
माँ की चीख: तीन महीने से इंसाफ का इंतजार, बिसरा रिपोर्ट के नाम पर अटकी जांच; हाईकोर्ट ने SP हरदोई को दी सख्त चेतावनी
बेहटा गोकुल। “मेरा बेटा मरते-मरते कह गया कि मां मुझे जहर दे दिया गया है... साहब, तीन महीने हो गए, मैं दर-दर भटक रही हूं। मेरा बेटा तो चला गया, मुझे इंसाफ तो दिला दो...” बेटे की तस्वीर और एफआईआर की प्रति हाथ में लिए मृतक आशीष कुमार गुप्ता की मां सुधा गुप्ता न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।
मामला थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र के ग्राम पनोरा का है। सुधा गुप्ता पत्नी स्वर्गीय सुरेंद्र पाल गुप्ता का आरोप है कि उनके बेटे आशीष कुमार गुप्ता की शादी खुशबू गुप्ता से हुई थी। आरोप है कि 23 मई 2026 को खुशबू गुप्ता और उसके परिजनों ने साजिश के तहत आशीष को कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ दे दिया।
परिजनों के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर आशीष को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने अपनी मां को कथित रूप से बताया कि उसे जहर दिया गया है। हालत गंभीर होने पर उसे हरदोई जिला अस्पताल से लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इस मामले में थाना बेहटा गोकुल में मृतक की पत्नी खुशबू गुप्ता, साला प्रमोद गुप्ता, श्याम मोहन, कमलेश गुप्ता और शीला गुप्ता के खिलाफ धारा 302 और 328 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
तीन महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप
मृतक की मां सुधा गुप्ता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के करीब तीन महीने बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब वह थाना बेहटा गोकुल और पुलिस अधीक्षक हरदोई से मामले में कार्रवाई की मांग करती हैं तो उन्हें बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात कही जाती है।
पीड़िता का सवाल है कि यदि घटना को तीन महीने बीत चुके हैं तो अब तक बिसरा रिपोर्ट क्यों नहीं मंगाई गई और जांच में तेजी क्यों नहीं लाई गई? उनका आरोप है कि मामले की विवेचना लंबित रहने से उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
विवेचना की प्रगति से असंतुष्ट होकर सुधा गुप्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में क्रिमिनल मिस रिट एफआईआर संख्या 0177/2026 तथा पिटीशन संख्या 07761/2026 दाखिल की।
पीड़िता के मुताबिक 4 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस अधीक्षक हरदोई को चार सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया। आदेश का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में 10 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक हरदोई को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
पीड़िता ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए पुलिस अधीक्षक हरदोई को प्रार्थना पत्र देकर विवेचना स्थानांतरित किए जाने और न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री और एसपी से लगाई न्याय की गुहार
मृतक की मां सुधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और पुलिस अधीक्षक हरदोई से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द से जल्द बिसरा रिपोर्ट मंगाई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद अब पुलिस की जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि द हरदोई समाचार द्वारा पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
Bilgram, Hardoi | Aug 25, 2026