प्राथमिक विद्यालय परसावां में बच्चों को सिखाए गए आपदा से बचाव के गुर, शिक्षिका पूजा कुमारी की पहल की हो रही सराहना
गया सदर। सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत गया सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय परसावां में बच्चों को आपदा और आकस्मिक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। विद्यालय की शिक्षिका पूजा कुमारी ने बच्चों को भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने, घायलों की मदद करने तथा हृदयाघात की स्थिति में तत्काल सीपीआर (CPR) देने की प्रक्रिया का ड्रिल कराया।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को बताया गया कि भूकंप आने की स्थिति में घबराने के बजाय स्वयं को सुरक्षित रखना और आसपास मौजूद लोगों की मदद करना बेहद जरूरी है। बच्चों को सुरक्षित स्थान की पहचान, बचाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने का अभ्यास कराया गया।
वहीं, हृदयाघात जैसी आपात स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता मिलने के महत्व को समझाते हुए बच्चों को सीपीआर देने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। शिक्षिका ने बच्चों को बताया कि आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर दी गई प्राथमिक सहायता किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
किताबी शिक्षा के साथ जीवन रक्षक प्रशिक्षण
प्राथमिक विद्यालय परसावां में कराया गया यह ड्रिल इस बात का उदाहरण है कि सरकारी विद्यालयों में अब बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें जीवन कौशल, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूक भी बनाया जा रहा है।
शिक्षिका पूजा कुमारी की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपात परिस्थितियों में स्वयं के साथ-साथ दूसरों की मदद करने के लिए भी तैयार होते हैं।
शिक्षिका पूजा कुमारी का समर्पण और विद्यालय में कराया गया यह व्यावहारिक प्रशिक्षण बिहार में बदलती शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर को दर्शाता है, जहां पढ़ाई के साथ बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।