
जनसुनवाई पोर्टल बना मजाक! प्रधानमंत्री आवास की शिकायत पर जांचकर्ता ने लगा दी हैंडपंप की आख्या
हरदोई। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए बनाए गए जनसुनवाई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संडीला विकासखंड क्षेत्र की एक महिला द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन शिकायत के निस्तारण में जांच अधिकारी ने कथित तौर पर हैंडपंप से संबंधित आख्या लगा दी। इससे शिकायतकर्ता के साथ-साथ जनसुनवाई पोर्टल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मामला ग्राम गोशवाडोंगा, ग्राम पंचायत गोशवाडोंगा, ब्लॉक संडीला का है। यहां तारावती पत्नी राम प्रसाद ने एक अगस्त 2026 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनका घर कच्चा और टिन की पट्टी से बना है। उनका कहना था कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन उनका नाम सूची से हटा दिया गया। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से अपने घर की जांच कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की थी।
शिकायत संख्या 40015526079817 के मामले में 26 अगस्त 2026 को फीडबैक दर्ज किया गया। फीडबैक में शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि उनकी आवास संबंधी शिकायत के निस्तारण के बजाय हैंडपंप की निस्तारण आख्या लिखकर भेज दी गई है। शिकायतकर्ता ने दोबारा अपनी आवास संबंधी शिकायत का निस्तारण कराने की मांग की है।
मामले से जुड़े जांच अभिलेखों में शिकायत के विषय और जांच आख्या के बीच कथित तौर पर बड़ा अंतर दिखाई देता है। उपलब्ध दस्तावेजों में जांचकर्ता द्वारा हैंडपंप, स्कूल तथा बच्चों को पानी मिलने से संबंधित निरीक्षण का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में हैंडपंप के संबंध में मौके पर जांच किए जाने और उसके संचालन आदि की बात दर्ज दिखाई देती है, जबकि मूल शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रता और सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित थी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायतकर्ता ने अपने कच्चे मकान और प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत की थी, तो जांच के नाम पर हैंडपंप की जांच कैसे सामने आ गई? क्या शिकायत को गलत विषय से जोड़कर निस्तारित कर दिया गया या फिर जांचकर्ता ने शिकायत की वास्तविक समस्या को समझे बिना ही आख्या लगा दी?
जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिक की शिकायत को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उसका वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है। ऐसे में शिकायत के विषय से असंबंधित आख्या लगाए जाने का मामला सामने आना अधिकारियों की कार्यप्रणाली और शिकायतों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता के आवास की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र जांच कराता है या नहीं और यदि शिकायत के बजाय किसी अन्य मामले की आख्या लगाकर निस्तारण किया गया है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर क्या कार्रवाई की जाती है।
Bilgram, Hardoi | Aug 26, 2026