बराबर महोत्सव को लेकर डीएम ने की बैठक, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर जोर
जहानाबाद : बराबर महोत्सव के सफल आयोजन और ऐतिहासिक बराबर पहाड़ियों को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर बुधवार को समाहरणालय में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने और बराबर का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।बैठक में बराबर तक पहुंचने वाली सड़कों के चौड़ीकरण, ऐतिहासिक गुफाओं के समीप इंटरप्रिटेशन सेंटर और मेडिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए जगह-जगह सूचना एवं दिशासूचक बोर्ड लगाने पर चर्चा हुई। पर्यटकों के आवागमन को आसान बनाने के लिए शटल बस सेवा शुरू करने, बराबर के समग्र विकास के लिए समिति गठित करने और इसे बौद्ध पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर भी विचार किया गया। वहीं, जहानाबाद रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर एलसीडी स्क्रीन लगाकर बराबर की ऐतिहासिक गुफाओं एवं पर्यटन स्थलों का प्रचार करने का सुझाव दिया गया। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से होम स्टे पॉलिसी को भी प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई।पर्यटकों के आवागमन को आसान बनाने के लिए शटल बस सेवा शुरू करने, बराबर के समग्र विकास के लिए समिति गठित करने और इसे बौद्ध पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर भी विचार किया गया। वहीं, जहानाबाद रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर एलसीडी स्क्रीन लगाकर बराबर की ऐतिहासिक गुफाओं एवं पर्यटन स्थलों का प्रचार करने का सुझाव दिया गया। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से होम स्टे पॉलिसी को भी प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि बराबर रेलवे स्टेशन के विकास और बराबर क्षेत्र को नगर पंचायत में शामिल करने का प्रस्ताव पूर्व में ही दिया जा चुका है।डीएम ने कहा कि बराबर की ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन संबंधी महत्ता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास और व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को बैठक में मिले सुझावों पर आवश्यक पहल करने तथा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पर्यटन संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बैठक में टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ बिहार, टूरिज्म गाइड एसोसिएशन ऑफ बिहार, बोधगया मॉनेस्ट्री संगठन के प्रतिनिधि, टूरिस्ट गाइड सहित अन्य लोग उपस्थित थे।