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लाखों का बजट | कागजों पर निर्माण | मौके पर सन्नाटा | पंचायतों में भ्रष्टाचार | फर्जी भुगतान के आरोप

Orai, Jalaun | Jul 11, 2026

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उरई पुलिस ने कारोबारी विजेंद्र मोर हत्याकांड का किया खुलासा, 50 हजार का इनामी दंपति गिरफ्तार

उरई कोतवाली पुलिस ने तीन माह पुराने हरियाणा के जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर के अपहरण और हत्या के मामले का खुलासा करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जंगल से मृतक के अधजले अवशेष भी बरामद किए गए।

यह वही चर्चित मामला है, जिसकी जांच के दौरान हरियाणा गई उरई पुलिस की टीम सड़क हादसे का शिकार हुई थी। इस दुर्घटना में दो उपनिरीक्षक, दो सिपाही और वादी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, 4 मई को रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से विजेंद्र मोर का अपहरण किया गया। इसके बाद क्रेटा कार में ले जाकर उनकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव पर डीजल डालकर जंगल में जला दिया गया।

पूछताछ में सामने आया कि हत्या के पीछे दो प्रमुख वजहें थीं। पहली, आरोपी मोहित मलिक की पत्नी सपना रानी से मृतक के शादी से पहले संबंध और बाद में दोनों को मिल रही कथित धमकियां। दूसरी, आजाद सरपंच नामक व्यक्ति के साथ करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर चल रहा विवाद। पुलिस के मुताबिक, वारदात से करीब 15 दिन पहले आरोपियों ने घटनास्थल की रेकी भी की थी।

पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

#orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

उरई पुलिस ने कारोबारी विजेंद्र मोर हत्याकांड का किया खुलासा, 50 हजार का इनामी दंपति गिरफ्तार उरई कोतवाली पुलिस ने तीन माह पुराने हरियाणा के जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर के अपहरण और हत्या के मामले का खुलासा करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जंगल से मृतक के अधजले अवशेष भी बरामद किए गए। यह वही चर्चित मामला है, जिसकी जांच के दौरान हरियाणा गई उरई पुलिस की टीम सड़क हादसे का शिकार हुई थी। इस दुर्घटना में दो उपनिरीक्षक, दो सिपाही और वादी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, 4 मई को रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से विजेंद्र मोर का अपहरण किया गया। इसके बाद क्रेटा कार में ले जाकर उनकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव पर डीजल डालकर जंगल में जला दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि हत्या के पीछे दो प्रमुख वजहें थीं। पहली, आरोपी मोहित मलिक की पत्नी सपना रानी से मृतक के शादी से पहले संबंध और बाद में दोनों को मिल रही कथित धमकियां। दूसरी, आजाद सरपंच नामक व्यक्ति के साथ करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर चल रहा विवाद। पुलिस के मुताबिक, वारदात से करीब 15 दिन पहले आरोपियों ने घटनास्थल की रेकी भी की थी। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Jul 30, 2026

उरई नगर पालिका जांच में बढ़ा विवाद: रिंकू सिंह राही ने पारदर्शी जांच पर दिया जोर, प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल

उरई (जालौन)। उरई नगर पालिका में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर जांच के दौरान IAS रिंकू सिंह राही द्वारा अभिलेखों को सुरक्षित रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर जांच समिति में हुए बदलाव और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की आवश्यकता को देखते हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद ली गई। ऑपरेटरों का कहना है कि उनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज स्कैन कराए गए और कार्य पूर्ण होने के बाद डेटा संबंधित अधिकारी को सौंप दिया गया। उनका यह भी दावा है कि उनके उपकरणों से स्कैनिंग से जुड़ा डेटा हटवा दिया गया और मानदेय का भुगतान भी कर दिया गया।

इस बीच नगर पालिका प्रशासन और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल चर्चा में हैं। प्रमुख प्रश्न यह है कि जांच के दौरान अभिलेखों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है तथा समिति में बदलाव के बाद आगे की कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह राही का पक्ष यह रहा है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्य आधारित हो, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अधिकार क्षेत्र और प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आने से मामला और चर्चा का विषय बन गया है।

फिलहाल पूरे मामले में अंतिम स्थिति सक्षम प्राधिकारी की जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

नोट: उरई दर्शन इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

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उरई नगर पालिका जांच में बढ़ा विवाद: रिंकू सिंह राही ने पारदर्शी जांच पर दिया जोर, प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल उरई (जालौन)। उरई नगर पालिका में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर जांच के दौरान IAS रिंकू सिंह राही द्वारा अभिलेखों को सुरक्षित रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर जांच समिति में हुए बदलाव और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की आवश्यकता को देखते हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद ली गई। ऑपरेटरों का कहना है कि उनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज स्कैन कराए गए और कार्य पूर्ण होने के बाद डेटा संबंधित अधिकारी को सौंप दिया गया। उनका यह भी दावा है कि उनके उपकरणों से स्कैनिंग से जुड़ा डेटा हटवा दिया गया और मानदेय का भुगतान भी कर दिया गया। इस बीच नगर पालिका प्रशासन और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल चर्चा में हैं। प्रमुख प्रश्न यह है कि जांच के दौरान अभिलेखों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है तथा समिति में बदलाव के बाद आगे की कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह राही का पक्ष यह रहा है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्य आधारित हो, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अधिकार क्षेत्र और प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आने से मामला और चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पूरे मामले में अंतिम स्थिति सक्षम प्राधिकारी की जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। नोट: उरई दर्शन इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Jul 30, 2026

उरई में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, युवक गंभीर घायल; गुस्साई भीड़ ने दूसरे चालक की पिटाई, वीडियो वायरल

उरई (जालौन): जालौन के उरई शहर में बुधवार रात शहीद भगत सिंह चौराहे पर दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जबकि दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दूसरे बाइक चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइकें तेज रफ्तार से चौराहे की ओर आ रही थीं। इसी दौरान आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर जुट गए। घायल युवक की हालत देखकर कुछ लोग आक्रोशित हो गए और दूसरे बाइक चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, भीड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था भी सामान्य कराई गई।

पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच: उरई कोतवाली पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटना और उसके बाद हुई मारपीट, दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जांच के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद कुछ समय तक शहीद भगत सिंह चौराहे पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।

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उरई में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, युवक गंभीर घायल; गुस्साई भीड़ ने दूसरे चालक की पिटाई, वीडियो वायरल उरई (जालौन): जालौन के उरई शहर में बुधवार रात शहीद भगत सिंह चौराहे पर दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जबकि दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दूसरे बाइक चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइकें तेज रफ्तार से चौराहे की ओर आ रही थीं। इसी दौरान आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर जुट गए। घायल युवक की हालत देखकर कुछ लोग आक्रोशित हो गए और दूसरे बाइक चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, भीड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था भी सामान्य कराई गई। पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच: उरई कोतवाली पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटना और उसके बाद हुई मारपीट, दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जांच के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद कुछ समय तक शहीद भगत सिंह चौराहे पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Jul 30, 2026

बेटी की मौत के बाद न्याय को दर-दर भटक रहा पिता, एक माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
**जीरो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जालौन पुलिस पर लापरवाही के आरोप, सहायक पुलिस अधीक्षक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

#जालौन 
जालौन। विवाहिता पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद न्याय की गुहार लगा रहा एक पिता पिछले एक माह से पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि महाराष्ट्र में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जालौन पुलिस ने अब तक आरोपियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की है।
ग्राम बरियापुर निवासी संतोष चौधरी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री हिना का विवाह 20 नवंबर 2025 को ग्राम धनतौली निवासी सोनू के साथ किया था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पति, सास, ससुर, देवर एवं देवरानी द्वारा दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना दी जाती रही। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मोटरसाइकिल उपलब्ध नहीं करा सके, जिसके चलते उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित किया गया।
पीड़ित के अनुसार कई बार पंचायत हुई, पुलिस में शिकायत भी की गई, लेकिन समझौते के भरोसे बेटी को फिर ससुराल भेज दिया गया। आरोप है कि 14 जून 2026 को बेटी को गंभीर हालत में उसके पति और देवर महाराष्ट्र स्थित पिता के घर छोड़कर चले गए। अस्पताल में उपचार के दौरान हिना ने अपने परिजनों को बताया कि ससुराल पक्ष ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। इलाज के बावजूद 23 जून 2026 की शाम उसकी मृत्यु हो गई।
मामले में महाराष्ट्र के शिवाजी नगर थाने में 25 जून 2026 को जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जबकि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार भी महाराष्ट्र में हुआ। इसके बाद मामला जालौन स्थानांतरित किया गया, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
न्याय की मांग को लेकर पीड़ित पिता लगातार पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। इस संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित को मामले में नियमानुसार जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीड़ित ने मांग की है कि जीरो एफआईआर के आधार पर पति, सास, ससुर, देवर एवं देवरानी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, ताकि उसकी मृतक पुत्री को न्याय मिल सके।

बेटी की मौत के बाद न्याय को दर-दर भटक रहा पिता, एक माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई **जीरो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जालौन पुलिस पर लापरवाही के आरोप, सहायक पुलिस अधीक्षक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन #जालौन जालौन। विवाहिता पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद न्याय की गुहार लगा रहा एक पिता पिछले एक माह से पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि महाराष्ट्र में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जालौन पुलिस ने अब तक आरोपियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की है। ग्राम बरियापुर निवासी संतोष चौधरी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री हिना का विवाह 20 नवंबर 2025 को ग्राम धनतौली निवासी सोनू के साथ किया था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पति, सास, ससुर, देवर एवं देवरानी द्वारा दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना दी जाती रही। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मोटरसाइकिल उपलब्ध नहीं करा सके, जिसके चलते उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित किया गया। पीड़ित के अनुसार कई बार पंचायत हुई, पुलिस में शिकायत भी की गई, लेकिन समझौते के भरोसे बेटी को फिर ससुराल भेज दिया गया। आरोप है कि 14 जून 2026 को बेटी को गंभीर हालत में उसके पति और देवर महाराष्ट्र स्थित पिता के घर छोड़कर चले गए। अस्पताल में उपचार के दौरान हिना ने अपने परिजनों को बताया कि ससुराल पक्ष ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। इलाज के बावजूद 23 जून 2026 की शाम उसकी मृत्यु हो गई। मामले में महाराष्ट्र के शिवाजी नगर थाने में 25 जून 2026 को जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जबकि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार भी महाराष्ट्र में हुआ। इसके बाद मामला जालौन स्थानांतरित किया गया, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित पिता लगातार पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। इस संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित को मामले में नियमानुसार जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ित ने मांग की है कि जीरो एफआईआर के आधार पर पति, सास, ससुर, देवर एवं देवरानी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, ताकि उसकी मृतक पुत्री को न्याय मिल सके।

Orai, Jalaun | Jul 30, 2026

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