरेली शहर का अमन-चैन बिगाड़ने और सांप्रदायिक साजिश रचने के आरोपी इत्तेहाद-ए-मिलत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा को अब जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। क्या था पूरा मामला? पिछले साल 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद के बाद मौलाना तौकीर रज़ा ने एक भड़काऊ अपील की थी और प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। इसके बाद जुमे की नमाज़ के बाद बरेली में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव, हवाई फायरिंग और लूटपाट की थी। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा: बरेली पुलिस की जांच में सामने आया कि यह दंगा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि साल 2010 की तर्ज पर बरेली को एक बार फिर सांप्रदायिक आग में झोंकने की एक सोची-समझी प्लानिंग थी। मौलाना के खिलाफ 10 गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए थे और सुरक्षा कारणों से उन्हें बेहद गोपनीय तरीके से फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया गया था, जहां वे बंद हैं। कोर्ट में कैसे फेल हुए वकील? सुनवाई के दौरान तौकीर रज़ा के वकीलों ने दलील दी कि दंगे के वक्त वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। लेकिन सरकारी वकील और पुलिस ने कोर्ट के सामने वो पुख्ता वीडियो फुटेज रख दी, जिसमें मौलाना खुलेआम मंच से भीड़ को भड़काते और प्रशासन को धमकी देते नज़र आ रहे थे। इन अकाट्य सबूतों के आगे बचाव पक्ष की एक न चली और कोर्ट ने बेल रिजेक्ट कर दी। #TauqeerRaza #BareillyRiots #AllahabadHighCourt #UPPolice #LawAndOrder #BareillyNews #BreakingNews #UttarPradesh

Parliament Street, New Delhi | Jun 7, 2026

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