पोषण रंगोली से दिया संतुलित आहार का संदेश, गर्भवती की हुई गोद भराई
जहानाबाद : आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लोगों को सही पोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 144, दुग्ध शीतल केंद्र परिसर में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पोषण जागरूकता अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिले में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के समन्वय से पोषण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने पोषण रंगोली और पोषण टेबल का अवलोकन किया। रंगोली के माध्यम से प्रोटीनयुक्त आहार, फल, हरी सब्जियों और संतुलित भोजन के महत्व को प्रदर्शित किया गया था। वहीं सेविका-सहायिका द्वारा स्थानीय खाद्य पदार्थों से तैयार पौष्टिक व्यंजन भी प्रदर्शित किए गए। इनमें रागी ठेकुआ, सूजी पुआ, मिक्स लड्डू, सहजन की भाजी और सब्जी पुलाव समेत अन्य व्यंजन शामिल थे। जिला पदाधिकारी ने व्यंजनों का स्वाद चखकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने की पहल की सराहना की।
इसके बाद सातवें माह की गर्भवती लाभार्थी राजना भारती की पारंपरिक रूप से गोद भराई की गई। वहीं छह माह के शिशु रेयांश राज को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया गया। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं समेत 10 लाभार्थियों को टेक होम राशन (टीएचआर) भी दिया गया। एक कुपोषित बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पोषण माह का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि गर्भवती व धात्री महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और परिवारों तक सही पोषण संबंधी व्यवहार पहुंचाना है। उन्होंने स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ, प्रोटीनयुक्त भोजन, फल और हरी सब्जियों के नियमित सेवन पर जोर दिया।
पोषण माह के दौरान आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा व गर्म पका भोजन, सामुदायिक सहभागिता, बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य को लेकर गतिविधियां होंगी।
मौके पर उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पियूष, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आइसीडीएस, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका-सहायिका, लाभार्थी और बच्चे उपस्थित थे।