उज्जैन: 67 हजार क्विंटल सरकारी गेहूं सड़ने से राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी, 6 साल में सड़े अनाज की रखवाली पर फूंक दिए ₹25 लाख 🚨🌾
उज्जैन जिले के नागदा-उन्हेंल स्थित ग्राम पिपलिया मोलू के ओपन केप में खुले आसमान के नीचे रखा करोड़ों रुपये का सरकारी गेहूं रखरखाव के अभाव में सड़कर बर्बाद हो गया है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह रहा कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा बरसाती से ढके 67 हजार क्विंटल सड़े गेहूं की रखवाली के लिए 6 वर्षों तक दो चौकीदार तैनात रखे गए और तिरपाल बदलने व मॉनिटरिंग के नाम पर हर महीने 30 से 35 हजार रुपये खर्च किए गए। इस प्रकार विभाग ने सड़े अनाज की निगरानी पर ही करीब 25 लाख रुपये सरकारी खजाने से फूंक दिए। स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन (नान) को समय पर उठाव के लिए लगातार पत्राचार करने के बावजूद अनाज का समय रहते निस्तारण न होना गंभीर प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर�