कीचड़ में धंसे कदम, चारपाई पर मरीज... रमपुरा की बदहाल गलियां खोल रही विकास के दावों की पोल
वायरल वीडियो में दिखी गांव की तस्वीर, ग्रामीण बोले—बारिश में घर से निकलना भी मुश्किल; प्रधान ने कहा- सड़क स्वीकृत, बरसात बाद होगा निर्माण
उरई: डकोर विकासखंड के रमपुरा गांव में बदहाल गलियां और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। कच्चे रास्तों पर पसरा कीचड़, गंदगी और जगह-जगह पड़ा कूड़ा ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने गांव की बदहाल तस्वीर को सामने ला दिया है। हालांकि, ‘उरई दर्शन’ वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
शनिवार को वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति खुद को जालौन जिले के रमपुरा गांव का निवासी बताते हुए गांव की सड़कों की स्थिति दिखाता नजर आ रहा है। वीडियो में बदहाल रास्तों, कीचड़ और गंदगी को दिखाते हुए गांव की समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि गांव में कुछ ऐसे मरीज भी हैं, जिन्हें चलने-फिरने और बोलने-सुनने में परेशानी है। ऐसे मरीजों को परिजन और ग्रामीण चारपाई पर लादकर कीचड़ भरे रास्तों से अस्पताल तक ले जाने को मजबूर होते हैं।
बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी: ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। वायरल वीडियो में स्वच्छता अभियान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं और गांव में पसरी गंदगी की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ हिस्सों की सड़क की स्थिति खराब है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सड़क निर्माण की मांग जिम्मेदारों से की जा चुकी है।
विकास के मॉडल के तौर पर पुरस्कृत होने का भी दावा: ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि रमपुरा गांव को पिछले दिनों विकास के मॉडल को लेकर शासन स्तर से पुरस्कृत किया गया था। ऐसे में गांव की गलियों की बदहाल तस्वीर सामने आने के बाद लोगों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जमीनी स्तर पर सुविधाओं की स्थिति कब सुधरेगी।
इस संबंध में ग्राम प्रधान ने बताया कि संबंधित सड़क की स्वीकृति हो चुकी है। बरसात समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
Orai, Jalaun | Aug 30, 2026