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Akshat Niranjan

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अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर सवाल, सीजर डिलीवरी की सलाह को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल

उरई/जालौन। जालौन में प्रसव से पहले कराई गई अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट को लेकर एक परिवार ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम हरक्का निवासी गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी के गर्भ में पल रहे शिशु का वजन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में वास्तविक वजन से अधिक बताया गया, जिसके आधार पर सामान्य प्रसव के बजाय सीजर डिलीवरी की सलाह दी गई।

गजेंद्र सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनंदन को शिकायती पत्र देकर अवध अस्पताल और माधव अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच कराने की मांग की।

शिकायत के अनुसार, गजेंद्र सिंह की पत्नी कीर्ति परिहार का इलाज उरई स्थित अवध अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टर की सलाह पर 21 अगस्त को माधव अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराई गई थी। रिपोर्ट में भ्रूण का अनुमानित वजन 2.796 किलोग्राम बताया गया।

इसके बाद 12 सितंबर को कराई गई दूसरी जांच में अनुमानित वजन 3.728 किलोग्राम दर्ज किया गया। गजेंद्र सिंह का दावा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सामान्य प्रसव के बजाय सीजर डिलीवरी कराने की सलाह दी गई।

परिजन इसके बाद कीर्ति परिहार को ग्वालियर के गालब अस्पताल ले गए, जहां 14 सितंबर को प्रसव हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जन्म के बाद नवजात का वजन 2.700 किलोग्राम पाया गया।

परिजनों ने दोनों अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दर्ज अनुमानित वजन और जन्म के समय दर्ज वास्तविक वजन के अंतर पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिक वजन बताए जाने से सीजर डिलीवरी के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सीएमओ ने बनाई जांच कमेटी; शिकायत मिलने के बाद सीएमओ डॉ. हरिनंदन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। स्वास्थ्य विभाग अब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, उपचार से जुड़े दस्तावेजों और मामले से संबंधित अन्य रिकॉर्ड की जांच करेगा।

सीएमओ ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दर्ज वजन में अंतर किन परिस्थितियों में हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।
मेडिकल कॉलेज विवाद: नर्सिंग छात्रों का कलेक्ट्रेट तक मार्च, MBBS इंटर्न पर कार्रवाई की मांग

उरई/जालौन। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न और एमबीबीएस इंटर्न के बीच हुए विवाद के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के विरोध में बुधवार शाम बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्रों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

नर्सिंग छात्रों ने शाम करीब 5 बजे मंशापूर्ण हनुमान मंदिर से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। हाथों में बैनर और होर्डिंग लेकर चल रहे छात्रों ने “इंसाफ दो-इंसाफ दो” के नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद छात्रों ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी समीर को ज्ञापन सौंपा।

24 घंटे बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप; छात्रों का आरोप है कि मंगलवार को ड्यूटी और प्रशिक्षण के दौरान एक बीएससी नर्सिंग इंटर्न के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की घटना हुई। छात्रों का कहना है कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे नर्सिंग विद्यार्थियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।

ज्ञापन में छात्रों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने कुछ एमबीबीएस इंटर्न के नाम भी ज्ञापन में दर्ज कराते हुए उनके विरुद्ध जांच की मांग की है।

सुरक्षा और लिखित माफी की मांग; नर्सिंग छात्रों ने मांग रखी कि घटना में शामिल बताए जा रहे छात्रों से संबंधित नर्सिंग इंटर्न के सामने लिखित और व्यक्तिगत रूप से बिना शर्त माफी मंगाई जाए। साथ ही भविष्य में नर्सिंग इंटर्न के साथ अभद्र भाषा, धमकी अथवा अपमानजनक व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।

छात्रों ने ड्यूटी के दौरान नर्सिंग इंटर्न की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने तथा जांच पूरी होने तक घटना में शामिल बताए जा रहे एमबीबीएस इंटर्न को ड्यूटी से अलग रखने की मांग भी की।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी; नर्सिंग छात्रों ने कहा कि यदि मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध आगे भी जारी रखेंगे। मार्च में नर्सिंग इंटर्न के साथ बड़ी संख्या में अन्य नर्सिंग विद्यार्थी भी शामिल रहे।

वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उरई मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग छात्रों का कार्य बहिष्कार, MBBS इंटर्न पर कार्रवाई की मांग; 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित

उरई/जालौन। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मंगलवार को एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच हुई मारपीट का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। घटना के विरोध में करीब सैंकड़ों नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना दिया और कार्य बहिष्कार करते हुए पोस्टर-बैनर के साथ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विवाद में शामिल एमबीबीएस इंटर्न छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि मंगलवार दोपहर इमरजेंसी में नर्सिंग छात्रों के साथ मारपीट की गई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी बात सामने आई है।

कार्रवाई की मांग पर अड़े छात्र: धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अभी तक संबंधित एमबीबीएस इंटर्न के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। छात्रों ने मेडिकल प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कहते हुए इमरजेंसी और क्लीनिकल गतिविधियों में काम नहीं करने की चेतावनी दी है। छात्रों ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की।

प्राचार्य ने गठित की पांच सदस्यीय जांच समिति: वहीं, घटना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद त्रिवेदी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले की जानकारी दी गई। प्राचार्य के अनुसार, एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग इंटर्न छात्रों के बीच हुए विवाद की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य के मुताबिक, प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए छात्रों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की गई है। घटना के संबंध में चार छात्रों को सात दिनों के लिए क्लीनिकल एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से विरत किया गया है। इनमें तीन बीएससी नर्सिंग छात्र और एक एमबीबीएस इंटर्न शामिल हैं।

जांच से संतुष्ट नहीं नर्सिंग छात्र: हालांकि, नर्सिंग छात्र कॉलेज प्रशासन की ओर से की जा रही जांच प्रक्रिया से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्रों ने धरना और कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया है।

फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग छात्रों और जूनियर डॉक्टरों में टकराव, दोनों पक्षों का प्रदर्शन

उरई/जालौन। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मंगलवार को क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों और एमबीबीएस इंटर्न के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। नर्सिंग विद्यार्थियों ने कामकाज के बहिष्कार की बात कर प्रदर्शन किया, जबकि जूनियर डॉक्टरों ने भी प्रदर्शन कर अपना पक्ष रखा।

बताया जा रहा है कि 22 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 बजे बीएससी नर्सिंग बैच-2022 के कुछ विद्यार्थियों और एमबीबीएस बैच-2021 के इंटर्न के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग

घटना से नाराज नर्सिंग विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी है। विद्यार्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने तथा क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में संबंधित एमबीबीएस इंटर्न से लिखित माफी की मांग भी शामिल है।

जूनियर डॉक्टरों ने भी रखा अपना पक्ष

वहीं, घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों ने भी मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखते हुए मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों के प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए परिसर का माहौल तनावपूर्ण रहा।

जांच के बाद सामने आएगी विवाद की असली वजह

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घटना के कुछ हिस्से दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पूरे घटनाक्रम की स्थिति कॉलेज प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर स्थिति सामान्य करने और विद्यार्थियों व जूनियर डॉक्टरों के बीच बने तनाव को खत्म करने की चुनौती है। मामले में प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।
🚩पावन पर्व बुढ़वा मंगल की हार्दिक शुभकामनाएं 

श्री हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और आशीर्वाद से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। 🙏🚩

जय बजरंगबली! जय श्रीराम! ❤️

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जालौन की सड़कों को मिलेगी गड्ढों से मुक्ति, आज से अभियान का आगाज

जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर 63 किलोमीटर मार्गों पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य, उरई क्षेत्र के पांच प्रमुख मार्ग पहले चरण में शामिल

उरई/जालौन। जनपद की सड़कों को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में सोमवार से गड्ढामुक्ति अभियान शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चिन्हित मार्गों पर सड़क की खराब सतह और गड्ढों की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है।

अभियान के पहले चरण में उरई क्षेत्र के पांच प्रमुख मार्गों की कुल 63 किलोमीटर लंबाई को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संबंधित खंडों के अधिशासी अभियंताओं ने जिलाधिकारी के निर्देश के बाद चिन्हित मार्गों पर कार्यवाही शुरू कर दी है।

इन पांच मार्गों पर होगा काम: गड्ढामुक्ति अभियान के तहत कोंच-पहाड़गांव-कमतरि मार्ग के 15 किलोमीटर और बंगरा रेडर-लगामपुरा मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से में मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा हमीरपुर-कालपी मार्ग के 20 किलोमीटर, आटा-चुर्खी मार्ग से नूरपुर संपर्क मार्ग के 3 किलोमीटर तथा जालौन-चुर्खी मार्ग के 10 किलोमीटर हिस्से को भी गड्ढामुक्त किया जाएगा।

इनमें हमीरपुर-कालपी मार्ग एसएच-91 श्रेणी में आता है, जबकि अन्य चिन्हित मार्गों में ओडीआर और ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर: जिला प्रशासन की ओर से सड़क मरम्मत कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य खराब सड़कों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को दूर कर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।

प्रशासन के अनुसार, आगामी चरणों में आवश्यकता के आधार पर अन्य खराब मार्गों को भी गड्ढामुक्ति अभियान में शामिल किए जाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु:
63 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत
पहले चरण में 5 प्रमुख मार्ग
लोक निर्माण विभाग ने शुरू किया काम
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जिलाधिकारी का जोर
दुनिया के बाजार में जालौन की दस्तक, UPITS-2026 में पांच उद्यमी करेंगे प्रतिनिधित्व

उरई/जालौन। बुंदेलखंड की पहचान और स्थानीय हुनर को वैश्विक मंच देने की दिशा में जालौन अब एक और कदम आगे बढ़ा है। 24 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 में जालौन के पांच उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। 80 देशों की भागीदारी वाले इस आयोजन में जिले के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर उद्योग विभाग द्वारा स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और बाजार विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जालौन के पांच प्रतिभागियों को ट्रेड शो में स्टॉल आवंटित किए गए हैं।

इनमें हाथ कागज संघ कालपी के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ओडीओपी एवं जीआई टैग श्रेणी में कालपी के प्रसिद्ध हाथ कागज उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। अमन चंदेल लकड़ी के खिलौने, राधा पाण्डेय गौ-निर्मित उत्पाद, अखिलेश पाल ओडीओसी के अंतर्गत रसगुल्ला व गुझिया तथा शौर्य कुमार सिंह (अनुरागिनी संस्थान, कालपी) हाथ कागज उत्पादों के साथ प्रतिभाग करेंगे।

उपायुक्त उद्योग धर्मेंद्र भास्कर के अनुसार, UPITS-2026 जालौन के उद्यमियों के लिए केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नए खरीदारों, व्यापारिक संपर्कों और बाजार विस्तार का बड़ा अवसर है। प्रदेश सरकार की ओर से ओडीओपी, जीआई टैग, सीएम युवा एवं ओडीओसी श्रेणी के प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही परिवहन पर 75 प्रतिशत तक किराया प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।

कालपी का हाथ कागज, लकड़ी के खिलौने, गौ-निर्मित उत्पाद और स्थानीय खाद्य सामग्री के जरिए जालौन अपनी विविध उत्पाद क्षमता, स्थानीय हुनर और उद्यमिता को दुनिया के सामने रखेगा। यह भागीदारी जिले के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व उद्योग विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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District Magistrate/District Election Officer, Jalaun
आईटीआई उरई में मोटिवेशनल प्रोग्राम, कैरियर काउंसलिंग और रोजगार मेले का आयोजन

रोजगार मेले में 20 अभ्यर्थियों का चयन, चयनित अभ्यर्थियों को दिए गए ऑफर लेटर

उरई/जालौन। सेवा संकल्प अभियान के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) उरई में 21 सितंबर 2026 को मोटिवेशनल प्रोग्राम, कैरियर काउंसलिंग एवं रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उरई के प्रधानाचार्य मान सिंह भारती ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों को रोजगार के अवसरों, कैरियर विकल्पों और औद्योगिक क्षेत्र की आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान प्रशिक्षार्थियों को रोजगार एवं कैरियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

रोजगार मेले में टेक्नीको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रतिनिधि शैलेन्द्र परिहार ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया। साक्षात्कार के आधार पर 13 अभ्यर्थियों का चयन किया गया।

इसी क्रम में अरविंद लिमिटेड, वाराणसी के प्रतिनिधि अतुल पाण्डेय ने ऑनलाइन साक्षात्कार के माध्यम से 7 महिला अभ्यर्थियों का चयन किया। इस प्रकार रोजगार मेले के माध्यम से कुल 20 अभ्यर्थियों को रोजगार के लिए चयनित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्रम के दौरान ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए।

प्रधानाचार्य ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें अपने कैरियर के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कालपी एवं माधौगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मोटिवेशनल प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थानों के प्रशिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया।
परमिट शर्तों के उल्लंघन पर दो बसों के खिलाफ कार्रवाई, उरई में परिवहन विभाग का चेकिंग अभियान

परिवहन विभाग ने चलाया सघन चेकिंग अभियान, दोनों बसें निरुद्ध कर पुलिस अभिरक्षा में खड़ी कराई गईं

उरई/जालौन। जिलाधिकारी समीर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में परिवहन विभाग ने परमिट शर्तों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बसों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की और दोनों बसों को निरुद्ध कर दिया।

परिवहन विभाग के अनुसार, चेकिंग के दौरान दोनों बसें परमिट की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करती पाई गईं। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद दोनों बसों को पुलिस अभिरक्षा में संकट मोचन मंडी चौकी, थाना आटा में खड़ा कराया गया।

यात्रियों को नहीं होने दी गई परेशानी: प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा। बसों में सवार यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की गई। सभी यात्रियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों के माध्यम से सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी: परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अवैध परिवहन, बिना परमिट वाहन संचालन और परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा।

अधिकारियों ने कहा कि नियमों के विपरीत वाहन संचालित पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामी और चालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध एवं नियम विरुद्ध परिवहन करने वाले वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
बुढ़वा मंगल पर जालौन में स्कूल बंद, कल 22 सितंबर को रहेगा स्थानीय अवकाश

उरई/जालौन। बुढ़वा मंगल पर्व को देखते हुए जनपद जालौन में 22 सितंबर 2026, मंगलवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक, जालौन स्थान उरई की ओर से इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, बुढ़वा मंगल के अवसर पर जनपद के समस्त परिषद विद्यालय, राजकीय विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत बोर्ड, मदरसा एवं अन्य सभी बोर्ड से संबद्ध शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।

आदेश में संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधकों/प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय अवकाश के आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बुढ़वा मंगल के अवसर पर जालौन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है। अवकाश की घोषणा से विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी पर्व में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
खड़ी बाइक बनी आग का गोला, साजिश की आशंका से हड़कंप

जालौन। आटा थाना क्षेत्र के चमारी गांव में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव में खड़ी एक बाइक अचानक आग की लपटों से घिर गई। कुछ ही देर में आग ने बाइक को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया और वाहन बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद बाइक मालिक ने अज्ञात व्यक्ति पर जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, रात के समय बाइक में अचानक आग लगी। लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। स्थानीय लोगों की कोशिशों के बावजूद बाइक को नहीं बचाया जा सका। बाइक मालिक का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बाइक में जानबूझकर आग लगाई है। उनके इस आरोप के बाद घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, आग लगने की वजह की अभी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने पर मंगलवार सुबह आटा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही आग लगने के संभावित कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। आटा थाना प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस हादसे और जानबूझकर आग लगाए जाने, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
बुढ़वा मंगल पर डेढ़ सौ कुश्तियां, दिखेंगे पहलवानों के दांव-पेंच

घटिया वाले महावीरजी पाठकपुरा में 22-23 सितंबर को होगा दो दिवसीय दंगल, कई राज्यों से पहुंचेंगे नामी पहलवान

उरई। समाजसेवी महेश प्रसाद अवस्थी की स्मृति में बुढ़वा मंगल के अवसर पर घटिया वाले महावीरजी पाठकपुरा में दो दिवसीय भव्य दंगल का आयोजन किया जाएगा। दंगल का आयोजन 22 और 23 सितंबर को होगा। इसमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत करीब दर्जनभर राज्यों से नामी पहलवानों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने करीब डेढ़ सौ कुश्तियां कराए जाने का लक्ष्य रखा है।

जय महावीर समिति उरई के अध्यक्ष सुशील अवस्थी ने बताया कि दंगल का शुभारंभ 22 सितंबर को सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा करेंगे, जबकि 23 सितंबर को प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समापन समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी समीर, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित और पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे।

कई राज्यों से पहुंचेंगे पहलवान

आयोजकों के अनुसार दंगल में दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से पहलवान हिस्सा लेने पहुंचेंगे। बुंदेलखंड केसरी रह चुके पहलवानों को भी आयोजन में आमंत्रित किया गया है। कुश्ती प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता पहलवान को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

प्राचीन धार्मिक स्थल है घटिया वाले महावीरजी

आयोजन समिति के अध्यक्ष सुशील अवस्थी ने बताया कि घटिया वाले महावीरजी पाठकपुरा केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का प्राचीन, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। यहां पिछले कई वर्षों से दंगल आयोजित होता आ रहा है। बुढ़वा मंगल के अवसर पर होने वाला यह आयोजन क्षेत्र में कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहता है।
बुढ़वा मंगल मेले को लेकर उरई में डायवर्जन प्लान जारी, रात 10 बजे से बदली रहेगी यातायात व्यवस्था

उरई। बुढ़वा मंगल के अवसर पर उरई शहर में आयोजित होने वाले मेले को देखते हुए यातायात पुलिस ने 21 सितंबर की रात 10 बजे से मेला समाप्त होने तक डायवर्जन प्लान लागू किया है। मेले के दौरान शहर में भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए कई मार्गों पर दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

यातायात व्यवस्था इस प्रकार रहेगी—

कोंच बस स्टैंड से जेल रोड की ओर जाने वाले सभी प्रकार के दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

रामकुंड तिराहा से कोंच स्टैंड की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी।

कानपुर की ओर से आने वाली बसें इक्लासपुरा से जालौन बाईपास चौराहा होते हुए मैकेनिक नगर तिराहा के रास्ते कोंच स्टैंड की ओर जाएंगी।

कोंच स्टैंड से कानपुर की ओर जाने वाली बसें और चारपहिया वाहन मैकेनिक नगर तिराहा से जालौन बाईपास चौराहा होते हुए कानपुर की ओर जाएंगे।

कालपी स्टैंड, अंबेडकर चौराहा, मंशापूर्ण तिराहा और जिला परिषद की ओर से कोंच स्टैंड/जेल रोड की तरफ जाने वाले छोटे चारपहिया, ऑटो, टैक्सी और दोपहिया वाहन जालौन बाईपास चौराहा से मैकेनिक नगर तिराहा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।

यात्रियों से अपील

यातायात पुलिस ने मेले के दौरान वाहन चालकों से डायवर्जन प्लान का पालन करने और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। विशेष रूप से कोंच स्टैंड और जेल रोड की ओर जाने वाले वाहन चालक अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर न जाएं, ताकि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

नोट: यह डायवर्जन 21 सितंबर 2026 की रात 10 बजे से मेला समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
रंगमंच पर दिखेगी 25 साल की सेवा यात्रा, जालौन में होंगे ‘नमो सेवा; अनकही कहानियाँ’ के 20 नाट्य मंचन

22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, संवाद-संगीत और अभिनय के जरिए प्रस्तुत होगी सेवा यात्रा

उरई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जालौन में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियाँ’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले में 20 स्थानों पर विशेष नाट्य मंचन किए जाएंगे।

कार्यक्रम को लेकर झलकारी बाई सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी और विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित रहीं। प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की रूपरेखा और आयोजन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी गई।

आयोजकों के अनुसार, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच जिले के विभिन्न स्थानों पर नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की यात्रा को नाटक, संवाद, अभिनय, संगीत और प्रभावशाली मंचन के जरिए दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

नाट्य प्रस्तुति में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा तक की यात्रा को केंद्र में रखा जाएगा। साथ ही जनकल्याण, सुशासन, सेवा, समर्पण, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजकों ने बताया कि जिले में कुल 20 स्थानों पर नाटक का मंचन किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर लोगों से संवाद स्थापित करने की योजना है।

‘नमो सेवा—अनकही कहानियाँ’ को सरल, संवेदनशील और संगीतमय स्वरूप में तैयार किया गया है। कुशल कलाकार अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से सेवा यात्रा से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

भाजपा की ओर से बताया गया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संदेश को विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना है। इसी क्रम में कला और नाट्य को जनसंवाद का माध्यम बनाया गया है।

इस दौरान अमित निरंजन, विवेक कुशवाहा, पुष्पेंद्र सेगर, प्रशांत द्विवेदी, अशोक राठौर, रामानुग्रह राजावत, मनोज यादव,  विनियन द्विवेदी , वीर प्रताप जादौन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दिव्यांग बच्चों के लिए उपकरणों का मापन कैंप, 89 बच्चे चिन्हित

124 सहायक उपकरणों के लिए हुआ पंजीकरण, एलिम्को कानपुर की टीम ने किया परीक्षण

उरई। दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय उसरगांव में मापन एवं पंजीकरण शिविर आयोजित किया गया। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग और एलिम्को कानपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित शिविर में चार विकासखंडों व दो नगर क्षेत्रों से पहुंचे 89 दिव्यांग बच्चों का परीक्षण कर 124 उपकरणों के लिए चयन किया गया।

शिविर में महेवा, कदौरा, डकोर विकासखंड के साथ नगर क्षेत्र कालपी और उरई के दिव्यांग बच्चों ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने बच्चों की शारीरिक एवं आवश्यकताओं के अनुसार उपकरणों का परीक्षण किया। चयनित बच्चों को ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर्स, ब्रेल किट, रोलेटर, सीपी चेयर, हियरिंग एड और टीएलएम किट सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी के निर्देश पर जिला समन्वयक शिवदीन चौधरी के नेतृत्व में स्पेशल एजुकेटरों ने बच्चों के पंजीकरण और मापन की प्रक्रिया में सहयोग किया। एलिम्को कानपुर की टीम में गौरव कुमार, ऑडियोलॉजिस्ट राजू कुमार, विश्वास मसीह और डाटा मैन मुकेश कुमार शामिल रहे। टीम ने बच्चों का परीक्षण करने के साथ उनका ऑनलाइन पंजीकरण भी किया।

शिविर को सफल बनाने में स्पेशल एजुकेटर संदीप दीक्षित, दीपक पांडे, मनीष कुमार, वर्षा बिश्नोई, कपूरी देवी, जगत सिंह पाल, ब्रह्मानंद और अंकित सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा मायादेवी, मनोज कुमार, विकास कुमार वर्मा, रामजीलाल श्रीवास्तव, कमलेश कुशवाहा, अर्चना यादव, आरती सिंह और गोमती देवी ने भी व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
डूसू चुनाव में ABVP का 3-1 से दबदबा, यश डबास अध्य्क्ष; निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद

रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव; NSUI को नहीं मिली कोई सीट

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए। चार प्रमुख पदों के परिणाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी। NSUI चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं कर सकी।

अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 21,650 वोटों के साथ विजयी रहीं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की।

निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने चौंकाया: उपाध्यक्ष पद का परिणाम इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू रहा। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ को पीछे छोड़ा। मौर्य को 16,910 और छत्रथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से टिकट की मांग कर चुके थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। परिणाम में उन्हें बड़ी संख्या में छात्रों का समर्थन मिला।

जीत के बाद क्या बोले यश डबास?; अध्यक्ष पद पर जीत के बाद यश डबास ने इसे राष्ट्रभक्ति और संगठन की सामूहिक शक्ति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों, हॉस्टलों और PG में सुरक्षा ऑडिट कराना होगी। डबास ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने हर कॉलेज, हॉस्टल और PG की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने की बात कही। उनकी ओर से छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता बताया गया है।

डूसू चुनाव 2026 में प्रमुख विजेता

- अध्यक्ष: यश डबास — ABVP — 24,576 वोट
- उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन — निर्दलीय — 30,615 वोट
- सचिव: रिया छावड़ी — ABVP — 21,650 वोट
- संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह — ABVP — 16,615 वोट

मतदान 18 सितंबर को हुआ था और 19 सितंबर को मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए। इस वर्ष मतदान प्रतिशत 40.46% रहा।

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25 सितंबर को उरई में होगी किसान महापंचायत, जुटने का आह्वान

मुसमरिया में हुई किसान बैठक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने किसानों से की एकजुट होने की अपील

उरई/जालौन। किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर 25 सितंबर को उरई स्थित गल्ला मंडी परिसर में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। महापंचायत को लेकर शनिवार को ग्राम पंचायत मुसमरिया के राधाकृष्ण मंदिर परिसर में किसान बैठक आयोजित की गई। बैठक में ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील की।

बैठक को संबोधित करते हुए राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि किसानों की फसलों के उचित दाम, बकाया भुगतान और खेती-किसानी से जुड़ी अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए उरई में किसान महापंचायत आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करना जरूरी है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे 25 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे उरई की गल्ला मंडी परिसर में आयोजित किसान महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। उन्होंने कहा कि किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली, वाहनों और साथियों के साथ महापंचायत में शामिल होकर किसान एकता का परिचय दें।

बैठक में किसानों की प्रमुख समस्याओं में फसलों के उचित मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी, आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान तथा सिंचाई के लिए बिजली और खाद की उपलब्धता सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। आयोजकों ने महापंचायत को किसानों की समस्याओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने का मंच बताया।

बैठक में श्री श्री 1008 पूज्य महंत अमरदास महाराज, राजू सिंह बनाफर (तहसील अध्यक्ष), चंद्रपाल सिंह गुर्जर (ब्लॉक अध्यक्ष), अजयपाल सिंह, जेंटर सिंह, अर्जुन सिंह, रामराज सिंह, रामजी सिंह, अश्विनी तिवारी, रामकुमार मुसमरिया, ध्रुव सिंह, संजू पाल, गुन्नू, सुरेश सिंह, कौशल सिंह, गोपी, मुंदर सिंह, लक्ष्मण सिंह, रामपाल, छुटकन, लालजी, वीरपाल सिंह, प्रताप सिंह, लियाकत अली, जसवंत सिंह, सुरेश श्रीवास सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।

आयोजक भारतीय किसान यूनियन, जनपद जालौन ने किसानों से 25 सितंबर को उरई पहुंचकर किसान महापंचायत में सहभागिता करने की अपील की है।
ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए सुनहरा अवसर, DDU-GKY के तहत निःशुल्क GDA प्रशिक्षण शुरू

4 माह के प्रशिक्षण में हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म व पाठ्य-सामग्री की सुविधा; प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने का प्रयास

उरई/जालौन: प्रिंसिपल आईटीआई एमएस भारती ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), उरई में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। चार माह की अवधि वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अभ्यर्थियों को रोजगारपरक कौशल के साथ विभिन्न आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, यूनिफॉर्म, पाठ्य-सामग्री, आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही कम्प्यूटर एवं अंग्रेजी भाषा की कक्षाओं, सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण तथा भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र की सुविधा भी मिलेगी। प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके माता-पिता के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था के साथ प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद रोजगार के अवसरों से जोड़ने हेतु भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए 18 से 35 वर्ष की आयु के ग्रामीण युवक-युवतियां, जिन्होंने न्यूनतम हाईस्कूल (10वीं) उत्तीर्ण की हो, पात्र होंगे।

आवेदन के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा पांच पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद संभावित रूप से 15,000 से 20,000 प्रतिमाह तक के रोजगार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं, हालांकि वास्तविक वेतन संबंधित नियोक्ता एवं रोजगार के अनुसार निर्धारित होगा।राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, उरई की ओर से जनपद के पात्र ग्रामीण युवक-युवतियों से अपील की गई है कि वे इस निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाकर अपने हुनर को निखारें और रोजगार के बेहतर अवसरों की दिशा में आगे बढ़ें। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए प्रधानाचार्य/जिला समन्वयक, कौशल विकास मिशन, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), उरई से संपर्क किया जा सकता है। संपर्क नंबर 8299276687 एवं 8081339471 हैं।
विकास परियोजनाओं में अब तारीख नहीं, परिणाम की होगी समीक्षा: डीएम समीर

90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण कार्य 15 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश, देरी पर तय होगी जवाबदेही

उरई (जालौन)। जिलाधिकारी समीर ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली महत्वपूर्ण एवं निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब परियोजनाओं की समीक्षा केवल कागजी प्रगति के आधार पर नहीं, बल्कि धरातल पर कार्य की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और उससे आमजन को मिल रहे लाभ के आधार पर की जाएगी।

जिलाधिकारी ने 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को प्रत्येक दशा में 15 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर उन्हें संबंधित विभाग को हस्तांतरित किया जाए। वहीं कम प्रगति वाली परियोजनाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

समीक्षा के दौरान डायट जालौन की 14 प्रतिशत, राजकीय हाईस्कूल खारका के उच्चीकरण की शून्य तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय की 5.5 प्रतिशत प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि, बजट, तकनीकी स्वीकृति अथवा विभागीय समन्वय से संबंधित कोई समस्या है तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

गोपालपुर, बंधा स्थित गौ संरक्षण केंद्र के निर्माण में अनावश्यक देरी पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। वहीं आवास विकास कार्यदायी संस्था को मिनी स्टेडियम का निर्माण 10 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।

बैठक में जल निगम अर्बन के अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी तथा सिडको के अधिशासी अभियंता जे.बी. सिंह की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण तलब किया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का सत्यापन करने तथा फोटो सहित अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी धनराशि का प्रभावी उपयोग करते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराना और उसका लाभ आमजन तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परियोजनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।

District Magistrate/District Election Officer, Jalaun
डूसू चुनाव में ABVP का 3-1 से दबदबा, यश डबास अध्य्क्ष; निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद

रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव; NSUI को नहीं मिली कोई सीट

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए। चार प्रमुख पदों के परिणाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी। NSUI चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं कर सकी।

अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 21,650 वोटों के साथ विजयी रहीं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की।

निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने चौंकाया: उपाध्यक्ष पद का परिणाम इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू रहा। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ को पीछे छोड़ा। मौर्य को 16,910 और छत्रथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से टिकट की मांग कर चुके थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। परिणाम में उन्हें बड़ी संख्या में छात्रों का समर्थन मिला।

जीत के बाद क्या बोले यश डबास?; अध्यक्ष पद पर जीत के बाद यश डबास ने इसे राष्ट्रभक्ति और संगठन की सामूहिक शक्ति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों, हॉस्टलों और PG में सुरक्षा ऑडिट कराना होगी। डबास ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने हर कॉलेज, हॉस्टल और PG की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने की बात कही। उनकी ओर से छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता बताया गया है।

डूसू चुनाव 2026 में प्रमुख विजेता

- अध्यक्ष: यश डबास — ABVP — 24,576 वोट
- उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन — निर्दलीय — 30,615 वोट
- सचिव: रिया छावड़ी — ABVP — 21,650 वोट
- संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह — ABVP — 16,615 वोट

मतदान 18 सितंबर को हुआ था और 19 सितंबर को मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए। इस वर्ष मतदान प्रतिशत 40.46% रहा।
24 सितंबर को जालौन में सामूहिक विवाह समारोह, पात्र परिवार ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

उरई, 19 सितंबर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जालौन जिले में 24 सितंबर 2026 को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। ऐसे अभिभावक पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है।

विवाह के लिए कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है।

प्रति जोड़े 1 लाख रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के लिए कुल 1 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसमें—

64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में दिए जाएंगे।

21 हजार रुपये विवाह संस्कार से संबंधित सामग्री के लिए निर्धारित हैं।

15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाएंगे।

इस वेबसाइट पर करें ऑनलाइन आवेदन

पात्र एवं इच्छुक परिवार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmsvy.upsdc.gov.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

जिला समाज कल्याण विभाग ने पात्र परिवारों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं और सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हों।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं

62 शिकायतों में 07 का मौके पर निस्तारण, डीएम बोले—शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही वास्तविक समाधान की कसौटी

उरई/जालौन। तहसील कोंच में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी समीर एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 62 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 07 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी समीर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के वास्तविक निस्तारण की कसौटी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट है अथवा नहीं।

डीएम ने शिकायतों के रैंडम सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि शिकायत का वास्तव में समाधान हुआ है या केवल अभिलेखों में निस्तारण दर्शाया गया है। जिन मामलों में मौके पर जांच आवश्यक हो, उनमें अधिकारी स्वयं अथवा सक्षम टीम के माध्यम से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि कई जनसमस्याओं का समाधान किसी एक विभाग के स्तर से संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय और संयुक्त प्रयास से प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। विशेष रूप से भूमि विवादों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का परीक्षण करे और नियमानुसार कार्रवाई करे।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता से लेते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एसपी विनय कुमार सिंह ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश।

District Magistrate/District Election Officer, Jalaun
सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं

62 शिकायतों में 07 का मौके पर निस्तारण, डीएम बोले—शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही वास्तविक समाधान की कसौटी

उरई/जालौन। तहसील कोंच में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी समीर एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 62 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 07 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी समीर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के वास्तविक निस्तारण की कसौटी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट है अथवा नहीं।

डीएम ने शिकायतों के रैंडम सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि शिकायत का वास्तव में समाधान हुआ है या केवल अभिलेखों में निस्तारण दर्शाया गया है। जिन मामलों में मौके पर जांच आवश्यक हो, उनमें अधिकारी स्वयं अथवा सक्षम टीम के माध्यम से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि कई जनसमस्याओं का समाधान किसी एक विभाग के स्तर से संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय और संयुक्त प्रयास से प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। विशेष रूप से भूमि विवादों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का परीक्षण करे और नियमानुसार कार्रवाई करे।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता से लेते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। राजस्व से जुड़े विवादों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी अभिनव यादव, क्षेत्राधिकारी परमेश्वर, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

District Magistrate/District Election Officer, Jalaun
डिवाइडर से टकराकर पलटा गिट्टी लदा ट्रक, लगी भीषण आग

ड्राइवर-कंडक्टर ने कूदकर बचाई जान, करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग

उरई/जालौन। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा होने से अफरा-तफरी मच गई। जालौन कोतवाली क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 229.2 के पास गिट्टी से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद ट्रक सड़क पर पलट गया और कुछ ही देर में उसमें भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे के वक्त ट्रक में चालक और परिचालक सवार थे। ट्रक के पलटने के बाद आग लगते ही दोनों ने किसी तरह वाहन से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। समय रहते बाहर निकल जाने से दोनों सुरक्षित बच गए।

ट्रक में लगी आग इतनी विकराल थी कि उसकी ऊंची लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं। एक्सप्रेसवे से गुजर रहे वाहन चालकों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक ट्रक बुरी तरह जल चुका था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर ट्रक के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है।
ICPS से एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स पूरा कर प्रभात द्विवेदी ने हासिल की नई उपलब्धि

उरई (जालौन)। उरई निवासी युवा पत्रकार एवं शोधार्थी प्रभात द्विवेदी ने नई दिल्ली स्थित Institute of Constitutional and Parliamentary Studies (ICPS) से ‘Advance Certificate Course in Parliamentary Institutions and Procedures’ सफलतापूर्वक पूरा कर प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। संसदीय संस्थाओं, प्रक्रियाओं और भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के अध्ययन से जुड़े इस पाठ्यक्रम का प्रमाणपत्र प्राप्त करना उनके अकादमिक एवं पेशेवर सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रभात द्विवेदी को संसदीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली, संसदीय प्रक्रियाओं तथा भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। एक पत्रकार और शोधार्थी के रूप में उन्होंने इस अनुभव को अपने ज्ञान एवं शोध दृष्टिकोण को और समृद्ध करने वाला बताया।

पहले भी शोध यात्रा को मिल चुकी है राष्ट्रीय पहचान: गौरतलब है कि इससे पूर्व भी उरई के युवा शोधार्थी प्रभात द्विवेदी की शोध यात्रा को देश के प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार-पत्र The Times of India (TOI) की चर्चित ‘Leaders of Change’ श्रृंखला में प्रमुखता से स्थान मिल चुका है। उनके शोध कार्य और अकादमिक यात्रा को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित मंच पर जगह मिलना उरई और जालौन के लिए भी गौरव का विषय रहा है।

ICPS से प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद प्रभात द्विवेदी ने इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसर और सीख के लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने अकादमिक एवं पेशेवर सफर में मार्गदर्शन, शुभकामनाएं और स्नेह प्रदान करने वाले सभी बड़ों के प्रति भी हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह प्रमाणपत्र उनके अकादमिक और पेशेवर सफर की एक छोटी, लेकिन बेहद सार्थक उपलब्धि है, जो उन्हें संसदीय व्यवस्था, लोकतंत्र और शोध के क्षेत्र में आगे सीखने के लिए प्रेरित करेगी।