लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: सीओ मेहदावल
अर्दली रूम में 60 व 90 दिवस की कालबाधित विवेचनाओं की हुई समीक्षा, महिला अपराधों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश
संतकबीरनगर। अपराधों की प्रभावी रोकथाम और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक निस्तारण को लेकर पुलिस महकमे ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदवन सिंह ने थाना मेहदावल में सर्किल के समस्त थानों के विवेचकों का अर्दली रूम कर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की।
अर्दली रूम के दौरान क्षेत्राधिकारी ने विवेचकों से एक-एक कर लंबित विवेचनाओं की प्रगति की जानकारी ली। विशेष रूप से 60 दिवस एवं 90 दिवस की कालबाधित विवेचनाओं को गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।क्षेत्राधिकारी ने महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर देते हुए ऐसे मामलों की विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय से न्याय दिलाने के लिए विवेचना में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।इसके साथ ही अपराधों के प्रभावी अनावरण, साक्ष्यों के आधार पर मजबूत कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण गुडवर्क करने के लिए विवेचकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अपराधियों के सत्यापन के लिए यक्ष ऐप का प्रभावी उपयोग करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया।क्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विवेचनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों में निष्पक्षता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।