चोरी-छिपे मुलाकातों पर लगा विराम! दिव्या और प्रदीप ने मंदिर में रचाई शादी, प्रेम को बनाया जीवनभर का रिश्ता
जालौन
कहते हैं कि सच्चा प्यार मंजिल पाने का रास्ता खुद तलाश लेता है।
जनपद में एक बार फिर प्रेम विवाह का मामला चर्चा में है।
ग्राम पंचायत भादवा निवासी दिव्या पुत्री नरेश दोहेर और ग्राम साहव निवासी प्रदीप पुत्र भगवानदास साहू ने घर से निकलकर अपनी आपसी सहमति और स्वतंत्र इच्छा से मंदिर में विवाह कर लिया।
बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और साथ जीवन बिताना चाहते थे।
दोनों का कहना है कि वे बालिग हैं और बिना किसी दबाव, डर या जोर-जबरदस्ती के उन्होंने शादी का फैसला लिया है।
फिलहाल दोनों अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं।
चोरी-चोरी मिलना अब बंद हो गया,
दो दिलों का रिश्ता सात फेरों में पक्का हो गया।
जिस प्यार को दुनिया से छिपाते थे कभी,
आज उसी प्यार को जीवनसाथी बना लिया।
अब सवाल यह है कि जब दो बालिग अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनते हैं, तो क्या उनके फैसले का सम्मान होना चाहिए?
क्या परिवार को बच्चों की पसंद समझनी चाहिए या समाज की बंदिशें प्रेम के आड़े आती रहेंगी?
आपकी क्या राय है?
क्या सच्चे प्यार को परिवार और समाज का समर्थन मिलना चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।
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Kalpi, Jalaun | Nov 1, 2026