*बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारियों ने ट्रक माफियाओं के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिया ज्ञापन, बोले- 5 से 7 रुपये महंगा मोरंग खरीदने का बना रहे दबाव*
जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश 16 सितंबर 2026
* बिल्डिंग मैटेरियल एसोसिएशन बस्ती के बैनर तले जिले के बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारियों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर क्षेत्राधिकारी रुधौली को ज्ञापन सौंपकर कुछ उपद्रवी ट्रक मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों का आरोप है कि बस्ती के कुछ ट्रक मालिक उन्हें जबरदस्ती बाजार भाव से 5 से 7 रुपये प्रति फीट महंगा मोरंग-गिट्टी खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं और न लेने पर 20-30 लोगों के साथ दुकान पर आकर गाली-गलौज व मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। ज्ञापन में विशेष रूप से दीपक सिंह, राजू चौधरी, देवेश, राज कुमार सिंह और आलोक सिंह नामक ट्रक मालिकों का जिक्र किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष *फूलचन्द चौधरी* और महामंत्री *मनोज जायसवाल* ने बताया कि खलीलाबाद से ट्रक मोरंग नापी पर बस्ती में मिल रहा है, जबकि बस्ती के ट्रक मालिक टन/वजन पर देने का दबाव बना रहे हैं। यदि व्यापारी खलीलाबाद की गाड़ी अपनी दुकान पर खाली कराना चाहते हैं तो बस्ती के मोटर मालिक मारपीट की धमकी देकर गाड़ी वाले को भगा देते हैं।
पीड़ित व्यापारियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से यह उत्पीड़न बढ़ गया है। दिनांक 15.09.2026 को जेपी ट्रेडिंग कंपनी पचपेड़िया, मौर्या बिल्डिंग मैटेरियल, माधुरी बिल्डिंग मैटेरियल और दिनांक 16.09.2026 को प्रेम बिल्डिंग मैटेरियल, सागर ट्रेडर्स, जीनियस इंटरप्राइजेज की दुकानों पर इस तरह की घटनाएं हुई हैं, जिसका फोटो-वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध है।
*ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से शामिल रहे -* चौधरी बिल्डिंग मैटेरियल से फूलचन्द चौधरी, प्रज्ञा एंटरप्राइजेज से अश्वनी गुप्ता, सागर ट्रेडर्स, सोना ट्रेडर्स व माधुरी ट्रेडर्स सहित एसोसिएशन के कई पदाधिकारी।
एसोसिएशन ने पुलिस से मांग की है कि उक्त अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
*बस्ती में निर्माण व्यवसाय पर मंडरा रहा संकट -* यह मामला सिर्फ दो-चार दुकानदारों का नहीं, बल्कि पूरे जिले के निर्माण सेक्टर से जुड़ा है। मोरंग-गिट्टी जैसे कच्चे माल पर अगर ट्रक माफियाओं का एकाधिकार हो गया तो सीधा असर आम आदमी के घर बनाने के बजट पर पड़ेगा। व्यापारी पहले ही जीएसटी, भाड़ा वृद्धि और बरसात में माल की कमी से जूझ रहे हैं, ऊपर से इस तरह की जबरन वसूली से उनका मनोबल टूट रहा है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि खलीलाबाद और बस्ती के ट्रकों के लिए एक पारदर्शी नाप-तौल और रेट की व्यवस्था तय करे, ताकि न तो ट्रक मालिकों का शोषण हो और न ही व्यापारियों का।
संवाददाता हरि ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 16, 2026