मंडल कारा का न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने किया संयुक्त निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना
जहानाबाद।
पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने शनिवार को मंडल कारा, जहानाबाद का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारा परिसर में संचालित सुधारात्मक गतिविधियों, स्वच्छता, हरियाली और बंदियों के पुनर्वास एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी ली। व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने कारा प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
जहानाबाद आगमन पर जिला अतिथि गृह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार, जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया एवं पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंट कर न्यायमूर्ति का स्वागत किया। पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
इसके बाद न्यायमूर्ति ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डीएम, एसपी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तथा पटना उच्च न्यायालय की टीम के साथ मंडल कारा का निरीक्षण किया। उन्होंने कारा अस्पताल, पाकशाला, महिला वार्ड, बंदी वार्ड सहित पूरे परिसर का जायजा लिया।
काराधीक्षक अजीत कुमार ने न्यायमूर्ति का स्वागत करते हुए जहानाबाद की ऐतिहासिक बराबर गुफा एवं पहाड़ी की प्रतिकृति भेंट की। कारा कार्यालय में बंदी प्रवेश रजिस्टर, रिहाई रजिस्टर, परिहार रजिस्टर सहित अन्य पंजियों का भी अवलोकन किया गया। रजिस्टरों में नियमानुसार एवं क्रमबद्ध प्रविष्टियां मिलने पर न्यायमूर्ति ने संतोष जताया।
बंदियों के कौशल विकास प्रशिक्षण का उद्घाटन
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने आरसेटी के माध्यम से 35 बंदियों के लिए आयोजित 14 दिवसीय ‘औषधीय पौधों के उत्पादन एवं वर्मी कम्पोस्टिंग’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उद्यमिता विकास का छह दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान/संबंधित विभाग के माध्यम से एक माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। न्यायमूर्ति ने निर्देश दिया कि कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा बंदियों की सूची जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें सरकार के कौशल विकास एवं पुनर्वास कार्यक्रमों से जोड़ा जा सके।
महिला बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर
जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया ने मंडल कारा में चल रहे सुधारात्मक, कौशल विकास एवं पुनर्वास कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कारा की चहारदीवारी की ऊंचाई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट किए जाने को लेकर किए गए पत्राचार से भी न्यायमूर्ति को अवगत कराया।
डीएम ने बताया कि महिला बंदियों को बेहतर मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए निम्हांस, कोइलवर के निदेशक से मनोचिकित्सक की प्रतिनियुक्ति को लेकर वार्ता की गई है। शीघ्र ही आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पौधारोपण
निरीक्षण के दौरान बंदियों ने न्यायमूर्ति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उनके सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कारा के ऑर्केस्ट्रा बैंड ने भी प्रस्तुति दी। नेपाल में हुई भीषण त्रासदी में दिवंगत लोगों की स्मृति में सभी अतिथियों एवं बंदियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने मंडल कारा परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, हरित वातावरण, सुधारात्मक गतिविधियों और कारा प्रबंधन की व्यवस्था पर संतोष जताते हुए प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी, अपर समाहर्ता विभागीय जांच विनय कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, काराधीक्षक अजीत कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फैज अहमद कादरी एवं डॉ. सुचेता कुमारी, प्रोबेशन पदाधिकारी सुमित्रा रजक, उपाधीक्षक श्री भोला प्रसाद सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं काराकर्मी उपस्थित रहे।