*कस्तूरी कॉटन भारत मिशन से बड़वानी के कपास को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान*
--‐-----
*जिले में कॉटन टेस्टिंग लैब एवं पोस्ट-क्लीनिंग मशीन लगाने की पहल, गुणवत्तायुक्त कपास उत्पादन पर जोर*
बड़वानी 10 सितंबर 2026/जिले में कपास की गुणवत्ता में सुधार कर किसानों को गुणवत्तायुक्त कपास उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा बड़वानी के कपास को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में कस्तूरी कॉटन भारत मिशन के अंतर्गत भारतीय कपास निगम( सीसीआई) के सीएमडी श्री ललित कुमार गुप्ता द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर बड़वानी एवं जिले के अधिकारियों तथा जिनिंग एवं स्पिनिंग उद्योग से जुड़े व्यापारियों के साथ चर्चा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि बड़वानी जिले में कपास की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए कॉटन टेस्टिंग लैब स्थापित करने की पहल की जा रही है। साथ ही कपास की गुणवत्ता में और अधिक सुधार के लिए पोस्ट-क्लीनिंग मशीन लगाने का प्रावधान भी किया गया है। कस्तूरी कॉटन के अंतर्गत गुणवत्तायुक्त कपास की प्रत्येक बेल पर 500 रुपये तक का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिए जाने का प्रावधान बताया गया।
कस्तूरी कॉटन भारत मिशन का उद्देश्य भारतीय कपास की विशिष्ट पहचान एवं गुणवत्ता को देश-विदेश के बाजारों में स्थापित करना है। इसके लिए कपास की गुणवत्ता, स्वच्छता, जिनिंग प्रक्रिया, ट्रेसबिलिटी तथा बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किसानों को कपास की पिकिंग से लेकर भंडारण एवं परिवहन तक स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कपास में मिट्टी, कचरा, पत्तियां एवं अन्य बाहरी सामग्री की मिलावट रोकने पर विशेष जोर दिया जाएगा।