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Khizersarai News

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21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाएंगे गया जिले के सभी 24 प्रखंडों के BDO

BRDSA के आह्वान पर आंदोलन, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग व मुख्य सचिव को सौंपा गया ज्ञापन

गया। बिहार के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) समेत ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ (BRDSA) ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के आह्वान पर 21 सितंबर 2026 से गया जिले के सभी 24 प्रखंडों के BDO सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं। इस संबंध में संघ की ओर से प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, मुख्य सचिव, बिहार तथा सभी जिला पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया है।

संघ की ओर से अधिकारियों के सेवा संबंधी मामलों, सुरक्षा और प्रोन्नति समेत कई मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। मांगों को लेकर अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब संघ के स्तर पर सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया है।

ये हैं प्रमुख मांगें

1. एंट्री लेवल-9 में नियुक्ति/वेतनमान का प्रावधान करते हुए अधिकारियों को राज्य सेवा संवर्ग में शामिल किया जाए।
2. अधिकारियों की सेवा संरचना में सुधार किया जाए।
3. BDO समेत संबंधित अधिकारियों को निजी अंगरक्षक के साथ सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराया जाए।
4. अधिकारियों को कालबद्ध प्रोन्नति का लाभ दिया जाए।
5. संघ की ओर से उठाई गई अन्य सेवा संबंधी मांगों का भी शीघ्र समाधान किया जाए।

गया जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों और पंचायत स्तर की योजनाओं में BDO की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में यदि जिले के सभी 24 प्रखंडों के BDO सामूहिक अवकाश पर जाते हैं, तो प्रखंड स्तर पर विकास एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है।

संघ ने सरकार से मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
उच्च माध्यमिक विद्यालय लाव में दिवंगत प्रधानाध्यापक प्रतिमा कुमारी के निधन पर शोक सभा का आयोजन 

 *टिकारी, उच्च माध्यमिक विद्यालय लाव, टिकारी के परिसर में आज विद्यालय की प्रधानाध्यापक दिवंगत प्रतिमा कुमारी के आकस्मिक निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अत्यंत दुखद घड़ी में विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की। शोक सभा में मुख्य रूप से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ अभय रमण, विद्यालय प्रबंधकारिणी सदस्यगण तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यपक एवं शिक्षक मौजूद थें। शोक समाचार सुन कर बहुत सारे  ग्रामीण एवं अभिभावक भी विद्यालय आये हुए थें। सभा में उपस्थित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ अभय कुमार रमन ने दिवंगत प्रधानाध्यापक प्रतिमा कुमारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "प्रतिमा कुमारी जी का असामयिक निधन शिक्षा जगत और इस पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। एक कुशल शिक्षिका और कुशल प्रशासक (प्रधानाध्यापक) के रूप में उनका योगदान और उनका कर्तव्यनिष्ठ जीवन हमेशा याद किया जाएगा।"इसके पश्चात, सभा में उपस्थित प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य गण  , शिक्षक गण और छात्रों ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस असह्य दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

ज्ञात हो कि 1.09.2026 को शिक्षक के साथ विद्यालय से घर जाते समय भवनपुर पुल के आगे बाइक से गिर जाने के कारण प्रधानाध्यापिका दुर्घाटना ग्रस्त हो गयी थी जिसके बाद उन्हें उपचार हेतू बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज हेतू पटना ले जाया गया जहां दस दिन मौत से जूझने के बाद कल उन्होंने अंतिम सांस ली ।
इस अवसर पर शिक्षक संघ के प्रमंडलीय सचिव जितेंद्र कुमार,कुणाल किशोर, प्रो मुंद्रिका प्रसाद नायक, शत्रुधन प्रसाद दांगी,अशोक कुमार, उपमुखिया सुनील कुमार, रंजीत कुमार,पियूष रंजन आदि उपस्थित थे ।
*पितृपक्ष मेला के अवसर पर तीर्थयात्रियों के आवासन के लिए व्यापक व्यवस्था, 44 आवासन स्थलों पर 12,070 श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा*

   गया, 11 सितंबर 2026,  पितृपक्ष मेला के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुगम आवासन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। तीर्थयात्रियों के लिए कुल 44 आवासन स्थल बनाए गए हैं, जहाँ लगभग 12,070 तीर्थयात्रियों के आवासन की व्यवस्था की गई है।
   ब सभी आवासन स्थलों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाएँ दुरुस्त रखी गई हैं। इनमें पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे तथा महत्वपूर्ण दूरभाष नंबरों से संबंधित आवश्यक साइनेज की व्यवस्था शामिल है।
      तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवासन स्थलों पर मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवासन स्थलों पर 24×7 सफाई व्यवस्था भी रखी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
      सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से सभी आवासन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) की प्रतिनियुक्ति भी की गई है।
          ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि आवासन स्थलों पर उपलब्ध सभी सुविधाओं की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखें।
पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    *प्रमुख आवासन स्थल एवं क्षमता*
     पितृपक्ष मेला के दौरान चिन्हित प्रमुख आवासन स्थलों में मध्य विद्यालय कोसडीहरा में 160 आवासन क्षमता, निगमा मोनास्ट्री में 2400 क्षमता, प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय बोधगया में 100, मध्य विद्यालय धनवा बोधगया में 200, मध्य विद्यालय सूर्यपुरा बोधगया में 160, bit गया बुद्धा रिजॉर्ट बोधगया में 150, राजकीय मध्य विद्यालय घुघडी ताड में 100, कन्या उच्च विद्यालय गया में 150, अनुग्रह कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200, गुरु नानक मध्य विद्यालय गया में 150, आदर्श नव बालिका मध्य विद्यालय गया में 150, गौरी कन्या मध्य विद्यालय एवं उच्च विद्यालय मानपुर में 100, आकाश पॉलिटेक्निक माडनपुर में 250, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय रमना में 200, मध्य विद्यालय भगवानपुर बोधगया में 50 मध्य विद्यालय हरिओ में 100, मानवीकी भवन गया कॉलेज में 800, मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में 200, राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, आईटीआई गया में 100, राजकीय मध्य विद्यालय केंदुई में 200, बृजभूषण संस्कृत महाविद्यालय डेल्हा में 200, टी मॉडल इंटर विद्यालय में 400 , न्यू मध्य विद्यालय चांद चौरा में 100, राजकीय मध्य विद्यालय अक्षय वट में 250, चंद्रशेखर उच्च विद्यालय अक्षयवट में 250, गया जी धर्मशाला में 120, राजकीय मध्य विद्यालय गोदावरी में 200, बरनवाल प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू विद्यालय मानपुर में 150, प्लस टू हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1200 सहित अन्य आवासन स्थल चिन्हित किये गए हैं।
फतेहपुर थाना को सूचना प्राप्त हुई कि गोपी मोड़, खानाबदोशों के पास चोरी के मामले में पूछताछ के क्रम में गश्ती टीम के पुलिस बल के साथ कुछ उपद्रवियों द्वारा हमला/दुर्व्यवहार किया गया।
इस संबंध में फतेहपुर थाना कांड सं0 568/26, दिनांक 11.09.2026 दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड में संलिप्त 08 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। फतेहपुर थाना द्वारा अग्रतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
आज दिनांक 11.09.2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक, गया एवं नगर पुलिस अधीक्षक, गया के द्वारा पुलिस केन्द्र, गया में प्रशिक्षु सिपाहियों के चल रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
चार सहेलियां, एक गांव और एक ही दिन गुमशुदगी… दोस्ती में छिपा है गायब होने का राज? जांच में जुटी है पुलिस
*पितृपक्ष महासंगम 2026 को निर्मल एवं स्वच्छ तरीके से आयोजित करने को लेकर 12 सितंबर को विष्णुपद मंदिर परिसर से निकलेगी रैली*

गया, 10 सितंबर 2026, 
पितृपक्ष महासंगम 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ आयोजन को लेकर गया नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 12 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे विष्णुपद मंदिर परिसर से स्वच्छता एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली का मुख्य उद्देश्य पितृपक्ष महासंगम को निर्विघ्न, निर्मल तथा स्वच्छ तरीके से आयोजित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
     रैली को जिला पदाधिकारी, गया एवं माननीय महापौर, गया नगर निगम द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस अवसर पर माननीय उप महापौर, सभी वार्ड पार्षद, पंडा समाज के सचिव एवं सदस्यगण, नगर निगम के पदाधिकारी एवं कर्मचारी तथा पत्रकारगण उपस्थित रहेंगे।
     जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा पितृपक्ष महासंगम के दौरान स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को “नो प्लास्टिक जोन” घोषित किया गया है। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में नशे के सेवन को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। रैली के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा मेला क्षेत्र की पवित्रता एवं गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
      जिला पदाधिकारी, गया के निर्देशानुसार नगर आयुक्त, गया नगर निगम की अध्यक्षता में दिनांक 10 सितंबर 2026 को पितृपक्ष महासंगम 2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री अमरनाथ धोकड़ी, श्री बबन लाल बारिक, श्री मणिलाल बारिक, उप नगर आयुक्त, सहायक लोक स्वच्छता पदाधिकारी, सहायक वास्तुविद सहित नगर निगम के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
: बीस सूत्री बैठक में भ्रष्टाचार और कम अनाज देने पर अधिकारियों से सवाल।

 अध्यक्ष पिंकी कुमारी ने अंचल कार्यालय में दलालों की भूमिका पर जताई चिंता, उपाध्यक्ष दयाशंकर ने अवैध बालू उठाव और बाजार में जाम का मुद्दा उठाया।

 प्रखंड सभागार में शुक्रवार को बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक अध्यक्ष पिंकी कुमारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रखंड और अंचल कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों से सवाल-जवाब किए गए। अध्यक्ष ने अंचल कार्यालय में आम लोगों को परेशान किए जाने तथा दलालों के माध्यम से पैसे लेकर आसानी से काम किए जाने की शिकायत उठाई।

बैठक में जन वितरण प्रणाली में लाभुकों को एक किलो कम अनाज दिए जाने का मामला भी प्रमुखता से उठा। अध्यक्ष ने आपूर्ति पदाधिकारी से सवाल किया कि आखिर क्षेत्र के जन वितरण दुकानदार लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम अनाज क्यों दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई दुकानदारों का कहना है कि प्रति क्विंटल 60 रुपए की वसूली की जाती है, जिसके कारण वे लाभुकों को एक किलो कम अनाज देते हैं। इस पर आपूर्ति पदाधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

बीस सूत्री समिति के उपाध्यक्ष दयाशंकर ने खिजरसराय बाजार में सड़क जाम की समस्या के साथ क्षेत्र में हो रहे अवैध बालू उठाव का मुद्दा उठाया। बैठक में अधिकारियों से इन समस्याओं पर कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई।

बैठक में बीडीओ पूजा गहलोत, राजस्व अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे। समिति के सदस्य फंदी यादव और चंद्रशेखर गिरी ने भी विभिन्न विभागों से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों से सवाल-जवाब किए।
*अल्पसंख्यक ऋण योजनाओं की राशि वसूली हेतु 14 से 19 सितंबर तक विशेष शिविर का आयोजन*
गया:

बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। नियमों के अनुसार, स्वीकृत ऋण राशि को लाभुकों द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ब्याज सहित लौटाना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (NMDFC) टर्म लोन तथा शिक्षा ऋण योजना के तहत वितरित ऋण की वसूली में तेजी लाने तथा ऋणियों को बकाया राशि जमा करने में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष वसूली शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर का विवरण:

 *स्थान:* जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय, समाहरणालय परिसर, गया
 *अवधि:* 14 सितंबर 2026 से 19 सितंबर 2026 तक
 *संबंधित योजनाएं:* मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, NMDFC टर्म लोन एवं शिक्षा ऋण योजना

सभी संबंधित ऋणियों से अपील की जाती है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर शिविर में उपस्थित होकर अपनी बकाया ऋण राशि का ससमय भुगतान करें और असुविधा व किसी भी प्रकार की विधिक कार्रवाई से बचें।
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गया में होटल कंपनी पर ED का बड़ा एक्शन, 85 करोड़ के लोन फ्रॉड में 58 करोड़ की जांच
आज खिजरसराय प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) का बैठक में शामिल होंगे माननीय विधायक
प्रेस विज्ञप्ति

गया, दिनांक – 10 सितंबर 2026

एक माह के भीतर सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को मिलेगा पर्चा : डॉ. प्रेम कुमार
21 भूमिहीन परिवारों को 3-3 डिसमिल भूमि का पर्चा वितरित

गया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में भूमिहीन गरीब परिवारों के बीच भूमि का पर्चा वितरित किया। डॉ. प्रेम कुमार की पहल पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस अवसर पर नैली पंचायत के काजीचक एवं मदन बिगहा पंचायत के चमराडीह में 21 भूमिहीन गरीब परिवारों को 3-3 डिसमिल भूमि का पर्चा प्रदान किया गया। पर्चा मिलने के बाद लाभुक परिवारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए सम्मानजनक जीवन और स्थायी आशियाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और भूमिहीन परिवारों को उनका अधिकार दिलाना है। अभियान बसेरा-2 के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आवास योग्य भूमि उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गयाजी में अभी जो भूमिहीन परिवार पर्चा पाने से वंचित हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले एक माह के भीतर बचे हुए सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को भूमि का पर्चा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केवल जमीन का पर्चा देना ही सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। पर्चा प्राप्त करने वाले परिवारों के आवासन की चिंता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभुकों को लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की लागत से पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और बिहार सरकार गरीबों को सामाजिक सुरक्षा, आवास, भूमि और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार भूमिहीन और बेघर न रहे तथा प्रत्येक परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
*पितृपक्ष मेला 2026 में स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां, श्रद्धालुओं को 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था*

गया, 10 सितंबर 2026, आगामी पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान देश-विदेश से गया आने वाले तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर, त्वरित एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल मेडिकल टीम, एंबुलेंस, समर्पित बेड, आपातकालीन चिकित्सा सेवा, खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।

*75 स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था*
    मेला क्षेत्र एवं श्रद्धालुओं के ठहराव वाले विभिन्न चिन्हित स्थलों पर कुल 75 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे। इन शिविरों में चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन स्वास्थ्य शिविरों में कुल 355 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिविर में चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रहेगी।
   शिविरों को अलग-अलग समयावधि के अनुसार संचालित किया जाएगा। 05 स्वास्थ्य शिविर 24×7, 21 शिविर 16 घंटे तथा 32 शिविर 8 घंटे संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त 04 मोबाइल रिस्पांस टीम 24×7 त्वरित सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगी तथा 08 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) भी निर्धारित समय के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
मोबाइल मेडिकल टीम के माध्यम से त्वरित स्वास्थ्य सेवा
     मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 04 मोबाइल रिस्पांस टीम की व्यवस्था की गई है। ये टीमें आउटडोर क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए 24×7 सक्रिय रहेंगी।
        सभी स्वास्थ्य शिविरों में डॉक्टरों द्वारा मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाएं एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में तैनात चिकित्सा दल के लिए ड्रेस कोड एवं पहचान पत्र की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालु आसानी से अधिकृत स्वास्थ्य कर्मियों की पहचान कर सकें।
  
     /मेला अवधि के दौरान गंभीर अथवा भर्ती योग्य मरीजों के उपचार के लिए जिला स्तर के विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कुल 190 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें जयप्रकाश नारायण अस्पताल में 10, प्रभावती अस्पताल में 10, ANMMCH गया में 40, AIMS निजी अस्पताल में 05 तथा शुभकामना अस्पताल में 05 बेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 24 CHC/PHC में 5-5 बेड के हिसाब से 120 बेड समर्पित रखे गए हैं।

     मेला क्षेत्र में किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए 22 एंबुलेंस 24×7 उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा 02 मॉर्चरी वैन की व्यवस्था भी की गई है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा सभी CHC/PHC स्तर पर 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

*विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती*
    /स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मेला अवधि में 125 डॉक्टर, 178 पारा मेडिकल कर्मी एवं 52 चतुर्थवर्गीय कर्मियों की सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त 08 ALSA तथा 12 BLSA एंबुलेंस की व्यवस्था तथा 02 मॉर्चरी वैन की व्यवस्था भी की गई है।

*ICU एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा*
     आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जयप्रकाश नारायण अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, AIIMS निजी अस्पताल एवं शुभकामना निजी अस्पताल में 24×7 ICU सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तथा सभी CHC/PHC में 24×7 इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहेंगी।

*स्वास्थ्य शिविरों में आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता*
     स्वास्थ्य शिविरों को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। शिविरों में दर्द निवारक, बुखार, एलर्जी, संक्रमण, उल्टी, गैस्ट्रिक, हृदय संबंधी आपात स्थिति, ORS सहित विभिन्न आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा ड्रेसिंग ड्रम एवं कटिंग सेट, स्टेथोस्कोप, BP उपकरण, डिजिटल थर्मामीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, IV स्टैंड एवं अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

   *खाद्य सुरक्षा पर विशेष निगरानी*
    पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए 05 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम गठित की गई है। ये टीमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं ठेला आदि पर खाद्य पदार्थों की जांच करेंगी तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगी।

*स्वच्छता एवं मच्छर नियंत्रण की विशेष व्यवस्था*
     मेला क्षेत्र में स्वच्छता एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए नगर निगम के समन्वय से ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना का छिड़काव कराया जाएगा। मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी आवासीय क्षेत्रों में केमिकल/DDT का छिड़काव किया जाएगा। पितृपक्ष मेला क्षेत्र की दुकानों की नियमित सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रत्येक CHC/PHC स्तर पर रिस्पांस टीम उपलब्ध रहेगी।

  *24×7 हेल्थ कंट्रोल रूम*
   मेला अवधि के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी एवं त्वरित समन्वय के लिए JPN अस्पताल में 24×7 हेल्थ कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जिला अस्पताल स्तर पर भी 24×7 कंट्रोल रूम की व्यवस्था रहेगी।
     स्वास्थ्य जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार
श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बैनर एवं IEC सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
      स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्तरों पर समन्वित एवं 24×7 स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार की गई है।
*जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने संयुक्त रूप से चलाया वाहन जांच अभियान*

*वाहनों के लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण-पत्र एवं अन्य दस्तावेजों की हुई जांच, बालिग-नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर भी रखी गई विशेष नजर*

    गया, 10 सितंबर 2026,  पितृपक्ष मेला-2026 के मद्देनजर जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा वाहन जांच अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में आज जिला परिवहन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं यातायात पुलिस उपाधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं क्षेत्रों में सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।
     वाहन जांच अभियान के दौरान मुख्य रूप से वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के प्रदूषण प्रमाण-पत्र, वाहन के आवश्यक कागजात एवं अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान बालिग एवं नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर भी विशेष निगरानी रखी गई। अधिकारियों द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा अपने एवं अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहन चलाने की अपील की गई।
    आज का विशेष वाहन जांच अभियान सिकड़िया मोड़, गेवाल बिगहा, बाईपास, घुघड़ीटांड़, बोधगया रोड एवं माड़नपुर सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में चलाया गया। *अभियान के दौरान जिला परिवहन विभाग द्वारा वाहनों से लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया, जबकि यातायात विभाग द्वारा लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का फाइन वसूल किया गया।*
    अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वाहन जांच अभियान निरंतर चलाया जाएगा, ताकि जिले में सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके तथा पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
     जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें, वाहन का प्रदूषण प्रमाण-पत्र अद्यतन रखें, यातायात नियमों का पालन करें तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
*पितृपक्ष महासंगम 2026 को निर्मल एवं स्वच्छ तरीके से आयोजित करने को लेकर 12 सितंबर को विष्णुपद मंदिर परिसर से निकलेगी रैली*

गया, 10 सितंबर 2026, 
पितृपक्ष महासंगम 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ आयोजन को लेकर गया नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 12 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे विष्णुपद मंदिर परिसर से स्वच्छता एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली का मुख्य उद्देश्य पितृपक्ष महासंगम को निर्विघ्न, निर्मल तथा स्वच्छ तरीके से आयोजित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
     रैली को जिला पदाधिकारी, गया एवं माननीय महापौर, गया नगर निगम द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस अवसर पर माननीय उप महापौर, सभी वार्ड पार्षद, पंडा समाज के सचिव एवं सदस्यगण, नगर निगम के पदाधिकारी एवं कर्मचारी तथा पत्रकारगण उपस्थित रहेंगे।
     जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा पितृपक्ष महासंगम के दौरान स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को “नो प्लास्टिक जोन” घोषित किया गया है। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में नशे के सेवन को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। रैली के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा मेला क्षेत्र की पवित्रता एवं गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
      जिला पदाधिकारी, गया के निर्देशानुसार नगर आयुक्त, गया नगर निगम की अध्यक्षता में दिनांक 10 सितंबर 2026 को पितृपक्ष महासंगम 2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री अमरनाथ धोकड़ी, श्री बबन लाल बारिक, श्री मणिलाल बारिक, उप नगर आयुक्त, सहायक लोक स्वच्छता पदाधिकारी, सहायक वास्तुविद सहित नगर निगम के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीएसआर फंड से गया को मिली स्वास्थ्य, पेयजल एवं शव परिवहन की सौगात : डॉ. प्रेम कुमार

गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को जिला समाहरणालय में जिला पदाधिकारियों, नगर आयुक्त एवं बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख श्री सत्य प्रकाश की उपस्थिति में सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराए गए स्वास्थ्य, पेयजल एवं शव परिवहन से संबंधित सुविधाओं का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बरौनी रिफाइनरी द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत गया जिले के लिए महत्वपूर्ण जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अंतर्गत 3 ट्रूनेट मशीन, 1 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस, 1 मॉर्चरी वैन तथा 1000 लीटर प्रति घंटे क्षमता वाले 25 RO वाटर एटीएम शामिल हैं। इन सभी सुविधाओं की कुल लागत लगभग ₹163.85 लाख है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में ट्रूनेट मशीनें अत्यंत उपयोगी साबित होंगी। इससे जांच की सुविधा को मजबूती मिलेगी और मरीजों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। वहीं ALS एम्बुलेंस गंभीर मरीजों के सुरक्षित एवं त्वरित परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मॉर्चरी वैन की उपलब्धता से जरूरतमंद परिवारों को शव के सम्मानजनक एवं सुरक्षित परिवहन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही 25 वाटर एटीएम के माध्यम से आम लोगों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जनकल्याण के कार्यों में सरकार, प्रशासन और सार्वजनिक उपक्रमों का समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराई गई ये सुविधाएं गया जिले के नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होंगी तथा स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत करेंगी।

डॉ. प्रेम कुमार ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के माननीय केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी जी एवं बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख श्री सत्य प्रकाश तथा पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक दायित्व के तहत इस प्रकार की पहल समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन सभी सुविधाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
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गया में 09 सितंबर से 08 अक्टूबर तक मनाया जाएगा पोषण माह* 

 *“हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम के साथ चलेगा व्यापक जन- जागरूकता एवं जनभागीदारी अभियान* 

गया जिले में 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। 

 *जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पोषण माह 2026 का विधिवत शुभारंभ किया।* 

इस वर्ष पोषण माह का मुख्य विषय *“हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी* ” रखा गया है। 

इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को और सशक्त बनाने के साथ-साथ समुदाय की भागीदारी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पोषण माह के दौरान जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

 *पोषण माह के दौरान इन विषयों पर होगा विशेष फोकस* 

1. *आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन:-* 
संतुलित एवं पौष्टिक आहार स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। पोषण माह के दौरान आहार में विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन के महत्व के प्रति आमजनों को जागरूक किया जाएगा।

 2. *आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन (HCM):-
लाभार्थी बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म एवं ताजा पका भोजन सुनिश्चित करने के संबंध में जागरूकता एवं गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

 *3. सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही* 

पोषण सेवाओं को बेहतर बनाने में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक स्वामित्व की भावना 
विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

 *4. बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन* 

बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पोषण के साथ-साथ प्रारंभिक उद्दीपन की महत्ता के प्रति अभिभावकों एवं समुदाय को जागरूक किया जाएगा।

5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)* 

गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उपलब्ध नकद अंतरण के संबंध में पात्र लाभार्थियों को जानकारी दी जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप सभी गतिविधियों का सफल एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। 

साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों, समुदाय एवं क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त गतिविधियां आयोजित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों की दैनिक प्रगति एवं आंकड़ों को जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर अपलोड लिंक poshanabhiyaan.gov.in करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियान की नियमित एवं प्रभावी निगरानी तथा मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से भी पोषण माह के दौरान आयोजित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सुपोषित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई है।

इस अवसर पर एडीएम (विधि व्यवस्था), डीपीओ आईसीडीएस, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा सहित सभी सीडीपीओ एवं अन्य सम्बन्धित पदाधिकारी शामिल हुए। 

*सुपोषित गया , स्वस्थ गया के निर्माण में जनभागीदारी ही सबसे महत्वपूर्ण आधार है।*
*पितृपक्ष मेला 2026 में निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति हेतु विद्युत विभाग ने कसी कमर; तैयारियाँ जोरों पर*
गया, 10सितंबर 2026, विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 (25 सितंबर 2026 से 11 अक्टूबर 2026) के दौरान गया जी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।
   विद्युत अधीक्षण अभियंता (विद्युत आपूर्ति अंचल, गयाजी), श्री संदीप प्रकाश ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में 24X7 विद्युत आपूर्ति और त्वरित शिकायत निवारण हेतु 7 नियंत्रण कक्ष (Control Rooms) बनाए गए हैं। यहाँ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तीन पालियों (shifts) में प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी टीमों को त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए वॉकी-टॉकी से लैस किया जा रहा है।
  *मेला क्षेत्रवार किए जा रहे मुख्य कार्य:*

विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गयाजी (शहरी):
   ● बंगाली आश्रम से मंदिर तक पेड़ों की छंटाई की गई है।
   ●  शाहमीर तक्या मोड़ से मंदिर तक फैले तारों को व्यवस्थित किया जा रहा है।
   ●  दुर्घटना से बचाव हेतु सभी खुले ट्रांसफॉर्मरों की बैरीकेडिंग की जा रही है।
   ● खुले नंगे तारों को बदलकर अब तक 9 किमी. कवर तार (AB Cable) बिछाए जा चुके हैं।
 ●  सभी 33 एव 11 केवी फीडेरों का रख रखाव पूर्ण कर लिया गया है 
   ●  श्रद्धालुओं की बढ़ती ज़रूरतों को देखते हुए मेला क्षेत्र में लगभग08 अदद 200 kVA के ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाकर 315 KVA की जा रही है।
 
*विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गयाजी (ग्रामीण):*
   ●  प्रेतशिला पहाड़ी एवं मेला क्षेत्र में अधिष्ठापित 4 ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव पूर्ण कर लिया गया है।
   ●  प्रेतशिला पहाड़ पर विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए 15 नए पोल गाड़कर लाइन ऊपर ले जाने का कार्य प्रगति पर है।
   ● आसपास के क्षेत्रों में लगभग 5 किमी. LT लाइन की केबलिंग की गई है।
   ●  अमरपुर फीडर में 11 kV लाइन के करीब 2 किमी. खुले तारों को कवर तारों से बदला जा रहा है।

*विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, मानपुर:*
   ● सीता कुंड मेला क्षेत्र में एक अतिरिक्त 200 kVA का ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है।
   ●  11 kV लाइन का रखरखाव, लगभग 500 मीटर रिकंडक्ट्रिंग एवं LT केबलिंग का कार्य संपन्न कराया गया है।

*अतिरिक्त सुरक्षा एवं व्यवस्थाएँ:*
    ● मेला क्षेत्र से जुड़े सभी पावर सब-स्टेशनों (PSS) की जाँच MRT टीम द्वरा की जा रही हैं। इसके अलावा:
 ●  मेला क्षेत्र के सभी बिजली पोलों को सुरक्षा की दृष्टि से डाइइलेक्ट्रिक पेंट (Dielectric Paint) से पेंट किया जा रहा है।
 ●  अस्थायी पंडालों, शिविरों एवं दुकानों को तत्काल अस्थायी विद्युत कनेक्शन (Temporary Connections) दिए जा रहे हैं।
 ◆  दंडीबाग विद्युत शक्ति उपकेंद्र की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है।
 ◆ सभी कार्यपालक अभियंताओं को तीर्थयात्रियों के आवासन स्थलों के आसपास तारों की मरम्मत सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
पितृपक्ष मेला को लेकर सघन वाहन जांच, 6.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला,DTO,SDO खुद रहे शामिल
ढाढर नदी से अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टर जब्त, बालू माफिया फरार

मोहड़ा। अतरी थाना क्षेत्र के मोहड़ा प्रखंड इलाके में ढाढर नदी से अवैध रूप से बालू लोड कर ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को पुलिस ने जब्त किया है। कार्रवाई डीएसपी सुरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।

पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही बालू के अवैध कारोबार में शामिल लोग मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि बालू माफिया ट्रैक्टर का डाला छोड़कर मौके से भाग निकले। पुलिस ने दोनों ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में ले लिया है।

घटना की जानकारी खनन विभाग को दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, नदी से अवैध बालू उत्खनन और परिवहन के मामले में अब खनन विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब्त वाहनों के संबंध में खनन विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया की जाएगी।

पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर ढाढर नदी से अवैध बालू निकासी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
एसडीपीओ आवास निर्माण को लेकर जमीन का निरीक्षण, नगर पंचायत भी तलाश रही शौचालय के लिए भूमि

खिजरसराय। अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुरेंद्र सिंह ने खिजरसराय में एसडीपीओ आवास निर्माण के लिए जमीन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संभावित स्थलों का जायजा लेते हुए जमीन की उपलब्धता एवं निर्माण के लिए उसकी उपयुक्तता की जानकारी ली।

वहीं, खिजरसराय नगर पंचायत क्षेत्र में आमलोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय निर्माण की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए नगर पंचायत द्वारा उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है।

एसडीओ एवं एसडीपीओ के जमीन निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि भूमि चयन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
पितृपक्ष मेला को लेकर बोधगया में तैयारी तेज, बिहार विधानसभा अध्यक्ष सह गया नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने की समीक्षा
मगध मेडिकल की व्यवस्था पर डीएम सख्त,6 हॉस्पिटल मैनेंजर और हेल्थ मैनेजरों का वेतन बंद का दिया निर्देश
*शीला देवी की आवाज पहुंची पटना तक, अब खिजरसराय को मिल सकती है डायलिसिस सुविधा*
खिजरसराय / गया:
नीमचक बथानी अनुमंडल मुख्यालय खिजरसराय में किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा जल्द शुरू हो सकती है। नगर पंचायत खिजरसराय की वार्ड पार्षद सह सशक्त स्थायी समिति की सदस्य शीला देवी द्वारा सरकार के 'सहयोग पोर्टल' पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन), गया ने कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार (पटना) को पत्र लिखकर खिजरसराय में निःशुल्क डायलिसिस केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया है।
शेरघाटी और टिकारी की तर्ज पर सुविधा देने की मांग
शीला देवी ने पोर्टल के माध्यम से जनहित में मांग उठाई थी कि गया जिले के शेरघाटी और टिकारी अनुमंडलीय अस्पतालों की तर्ज पर नीमचक बथानी अनुमंडल मुख्यालय (खिजरसराय) में भी किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की निःशुल्क व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि खिजरसराय, नीमचक बथानी, अतरी एवं मोहड़ा प्रखंड के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए गया शहर या अन्य दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे न केवल गरीब और गंभीर मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि आने-जाने में समय और स्वास्थ्य दोनों का नुकसान होता है।
शीला देवी की इस शिकायत और जनहित की आवश्यकता को संज्ञान में लेते हुए सिविल सर्जन, गया ने राज्य स्वास्थ्य समिति को पत्रांक 4040 के जरिए सूचित किया है कि नीमचक बथानी अनुमंडल क्षेत्र के किडनी मरीजों को दूरदराज के क्षेत्रों में जाने से बचाने और उन्हें आर्थिक नुकसान व समय की बर्बादी से राहत दिलाने के लिए खिजरसराय में निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य विभाग इस प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र के चार प्रखंडों के सैकड़ों किडनी रोगियों को स्थानीय स्तर पर जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी।