
अंधेर नगरी: ई-रिक्शा पुलिस ने किया सीज तो रिक्शा मालिक ने रिक्शा विक्रेता और फाइनेंसर पर रिक्शा न देने का आरोप लगाकर मुकदमा पंजीकृत करने का दिया आवेदन
हरदोई। कासिमपुर थाना क्षेत्र की गौसगंज चौकी में पुलिस द्वारा ई-रिक्शा सीज किए जाने के बाद अब रिक्शा विक्रेता, फाइनेंसर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का मामला सामने आया है। ई-रिक्शा विक्रेता और फाइनेंसर को कोर्ट से नोटिस मिलने के बाद उन्हें मामले की जानकारी हुई।
जानकारी के अनुसार मल्लावां थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी शिव देवी पत्नी लालबहादुर ने ई-रिक्शा विक्रेता प्रदीप बाजपेयी से 40 हजार रुपये जमा कर ई-रिक्शा फाइनेंस कराया था। ई-रिक्शा का फाइनेंस अनिरुद्ध द्विवेदी द्वारा किया गया था।
बताया गया कि कासिमपुर थाना क्षेत्र की गौसगंज चौकी के अंतर्गत सई नदी पुल पर पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान लालबहादुर ई-रिक्शा लेकर वहां पहुंचे, लेकिन वह ई-रिक्शा से संबंधित वैध पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस समेत आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने ई-रिक्शा सीज कर गौसगंज चौकी में खड़ा करा दिया।
ई-रिक्शा सीज होने के बाद शिव देवी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर ई-रिक्शा विक्रेता प्रदीप बाजपेयी, फाइनेंसर अनिरुद्ध द्विवेदी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने ई-रिक्शा खड़ा कर लिया और जातिसूचक गालियां दीं।
बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा विक्रेता प्रदीप बाजपेयी और फाइनेंसर अनिरुद्ध द्विवेदी को जब कोर्ट का नोटिस मिला, तब उन्हें इस मुकदमे की जानकारी हुई। उनका कहना है कि ई-रिक्शा पुलिस द्वारा सीज किया गया है और वर्तमान में गौसगंज चौकी में खड़ा है।
अब पूरे मामले में कोर्ट के समक्ष लगाए गए आरोपों और ई-रिक्शा सीज किए जाने की परिस्थितियों को लेकर मामला चर्चा में है। मामले में न्यायालय के आदेश और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Bilgram, Hardoi | Aug 26, 2026