
उप श्रमायुक्त मध्यप्रदेश इंदौर ने श्रम न्यायालय सागर को आदेश जारी कर कहा सेवा पृथक्करण वैध एवं उचित है ? यदि नहीं तो आवेदक सेवानियुक्त किस सहायता का पात्र है
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उप श्रमायुक्त मध्यप्रदेश इंदौर ने औद्योगिक विवाद अधिनियम में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए श्रम न्यायालय सागर को वाद अधिनिर्णयार्थ आदेश जारी करते हुय कहा है कि क्या आवेदक गण द्वारा किया गया सेवा पृथक्करण वैध एवं उचित है ? यदि नहीं तो आवेदक सेवानियुक्त किस सहायता का पात्र है एवं इस संबंध में उसके सेवानियोजक को क्या निर्देश दिए जाने चाहिए।
ज्ञातव्य है आवेदक सेवा नियुक्त अंकुर खरे पिता श्री घनश्याम खरे एवं अनावेदक सेवा नियोजन प्राचार्य शासकीय कन्या हाई स्कूल हटा, प्राचार्य नवीन हाई स्कूल गौरी शंकर वार्ड हटा, आवेदक सेवा नियुक्त संजू कुर्मी पिता श्री कंछेदी कुर्मी एवं अनावेदक सेवा नियोजन साइड इंचार्ज अजबी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, प्रबंधक अजबी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, आवेदिका सेवा नियुक्त शांति बाई कुशवाहा पति लखन पटेल एवं अनावेदक सेवा नियोजक प्राचार्य पीएम श्री शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हटा, जिला शिक्षा अधिकारी/जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा कार्यालय दमोह तथा आवेदक सेवा नियुक्त धर्मेंद्र सूर्यवंशी पिता करन सिंह सूर्यवंशी एवं अनावेदक सेवा नियोजक एच आर जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, जेड एम जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड दमोह, डी एम जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड दमोह के मध्य अनुसूची में निर्दिष्ट प्रकरण के संबंध में औद्योगिक विवाद विद्वान है।
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