युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति : डॉ. विवेक
#देवरिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को एसएसबीएल इंटर कॉलेज, देवरिया में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता डॉ. विवेक ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. विवेक ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और उसके भविष्य की आधारशिला होते हैं। प्रत्येक छात्र की विद्यार्थी के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक की भी भूमिका है। समाज और देश के भविष्य के निर्माण में युवाओं को अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों, जिज्ञासाओं और आकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा से जोड़ना आवश्यक है। युवाओं की ऊर्जा को सृजन का माध्यम बनाया जाना चाहिए, न कि विध्वंस का। उन्होंने विद्यार्थियों को नकारात्मक शक्तियों और ऐसे विचारों से सावधान रहने की सलाह दी, जो उनकी ऊर्जा का दुरुपयोग कर सकते हैं।
डॉ. विवेक ने कहा कि तकनीकी साधनों, मोबाइल और सूचनाओं के अनगिनत स्रोतों की आसान उपलब्धता ने युवाओं के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। ऐसे समय में प्रत्येक युवा को सही और गलत के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि “शिक्षा जीवन के लिए और जीवन वतन के लिए” के भाव के साथ प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी जिम्मेदारियों का पूरे मनोयोग से निर्वहन करते हुए राष्ट्र सेवा के लिए आगे बढ़ना चाहिए। भारत का युवा अपने नवोन्मेषी विचारों, सामर्थ्य और संस्कारों के माध्यम से विकसित भारत की नींव तैयार करेगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने युवा शक्ति, राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया।