माननीय न्यायमूर्ति विवेक चौधरी के जहानाबाद प्रवास के दौरान दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण; राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी
जहानाबाद:पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति-सह-निरीक्षी न्यायाधीश,विवेक चौधरी के तीन दिवसीय जहानाबाद दौरे के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्थायी लोक अदालत, जहानाबाद के अध्यक्ष प्रभात कुमार त्रिवेदी द्वारा माननीय न्यायमूर्ति को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन, जहानाबाद एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगजनों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राई-साइकिल, दृष्टिबाधित व्यक्तियों को स्मार्टफोन तथा आवश्यकतानुसार Speech Aid Device एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की गतिशीलता, संचार क्षमता एवं दैनिक जीवन को सुगम बनाते हुए उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान आगामी 12 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए तैयार प्रचार रथ को माननीय न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया एवं इसके लाभों से अवगत कराया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जहानाबाद-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार विकास कुमार, जिला पदाधिकारी, जहानाबाद छिरिङ वाई भूटिया, जिला पदाधिकारी, अरवल, पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद कोटा किरण कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ब्रजेश कुमार, न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत माननीय न्यायमूर्ति विवेक चौधरी द्वारा अभिलेखागार का उद्घाटन किया गया। इस दौरान अभिलेखों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित संरक्षण के महत्व पर बल दिया गया।
तीन दिवसीय दौरे के समापन के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से माननीय न्यायमूर्ति को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद जहानाबाद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान बाणावर की पहाड़ियों से संबंधित स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
कार्यक्रम के माध्यम से समावेशी न्याय, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक विधिक एवं प्रशासनिक सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया गया।